Test: Production Engineering - 1


20 Questions MCQ Test Mock Test Series for SSC JE Mechanical Engineering (Hindi) | Test: Production Engineering - 1


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Attempt Test: Production Engineering - 1 | 20 questions in 12 minutes | Mock test for Mechanical Engineering preparation | Free important questions MCQ to study Mock Test Series for SSC JE Mechanical Engineering (Hindi) for Mechanical Engineering Exam | Download free PDF with solutions
QUESTION: 1

चैपलेट का उपयोग किसके सांचे में किस कारण किया जाता है?

Solution:

चैपलेट का उपयोग सांचे के कोटर के अंदर कोर को आधार प्रदान करने के लिए किया जाता है। चैपलेट अपने खुद के वजन का समायोजन करता है और मेटलोस्टैटिक बलों को दूर करता है।

QUESTION: 2

'शॉट पीनिंग' का मुख्य उद्देश्य धातु के भागों के किस गुणों को बेहतर बनाना है?

Solution:

शॉट पीनिंग एक ऐसी प्रक्रिया है, जो विशेष रूप से उन घटकों की श्रम शक्ति को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई है जो उच्च परिवर्तनीय तनाव के अधीन होते हैं। शॉट पीनिंग में, जिन सतहों का परिष्करण करना होता है, उन पर छोटे गोलाकार शॉट्स की बौछार की जाती है।

QUESTION: 3

निम्न में से किस कारण से शीत शट एक फोर्जिंग दोष है?

Solution:

शीत शट या फोल्ड: कोनों पर और गढ़न की गई सतहों के समलम्ब कोणों पर एक छोटी दरार।

कारण: डाई के अनुचित डिजाइन या प्रदान किए गए कम कोने के अर्द्ध व्यास के कारण होता है।

QUESTION: 4

समान पदार्थ के लिए, पाउडर धातुकर्म प्रक्रिया कास्टिंग से किस कारण बेहतर है?

Solution:

पाउडर धातुकर्म प्रक्रिया में, संयोजन बल को बदलकर उत्पाद के घनत्व को बदला जा सकता है। यही कारण है कि पाउडर धातुकर्म प्रक्रिया कास्टिंग से बेहतर है।

QUESTION: 5

प्रक्षेपण वेल्ड किसका प्रकार होता है?

Solution:

स्पॉट वेल्डिंग, सीम वेल्डिंग, प्रक्षेपण वेल्डिंग, फ्लैश वेल्डिंग, पर्क्यूशन वेल्डिंग, अपसेट  बट वेल्डिंग इत्यादि जैसे प्रतिरोध वेल्डिंग प्रक्रियाओं के विभिन्न प्रकार हैं।

प्रक्षेपण छोटे प्रक्षेपित बिंदु होते हैं जो विद्युत धारा के प्रवाहित होने के दौरान प्रतिरोध प्रदान करते हैं और इस प्रकार उन बिंदुओं पर उष्मा उत्पन्न करते हैं। यह प्रक्षेपण उष्म परिस्थितियों और दबाव के तहत विघटित हो कर दोनों हिस्सों के बीच फ़ैल जाते हैं, और उनका  शीतलन होने पर वे दोनों हिस्सों को जोड़ देते हैं और इस प्रकार प्रक्षेपण वेल्डिंग की प्रक्रिया की जाती है। इस प्रक्रिया को एक प्रेस वेल्डिंग मशीन पर किया जाता है और दबाव के तहत जल शीतलन की हुई ताम्र प्लेटों के बीच घटकों को रखा जाता है।

QUESTION: 6

गियर हॉबिंग प्रक्रिया मिलिंग से किस कारण की वजह से तेज होती है?

