सिन्धु घाटी की सभ्यता - Test 1


30 Questions MCQ Test इतिहास (History) for UPSC (Civil Services) Prelims in Hindi | सिन्धु घाटी की सभ्यता - Test 1


Description
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QUESTION: 1

सिंधु सभ्यता की उत्तरी राजधानी किसे कहा जा सकता है?

Solution:

सिंधु घाटी सभ्यता 3300 ईसापूर्व से 1700 ईसापूर्व तक विश्व की प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में से एक प्रमुख सभ्यता है। सम्मानित पत्रिका नेचर में प्रकाशित शोध के अनुसार यह सभ्यता कम से कम 8000 वर्ष पुरानी है। यह हड़प्पा सभ्यता और ‘सिंधु-सरस्वती सभ्यता’ के नाम से भी जानी जाती है। इसका विकास सिंधु और हकड़ा (प्राचीन सरस्वती) के किनारे हुआ। मोहनजोदड़ो, कालीबंगा, लोथल, धोलावीरा, राखीगढ़ी और हड़प्पा इसके प्रमुख केन्द्र थे। दिसम्बर 2014 में भिर्दाना को अबतक का खोजा गया सबसे प्राचीन नगर माना गया सिंधु घाटी सभ्यता का। मोहनजोदड़ो सिंधी भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ है ‘मुर्दों का टीला।

QUESTION: 2

सिन्धु वासियों द्वारा जल प्रबंधन से कौन-से तथ्य की पुष्टि नहीं होती?

Solution:

क्योकि सिन्दुवासियो को उस समय नदी का ज्ञान था जरी बूटी का ज्ञान था लेकिन जलशुद्धिकारन के बारे में नहीं मालूम था ।

QUESTION: 3

सैन्धव मुहरों के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है?

Solution:

सैन्धव कला के अन्तर्गत मुद्राओं अथवा मुहरों (Seals) का विशिष्ट स्थान है जिनमें हमें रिलीफ स्थापत्य के दर्शन होते है । विभिन्न पुरास्थलों में अब तक दो हजार से भी अधिक मुहरें प्राप्त की जा चुकी हैं । सबसे अधिक मुहरें सेलखडी की बनी हैं । इसके अतिरिक्त कांचली मिट्टी, चर्ट, गोमेट, मिट्टी आदि की बनी मुहरें भी है । अधिकांश मुहरें वर्गाकार या चौकोर है किन्तु कुछ गोलाकार, घनाकार अथवा बेलनाकार भी है । मुहरों के विपरीत इन पर पशु आकृतियों को दाहिनी ओर मुँह किये हुए दिखाया गया है । मार्शल इन्हें तावीज बताते हैं जबकि वी॰ एस॰ अग्रवाल ने इन्हें ताम्र मुद्रायें माना है जिनका प्रयोग सिक्कों की भांति किया जाता था 

QUESTION: 4

सिन्धु क्षेत्र किस समय तक घने वनों से आच्छादित था?

Solution:
QUESTION: 5

निम्नलिखित में से कौन - सा सिंधु स्थल समुद्र तट पर स्थित नहीं था?

Solution:

इनमें कुछ स्थल प्रसिद्ध हैं जैसे - 'मोहनजोदड़ों', 'चन्हूदड़ों', 'जूडीरोजोदड़ों', (कच्छी मैदान में जो कि सीबी और जैकोबाबाद के बीच सिंधु की बाढ़ की मिट्टी का विस्तार है) 'आमरी' (जिसमें सिंधु पूर्व सभ्यता के निक्षेप के ऊपर सिंधु सभ्यता के निक्षेप मिलते हैं) 'कोटदीजी', 'अलीमुराद', 'रहमानढेरी', 'राणाधुडई' इत्यादि।
पश्चिमी पंजाब इस क्षेत्र में बहुत ज़्यादा स्थल नहीं है। इसका कारण समझ में नहीं आता। हो सकता है पंजाब की नदियों ने अपना मार्ग बदलते-बदलते कुछ स्थलों का नष्ट कर दिया हो। इसके अतिरिक्त 'डेरा इस्माइलखाना', 'जलीलपुर', 'रहमानढेरी', 'गुमला', 'चक-पुरवानस्याल' आदि महत्त्वपूर्ण पुरास्थल है।

QUESTION: 6

मोहनजोदड़ो के विशाल स्नानागार के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है?

