Test: Hindi-3


20 Questions MCQ Test CTET ( Central Teacher Eligibility Test ) Mock Test Series | Test: Hindi-3


Description
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QUESTION: 1

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए। 

कवि वाणी के प्रसार से हम संसार के सूख-दुःख, आनंद, क्लेश आदि का शुद्ध स्वार्थमुक्त रूप में अनुभव करते हैं। इस प्रकार के अनुभव के अभ्यास से हृदय का बंधन खुलता है और मनुष्यता की उच्च भूमि की प्राप्ति होती है, किसी अर्थपिशाप-कृपण को देखिए जिसने केवल अर्थ लोभ के वशीभूत होकर क्रोध, दया, श्रृद्धा, भक्ति, आत्माभिमान आदि भावों को एकदम दबा दिया है और संसार के मार्मिक पक्ष से मुँह मोड़ लिया है न सृष्टि के किसी रूपमाधुर्य को देखकर वह पैसों का हिसाब-किताब भूल, कभी मुग्ध होता है, न किसी दीन-दुनिया को देख कभी करूणा से द्रवीभूत होता है, न कोई अपमानसूचक बात सूनकर क्रुद्ध या क्षुब्ध होता है। यदि उससे किसी लोमहर्षक अत्याचार की बात कही जाए तो वह मनुष्य धर्मानुसार क्रोध या घृणा प्रकट करने के स्थान पर रूखाई के साथ कहेगा कि ‘‘जाने दो, हमसे क्या मतलब; चलो अपना काम देखें’ यह महाभयानक मानसिक रोग है, इससे मनुष्य आधा मर जाता है। 

Q. कविता मनुष्य के हृदय को उदार बनाती है- 

Solution:

कविता मनुष्य के हृदय को उदार बनाती है-यह कथन सत्य है।

QUESTION: 2

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए। 

कवि वाणी के प्रसार से हम संसार के सूख-दुःख, आनंद, क्लेश आदि का शुद्ध स्वार्थमुक्त रूप में अनुभव करते हैं। इस प्रकार के अनुभव के अभ्यास से हृदय का बंधन खुलता है और मनुष्यता की उच्च भूमि की प्राप्ति होती है, किसी अर्थपिशाप-कृपण को देखिए जिसने केवल अर्थ लोभ के वशीभूत होकर क्रोध, दया, श्रृद्धा, भक्ति, आत्माभिमान आदि भावों को एकदम दबा दिया है और संसार के मार्मिक पक्ष से मुँह मोड़ लिया है न सृष्टि के किसी रूपमाधुर्य को देखकर वह पैसों का हिसाब-किताब भूल, कभी मुग्ध होता है, न किसी दीन-दुनिया को देख कभी करूणा से द्रवीभूत होता है, न कोई अपमानसूचक बात सूनकर क्रुद्ध या क्षुब्ध होता है। यदि उससे किसी लोमहर्षक अत्याचार की बात कही जाए तो वह मनुष्य धर्मानुसार क्रोध या घृणा प्रकट करने के स्थान पर रूखाई के साथ कहेगा कि ‘‘जाने दो, हमसे क्या मतलब; चलो अपना काम देखें’ यह महाभयानक मानसिक रोग है, इससे मनुष्य आधा मर जाता है। 

Q. लोभी व्यक्ति का भाव-जगत् संकुचित हो जाता है- 

Solution:

लोभी व्यक्ति का भाव-जगत् संकुचित हो जाता है-यह कथन सत्य है।

QUESTION: 3

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए। 

कवि वाणी के प्रसार से हम संसार के सूख-दुःख, आनंद, क्लेश आदि का शुद्ध स्वार्थमुक्त रूप में अनुभव करते हैं। इस प्रकार के अनुभव के अभ्यास से हृदय का बंधन खुलता है और मनुष्यता की उच्च भूमि की प्राप्ति होती है, किसी अर्थपिशाप-कृपण को देखिए जिसने केवल अर्थ लोभ के वशीभूत होकर क्रोध, दया, श्रृद्धा, भक्ति, आत्माभिमान आदि भावों को एकदम दबा दिया है और संसार के मार्मिक पक्ष से मुँह मोड़ लिया है न सृष्टि के किसी रूपमाधुर्य को देखकर वह पैसों का हिसाब-किताब भूल, कभी मुग्ध होता है, न किसी दीन-दुनिया को देख कभी करूणा से द्रवीभूत होता है, न कोई अपमानसूचक बात सूनकर क्रुद्ध या क्षुब्ध होता है। यदि उससे किसी लोमहर्षक अत्याचार की बात कही जाए तो वह मनुष्य धर्मानुसार क्रोध या घृणा प्रकट करने के स्थान पर रूखाई के साथ कहेगा कि ‘‘जाने दो, हमसे क्या मतलब; चलो अपना काम देखें’ यह महाभयानक मानसिक रोग है, इससे मनुष्य आधा मर जाता है। 

