Test: Utilization of Electrical Energy- 2


20 Questions MCQ Test Mock Test Series for SSC JE Electrical Engineering (Hindi) | Test: Utilization of Electrical Energy- 2


Description
Attempt Test: Utilization of Electrical Energy- 2 | 20 questions in 12 minutes | Mock test for Electrical Engineering (EE) preparation | Free important questions MCQ to study Mock Test Series for SSC JE Electrical Engineering (Hindi) for Electrical Engineering (EE) Exam | Download free PDF with solutions
QUESTION: 1

निम्नलिखित में से कौन-सा प्लास्टिक या गैर-संलयन वेल्डिंग की श्रेणी में वर्गीकृत किया जाता है?

Solution:

प्लास्टिक या गैर संलयन वेल्डिंग: इस वेल्डिंग में धातु के टुकड़ों को जोड़ने के लिए प्लास्टिक अवस्था तक गर्म किया जाता है और फिर बाहरी दबाव से एक साथ बलपूर्वक जोड़ दिया जाता है। इस प्रक्रिया का उपयोग फोर्ज वेल्डिंग, प्रतिरोध वेल्डिंग, थर्मेट वेल्डिंग और गैस वेल्डिंग में किया जाता है।

संलयन या गैर दबाव वेल्डिंग: संलयन वेल्डिंग में जोड़े जाने वाले पदार्थ को पिघलने तक गर्म किया जाता है और फिर उसे ठोस होने दिया जाता है। इसमें गैस वेल्डिंग, आर्क वेल्डिंग इत्यादि शामिल होती हैं।

शीत वेल्डिंग: इस वेल्डिंग में जोड़ों को गर्मी के अनुप्रयोगों के बिना उत्पादित किया जाता है, जिसमें जोड़े जाने वाले पदार्थ पर दबाव लागू किया जाता है जिसके परिणामस्वरूप भागों के आंतर-सतह परमाणु संलयन होता है और भाग जुड़ जाते हैं। यह प्रक्रिया का मुख्य रूप से वेल्डिंग अलोह शीट धातु के लिए प्रयोग किया जाता है।

QUESTION: 2

वेल्डिंग का उचित चयन इसमें शामिल लागत के अतिरिक्त किस पर निर्भर करता है?

Solution:

उचित वेल्डिंग का चयन निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करता है

1. जोड़ी जाने वाली धातुओं के प्रकार

2. अपनाई गई वेल्डिंग की तकनीकें

3. इस्तेमाल किए गए उपकरणों की लागत

4. निर्माण किए जाने वाले उत्पादों की प्रकृति

QUESTION: 3

उदासीन बट वेल्डिंग में क्या होता है?

Solution:

उदासीन बट वेल्डिंग में वेल्ड किए जाने वाले दो धातु भागों को किनारों के माध्यम से जोड़ा जाता है और वेल्डिंग ट्रांसफॉर्मर के द्वितीयक से जुड़े होते हैं।

वेल्ड किए जाने वाले धातुओं के संपर्क प्रतिरोध के कारण इस वेल्डिंग में तापन प्रभाव उत्पन्न होता है।

आवश्यक वोल्टेज 2-8 वोल्ट होता है और पदार्थ और वेल्ड किए जाने वाले क्षेत्रफल के आधार पर आवश्यक विद्युत धारा 50 एम्पियर से कई सौ एम्पियर तक की श्रेणी में होती है।

QUESTION: 4

विद्युतीय आर्क में क्या होता है?

Solution:

विद्युतीय आर्क वेल्डिंग दो धातु टुकड़ों को जोड़ने की प्रक्रिया होती है। इसमें धातु के पिघलने से इलेक्ट्रोड के बीच एक आर्क द्वारा उत्पन्न ताप और धातु को वेल्डेड या दो इलेक्ट्रोड के बीच उत्पन्न ताप के कारण प्राप्त किया जाता है।

जब एक दुसरे से कुछ अंतर पर रखे हुए चालक में आपूर्ति दी जाती है, तो दो चालक के बीच मौजूद वायु अंतराल आयनित हो जाता है। चूँकि आर्क वेल्डिंग शुरू होता है, आर्क पथ और इसके आसपास के क्षेत्र का आयनीकरण बढ़ता है।

आयनीकरण में वृद्धि पथ के प्रतिरोध को कम कर देता है। इस प्रकार, आर्क के वोल्टेज में कमी के साथ विद्युत धारा बढ़ती है। यह दर्शाता है कि, आर्क में ऋणात्मक प्रतिरोध विशेषताएं हैं।

QUESTION: 5

वेल्डिंग के लिए प्रयोग किये जाने वाले एक दिष्टकारी में वोल्टेज विद्युत धारा की विशेषता क्या होती है?

