Measurements And Instruments 1 MCQ


20 Questions MCQ Test Mock Test Series for SSC JE Electrical Engineering (Hindi) | Measurements And Instruments 1 MCQ


Description
This mock test of Measurements And Instruments 1 MCQ for Electrical Engineering (EE) helps you for every Electrical Engineering (EE) entrance exam. This contains 20 Multiple Choice Questions for Electrical Engineering (EE) Measurements And Instruments 1 MCQ (mcq) to study with solutions a complete question bank. The solved questions answers in this Measurements And Instruments 1 MCQ quiz give you a good mix of easy questions and tough questions. Electrical Engineering (EE) students definitely take this Measurements And Instruments 1 MCQ exercise for a better result in the exam. You can find other Measurements And Instruments 1 MCQ extra questions, long questions & short questions for Electrical Engineering (EE) on EduRev as well by searching above.
QUESTION: 1

इलेक्ट्रोडायनामोमीटर प्रकार के उपकरणों का मुख्य उपयोग ज्ञात कीजिये।

Solution:

परिशुद्धता प्रकार के इलेक्ट्रोडडायनेमीटर का उपयोग विभवमापी(पोटेंशियोमीटर) की मानकीकरण प्रक्रिया में किया जाता है।

यह एक ट्रान्सफर उपकरण है। एक ट्रान्सफर उपकरण वह होता है जो डी.सी. स्रोत के साथ अंशांकित होता है और ए.सी. मापदंडों में बिना किसी संसोधन के उपयोग किया जाता है। इसमें डी.सी. और ए.सी. दोनों माप के लिए समान सटीकता होती है।

अतः इलेक्ट्रोडायनामोमीटर प्रकार के उपकरणों का उपयोग मानक एवं ट्रान्सफर उपकरण दोनों में किया जाता है।

QUESTION: 2

एक उपकरण ट्रांसफॉर्मर(परिणामित्र) का उपयोग किसके सीमा विस्तार के लिए किया जाता है?

Solution:

उपकरण ट्रांसफॉर्मर(परिणामित्र) दो प्रकार के होते हैं:

1. विभव ट्रांसफॉर्मर(परिणामित्र)

2. धारा ट्रांसफॉर्मर(परिणामित्र)

प्रेरण प्रकार के उपकरण की सीमा के विस्तार के लिए इन उपकरणों का प्रयोग किया जाता है।

QUESTION: 3

उपकरणों में सटीक पुनरुत्पादकता का अर्थ क्या है?

Solution:

पुनरुत्पादकता: यह निकटता का परिमाण है जिसके द्वारा दिए गए मान को बार-बार मापा जा सकता है। इसे दी गई समयावधि के लिए इकाइयों के अनुसार निर्दिष्ट किया जा सकता है।

सटीक पुनरुत्पादकता का अर्थ है कि उपकरण में कोई विचलन नहीं है।

कोई विचलन नहीं है का अर्थ है कि किसी दिए गए इनपुट के साथ मापा गया मान समय के साथ नहीं बदलता है।

QUESTION: 4

एक वाटमीटर 25.34 W का मापन कर सकता है। मापदंड में पूर्ण त्रुटि -0.11 W है। तो शक्ति का वास्तविक मान क्या है?

Solution:

दिया गया है कि,

मापित मान = 25.34 W

पूर्ण त्रुटि = -0.11 W

पूर्ण त्रुटि = मापित मान – वास्तविक मान

⇒ -0.11 = 25.34 – वास्तविक मान

⇒ 25.34 + 0.11 = 25.45 W

QUESTION: 5

कुण्डलित तार विकृति प्रमापक के लिए प्रमापक गुणांक को कैसे परिभाषित किया जाता है?

