Refrigeration And Air Conditioning


20 Questions MCQ Test Mock Test Series for SSC JE Mechanical Engineering (Hindi) | Refrigeration And Air Conditioning


Description
Attempt Refrigeration And Air Conditioning | 20 questions in 12 minutes | Mock test for Mechanical Engineering preparation | Free important questions MCQ to study Mock Test Series for SSC JE Mechanical Engineering (Hindi) for Mechanical Engineering Exam | Download free PDF with solutions
QUESTION: 1

यांत्रिक प्रशीतन प्रणाली में, रेफ्रीजरैंट का अधिकतम तापमान निम्न में से कब होता है?

Solution:

रेफ्रिजरेंट के वाष्पीकरण के बाद निर्गत की स्थिति संतृप्त वाष्प होती है, जिन्हें संपीडक में संपिड़ित किया जाता है और वह अतितापित (अधिकतम तापमान पर) हो जाता है, और फिर वह संघनक की ओर भेज दिया जाता है।


QUESTION: 2

100% Rh पर, तीन विशेषताएं डी.बी.टी., डब्लू.बी.टी. और डी.पी.टी. क्या होती हैं?

Solution:

जब हवा की सापेक्ष आर्द्रता 100% होती है, अर्थात् हवा संतृप्त होती है, ओस बिंदु तापमान (डी.पी.टी.) नाम बल्ब तापमान (डब्लू.बी.टी.) के बराबर होता है, जो सूखे बल्ब के तापमान के बराबर होता है।

इसलिए,

डीबीटी = डब्ल्यू.बी.टी. = डी.पी.टी.

असंतृप्त हवा के लिए:

डी.बी.टी. > डब्ल्यू.बी.टी. > डी.पी.टी.

QUESTION: 3

एक सरल संतृप्त प्रशीतन चक्र में निम्नलिखित अवस्था बिंदु होते हैं। संपीडन के बाद तापीय धारिता = 425 किलो जूल/किलो; थ्रॉटलिंग के बाद तापीय धारिता = 125 किलो जूल/किलो; संपीडन के बाद तापीय धारिता = 375 किलो जूल/किलो। तो प्रशीतन का सी.ओ.पी. क्या है?

Solution:

QUESTION: 4

प्रशीतन सर्किट में एक फ्लैश चैम्बर स्थापित करने का उद्देश्य क्या है?

Solution:

संघनक के शीतलक को संघनित करने के बाद, इसे इसके वाष्पीकरण दबाव को कम करने के लिए एक विस्तार वाल्व के माध्यम से पारित किया जाता है। लेकिन ऐसा करने के दौरान, कुछ तरल फिर से वाष्प में परिवर्तित हो जाते हैं। तो, वाष्प को उद्वाष्पक में प्रवेश करने से रोकने के लिए, एक फ्लैश कक्ष का उपयोग किया जाता है।

एक फ्लैश कक्ष एक उपकरण है जो वाष्प से तरल को अलग करता है। केवल तरल को उद्वाष्पक से पारित कराया जाता है और उसके बाद वाष्प को सीधे संपीडक में पारित किया जाता है।

उद्वाष्पक के माध्यम से सटीक दबाव में कमी और अधिकतम तरल को पारित करने के लिए, प्रशीतन चक्र में फ्लैश कक्ष का एकाधिक संख्या में उपयोग किया जा सकता है।

फ्लैश चैम्बर उद्वाष्पक के आकार को कम कर देता है और इसका सी.ओ.पी. और प्रणाली पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

QUESTION: 5

यदि ha शुष्क हवा की तापीय धारिता है, तो hv जल वाष्प की तापीय धारिता है और w विशिष्ट आर्द्रता है, नमीयुक्त हवा की तापीय धारिता क्या होगी?

Solution:

किसी दिए गए नमीयुक्त हवा के नमूने के w (किलो/किलो) के आद्रता अनुपात/विशिष्ट आर्द्रता को नमूने में निहित जल वाष्प(mw) और शुष्क हवा (ma) के द्रव्यमान के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है।

नमीयुक्त हवा की तापीय धारिता = 1 किलो शुष्क हवा की तापीय धारिता + 1 किलो शुष्क हवा के साथ जुड़े जल वाष्प की तापीय धारिता

h = ha + whv

QUESTION: 6

इलेक्ट्रोलक्स रेफ्रिजरेटर में_______होता है।

Solution:

इलेक्ट्रोलक्स रेफ्रिजरेटर एक घरेलू रेफ्रिजरेटर है और रेफ्रिजरेटर का सबसे अच्छा अवशोषण प्रकार है।

