Test: Theory of Structures


20 Questions MCQ Test Mock Test Series of SSC JE Civil Engineering (Hindi) | Test: Theory of Structures


Description
Attempt Test: Theory of Structures | 20 questions in 12 minutes | Mock test for Civil Engineering (CE) preparation | Free important questions MCQ to study Mock Test Series of SSC JE Civil Engineering (Hindi) for Civil Engineering (CE) Exam | Download free PDF with solutions
QUESTION: 1

निम्न आरेख में दिखाए गए अनुसार, एक स्थिर बीम AB के सिरे A व B पर बंकन अघूर्ण ज्ञात करें, जब दो संकेंद्रित भार 1/3 स्पैन पर कार्य करते हैं।

Solution:
QUESTION: 2

जब एक स्थिर बीम का एक सिरा δ के मान से विस्थापित होता है, तो इस विस्थापित सिरे का बंकन अघूर्ण ज्ञात करें।

Solution:
QUESTION: 3

यदि ΣH और ΣV क्रमशः क्षैतिज और लंबवत समाधानित बलों के बीजगणितीय योग हैं, और ΣM निकाय की साम्यावस्था के लिए, किसी भी बिंदु के चारों ओर बलों के अघूर्ण का बीजगणितीय योग है, तो कार्य के अधीन निकाय की साम्यावस्था के लिए निम्न में से कौन सा विकल्प सही है?

Solution:

किसी भी निकाय की साम्यावस्था के लिए-

(i) ∑FH = 0

(ii) ∑FV = 0

(iii) ∑MZ = 0

QUESTION: 4

चित्र में दिखाए गए ट्रस के CD में बल निम्न में से क्या होगा?

Solution:
QUESTION: 5

40 मीटर लम्बाई के दो हिन्ज आर्क अपने शीर्ष पर 62.8 किलो न्यूटन के पॉइंट भार उठाए हुए हैं। वृतखंड में क्षैतिज थ्रस्ट (किलो न्यूटन) में क्या होगा?

Solution:
QUESTION: 6

नीचे दी गई आकृति में दिखाई गई संरचना की स्थैतिक अनिश्चितता का परिमाण क्या होगा?

Solution:
QUESTION: 7

यदि किसी प्रणाली में बलों की संख्या की अपेक्षा साम्यावस्था के समीकरणों की संख्या अधिक है, तो उस प्रणाली को क्या कहा जाता है?

Solution:

माना, Ds = स्थैतिक अनिश्चितता है

Ds = R – r

R → अज्ञातों की संख्या

r → उपलब्ध साम्य समीकरणों की संख्या

यदि, r > R

Ds < 0, प्रणाली आंशिक रूप से बाध्य है

यदि Ds > 0, तो प्रणाली अधिक अनम्य है।

QUESTION: 8

धरन (ट्रस) बनाने में निम्नलिखित में से कौन सी सामग्री का उपयोग नहीं किया जाता है?

Solution:

कंक्रीट एक भंगुर सामग्री है और तनाव सहन करने में असमर्थ है। ट्रस में दोनों तनाव और संपीड़न बल उपलब्ध है, यही कारण है कि ट्रस बनाने में कंक्रीट का उपयोग नहीं किया जाता है। जबकि, धातु की छड़ें और चैनल उस सामग्री से बने होते हैं जिनमें दोनों तन्यता और संपीड़न शक्ति होती है।

QUESTION: 9

ट्रस और बीम के बीच मुख्य अंतर क्या है?

Solution:

बीम क्षैतिज अवयव हैं जो भार को उनके अनुदैर्ध्य दिशा के लम्बवत दिशा में प्रेषित कर सकते हैं, न कि अक्षीय दिशा में, जबकि ट्रस केवल अक्षीय दिशा में भार को प्रेषित कर सकता है।

QUESTION: 10

संरचना विश्लेषण में मुलर-ब्रेस्लाऊ सिद्धांत का उपयोग _______ के लिए किया जाता हैI

Solution:

मुलर ब्रेस्लाऊ सिद्धांत: एक संरचना में किसी तनाव कार्य के लिए ILD को, उसके तनाव कार्य द्वारा प्रदान किए गए स्र्द्ध को हटा कर प्राप्त किए हुए विक्षेपित आकार द्वारा दर्शाया जाता है और उस तनाव कार्य की दिशा में सीधे संबंधित सामान्यीकृत इकाई विस्थापन को प्रस्तावित करता हैI

QUESTION: 11

6 मीटर पर बंकन अघूर्ण के लिए प्रभाव रेखा आरेख दिखाया गया है। महत्तम बंकन अघूर्ण का मान निम्न में से क्या होगा?

Solution:

महत्तम बंकन अघूर्ण का मान = 200 x 3.6 + 100 x 2.4 = 960 किलोन्यूटन-मीटर

QUESTION: 12

निम्न आरेख में दिखाए गए अनुसार एक पिन द्वारा संयुक्त समतल ट्रस की स्थैतिक अनिश्चितता का परिमाण क्या होगा?

Solution:

Ds = m – 2j + re

m = 23

j = 11

∴ Ds = 23 – 22 + 5 = 6

QUESTION: 13

तिन हिन्ज वाले आर्क में बढ़ते तापमान के कारण, प्रेरित दबाव _________ है।

Solution:

तीन हिन्ज वाला आर्क एक निर्णायक संरचना है और तापमान में वृद्धि कोई  दबाव उत्पन्न नहीं करती है।

QUESTION: 14

संरचनात्मक विश्लेषण की दृढ़ता विधी में, निम्न में से क्या तय किए जाने वाली अज्ञात संख्या के बराबर होता है?