Solution:

दिष्टकारी प्रकार के वेल्डर को डी.सी. वेल्डिंग की कुछ वांछनीय आर्किंग विशेषताओं का संयोजन कहा जाता है। जैसे कि आसान आर्क वेल्डिंग ट्रांसफार्मर के साथ शुरू होता है, जिससे किसी भी नुकसान को कम किया जाता है। इस स्थिति में, डी.सी. वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर आउटपुट को विनियमित करके नियंत्रित किया जा सकता है।

QUESTION: 6

निम्नलिखित में से कौन से फिलामेंट पदार्थ में न्यूनतम गलनांक होता है?

Solution:

QUESTION: 7

विद्युत निर्वहन लैंप में आर्क के स्थिरीकरण के लिए क्या किया जाता है?

Solution:

विद्युत निर्वहन लैंप में एक चोक को श्रृंखला में प्रारंभिक प्रवाह को सीमित करने और आर्क को स्थिर करने के लिए आपूर्ति के साथ जोड़ा जाता है।

QUESTION: 8

जब सोडियम वाष्प लैंप चालू होता है, तो प्रारंभिक रंग कौन-सा होता है?

Solution:

प्रारंभ में सोडियम एक स्लोइड के रूप में होता है, जो आंतरिक ट्यूब की दीवारों पर जमा होता है। जब इलेक्ट्रोड में पर्याप्त वोल्टेज प्रभावित होता है, तो निर्वहन निष्क्रिय गैस (नियॉन) में शुरू होता है। यह गुलाबी रंग के साथ कम दबाव नियॉन लैंप के रूप में काम करता है।

QUESTION: 9

पेपर मिल के लिए ड्राइव के कौन-से प्रकार का उपयोग किया जाता है, जिसमें निरंतर गति संचालन और नियंत्रण के लचीलेपन की आवश्यकता होती है?

Solution:

समूह ड्राइव: बेल्ट और पुली के माध्यम से लाइन शाफ्ट से दो या दो से अधिक मशीनों को चलाने के लिए उपयोग की जाने वाली इलेक्ट्रिक ड्राइव को समूह ड्राइव के रूप में जाना जाता है।

व्यक्तिगत ड्राइव: एक एकल मशीन के ड्राइव के लिए एक इलेक्ट्रिक मोटर का उपयोग किया जाता है।

मल्टी-मोटर ड्राइव: एकल मशीन के विभिन्न हिस्सों के संचालन के लिए कई अलग-अलग मोटर प्रदान किए जाते हैं।

एक पेपर मिल के लिए निरंतर गति संचालन और नियंत्रण के लचीलेपन की आवश्यकता होती है, हम व्यक्तिगत या मल्टी-मोटर ड्राइव का उपयोग कर सकते हैं।

QUESTION: 10

आटा मिल के लिए इलेक्ट्रिक मोटर के चयन में कम से कम महत्वपूर्ण विद्युत विशेषता क्या होती है?

Solution:

एक आटा मिल के लिए इलेक्ट्रिक मोटर के चयन में, प्रारंभिक बलाघूर्ण और रनिंग बलाघूर्ण दोनों महत्वपूर्ण होते हैं। ब्रेकिंग इस उद्देश्य के लिए कम से कम महत्वपूर्ण विद्युत विशेषता होती है।

QUESTION: 11

एक औसत गति के दिए गये मान के लिए स्टॉपों के दौरान कमी का कारण क्या होता है?

Solution:

औसत गति: इसका अर्थ प्रारम्भ से स्टॉप तक ट्रेन द्वारा प्राप्त गति होती है, अर्थात् यह ट्रैन द्वारा दो स्टॉप और चलने के कुल समय के बीच तय की गई दूरी के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है। यह Va के साथ दर्शाया गया है।

औसत गति = स्टॉपों के बीच दूरी/चलने का वास्तविक समय 

Va = D/T

जहाँ Va किमी प्रति घंटा में ट्रैन की औसत गति है

D किमी में स्टॉपों के बीच की दूरी है

T घंटे में वास्तविक समय है

निर्धारित गति: दो स्टॉपों के बीच तय की गई दूरी और स्टॉप के समय के साथ चलने के कुल समय के बीच के अनुपात को नोर्धरित गति के रूप में परिभाषित किया जाता है। यह Vs द्वारा दर्शाया जाता है।


जहाँ Ts घंटे में निर्धारित समय है।

औसत गति के दिए गये मान के लिए स्टॉपों के दौरान में कमी निर्धारित समय में वृद्धि के कारण होता है।

QUESTION: 12

समलम्बाकार गति-समय का वक्र किससे संबंधित होता है?