Solution:

गियर हॉबिंग एक बहु-बिंदु यांत्रिकी प्रक्रिया है, जिसमें गियर टूथ उत्तरोत्तर एक हब के साथ कटाव की श्रृंखला द्वारा उत्पन्न होते हैं। होब और कार्य-वस्तु का हिस्सा दोनों लगातार घूर्णन करते रहते हैं क्योंकि होब को गियर ब्लेंक के मुख की चौड़ाई में प्रविष्ट जाता है।

गियर मिलिंग एक बहु-बिंदु यांत्रिकी प्रक्रिया है, जिसमें अलग-अलग टूथ स्पेसिंग एक घुमावदार बहुविध एज कटर द्वारा बनाए जाते हैं जहां, घुमावदार बहुविध एज कटर का अनुभागीय क्षेत्र उत्पादित टूथ (वॉल्यूट में) के अनुभागीय क्षेत्र के समान होता है। प्रत्येक स्थान को काटने के बाद, गियर को अपनी मूल स्थिति में वापस कर दिया जाता है, और गियर ब्लेंक को अगले काट के लिए अनुक्रमित किया जाता है।

तो, हॉबिंग प्रक्रिया, मिलिंग प्रक्रिया से तेज़ होती है क्योंकि एक समय में कई टूथ काटे जाते हैं।

QUESTION: 7

भारतीय मानक विनिर्देशों के अनुसार 50H7g6 का अर्थ है कि:

1. वास्तविक आकार 50 मिमी है

2. छिद्र के लिए सहिष्णुता स्तर 7 है

3. शाफ्ट के लिए सहिष्णुता स्तर 6 है

कौन-से कथन सही हैं?

Solution:

50H7g6 का अर्थ है कि मूल आकार 50 मिमी है और छिद्र के लिए सहिष्णुता स्तर 7 है और शाफ्ट के लिए सहिष्णुता स्तर 6 है।

मूल आकार: इस आकार के सन्दर्भ में बाकी आकारों की सीमा तय की जाती है।

वास्तविक आकार: भाग का वास्तविक मापा गया आयाम।

यहां मूल आकार 50 है, वास्तविक आकार नहीं।

QUESTION: 8

20 सेमी व्यास वाले गोलाकार कास्टिंग के लिए आकार का गुणांक_______ है।

Solution:


QUESTION: 9

मान लीजिये कि दो 2 मिमी मोटी इस्पात पट्टी को 5500 एम्पियर के विद्युत धारा और विद्युत धारा-प्रवाह समय t = 0.15 सेकेंड पर स्पॉट वेल्डिंग किया जाता है। 6 मिमी व्यास के इलेक्ट्रोड का उपयोग करके प्रतिरोध स्पॉट वेल्डिंग में उत्पन्न ताप की मात्रा को ज्ञात कीजिये। (RC = 250 μΩ लेने पर) 

Solution:

उत्पन्न ताप H = IRt

जहाँ I विद्युत धारा की आपूर्ति करती है 

R प्रतिरोध है

t समय है जिसके लिए विद्युत धारा की आपूर्ति की जाती है 

H = (5500)2 × 250 × 10-6 × 0.15

= 1134 जूल

QUESTION: 10

यदि टेलर के उपकरण का लाइफ घातांक n, 0.25 है और उपकरण बदलने का समय 2 मिनट है, तो अधिकतम उत्पादन दर के लिए उपकरण का कार्यकाल (सेकेंड में) क्या है?

Solution:

अधिकतम उत्पादन दर या न्यूतम उत्पादन समय के लिए,

QUESTION: 11

बाहरी चूड़ी को काटने में उपयोग किए जाने वाले उपकरण को क्या कहा जाता है?

Solution:

एक टैप नट की तरह प्रयुक्त एक मादा सतह को बनाने के लिए छिद्र की आंतरिक सतह पर चूड़ी का निर्माण करता है या काटता है।

एक डाई बेलनाकार पदार्थ पर एक बाहरी चूड़ी को काटता है, जैसे कि रॉड, जो एक नर चूड़ीदार भाग का निर्माण करता है जो बोल्ट की तरह कार्य करता है।

घुमाव ड्रिल एक घूर्णित कटाव उपकरण है, जिनका प्रयोग कठोर पदार्थो में छेद करने के लिए किया जाता है।

एंड मिल ऐसे उपकरण होते हैं जिनके एक छोर पर और साथ ही किनारों पर काटने के लिए उपयुक्त दांत होते हैं, इनका उपयोग किनारों को तेज करने और खाँचा या चैनल बनाने जैसे कई विभिन्न प्रकार के चीजों के लिए किया जाता है। एक ड्रिल बिट केवल अक्षीय दिशा में काट सकता है, लेकिन एक मिलिंग बिट आमतौर पर सभी दिशाओं में काट सकते हैं।

QUESTION: 12

उद्‌-द्वारीकरण (एनोड़ाईसिंग) क्या होता है?