Solution:

मोहनजोदेड़ो के विशाल स्नानागार को सबसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल कहते हैं और विशाल स्नानागार के निकट विशाल कक्ष 20 स्तम्भों पर आश्रित है। यहां आठ फीट गहरा, 23 फीट चौड़ा और 30 फीट लंबा कुंड भी है। इसमें वाटररूफ ईंटें भी लगई हुई है। ऐसा माना जाता है कि इसका इस्तेमाल नहाने के लिए किया जाता था। मोहनजोदड़ों से प्राप्त विशाल स्नानागार में जल के रिसाव को रोकने के लिए ईंटों के ऊपर जिप्सम के गारे के ऊपर चारकोल की परत चढ़ाई गई थी जिससे पता चलता है कि वे चारकोल के संबंध में भी जानते थे। इस नगर की सड़कों और गलियों में आज भी घूमा जा सकता है। यहां की दीवारे और सड़के आज भी काफी मजबूत हैं।

QUESTION: 7

सिन्धु सभ्यता में किस प्रकार के स्तम्भ नहीं होते थे?

Solution:

घरों की तथा गलियों की व सड़कों की नालियां ढकी हुई होती थी। प्रत्येक घर में एक या अधिक स्नानागार होते थे। स्नानागार वर्गाकार या आयताकार होते थे।
लोथल में गोलाकार मेहराब बनाने की कोशिश की गई है। संभवत: सफलता भी मिली होगी।
द्वारों में लकड़ी की चौखट तथा लकड़ी के किवाड़ों(दरवाजों) का प्रयोग किया जाता था।

QUESTION: 8

1875 ई. में भारत के प्राचीनतम नगरों के अवशेषों को सबसे पहले किसने खोजा था?

Solution:

अलेक्ज़ॅन्डर कॅनिंघम को "भारत के पुरातत्व अन्वेषण का पिता" कहा जाता है। कॅनिंघम एक ब्रिटिश पुरातत्वशास्त्री तथा सेना में अभियांत्रिक पद पर नियुक्त थे। इनके दोनों भाई फ़्रैन्सिस कॅनिंघम एवं जोसफ़ कॅनिंघम भी अपने योगदानों के लिए ब्रिटिश भारत में प्रसिद्ध हुए थे।

QUESTION: 9

निम्नलिखित में से कौन-कौन से स्थान गुजरात राज्य में स्थित है?
1. हड़प्पा
2. लोथल
3. रंगपुर 
4. बनवाली
5. भागत्राव
6. रोपड

Solution:

लोथल, प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता के शहरों में से एक बहुत ही महत्वपूर्ण शहर है। लगभग 2400 ईसापूर्व पुराना यह शहर भारत के राज्य गुजरात के भाल क्षेत्र में स्थित है और इसकी खोज सन 1954 में हुई थी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इस शहर की खुदाई 13 फ़रवरी 1955 से लेकर 19 मई 1956 के मध्य की थी।

रंगपुर गुजरात के काठियावाड़ प्रायद्वीप में सुकभादर नदी के समीप स्थित है। इस स्थल की खुदाई वर्ष 1953-1954 में ए. रंगनाथ राव द्वारा की गई थी। यहाँ पर पूर्व हड़प्पा कालीन संस्कृति के अवशेष मिले हैं। रंगपुर से मिले कच्ची ईटों के दुर्ग, नालियां, मृदभांड, बांट, पत्थर के फलक आदि महत्त्वपूर्ण हैं। यहाँ धान की भूसी के ढेर मिले हैं।