Q. अत्याचार की बात सुनकर क्या करना चाहिए ? 

Solution:

अत्याचार की बात सुनकर दूसरों का ध्यान उधर आकर्षित करना चाहिए।

QUESTION: 4

 निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए। 

कवि वाणी के प्रसार से हम संसार के सूख-दुःख, आनंद, क्लेश आदि का शुद्ध स्वार्थमुक्त रूप में अनुभव करते हैं। इस प्रकार के अनुभव के अभ्यास से हृदय का बंधन खुलता है और मनुष्यता की उच्च भूमि की प्राप्ति होती है, किसी अर्थपिशाप-कृपण को देखिए जिसने केवल अर्थ लोभ के वशीभूत होकर क्रोध, दया, श्रृद्धा, भक्ति, आत्माभिमान आदि भावों को एकदम दबा दिया है और संसार के मार्मिक पक्ष से मुँह मोड़ लिया है न सृष्टि के किसी रूपमाधुर्य को देखकर वह पैसों का हिसाब-किताब भूल, कभी मुग्ध होता है, न किसी दीन-दुनिया को देख कभी करूणा से द्रवीभूत होता है, न कोई अपमानसूचक बात सूनकर क्रुद्ध या क्षुब्ध होता है। यदि उससे किसी लोमहर्षक अत्याचार की बात कही जाए तो वह मनुष्य धर्मानुसार क्रोध या घृणा प्रकट करने के स्थान पर रूखाई के साथ कहेगा कि ‘‘जाने दो, हमसे क्या मतलब; चलो अपना काम देखें’ यह महाभयानक मानसिक रोग है, इससे मनुष्य आधा मर जाता है। 

Q. उदासीनता किस प्रकार का रोग है? 

Solution:

उदासीनता एक मानसिक रोग है।

QUESTION: 5

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए। 

कवि वाणी के प्रसार से हम संसार के सूख-दुःख, आनंद, क्लेश आदि का शुद्ध स्वार्थमुक्त रूप में अनुभव करते हैं। इस प्रकार के अनुभव के अभ्यास से हृदय का बंधन खुलता है और मनुष्यता की उच्च भूमि की प्राप्ति होती है, किसी अर्थपिशाप-कृपण को देखिए जिसने केवल अर्थ लोभ के वशीभूत होकर क्रोध, दया, श्रृद्धा, भक्ति, आत्माभिमान आदि भावों को एकदम दबा दिया है और संसार के मार्मिक पक्ष से मुँह मोड़ लिया है न सृष्टि के किसी रूपमाधुर्य को देखकर वह पैसों का हिसाब-किताब भूल, कभी मुग्ध होता है, न किसी दीन-दुनिया को देख कभी करूणा से द्रवीभूत होता है, न कोई अपमानसूचक बात सूनकर क्रुद्ध या क्षुब्ध होता है। यदि उससे किसी लोमहर्षक अत्याचार की बात कही जाए तो वह मनुष्य धर्मानुसार क्रोध या घृणा प्रकट करने के स्थान पर रूखाई के साथ कहेगा कि ‘‘जाने दो, हमसे क्या मतलब; चलो अपना काम देखें’ यह महाभयानक मानसिक रोग है, इससे मनुष्य आधा मर जाता है। 

Q. कवि वाणी द्वारा जीवन निर्वाह करना कहाँ तक सम्भव है? 

Solution:

कवि वाणी द्वारा जीवन निर्वाह करना, कुछ लोगों के लिए सम्भव है।

QUESTION: 6

‘नारियल’ शब्द का तत्सम रूप है? 

Solution:

‘नारियल’ शब्द का तत्सम रूप ‘नारिकेल’ है।

QUESTION: 7

‘जो ढका हुआ न हो’ इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए। 

Solution:

‘जो ढका हुआ न हो’ इस वाक्यांश के लिए एक शब्द ‘अनावृत’ है।

QUESTION: 8

‘संगीत शब्द में कौन सा उपसर्ग है। 

Solution:

संगीत शब्द में ‘सम्’ उपसर्ग का प्रयोग हुआ है।

QUESTION: 9

‘दुरात्मा’ का संधिविच्छेद है- 

Solution:

‘दुरात्मा’ का संधिविच्छेद है- ‘दु: + आत्मा’। ‘दुरात्मा’ में ‘विसर्ग संधि’ है।

QUESTION: 10

‘पल्लवन’ का विलोम शब्द है- 

Solution:

‘पल्लवन’ का विलोम शब्द ‘संक्षेपण’ है।

QUESTION: 11

निम्नलिखित अपठित काव्यांश के आधार पर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दें। 