Solution:

उद्‌-द्वारीकरण (एनोड़ाईसिंग) एक इलेक्ट्रोलाइटिक निष्क्रियता प्रक्रिया है जो धातु के हिस्सों की सतह पर प्राकृतिक ऑक्साइड परत की मोटाई को बढ़ाने के लिए उपयोग की जाती है। प्रक्रिया को उद्‌-द्वारीकरण कहा जाता है क्योंकि प्रक्रिया के अंतर्गत उपचारित हिस्सा एक विद्युत परिपथ के एनोड इलेक्ट्रोड का गठन करता है। एनाोडिक फिल्मों को एल्यूमीनियम मिश्र धातु की रक्षा के लिए सबसे अधिक प्रयुक्त किया जाता है, हालांकि टाइटेनियम, जिंक, मैग्नीशियम, ज़िर्कोनियम आदि के लिए भी प्रक्रियाएं मौजूद हैं।

QUESTION: 13

इस्पात में क्रोमियम का उपयोग क्यों किया जाता है?

Solution:

क्रोमियम सबसे महत्वपूर्ण मिश्रधातु है और यह स्टेनलैस इस्पात को मूल संक्षारण प्रतिरोध प्रदान करता है।

सभी स्टेनलैस इस्पात में कम से कम 10.5% की Cr घटक होते हैं और उच्च क्रोमियम घटक संक्षारण प्रतिरोध को बढ़ाते हैं।

क्रोमियम उच्च तापमान पर ऑक्सीकरण प्रतिरोध को भी बढ़ाता है और फेरिटिक सूक्ष्म संरचना को बढ़ावा देता है।

यह धातु कठोरता, शक्ति, ताप प्रक्रिया के लिए प्रतिक्रिया और क्षय प्रतिरोध में सुधार करता है।

QUESTION: 14

निम्न में से कौन-सी सतह दृढ़ीकरण प्रक्रियाओं में शमन(क्वेंचिंग) की आवश्यकता नहीं होती है?

Solution:

फ्लेम या प्रेरण दृढ़ीकरण प्रक्रियाएं वह होती हैं जिनमें इस्पात की सतह को उच्च तापमान (ऑक्सी-गैस फ्लेम के प्रत्यक्ष उपयोग से, या प्रेरण तापन द्वारा) पर तेजी से गर्म किया जाता है, फिर, सामान्यतः पानी का उपयोग करके तेजी से ठंडा किया जाता है; यह सतह पर मार्टेंसाइट की "केस" बनाता है।

कार्बराइजिंग एक प्रक्रिया है जिसका उपयोग 0.1 और 0.3 भार% C के बीच कार्बन पदार्थ के साथ इस्पात को केस-दृढ़ करने के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में इस्पात को कार्बन समृद्ध वातावरण और एक निश्चित समय के लिए उच्च तापमान पर प्रस्तावित किया जाता है, और फिर उसका शमन किया जाता है, ताकि कार्बन इस संरचना में दृढ़ हो जाए।

नाइट्राइडिंग प्रक्रिया में अमोनिया गैस और पृथक अमोनिया के वातावरण में इस्पात के हिस्से को 482-621°C (900-1,150°F) तक गर्म किया जाता है। इस्पात का हिस्सा इस वातावरण के अधीन जितना समय रहता है, उस समय के अनुसार केस की गहराई निर्देशित होती है। नाइट्राइडिंग प्रक्रिया के बाद कोई  शमन नहीं किया जाता है।

QUESTION: 15

कच्चे लोहे में कार्बन का प्रतिशत कितना परिवर्तनीय होता है?