QUESTION: 10

लोथल की खुदाई से निम्नलिखित में से किन तत्वों की पुष्टि होती है?
1. कृत्रिम गोदीवाड़ा
2. अग्नि पूजा के अवशेष
3. कांसे की नाम पट्टिका
4. चावल के छिलके
5. एक ऐसी मुहर जिस पर जहाज अंकित है

Solution:
QUESTION: 11

निम्नलिखित में से किन-किन तत्वों के बारे में निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि सिन्धुवासी उसमें विश्वास रखते थे?
1. लिंग और योनि पूजा
2. वृक्ष, पशु और पक्षी की पूजा
3. विभिन्न देवताओं की मूर्तिपूजा
4. अनिष्टकारी शक्तियों तथा भूत-प्रेत पर विश्वास
5. मृतक के साथ आवश्यकता की वस्तु दफनाने की प्रथा

Solution:

1. इस सभ्यता में प्रकृति से चलकर देवत्व तक की यात्रा धर्म ने तय की थी। एक ओर हम वृक्ष पूजा देखते हैं तो दूसरी ओर पशुपति शिव की मूर्ति तथा व्यापक देवी पूजा।
2. यहाँ देवता और दानव दोनों ही उपास्य थे। देव मूर्तियों के अतिरिक्त अनेक दानवीयस्वरूपों का यहाँ के ठीकड़ों या मुहरों पर आरेखन इस बात का परिचायक है। वृक्ष से लड़ता शेर दानवीय भावना का उदगार ही तो कहा जा सकता है।
3. शंकर का नाम पौराणिक काल में भूतनाथ प्रसिद्ध हुआ। पर भूत-प्रेतों के प्रति लोगों का विश्वास सिंधु सभ्यता के समय से ही उभर चुका था और सम्भव है कि उस समय शंकर ही उनके स्वामी रहे हों। तब भी शुभ-अशुभ प्रभावों की मान्यताएं थीं। इनसे बचने के लिए योनिपूजा भी सिन्धु सभ्यता में प्रचिलित थी। 
4. मृतक संस्कार– मृतक क्रिया में इनका विश्वास था। मरने के बाद ये शरीर की क्रिया करते थे। उसे गाड़ते या जलाते थ। जलाने के बाद बची हुई हड्डियों को एकत्रित करके किसी बर्तन में रखकर उसे प्रवाहित कर देते थे। कभी-कभी तो इसे गाड़ भी देते थे। जिन मृतकों को गाड़ते थे उनके साथ उनकी प्रिय वस्तुएं भी गाड़ दी जाती थीं। यही प्रथा प्राचीन मिश्र के पिरामिडों में भी दीखती है। इसका प्रमाण है कि हड़प्पा और बलुचिस्तान में सर्वांगीण शव-निखात प्राप्त हुए हैं।

QUESTION: 12

निम्नलिखित में से कौन एक प्राक्-हड़प्पा संस्कृति से सम्बद्ध नहीं मानी जाती है?

Solution:

झोब संस्कृति- यहाँ स्टुअर्ट पिग्गट के नेतृत्व में उत्खनन प्रारंभ हुआ तथा यहाँ से पाँच सांस्कृतिक चरणों का संकेत मिला है। दूसरे सांस्कृतिक चरण में चाक पर बने लाल रंग के मृदभांड का साक्ष्य प्राप्त हुआ है तथा मकान बनाने हेतु पत्थर की नींव का प्रयोग किया गया। झोब संस्कृति का चौथा और पाँचवां चरण पूर्ववर्ती काल से भिन्न है तथा यह हड़प्पा सभ्यता की परवर्ती अवस्था का प्रतिनिधित्व करता है। मुगलघुडई से पायाण लिंग और योनि के साक्ष्य प्राप्त हुए हे।

QUESTION: 13

निम्नलिखित में से कौन मोहनजोदड़ो की सबसे बड़ी इमारत मानी जाती है?