बहुत दिनों के बाद 
अबकी मैंने जी भर देखी 
पकी – सुनहली फसलों की मुसकान, 
बहुत दिनों के बाद । 
बहुत दिनों के बाद। 
अबकी मैं जी भर सुन पाया । 
धान कूटती किशोरियों की कोकिल कुंठी तान । 
बहुत दिनों के बाद । 
बहुत दिनों के बाद। 
अबकी मैंने जी भर सूँघे 
मौलसिरी के ढेर – ढेर से ताजे – टपके फूल 
बहुत दिनों के बाद। 

Q. कवि ने बहुत दिनों के बाद क्या देखा ? 

Solution:

प्रस्तुत काव्यांश के अनुसार, कवि ने बहुत दिनों के बाद पकी सुनहली फसलों की मुस्कान देखी।

QUESTION: 12

निम्नलिखित अपठित काव्यांश के आधार पर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दें। 

बहुत दिनों के बाद 
अबकी मैंने जी भर देखी 
पकी – सुनहली फसलों की मुसकान, 
बहुत दिनों के बाद । 
बहुत दिनों के बाद। 
अबकी मैं जी भर सुन पाया । 
धान कूटती किशोरियों की कोकिल कुंठी तान । 
बहुत दिनों के बाद । 
बहुत दिनों के बाद। 
अबकी मैंने जी भर सूँघे 
मौलसिरी के ढेर – ढेर से ताजे – टपके फूल 
बहुत दिनों के बाद। 

Q. कवि ने बहुत दिनों के बाद क्या सुना ? 

Solution:

प्रस्तुत काव्यांश के अनुसार, कवि ने बहुत दिनों के बाद किशोरियों की तान सुनी।

QUESTION: 13

निम्नलिखित अपठित काव्यांश के आधार पर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दें। 

बहुत दिनों के बाद 
अबकी मैंने जी भर देखी 
पकी – सुनहली फसलों की मुसकान, 
बहुत दिनों के बाद । 
बहुत दिनों के बाद। 
अबकी मैं जी भर सुन पाया । 
धान कूटती किशोरियों की कोकिल कुंठी तान । 
बहुत दिनों के बाद । 
बहुत दिनों के बाद। 
अबकी मैंने जी भर सूँघे 
मौलसिरी के ढेर – ढेर से ताजे – टपके फूल 
बहुत दिनों के बाद। 

Q. कवि ने क्या सूँघा? 

Solution:

कवि ने मौलसिरी के फूल सूंघे।

QUESTION: 14

निम्नलिखित अपठित काव्यांश के आधार पर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दें। 

बहुत दिनों के बाद 
अबकी मैंने जी भर देखी 
पकी – सुनहली फसलों की मुसकान, 
बहुत दिनों के बाद । 
बहुत दिनों के बाद। 
अबकी मैं जी भर सुन पाया । 
धान कूटती किशोरियों की कोकिल कुंठी तान । 
बहुत दिनों के बाद । 
बहुत दिनों के बाद। 
अबकी मैंने जी भर सूँघे 
मौलसिरी के ढेर – ढेर से ताजे – टपके फूल 
बहुत दिनों के बाद। 

Q. ‘निषिद्ध’ का विलोम, नीचे दिए गए विकल्पों में से चुनें। 

Solution:

‘निषिद्ध’ का विलोम ‘विहित’ है।

QUESTION: 15

कबिरा सोई पीर है, जे जाने पर पीर।
जे पर पीर जा जानई. सो काफिर बेपीर।। 

Q. प्रस्तुत पंक्तियों में कौन सा अलंकार है? 

Solution:

प्रस्तुत पंक्तियों में यमक अलंकार है।

QUESTION: 16

किस वाक्य में ‘अच्छा’ शब्द का प्रयोग विशेषण के रूप में हुआ है? 

Solution:

‘यह स्थान बहुत अच्छा है’ इस वाक्य में ‘अच्छा’ शब्द का प्रयोग विशेषण के रूप में हुआ है।

QUESTION: 17

निम्नलिखित विकल्पों में से एक संज्ञा शब्द ऐसा है जिसमे ‘आलु’ प्रत्यय जोड़ने से विशेषण शब्द बनता है। उस शब्द का चयन कीजिए। 

Solution:

कृपा शब्द में ‘आलु’प्रत्यय जोड़ने से कृपालु शब्द बनता है।

QUESTION: 18

निम्नलिखित में से अशुद्ध वाक्य है- 

Solution:

यहाँ ‘तुम्हीं ने ही मेरी शिकायत की है’ के स्थान पर ‘तुमने ही मेरी शिकायत की है’ या तुम्हीं ने मेरी शिकायत की है’ का प्रयोग उचित है।

QUESTION: 19

निम्नलिखित में से किस शब्द के सभी शब्द अशुद्ध हैं? 

Solution:

शुद्ध वर्तनी हैं – कृतकृत्य, मैथिली।

QUESTION: 20

निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञा है- 

Solution:

‘यमुना’ एक व्यक्तिवाचक शब्द है।

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