Solution:

कच्चा लोहा, लोहे का सबसे बुनियादी रूप है जिसका उपयोग ढलवाँ लोहा और इस्पात की किस्में बनाने के लिए किया जाता है। यह वात्या भट्ठी में द्रवीकरण और न्यूनीकरण द्वारा लौह अयस्क से निकाले गए लौह का कच्चा रूप है।

कच्चे लोहे में कार्बन प्रतिशत 3.5 से 4.5% तक परिवर्तनीय होता है। कच्चे लोहे में मौजूद कार्बन या तो मुक्त ग्रेफाइट रूप में या लौह कार्बाइड के रूप में होता है।

QUESTION: 16

एकल पारित रोलिंग प्रक्रिया में, यदि अन्य मानकों को समान रखते हुए घर्षण का गुणांक दोगुना हो जाता है, तो ड्राफ्ट में प्रतिशत परिवर्तन _______% है।

Solution:

रोलिंग में ड्राफ्ट (Δh) = h0 - hf

अब, (Δh)1 = μ2R

चूँकि घर्षण का गुणांक दोगुना हो जाता है, इसलिए 

(Δh)2 = (2μ)2R

= 4μ2R

ड्राफ्ट में प्रतिशत परिवर्तन = 

= 300%

QUESTION: 17

टर्निंग प्रक्रिया के लिए उपयोग किए जाने वाले एकल बिंदु कर्तन उपकरण के उपकरण हस्ताक्षर में कितने तत्व मौजूद होते हैं?

Solution:

दोनों प्रणालियों में उपकरण हस्ताक्षर के 7 तत्व मौजूद होते हैं।

अमेरिकन स्टैंडर्ड प्रणाली (ए.एस.ए.) ⇒ बैक रेक कोण - साइड रेक कोण - एंड रिलीफ कोण (ई.आर.ए.) - साइड रिलीफ कोण - एंड कटिंग एज कोण - साइड कटिंग एज कोण - नोज त्रिज्या

ऑर्थोगोनल रेक प्रणाली (ओ.आर.एस.) या अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली ⇒ i (झुकाव कोण) - αn (सामान्य रेक कोण) - साइड रिलीफ कोण - एंड रिलीफ कोण, एंड कटिंग एज कोण कोण - संपर्क कोण - नोज त्रिज्या

QUESTION: 18

दो तार विधि का प्रयोग करके 30 मिमी व्यास और 3 मिमी क्षेत्र वाले एक मापीय धागे के प्रभावी व्यास को मापने के लिए सर्वोत्तम आकार तार ______ (मिमी में) है।

Solution:

दो तार विधि में सर्वोत्तम आकार का तार,

जहाँ P = क्षेत्र 

α = अन्तर्विष्ट कोण

= 1.5 sec (30) = 1.732 मिमी

QUESTION: 19

बॉल बीयरिंग सामान्य तौर पर कैसे बनाये जाते हैं?

Solution:
  • सबसे सामान्य क्रोम इस्पात में 0.5 से 2% क्रोमियम और 0.1 से 1.5% कार्बन होता है। क्रोम इस्पात का उपयोग बॉल, रोलर्स और बीयरिंग के रेस के लिए किया जाता है।
  • एक निकेल-क्रोम इस्पात जिसमें 3.25% निकेल, 1.5% क्रोमियम और 0.25% कार्बन होता है, इसका प्रयोग कवच प्लेटों के लिए अधिक किया जाता है।
  • क्रोम निकेल इस्पात का व्यापक रूप से प्रयोग मोटर कार क्रैंक शाफ्ट, धुरी और गियर के लिए किया जाता है जिसमें अधिक मजबूती और कठोरता की आवश्यकता होती है।
QUESTION: 20

ड्राइंग द्वारा 25 मिमी व्यास और 15 मिमी ऊंचाई के कप को प्राप्त करने के लिए एक वृत्ताकार रिक्त स्थान का आकार लगभग क्या होना चाहिए?

Solution:

कप का व्यास (d) = 25 मिमी

ऊंचाई (h) = 15 मिमी

रिक्त स्थान का व्यास 

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