  • संघनक से निकलने वाला अमोनिया तरल उद्वाष्पक में प्रवेश करता है और इसके निम्न आंशिक दबाव के साथ कम तापमान पर हाइड्रोजन में वाष्पीकृत हो जाता है
  • अमोनिया और हाइड्रोजन का मिश्रण अवशोषक में जाता है जिसमें विभाजक से पानी भी प्रविष्ट किया जाता है।
  • पानी अमोनिया को अवशोषित करता है और हाइड्रोजन उद्वाष्पक में लौटता है। अवशोषक में अमोनिया पानी के मिश्रण में अमोनिया के रूप में अमोनिया परिपथ से पानी परिपथ में गुजरता है।
  • यह तीव्र मिश्रण जनरेटर में जाता है जहां इसे गर्म किया जाता है, और उसकी वाष्प विभाजक में जाती है।
  • वाष्प के साथ पानी अलग हो जाता है और अमोनिया का मंदा मिश्रण अवशोषक को वापस भेज दिया जाता है, इस प्रकार पानी परिपथ को पूरा करता है।
  • अमोनिया वाष्प विभाजक से संघनक तक बढ़ता है जहां इसे संघनित किया जाता है और फिर उद्वाष्पक में वापस कर दिया जाता है।
QUESTION: 7

समीकरण का उपयोग क्या निर्धारित करने के लिए किया जाता है?

Solution:

किसी दिए गए नमीयुक्त हवा के नमूने के w (किलो / किलो) के आद्रता अनुपात/विशिष्ट आर्द्रता को नमूने में निहित जल वाष्प(mw) और शुष्क हवा (ma) के द्रव्यमान के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है।

सापेक्ष आद्रता (ϕ):

इसे मिश्रण के समान तापमान पर मिश्रण में मौजूद जलवाष्प के आशिंक दबाव(pv) और शुद्ध जल के संतृप्ति दबाव (ps) के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है।

QUESTION: 8

क्रायोजेनिक का क्या अर्थ है?

Solution:

क्रायोजेनिक इंजीनियरिंग की वह शाखा है जिनमें बहुत कम तापमान का अध्ययन किया जाता है, तथा यह भी देखा जाता है कि उनका उत्पादन किस प्रकार से किया जाता है, और उन तापमानों पर पदार्थ कैसे व्यवहार करता है।

क्रायोजेनिक तापमान सीमा को - 150°C (123 K) से पूर्ण शून्य (-273°C) तक परिभाषित किया गया है, वह तापमान जिस पर आण्विक गति पूरी तरह से बंद होने के लिए सैद्धांतिक सम्भावना के करीब आती है।

QUESTION: 9

एक घर को सर्दी के दौरान ऊष्मा प्रदान करने के लिए 2 × 105 किलो जूल/घंटा के ताप की आवश्यकता होती है, ताप पंप को संचालित करने के लिए किया गया कार्य 3 × 104 किलो जूल/घंटा होता है, तो सी.ओ.पी. क्या होगा?

Solution:

ताप पंप के सी.ओ.पी. को ताप पंप में कुल कार्य स्थानांतरण से उष्माशय में ताप स्थानांतरण के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है।

QUESTION: 10

अवशोषण प्रणाली आमतौर पर निम्न में से किस शीतलक का उपयोग करती है?

Solution:

अवशोषण प्रशीतन प्रणाली केवल शीतलक को संपीड़ित करने की विधि में वाष्प संपीड़न प्रणाली से मूल रूप से भिन्न होती है। अवशोषण प्रशीतन प्रणाली में एक अवशोषक, जेनरेटर और पंप वाष्प संपीड़न प्रणाली के संपीडक को प्रतिस्थापित करता है।

आम तौर पर प्रयुक्त किये जाने वाले दो शीतलक जोड़े अमोनिया - पानी और लिथियम ब्रोमाइड - पानी होते हैं।

QUESTION: 11

संपीडक से निकलने और संघनक में प्रवेश करने से पहले रेफ्रिजरेटर की अवस्था क्या होती है?