Solution:

प्रमापक गुणांक को लंबाई में प्रति इकाई परिवर्तन और प्रतिरोध में प्रति इकाई परिवर्तन के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है।

प्रमापक गुणांक,  

जहाँ ε = विकृति = ΔL/L

प्रमापक गुणांक को इस प्रकार लिखा जा सकता है

प्रमापक गुणांक = लंबाई बदलने के कारण प्रतिरोध परिवर्तन + क्षेत्रफल में बदलाव के कारण प्रतिरोध परिवर्तन + पिझो प्रतिरोधी प्रभाव के कारण प्रतिरोध परिवर्तन

यदि विकृति होने पर सामग्री की प्रतिरोधकता के मान में परिवर्तन नगण्य है, तो प्रमापक गुणांक इस प्रकार है:

उपरोक्त समीकरण केवल तभी वैध होता है जब पिझो प्रतिरोधी प्रभाव जो विकृति के कारण प्रतिरोधकता में बदल जाता है, नगण्य होगा।

कुण्डलित तार के विकृति प्रमापक के लिए पिझो प्रतिरोधी प्रभाव नगण्य होता है।

QUESTION: 6

चुंबकीय हिस्टैरेसीस के कारण निम्न में से कौन-सा उपकरण त्रुटि को झेलता है?

Solution:

पी.एम.एम.सीउपकरण में हिस्टैरेसीस त्रुटि: इसे चलप्रणाली में एलुमिनियम फ्रेम प्रदान करके कम किया जा सकता है, चूँकि, एलुमिनियम में पतली हिस्टैरेसीस लूप होती है। ताकि चुंबकीय क्षेत्रों के बीच का अंतर कम हो जाए। हम हिस्ट्रेसिस त्रुटि को खत्म नहीं कर सकते हैं लेकिन हम इसे कम कर सकते हैं।

एम.आईउपकरण में हिस्टैरेसीस त्रुटि: एम.आई. उपकरणों में हिस्टैरेसीस त्रुटि अधिक होती है। हिस्टैरेसीस प्रभाव के कारण समान धारा के लिए फ्लक्स घनत्व मान आरोही और अवरोही के समय अलग हो जाता है। अवरोही के दौरान, फ्लक्स घनत्व उच्च होता है और आरोही होने पर यह कम होता है। इसलिए हम छोटे लोहे के हिस्सों का उपयोग करके इस त्रुटि को कम कर सकते हैं, जो जल्दी से विचुंबकित हो सकते हैं।

.एम.एम.सीउपकरण में हिस्टैरेसीस त्रुटि: ई.एम.एम.सी. उपकरणों में हिस्टैरेसीस त्रुटि अनुपस्थित होती है, क्योंकि चल प्रणाली में कोई लौह संबंधित सामग्री नहीं है।

अवरोही क्रम में हिस्टैरेसीस त्रुटि का क्रम:

एम.आई.>पी.एम.एम.सी.>ई.एम.एम.सी.

QUESTION: 7

किसी यन्त्र की सटीकता ज्ञात करने के लिए क्या आवश्यक है?

Solution:

सटीकता: यह मापित मात्रा की निकटता के परिमाण को वास्तविक मूल्य पर दर्शाता है।

परिशुद्धता: रिकॉर्ड के सेट के सबसे दोहराए जाने योग्य मान (या) पुनरुत्पादन मान को परिशुद्धता के रूप में जाना जाता है। यह स्थिरता का माप है। यह सभी मापित मानों के औसत के लिए अलग से मापित मान की निकटता को दर्शाता है।

उपकरण की सटीकता के लिए अनुरूपता और परिशुद्धता दोनों आवश्यक है।

QUESTION: 8

एक विक्षेपण प्रकार के उपकरण की तुलना में एक शून्य प्रकार के उपकरण में क्या होता है?

Solution:

शून्य प्रकार के उपकरणों की सटीकता विक्षेपण प्रकार के उपकरणों की तुलना में अधिक होती है। इसका कारण यह है कि विरोधी प्रभाव उन मानकों की सहायता से अंशांकित होता है जिनमें उच्च सटीकता होती है। विक्षेपण प्रकार के उपकरणों की सटीकता उनके अंशांकन पर निर्भर होती है जो उपकरण स्थिरांक पर निर्भर करती है जो सामान्य रूप से उच्च स्तर की सटीकता के लिए ज्ञात नहीं होती है।

शून्य प्रकार के उपकरणों में मापित मात्रा संतुलित होती है। इसका मतलब है कि संसूचक को संतुलन (शून्य) बिंदु के चारों ओर एक छोटी सी श्रेणी को कवर करना होता है और इसलिए इसे अत्यधिक संवेदनशील बनाया जा सकता है। इसके अलावा संसूचक को अंशांकित करने की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि यह केवल असंतुलन की उपस्थिति और दिशा का पता लगाने के लिए है, ना कि असंतुलन के परिमाण के माप के लिए।