Solution:

मुख्य लाइन सेवाएं: दो स्टॉप के बीच की दूरी सामान्यतौर पर 10 किमी से अधिक होती है। उच्च संतुलन गति की आवश्यकता होनी चाहिए। त्वरण और मंदन इतना महत्वपूर्ण नहीं होता है।

शहरी सेवा: दो स्टॉप के बीच की दूरी बहुत कम है और यह 1 किमी से कम है। इसे लगातार प्रारंभिक और स्टॉप के लिए उच्च औसत गति की आवश्यकता होती है।

उप शहरी सेवा: दो स्टॉप के बीच की दूरी 1 किमी और 8 किमी के बीच होती है। इस सेवा को तेजी से त्वरण और मंदन की आवश्यकता होती है क्योंकि अक्सर प्रारम्भ और स्टॉप आवश्यक होता है।

मुख्य लाइन सेवा में, मुफ्त चलने की अवधि अधिक होती है। इसलिए समलम्बाकार गति-समय वक्र मुख्य लाइन सेवा से संबंधित है।

QUESTION: 13

खाद्य प्रसंस्करण का सबसे आधुनिक तरीका क्या है?

Solution:

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में पारद्युतिक तापन लागू किया जाता है:

1. फल, सब्जियां, अंडे आदि को निर्जलित करना

2. बाहरी छिलकों को हटाए बिना भोजन पकाना

3. बोतलों के अंदर दूध और बियर को पाश्चुरीकृत करना

4. बड़ी बेकरी और रेस्तरां में जमे हुए खाद्य पदार्थों का विहिमशीतन करना

QUESTION: 14

दाह संस्कार के लिए उपयोग की जाने वाली भट्ठीयां कौन सी होती है?

Solution:

दाह संस्कार के उद्देश्य के लिए विद्युत प्रतिरोध तापन भट्ठी का उपयोग किया जाता है।

QUESTION: 15

शक्ति गुणांक किस मामले में अधिकतम होगा?

Solution:

किसी अन्य तापन विधि की तुलना में प्रतिरोध तापन के मामले में शक्ति गुणांक अधिकतम होगा।

QUESTION: 16

एक पारद्युतिक में पारद्युतिक हानि किसके समानुपाती होता है?

Solution:

पारद्युतिक हानि निम्न है:

P= V2ωCδ

जहाँ, V, वोल्ट में लागू किया गया वोल्टेज है

f हर्ट्ज़ में आपूर्ति की आवृत्ति है

C धारिता है

δ रेडियन में हानि का कोण है

पारद्युतिक हानि पारद्युतिक पर डाले गए वोल्टेज के वर्ग के सीधे समानुपाती होता है।

QUESTION: 17

सामान्यतौर पर उच्च आवृत्ति भंवर विद्युत धारा तापन के लिए कितनी आवृत्ति की आपूर्ति नियोजित की जाती है?

Solution:

सामान्यतौर पर उच्च आवृत्ति भंवर विद्युत धारा तापन के लिए 10-400 किलोहर्ट्ज़ आवृत्ति की आपूर्ति नियोजित की जाती है।

सामान्यतौर पर पारद्युतिक तापन के लिए नियोजित आपूर्ति आवृत्ति 1-40 मेगाहट्र्ज होती है।

QUESTION: 18

दीप्त फ्लक्स रेखाओं को किसमें मापा जाता है?

Solution:

QUESTION: 19

एक ऑक्साइड फिल्म प्रदान करने की प्रक्रिया को किस नाम से जाना जाता है?

Solution:

विद्युत-गठन: यह वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा विद्युत अपघटन से अन्य धातु या गैर धातु पर एक धातु का गठन किया जाता है।

विद्युत धातुकरण: यह वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा सजावट के लिए और सुरक्षात्मक उद्देश्यों के लिए धातु को चालन आधार पर गठित किया जा सकता है। किसी गैर-चालक आधार को ग्रेफाइट प्लेटिंग का गठन करके चालक के रूप में कार्यरत किया जाता है।

विदुतफेसिंग: विद्युत-गठन द्वारा एक ठोस धातु के साथ धातु की सतह के कोटिंग की प्रक्रिया है।

एनोडीकरण: धातु की सतह पर ऑक्साइड फिल्म के जमाव की प्रक्रिया को एनोडीकरण और ऑक्सीकरण के रूप में जाना जाता है।

QUESTION: 20

विद्युत-अपघट्य के निस्यंदन के लिए क्या आवश्यक होता है?

Solution:

विद्युत-अपघट्य से निलंबित लवणीय कणों और अन्य निलंबित अशुद्धियों को हटाने के लिए विद्युत-अपघट्य का निस्पंदन आवश्यक है।

Use Code STAYHOME200 and get INR 200 additional OFF
Use Coupon Code