Solution:

उद्वाष्पक में: तरल शीतलक वाष्पीकरण के माध्यम से बहता है, यह गर्मी को अवशोषित करता है और तरल अवस्था से संतृप्त वाष्प में परिवर्तित हो जाता है।

संपीडक में: संपीड़न के दौरान किए गए काम के कारण, गैस को अत्यधिक गरम किया जाता है। इसलिए निर्वहन गैस का तापमान निर्वहन दबाव से संबंधित वाष्प के संतृप्ति तापमान से काफी अधिक होगा।

संघनक में: संघनक में, अतिरंजित वाष्प का तापमान तरल में घुलनशील होने से पहले इसके संतृप्ति तापमान पर लाया जाना चाहिए।

वाष्पीकरण के पश्चात निर्गत अवस्था में संतृप्त वाष्प संपीडक में संपीड़ित होती है और इसके कारण यह अतिरंजित हो जाती है, और इसे संघनक में पारित किया जाता है।

QUESTION: 12

250 K और 300 K के बीच एक कार्नाट चक्र रेफ्रिजरेटर संचालित होता है। तो इसके प्रदर्शन का गुणांक क्या है?

Solution:
QUESTION: 13

निष्पादन गुणांक रैफरीज्रैंट प्रभाव से _______ अनुपात है?

A: संपीडन की ऊष्मा

B: संपीडक द्वारा किया गया कार्य

C: संपीडक में तापीय धारिता वृद्धि

Solution:
QUESTION: 14

वायु रेफ्रिजरेटर का सी.ओ.पी. वाष्प संपीड़न रेफ्रिजरेटर के सी.ओ.पी. से किस प्रकार संबंधित है?

Solution:

वाष्प संपीड़न चक्र में संघनक में गैस से तरल में चरण परिवर्तन होता है और संपीडक तरल चरणबद्ध शीतलक को पंप करता है। यह इसे अधिक कुशल बनाता है क्योंकि द्रव्यमान प्रवाह की प्रति इकाई संपीड़न कार्य कम होता है। यह आम तौर पर इमारतों में प्रशीतन उद्देश्यों और एयर कंडीशनिंग में प्रयोग किया जाता है।

वायु चक्र, वायु को कार्यान्वित द्रव के रूप में उपयोग करता है और इससे चक्र के किसी भी हिस्से में चरण परिवर्तन नहीं होता है। इसका अर्थ है कि हवा हमेशा गैस अवस्था में बनी रहती है। इसलिए प्रति किलोवाट शीतलन का तरल परिसंचरण बहुत अधिक होता है। इसके अलावा, संपीड़न का कार्य अधिक होता है। एयरक्राफ्ट में एयर कंडीशनिंग प्रदान करना यह बहुत कम अनुप्रयोगों में से इसका एक अनुप्रयोग है।

इसलिए (COP)air < (COP)vap.c

QUESTION: 15

रेफ्रिजरेटर में उद्वाष्पक पर हिम का गठन क्यों होता है?

Solution:

उद्वाष्पक में पानी के हिमांक बिंदु तापमान के नीचे काम करने पर, तुषाराच्छादन होना एक बहुत आम घटना है। तुषाराच्छादन के कारण उद्वाष्पक के ट्यूबों पर बर्फ बनता है। चूंकि बर्फ ऊष्मा का कुसंवाहक है, इसलिए यह उष्मा हस्तांतरण को कम करता।

QUESTION: 16

सही कथन का चयन कीजिये -

Solution:

आदर्श शीतलक के आवश्यक गुण:

1) शीतलक का क्वथनांक और हिमांक बिंदु कम होने चाहिए।

2) इसमें निम्न विशिष्ट ऊष्मा और उच्च गुप्त उष्मा होनी चाहिए। चूंकि उच्च विशिष्ट ऊष्मा प्रति किलो शीतलक प्रशीतन प्रभाव को कम करती है और उच्च गुप्त उष्मा कम तापमान पर प्रति किलो शीतलक प्रशीतन प्रभाव को बढ़ाती है।

3) बिजली की बड़ी आवश्यकताओं से बचने के लिए इसमें उच्च क्रांतिक दबाव और तापमान होना चाहिए।

4) उद्वाष्पक और संघनक में बनाए रखा हुआ आवश्यक दबाव उपकरण के लागत को कम करने के लिए पर्याप्त मात्रा में कम होना चाहिए और प्रणाली में हवा के रिसाव से बचने के लिए यह धनात्मक होना चाहिए।

5) संपीडक के आकार को कम करने के लिए इसका विशिष्ट आयतन कम होना चाहिए।

6) उद्वाष्पक और संपीडक में ताप हस्तांतरण के क्षेत्र को कम करने के लिए इसमें उच्च तापीय चालकता और उच्च ताप हस्तांतरण गुणांक होना चाहिए।

7) यह अज्वलनशील, गैर-विस्फोटक, गैर-विषाक्त और गैर-संक्षारक होना चाहिए।

8) प्रणाली में किसी भी प्रकार का रिसाव होने पर, संग्रहीत सामग्री या भोजन पर इसका कोई बुरा प्रभाव नहीं होना चाहिए।

9) यह स्नेहन तेल के साथ उच्च मिश्रणीय होना चाहिए और इसके द्वारा प्रणाली की तापमान सीमा में स्नेहन तेल के साथ प्रतिक्रिया नहीं होनी चाहिए।

10) इसे कार्यशील तापमान सीमा में उच्च सी.ओ.पी. प्रदान करना चाहिए। प्रणाली की कार्यशीलता लागत को कम करने के लिए यह आवश्यक है।

QUESTION: 17

1 टन प्रशीतन किस दर से ताप के स्थानांतरण को सूचित करता है?