विक्षेपण प्रकार के उपकरण को आकार में बड़ा, अधिक कठोर और इस प्रकार अज्ञात मात्रा की बड़ी परिमाण को मापने के लिए कम संवेदनशील होना चाहिए।

विक्षेपण प्रकार के उपकरणों में शून्य प्रकार के उपकरणों की तुलना में तेज प्रतिक्रिया होती है।

QUESTION: 9

एक उपकरण के संकेतक के एक बार विक्षेपित होने पर यह शून्य स्थान पर वापस आ जाता है, तो धारा को किस कारण से रद्द किया गया?

Solution:

नियंत्रित बलाघूर्ण संकेतक को एक निश्चित मान पर नियंत्रित करता है जो मापे जाने वाली मात्रा के समानुपाती होता है। नियंत्रित बलाघूर्ण की अनुपस्थिति में, संकेतक अपनी अंतिम संतुलित स्थिति की अवस्था से आगे बढ़ेगा और विक्षेपण अनिश्चित होगा। चलप्रणाली को हटाने के बाद संकेतक को अपनी शुरुआती स्थिति में वापस आना पड़ता है, लेकिन नियंत्रित बलाघूर्ण की अनुपस्थिति में संकेतक अपनी प्रारंभिक स्थिति में वापस नहीं आता है। निम्नलिखित प्रक्रिया का उपयोग नियंत्रित बलाघूर्ण को उत्पन्न करने के लिए किया जा सकता है।

विक्षेपण बलाघूर्ण का उपयोग विक्षेपण के लिए किया जाता है, नियंत्रण बलाघूर्ण विक्षेपण बलाघूर्ण के विपरीत काम करता है। इसलिए संकेतक विरामावस्था में जाने से पहले हमेशा जड़त्व के कारण दोलन करता हैं, जिससे संकेतक को थोड़े समय में ही विरामावस्था में लाने के लिए, हम बलाघूर्ण (या) जड़त्व को नियंत्रित किए बिना अवमन्दन बलाघूर्ण का उपयोग करेंगे

QUESTION: 10

दो 100 V पूर्ण स्केल पी.एम.एम.सी. प्रकार के DC वोल्टमीटर, जिनके फिगर ऑफ मेरिटस (FOM) 10 kΩ/V का एवं 20 kΩ/V, श्रेणी में जुड़े हुए हैं| तो किस वोल्टेज पर इस श्रेणी संयोजन का उपयोग अधिकतम DC वोल्टेज को मापने के लिए किया जा सकता है?

Solution:

पूर्ण स्केल रेटिंग वोल्टमीटर = 100 V,

पहले वोल्टमीटर की संवेदनशीलता (s1) = 10 kΩ/v

धारा (IFSD) का पूर्ण स्केल विक्षेपण

दूसरे वोल्टमीटर की संवेदनशीलता (s2) = 20 kΩ/v

धारा अधिकतम श्रेणी संयोजन के माध्यम से प्रवाहित हो सकती है,

पहले वोल्टमीटर का आंतरिक प्रतिरोध

पहले वोल्टमीटर का आंतरिक प्रतिरोध

परिपथ में कुल प्रतिरोध (R) = 3000 kΩ

अधिकतम DC वोल्टेज= IR = 3000 × 103 × 0.05 × 10-3 = 150 V.

QUESTION: 11

100 Ω के आंतरिक प्रतिरोध और 0-150 V और 0-300 V की श्रेणी के साथ एक बहु श्रेणी डीसी वोल्टमीटर के लिए 1 mA के पूर्ण पैमाने पर धारा वाले एक सामान्य डी. अरसनवाल मीटर की गतिविधि को परिवर्तित करने के लिए एक विभव विभक्त व्यवस्था में प्रतिरोध का मूल्य क्या होगा?

