Test: हम पंछी उन्मुक्त गगन के- 1


15 Questions MCQ Test Hindi (Vasant II) Class 7 | Test: हम पंछी उन्मुक्त गगन के- 1


Description
This mock test of Test: हम पंछी उन्मुक्त गगन के- 1 for Class 7 helps you for every Class 7 entrance exam. This contains 15 Multiple Choice Questions for Class 7 Test: हम पंछी उन्मुक्त गगन के- 1 (mcq) to study with solutions a complete question bank. The solved questions answers in this Test: हम पंछी उन्मुक्त गगन के- 1 quiz give you a good mix of easy questions and tough questions. Class 7 students definitely take this Test: हम पंछी उन्मुक्त गगन के- 1 exercise for a better result in the exam. You can find other Test: हम पंछी उन्मुक्त गगन के- 1 extra questions, long questions & short questions for Class 7 on EduRev as well by searching above.
QUESTION: 1

पक्षी हमें क्या संदेश देते हैं?

Solution:
QUESTION: 2

पक्षी अपना झूला कहाँ डालते हैं?

Solution:
QUESTION: 3

‘हम पंछी उन्मुक्त गगन के’ कविता किसके द्वारा लिखी गई है?

Solution:
QUESTION: 4

‘कनक’ का यहाँ क्या अर्थ है?

Solution:
QUESTION: 5

इस कविता में किनका वर्णन है?

Solution:
QUESTION: 6

पक्षी कहाँ का जल पीना पसंद करते हैं?

Solution:
QUESTION: 7

बंधन किसका है?

Solution:
QUESTION: 8

लंबी उड़ान में क्या-क्या संभावनाएँ हो सकती थीं?

Solution:
QUESTION: 9

पक्षी क्यों व्यथित हैं?

Solution:
QUESTION: 10

हम पंछी उन्मुक्त गगन के

पिंजरबद्ध न गा पाएँगे,

कनक-तीलियों से टकराकर

पुलकित पंख टूट जाएँगे।

हम बहता जल पीनेवाले

मर जाएँगे भूखे-प्यासे

कहीं भली है कटुक निबौरी

कनक-कटोरी की मैदा से।

स्वर्ण-श्रृंखला के बंधन में

अपनी गति, उड़ान सब भूले,

बस सपनों में देख रहे हैं

तरु की फुनगी पर के झूले।

Q. पक्षी क्या चाहते हैं?

Solution:
QUESTION: 11

हम पंछी उन्मुक्त गगन के

पिंजरबद्ध न गा पाएँगे,

कनक-तीलियों से टकराकर

पुलकित पंख टूट जाएँगे।

हम बहता जल पीनेवाले

मर जाएँगे भूखे-प्यासे

कहीं भली है कटुक निबौरी

कनक-कटोरी की मैदा से।

स्वर्ण-श्रृंखला के बंधन में

अपनी गति, उड़ान सब भूले,

बस सपनों में देख रहे हैं

तरु की फुनगी पर के झूले।

Q. पक्षी कैसे बंधन में पड़कर अपनी स्वाभाविकता भूल गए?

Solution:
QUESTION: 12

हम पंछी उन्मुक्त गगन के

पिंजरबद्ध न गा पाएँगे,

कनक-तीलियों से टकराकर

पुलकित पंख टूट जाएँगे।

हम बहता जल पीनेवाले

मर जाएँगे भूखे-प्यासे

कहीं भली है कटुक निबौरी

कनक-कटोरी की मैदा से।

स्वर्ण-श्रृंखला के बंधन में

अपनी गति, उड़ान सब भूले,

बस सपनों में देख रहे हैं

तरु की फुनगी पर के झूले।

Q. पक्षी अपने लिए किस भोजन को उपयुक्त मानते हैं?

Solution:
QUESTION: 13

हम पंछी उन्मुक्त गगन के

पिंजरबद्ध न गा पाएँगे,

कनक-तीलियों से टकराकर

पुलकित पंख टूट जाएँगे।

हम बहता जल पीनेवाले

मर जाएँगे भूखे-प्यासे

कहीं भली है कटुक निबौरी

कनक-कटोरी की मैदा से।

स्वर्ण-श्रृंखला के बंधन में

अपनी गति, उड़ान सब भूले,

बस सपनों में देख रहे हैं

तरु की फुनगी पर के झूले।

Q. पक्षियों के पंख क्यों टूट जाएँगे?

Solution:
QUESTION: 14

हम पंछी उन्मुक्त गगन के

पिंजरबद्ध न गा पाएँगे,

कनक-तीलियों से टकराकर

पुलकित पंख टूट जाएँगे।

हम बहता जल पीनेवाले

मर जाएँगे भूखे-प्यासे

कहीं भली है कटुक निबौरी

कनक-कटोरी की मैदा से।

स्वर्ण-श्रृंखला के बंधन में

अपनी गति, उड़ान सब भूले,

बस सपनों में देख रहे हैं

तरु की फुनगी पर के झूले।

Q. पक्षी सपनों में क्या देख रहे हैं?

Solution:
QUESTION: 15

हम पंछी उन्मुक्त गगन के

पिंजरबद्ध न गा पाएँगे,

कनक-तीलियों से टकराकर

पुलकित पंख टूट जाएँगे।

हम बहता जल पीनेवाले

मर जाएँगे भूखे-प्यासे

कहीं भली है कटुक निबौरी

कनक-कटोरी की मैदा से।

स्वर्ण-श्रृंखला के बंधन में

अपनी गति, उड़ान सब भूले,

बस सपनों में देख रहे हैं

तरु की फुनगी पर के झूले।

Q. पक्षी किस रूप में रहना चाहते हैं?

Solution:

Similar Content

Related tests