Solution:

प्रशीतन की इकाइयों को सामान्यतौर पर प्रशीतन के टन के रूप में व्यक्त किया जाता है।

प्रशीतन के एक टन को 24 घंटों में 0 डिग्री सेल्सियस से या पर, एक टन पानी को ठंडा करने की क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है (या 24 घंटे में 0 डिग्री सेल्सियस से या पर, 1 टन बर्फ के पिघलने से उत्पन्न प्रशीतन प्रभाव)।

1 TR = 210 किलोजूल/मिनट = 3.5 किलोवाट

QUESTION: 18

एक प्रशीतन चक्र में थ्रॉटलिंग संचालन का कार्य कहाँ संचालित होता है?

Solution:

थ्रॉटलिंग उपकरण संपीड़क, संघनक और वाष्पीकरण के अलावा सभी प्रशीतन प्रणालियों और एयर कंडीशनिंग प्रणाली का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा है।

थ्रॉटलिंग उपकरणों को विस्तार वाल्व भी कहा जाता है क्योंकि जब शीतलक उनके माध्यम से गुजरता है तो शीतलक का दबाव नीचे गिर जाता है या उसका विस्तार होता है।

संघनक से निकलने वाला शीतलक उच्च दबाव पर होता है। शीतलक के दबाव को कम किया जाना चाहिए ताकि उद्वाष्पक में आवश्यक तापमान पर वाष्पीकरण हो सके।

QUESTION: 19

बेल - कोलमन चक्र किस पर लागू होता है?

Solution:

वायु प्रशीतन प्रणाली और बेल-कोलमन चक्र या विपरीत ब्रैटन चक्र:

  • वायु प्रशीतन प्रणाली में, हवा को वातावरण से संपीडक में लिया जाता है और संपीड़ित किया जाता है
  • गर्म संपीड़ित हवा को वायुमंडलीय तापमान (आदर्श परिस्थितियों में) तक ताप विनिमयक में ठंडा किया जाता है
  • ठंडी हवा का विस्तारक में प्रसारण होता है। विस्तारक से निकलने वाली हवा का तापमान वायुमंडलीय तापमान से नीचे होता है, जो कि आइसेंट्रोपिक विस्तार के कारण होता है
  • विस्तारक से बाहर आने वाली कम तापमान वाली हवा उद्वाष्पक में प्रवेश करती है और उष्मा को अवशोषित करती है। इस चक्र को दोहराया जाता है
QUESTION: 20

डीप फ्रीज़र में R -22 के स्थान पर R -12 को क्यों पसंद किया जाता है?

Solution:

R -12 या फ्रेओन 12 घरेलू रेफ्रिजरेटर और फ्रीज़र, तरल चिलर, डीहुमिडिफायर, बर्फ निर्माता, पानी कूलर, पानी के फव्वारे और परिवहन प्रशीतन में उपयोग किया जाता है। शीतलक के अनुप्रयोगों की विस्तृत श्रृंखला इसकी सुरक्षित गुणों के कारण होती है।

R12 और इसके लाभ

1) सुरक्षित गुण: शीतलक R12 गैर-विषाक्त, अज्वलनशील, और गैर-विस्फोटक होते हैं।

2) संचालन स्थितियों की विस्तृत श्रृंखला के लिए उपयुक्त: R12 का कव्थनांक -29.8°C होता है जिसके कारण यह मध्यम दबावों पर वायुमंडलीय तापमान पर संघनित हो जाता है। इसका मतलब है कि संपीड़क का निर्वहन दबाव केवल मध्यम होना चाहिए। यह कम संपीड़न अनुपात के संपीड़क का उपयोग करने में मदद करता है जिसमें उच्च दक्षता होती है।

3) तेल के साथ मिश्रणीय: शीतलक R12 सभी परिचालन स्थितियों के तहत संपीड़क तेल के साथ मिश्रणीय होते हैं। तो, तेल को संपीड़क में वापस लौटने की कोई समस्या नहीं होती है।

R12 में प्रशीतन प्रभाव कम होता है।

Use Code STAYHOME200 and get INR 200 additional OFF
Use Coupon Code