Solution:

दिया गया है कि,

Im = 1 mA

Rm = 100 Ω

Vm = ImRm = 0.1 V

दी गई सीमा के लिए, V1 = 150 V

दी गई सीमा के लिए, V2 = 300 V


QUESTION: 12

3 फेज वाले परिपथ में बिजली को 2 वाट मीटर की मदद से मापा जाता है। वाट मीटर में से एक का पठन धनात्मक है और दूसरे का ऋणात्मक है। पठनों का परिमाण अलग है। यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि परिपथ का शक्ति गुणांक______ है।

Solution:

हम जानते हैं कि, शक्ति गुणांक निम्न प्रकार से निकला जाता है

दिया गया है कि,

W1 = धनात्मक मान

W2 = ऋणात्मक मान

यहाँ शक्ति गुणांक का कोण 60 डिग्री से 90 डिग्री के बीच परिवर्तित होता है।

अतः शक्ति गुणांक शून्य से 0.5 के बीच परिवर्तित होते रहता है।

QUESTION: 13

एक डायनेमोमीटर प्रकार के वाटमीटर के धारा और विभव कुंडल को जोड़ते समय इन्हें गलती से बदल दिया गया। परिपथ को सक्रिय करने के बाद, यह देखा गया कि वाटमीटर ने पठन नहीं दिखाया, यह किस कारण से हो सकता है?

Solution:

इलेक्ट्रोडडायनेमोमीटर उपकरण में दो स्थिर कुंडल और एक चल कुंडल होते हैं। बिजली को मापने के लिए एक वाटमीटर के रूप में इस उपकरण का उपयोग करने के लिए, स्थिर कुंडल धारा कुंडल के रूप में कार्य करता है जिसे एक भार के साथ श्रृंखला में जुड़ा होना चाहिए। चल कुंडल एक दबाव कुंडल के रूप में कार्य करता है जिसे इसे आपूर्ति टर्मिनलों में जुड़ा होना चाहिए।

इस सवाल में, कनेक्टिविटी के दौरान एक डायनेमोमीटर प्रकार वाटमीटर के धारा और विभव कुंडल को गलती से बदल दिया गया था। इसलिए कुल वोल्टेज धारा कुंडल पर लागू होता है जिसमें बहुत कम प्रतिरोध होता है जो धारा कुंडल को नुकसान पहुँचाता है।

QUESTION: 14

निम्नलिखित में से कौन वाटमीटर का एक प्रकार नहीं हैं?

Solution:

चल-कुंडल स्थायी चुम्बक उपकरण का उपयोग एममीटर और वोल्टमीटर के रूप किया जा सकता है लेकिन वाटमीटर के रूप में नहीं।

इलेक्ट्रोडडायनेमोमीटर उपकरण में दो स्थिर कुंडल और एक चल कुंडल होते हैं। बिजली को मापने के लिए एक वाटमीटर के रूप में इस उपकरण का उपयोग करने के लिए, स्थिर कुंडल धारा कुंडल के रूप में कार्य करता है जिसे एक भार के साथ श्रृंखला में जुड़ा होना चाहिए। चल कुंडल एक दबाव कुंडल के रूप में कार्य करता है जिसे इसे आपूर्ति टर्मिनलों में जुड़ा होना चाहिए।

व्यावहारिक रूप से जब वोल्टेज उच्च होता है और शक्ति गुणांक कम होता है तब, स्थिर वैद्युत वाटमीटर का उपयोग शक्ति की छोटी मात्रा के मापन के लिए किया जाता है। इस प्रकार के वाटमीटर का उपयोग वैकल्पिक वोल्टेज पर केबल के परावैद्युत हानि के माप और वाटमीटर और ऊर्जा मीटर के अंशशोधन के लिए किया जाता है।

QUESTION: 15

6 फेज वाले परिपथ की शक्ति को न्यूनतम किससे मापा जा सकता है?

Solution:

ब्लोंडेल के प्रमेय के अनुसार n-चरण प्रणाली में कुल शक्ति को मापने के लिए आवश्यक वाटमीटर की संख्या या तो N (या) (N – 1) होती है। जब प्रणाली में अलग उदासीन तार उपलब्ध होता है तो आवश्यक वाटमीटर की संख्या N होती है। जब प्रणाली में उदासीन तार उपलब्ध नहीं है, तो आवश्यक वाटमीटर की संख्या (N – 1) होती है। एक रेखा वापसी पथ के लिए एक सामान्य रेखा के रूप में कार्य करती है।

अतः आवश्यक वाटमीटर की न्यूनतम संख्या = 5

QUESTION: 16

5 घंटे में 230 वाल्ट और 5 एम्पियर पर संचालित एक एकल फेज वाटमीटर 1940 घूर्णन करता है। घूर्णन में मीटर स्थिरांक 400 है। तो भार का शक्ति गुणांक क्या होगा?

