Test: Basic Electronics- 3


20 Questions MCQ Test Mock Test Series for SSC JE Electrical Engineering (Hindi) | Test: Basic Electronics- 3


Description
Attempt Test: Basic Electronics- 3 | 20 questions in 12 minutes | Mock test for Electrical Engineering (EE) preparation | Free important questions MCQ to study Mock Test Series for SSC JE Electrical Engineering (Hindi) for Electrical Engineering (EE) Exam | Download free PDF with solutions
QUESTION: 1

सामान्यतौर पर अर्धचालक में इलेक्ट्रॉन की गतिशीलता छिद्रों की गतिशीलता का _______ गुना होती है।

Solution:

इलेक्ट्रॉन और छिद्रों की गतिशीलता उनके प्रभावी द्रव्यमान पर निर्भर करती है। इलेक्ट्रॉन का प्रभावी द्रव्यमान छिद्रों के प्रभावी द्रव्यमान से कम होता है, इसलिए इलेक्ट्रॉन में छिद्र से अधिक गतिशीलता होती है।


QUESTION: 2

बिना बाह्य लागू वोल्टेज के एक p-n जंक्शन में छिद्र और इलेक्ट्रॉन विद्युत धारा के बहाव और फैलाव घटक:

Solution:

एक p-n जंक्शन में जब कोई बायस वोल्टेज लागू नहीं होता है, शुद्ध धारा शून्य होती है।

Jdiff + Jdrift = 0

अतः छिद्र और इलेक्ट्रॉन विद्युत धारा के बहाव और फैलाव घटक का योग शून्य होना चाहिए।

QUESTION: 3

फर्मी स्तर किसका माप होता है?

Solution:

फर्मी स्तर की परिभाषा से, फर्मी स्तर एक उर्जा स्तर है जिसमें इलेक्ट्रॉन द्वारा अधिग्रहण करने की सम्भावना '1/2' है।

QUESTION: 4

अर्धचालक लेज़र निम्न में से किस गुण पर आधारित होता है?

Solution:

लेज़र का विस्तृत रूप लाइट एम्प्लीफिकेशन बाय स्टिम्युलेटेड एमिशन ऑफ़ रेडिएशन (विकिरण के उत्तेजित उत्सर्जन द्वारा प्रकाश प्रवर्धन) है। यह नीचे के आरेख में वर्णित जंक्शन पर आबादी के उत्क्रमण गुण पर आधारित होता है।


QUESTION: 5

आरेख में दर्शाया गया परिपथ क्या है?

Solution:




 

ω = 0 पर              |H(jω)|= 0

ω = ∞ पर              |H(jω)| = 0

ω = 1/RC पर        |H(jω)| = 1

आवृत्ति प्रतिक्रिया इस प्रकार दर्शायी गयी है
 

 पर बैंडपास फिल्टर

QUESTION: 6

एक p-n जंक्शन डायोड की धारिता:

Solution:

अग्र अभिनत के दौरान प्रसार धारिता प्रभावी धारिता होती है।


τ = अल्पसंख्यक वाहक का औसत जीवनकाल

If = अग्रदिश धारा

चूँकि, अग्रदिश धारा चरघातांकी रूप से बढ़ती है,

जंक्शन धारिता अग्र अभिनत पर चरघातांकी रूप से बढ़ती है।

QUESTION: 7

एक प्रकाश - उत्सर्जक डायोड (एल.ई.डी.) किसे परिवर्तित करता है?

Solution:

एल.ई.डी विद्युतसंदीप्ति के सिद्धांत पर कार्य करता है, जो विद्युत क्षेत्र के प्रभाव में प्रकाश का उत्सर्जन करता है।

QUESTION: 8

एक द्विध्रुवीय जंक्शन ट्रांजिस्टर संतृप्ति बिंदु को किस रूप में परिभाषित किया जा सकता है?

Solution:

सक्रीय मोड़ में संचालित बी.जे.टी. के लिए, बेस विद्युत धारा (Ib) और संग्राहक विद्युत धारा (IC), Ic = β Ib के रूप में संबंधित होते हैं, जहाँ β विद्युत धारा लाभ है।

संतृप्ति पर, संग्राहक- एमिटर जंक्शन में वोल्टेज (VCE) स्थिर (~ 0.2 वोल्ट) होता है और संग्राहक विद्युत धारा बेस विद्युत धारा से स्वतंत्र होती है।

QUESTION: 9

एक रेक्टिफायर में डायोड के परिवर्तन का अर्थ यह है कि, ऊर्जा को ________ से ________में स्थानांतरित किया जाता है?

Solution:

एक दिष्टकारी में परिवर्तन, दिष्टकारी में एक उपकरण (डायोड या थाइरिस्टर) से दूसरे उपकरण में धारा के स्थानांतरण की प्रक्रिया होती है। जिस उपकरण से विद्युत धारा स्थानांतरित कि जाती है उसे निर्गामी उपकरण कहा जाता है और उपकरण जिसमें विद्युत धारा स्थानांतरित कि जाती है उसे आवक उपकरण कहा जाता है। आवक उपकरण परिवर्तन की शुरुआत में चालू होता है जबकि निर्गामी उपकरण परिवर्तन के अंत में बंद हो जाता है।

यहाँ, डायोड का परिवर्तन दिष्टकारी डायोड से फ्रीव्हीलिंग डायोड तक ऊर्जा को स्थानांतरित करने का संदर्भ देता है। फ्रीव्हीलिंग डायोड का उपयोग हार्मोनिक्स को कम करने के लिए और प्रेरणिक भार में वोल्टेज स्पाइक के दमन के लिए किया जाता है।

QUESTION: 10

निम्नलिखित में से कौन-सी आवृत्ति चयनित एम्प्लीफायर है जिसका लाभ परिमित मान से शून्य तक घटता है जैसे ही, ज्यावक्रीय इनपुट की आवृत्ति दिष्ट धारा से अपरिमितता में बढ़ती है?