Solution:

बल विधी उपयोगी होती है जब  Ds < Dk

विस्थापन विधी उपयोगी होती है जब Dk < Ds

QUESTION: 15

संरचनात्मक विश्लेषण में उपयोग की जाने वाली इकाई भार विधी, निम्न में से क्या है?

Solution:

यूनिट लोड विधि का उपयोग बीम, फ्रेम और ट्रस के विक्षेपण की गणना में व्यापक रूप से किया जाता है। सैद्धांतिक रूप से इस विधि का उपयोग स्थिर रूप से निर्धारित और अनिर्धारित संरचनाओं में विक्षेपण की गणना के लिए किया जा सकता है। हालांकि व्यापक रूप से यह केवल स्थिर रूप से निर्धारित संरचनाओं के विक्षेपण के मूल्यांकन में उपयोग किया जाता है क्योंकि इस विधि में आंतरिक प्रतिबल परिणामीओं के प्राथमिक ज्ञान की आवश्यकता होती है। संरचनात्मक विश्लेषण में उपयोग की जाने वाली इकाई लोड विधि कास्टीग्लैनो के प्रमेय से व्युत्पन्न की गई है।

QUESTION: 16

अक्षीय कठोरता को सन्दर्भ में रखते हुए किसी दिए गए बीम के लिए गतिकी अनिश्चितता का परिमाण क्या होगा?

 

Solution:

Dk = 3j – re + rr

= 3 x 4 – 5 + 1 = 8

यदि, अवयवों को अक्षीय रूप से कठोर माना जाता है,

Dk = 8 – 3 = 5

QUESTION: 17

दिए गए आरेख में दर्शाए गए अनुसार, ट्रस के BC अवयव में बल क्या होगा?

Solution:
QUESTION: 18

क्लैपरॉन का प्रमेय निम्न में से किसके विश्लेषण के साथ जुड़ा हुआ है?

Solution:
  • वह बीम जिनमें एक से अधिक अवधि होती है उनको निरंतर बीम के रूप में परिभाषित किया जाता है। निरंतर बीम पुल और इमारत संरचनाओं आमतौर पर प्रयुक्त होते हैं।
  • जब बीम बहुत से समर्थनों के ऊपर निरंतर होता है और अलग-अलग अवधियों का जडत्वाघूर्ण अलग अलग होता है, तो विश्लेषण की बल विधी बहुत ही कठिन हो जाती है।
  • हालांकि, इस ख़ास मामले (निरंतर बीम) के लिए समर्थनों पर अज्ञात बंकन आघूर्णों को अज्ञातों के रूप में चुन कर विश्लेषण की बल विधी को सरल बनाया जा सकता है।
  • निरंतर बीम के हर एक मध्यवर्ती समर्थन पर आसन्न अवधी के ऊपर के बल और बाईं, बीच (समर्थन जहां अनुकूलित समीकरण लिखा जाता) और कठोर समर्थन पर बंकन आघूर्ण के संदर्भ में एक अनुकूलित समीकरण लिखा जाता है।
  • एक समय पर निरंतर बीम की दो अवधियां ली जाती हैं। कयोंकि अनुकूलित समीकरण तीन आघूर्णों के संदर्भ में लिखे जाते हैं, इसलिए इसे तीन आघूर्णों का समीकरण कहा जाता है।
  • इसी हिसाब से हर अवधि को व्यक्तिगत रूप से, बाहरी भार और दोनों छोरों पर आघूर्णों के अधीन, एक समर्थित धरन के रूप में माना जाता है।
  • हर एक मध्यवर्ती समर्थन के लिए, तीन आघूर्णों के संदर्भ में एक मध्यवर्ती समीकरण लिखा जाता है।
  • इस तरीके से जिनते अज्ञात हैं उतने ही समीकरण हम पा लेते हैं। हर समीकरण में केवल तीन अज्ञात होंगे।
  • क्लैपरॉन ने इस विधी को सबसे पहले 1857 में प्रस्तावित किया और इस को क्लैपरॉन के प्रमेय के नाम से जाना जाता है।
QUESTION: 19

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

अध्यारोपण का सिद्धान्त तब लागू नहीं होता है जब

1. पदार्थ हूक के नियम का पालन नहीं करता है

2. तापमान परिवर्तन के प्रभाव को ध्यान में रखा जाता है

3. आधार व्यवस्थापन के प्रभाव के लिए संरचना का विश्लेषण किया जा रहा हो

इनमें से कौन सा कथन सही है?

Solution:

अध्यारोपण के सिद्धांत के अनुसार, एक रैखिक रूप से प्रत्यास्थ संरचना के लिए, दो या दो से अधिक भारण के कारण भार का प्रभाव अलग-अलग भारण के कारण हुए भार के प्रभावों का योग होता है। ध्यान दें कि इस सिद्धांत कि निम्नलिखित सीमाएं हैं:

• केवल रैखिक व्यवहार वाले पदार्थ;

• केवल छोटी विकृतियों (रैखिक ज्यामिति) के तहत संरचनाएं।

यह तब लागू नहीं होता है, जब:

1. पदार्थ हूक के नियम का पालन नहीं करता है। 

2. तापमान परिवर्तन के प्रभाव को ध्यान में रखा जाता है। 

3. आधार व्यवस्थापन के प्रभाव के लिए संरचना का विश्लेषण किया जा रहा हो।

QUESTION: 20

दिए गए आरेख में एक पोर्टल फ्रेम को दर्शाया गया है, जिसका एक सिरा स्थिर और एक सिरा हिंज किया हुआ है। पक्षीय दोलन के कारण स्थिर सिरे के आघूर्ण  का अनुपात क्या होगा?

Solution:

दोलन के कारण, बिंदु B पर विक्षेपण बिंदु C पर हुए विक्षेपण के समान होगा,

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