Solution:

दिया गया है कि,

वोल्टेज (V) = 230 वाल्ट

धारा (I) = 5 एम्पियर

समय (t) = 5 घंटा



घूर्णन की संख्या = 1940

मीटर स्थिरांक = 400 मीटर स्थिरांक = चक्करों की संख्या/किलोवाटघंटा

QUESTION: 17

एक फेज वाले ऊर्जा मीटर में 1200 घूर्णन/किलोवाटघंटा का स्थिरांक है। जब 200 वाट का भार जुड़ा होता है, तो वस्तु 4.2 घूर्णन प्रति मिनट घूमती है। यदि भार 10 घंटों के लिए होता है, तो मीटर अधिकतम कितना रिकॉर्ड करती है?

Solution:

सत्य किलोवाटघंटा = 200 × 10 = 2 किलोवाटघंटा

दिया गया है कि, वस्तु 4.2 घूर्णन प्रति मिनट घूमती है।

अभिलिखित घूर्णन = 4.2 × 60 × 10 = 2520

स्थिरांक मीटर = 1200 घूर्णन/किलोवाटघंटा

किलोवाटघंटा का मापित मान = 2520/1200 = 2.1 किलोवाट

रिकॉर्ड का अधिकतम मान = मापित मान – सत्य मान = 2.1 – 2 = 0.1 किलोवाट

QUESTION: 18

सूची-I (ट्रान्सड्यूसर) के साथ सूची-2 (विशेषता) का मिलान कीजिये और सूची के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर का चयन कीजिये।

Solution:

तापयुग्म में एक छोर पर तापमान समान होता है।

एक ऋणात्मक तापमान गुणांक थर्मिस्टर में जब तापमान बढ़ता है तो प्रतिरोध कम होता है।

एक विकृति प्रमापक एक संवेदक है जिसका प्रतिरोध लगाये गए बल के साथ बदलता है। यह बल, दबाव, तनाव, वजन, आदि को मापन किए जा सकने वाले विद्युत प्रतिरोध के एक बदलाव में परिवर्तित करता है।

रैखिक चल विभेदी परिणामित्र एक सामान्य प्रकार का विद्युतयांत्रिक ट्रांसड्यूसर है जो किसी वस्तु की सरलरेखीय गति को परिवर्तित कर सकता है जिस पर इसे संबंधित विद्युत सिग्नल में यांत्रिक रूप से युग्मित किया जाता है।

QUESTION: 19

एक सी.आर.ओ. में तुल्यकालन (SYNC) नियंत्रण का उद्देश्य क्या होता है?

Solution:

घुमाव और मापे जाने वाले सिग्नल के बीच तुल्यकालन होना चाहिए। स्थिर स्वरुप उत्पन्न करने के लिए तुल्यकालन किया जाता है।

एक सी.आर.ओ. में तुल्यकालन नियंत्रण का उपयोग सिग्नल के प्रदर्शन को लॉक करने के लिए किया जाता है।

QUESTION: 20

निम्नलिखित में से कौन निष्क्रिय ट्रान्सड्यूसर हैं?

Solution:

जिन ट्रांसड्यूसर को उनकी प्रक्रिया के लिए बाहरी शक्ति वाले स्रोत की आवश्यकता होती है उन्हें निष्क्रिय ट्रांसड्यूसर कहा जाता है। वे प्रतिरोध, धारिता या किसी अन्य विद्युत प्राचल में कुछ भिन्न रूप में आउटपुट सिग्नल उत्पन्न करते हैं, जिसे बाद में समकक्ष धारा या वोल्टेज सिग्नल में परिवर्तित किया जाना आवश्यक होता है। एल.वी.डी.टी. निष्क्रिय ट्रांसड्यूसर का एक उदाहरण है। एल.वी.डी.टी. का इस्तेमाल प्रेरक ट्रांसड्यूसर के रूप में होता है जो गति को विद्युत सिग्नल में परिवर्तित करता है।

Similar Content

Related tests