Solution:

LPF की आवृत्ति प्रतिक्रिया इस प्रकार दर्शायी गयी है,

आवृत्ति प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट है कि लो पास फ़िल्टर का लाभ शून्य से अनंत मान तक घटता है चूँकि, आवृत्ति 0 से ∞ से बढ़ता है।

QUESTION: 11

निम्नलिखित परिपथ विन्यास पर विचार कीजिये:

1. समान उत्सर्जक

2. समान आधार

3. एमिटर अनुगामी

बढ़ती इनपुट प्रतिबाधा में सही अनुक्रम क्या है​

Solution:

QUESTION: 12

एक द्विध्रुवी जंक्शन ट्रांजिस्टर में, धारा लाभ β:

Solution:

धारा लाभ β को  के रूप में परिभाषित किया गया है।

उच्च तापमान पर, तापीय इंजेक्शन कलेक्टर धारा को बढ़ाता है और इसलिए β का मान बढ़ता है।

QUESTION: 13

BJT के h-पैरामीटर के समकक्ष परिपथ किस के लिए मान्य हैं?

Solution:

h-पैरामीटर मॉडल उच्च आवृत्तियों पर महत्वपूर्ण जंक्शन धारिता को ध्यान में नहीं लेता है। h-पैरामीटर मॉडल Vbe < 10 mV के साथ संकेतों के लिए मान्य होते हैं। इसलिए h-पैरामीटर मॉडल कम आवृत्तियों और छोटे संकेत के लिए उपयुक्त है।

QUESTION: 14

ट्रांजिस्टर की रिसाव धारा मुख्य रूप से किस पर निर्भर करती है?

Solution:

एक ट्रांजिस्टर में रिसाव धारा मुख्य रूप से तापमान पर निर्भर करती है और तापमान में प्रत्येक 10°C वृद्धि के लिए इसका मान दोगुना हो जाता है। तापमान पर यह रिसाव धारा की निर्भरता ट्रांजिस्टर में तापीय रनअवे के लिए ज़िम्मेदार है।

QUESTION: 15

p-n-p ट्रांजिस्टर का आधार क्षेत्र कैसा होता है?

Solution:

pnp ट्रांजिस्टर में, आधार n-प्रकार का अर्धचालक होता है अर्थात् यह इलेक्ट्रॉनों के साथ डोप किया जाता है। आधार क्षेत्र की चौड़ाई को छोटा/पतला रखा जाता है ताकि उत्सर्जक से अधिकतम वाहक आधार से कलेक्टर तक पारित हो सकें।

QUESTION: 16

ट्रांजिस्टर को कब एक निष्क्रिय चरण में कहा जाता है?

Solution:

ट्रांजिस्टर में Q-पॉइंट डीसी-लोड लाइन के बीच में विस्वसनीय एम्पलीफिकेशन के लिए स्थापित किया जाता है। Q-पॉइंट एसी संकेत के किसी भी प्रयोग के बिना डीसी वोल्टेज और प्रतिरोध का उपयोग करके स्थापित किया जाता है।

QUESTION: 17

BJT में, संग्राहक क्षेत्र की चौड़ाई कब अधिकतम होती है?

1. जब यह अधिकतम चार्ज वाहक को संग्रहित करता है

2. इनमें से प्रत्येक इकाई क्षेत्र में ताप अपव्यय को कम करता है

Solution:

चौड़ाई का क्रम इस प्रकार से है:

wcollector > wemitter > wBase

डोपिंग का क्रम इस प्रकार से है:

nemitter > ncollector > nbase

QUESTION: 18

किसमें, डीसी बायस को अपने क्रियांत मान से अधिक पर समायोजित किया जाता है ताकि इनपुट वोल्टेज चक्र के आधे से भी कम के लिए आउटपुट विद्युत धारा प्रवाह हो?

Solution:

QUESTION: 19

एक समस्वरित एम्प्लीफायर का उपयोग किसमें किया जाता है?

Solution:

समस्वरित एम्प्लीफायर उपलब्ध आवृत्तियों के सेट के बीच एक विशेष आवृत्ति का चयन करने के उद्देश्य से नियोजित होते हैं। इसलिए वे रेडियो रिसीवर में नियोजित होते हैं।

QUESTION: 20

अवरोधक के रूप में कार्य करने के लिए वर्धन प्रकार के N-मॉस्फेट के लिए आवश्यक संपर्क प्रकार क्या होता है?

Solution:

ओवरड्राइव वोल्टेज को थ्रेशोल्ड वोल्टेज (VT) अर्थात् Vgs - Vt से अधिक ट्रांजिस्टर गेट और स्रोत (VGS) के बीच वोल्टेज के रूप में परिभाषित किया जाता है।

N-मोस के लिए एक प्रतिरोधी के रूप में कार्य करने के लिए, इसे रैखिक क्षेत्र में संचालित किया जाना चाहिए। अर्थात् VDS < Vgs – Vt

N-मोस को एम्पलीफायर के रूप में उपयोग करने के लिए, इसे संतृप्ति क्षेत्र में संचालित किया जाना चाहिए। अर्थात् VDS ≥ Vgs – Vt

Use Code STAYHOME200 and get INR 200 additional OFF
Use Coupon Code