Solution:
QUESTION: 14

ईरान की सीमा के निकट किस हड़प्पा स्थल की खोज की गई है?

Solution:

सुत्कागेंडोर तथा सुरकोतड़ा के समुद्रतटीय नगरों में भी इस संस्कृति की परिपक्व अवस्था दिखाई देती है। इन दोनों की विशेषता है एक एक नगर दुर्ग का होना। उत्तर हड़प्पा अवस्था गुजरात के कठियावाड़ प्रायद्वीप में रंगपुर और रोजड़ी स्थलों पर भी पाई गई है। इस सभ्यता की जानकारी सबसे पहले 1826 में चार्ल्स मैन को प्राप्त हुई।

QUESTION: 15

हड़प्पा सभ्यता का मुख्य आयात क्या था?

Solution:

सैन्धववासियों का व्यापारिक सम्बन्ध ईरान, अफगानिस्तान, ओमान, सीरिया, बहरीन आदि देशों से भी था। व्यापार मुख्यतः कीमती पत्थरों, धातुओं, सीपियों आदि तक सीमित था।

QUESTION: 16

सिन्धु सभ्यता तथा सुमेर, मेसोपोटामिया व मिस्त्र के बीच निम्नलिखित में से कौन-सी समानता दष्टिगोचर नहीं होती?

Solution:

सिन्धु प्रदेश में मुख्यतः तीन तरह से मृतक संस्कार करने की प्रथा थी। -
(a) मृतक के शरीर को ज्यों- का-त्यों पृथ्वी में गाड़ देना।
(b) शव को खुला छोड़कर पशु-पक्षियों को खिलाने के बाद कंकाल भाग को पृथ्वी में गाड़ना।
(c) शव का अग्नि संस्कार कर देना।
मेसोपोटामिया और मिस्र की तरह सिन्धु-सभ्यता में भी शवों के साथ जीवन की सभी आवश्यक वस्तुओं को गाड़ने की प्रथा थी। इससे स्पष्ट होता है कि सिन्धु सभ्यता के निवासी पुनर्जन्म में विश्वास करते थे।

हड़प्पा में शवों को गाड़ने और मोहनजोदड़ो में जलाने की प्रथा प्रचलित थी।
मोहनजोदड़ो में राख और हड्डियों से भरे बहुत से कलश मिले हैं।

QUESTION: 17

सही युग्म का चयन कीजिए:

Solution:
QUESTION: 18

सही युग्म का चयन कीजिए:

Solution:
QUESTION: 19

सही युग्म का चयन कीजिए:

Solution:
QUESTION: 20

निम्नलिखित में कौन सिन्धु सभ्यता का सबसे विशिष्ट गुण था?

Solution:

इस सभ्यता की सबसे विशेष बात थी यहां की विकसित नगर निर्माण योजना। हड़प्पा तथा मोहन् जोदड़ो दोनो नगरों के अपने दुर्ग थे जहां शासक वर्ग का परिवार रहता था। प्रत्येक नगर में दुर्ग के बाहर एक उससे निम्न स्तर का शहर था जहां ईंटों के मकानों में सामान्य लोग रहते थे।

इन नगर भवनों के बारे में विशेष बात ये थी कि ये जाल की तरह विन्यस्त थे। यानि सड़के एक दूसरे को समकोण पर काटती थीं और नगर अनेक आयताकार खंडों में विभक्त हो जाता था। ये बात सभी सिन्धु बस्तियों पर लागू होती थीं चाहे वे छोटी हों या बड़ी।

हड़प्पा तथा मोहनजोदड़ो के भवन बड़े होते थे। वहाँ के स्मारक इस बात के प्रमाण हैं कि वहाँ के शासक मजदूर जुटाने और कर-संग्रह में परम कुशल थे। ईंटों की बड़ी-बड़ी इमारत देख कर सामान्य लोगों को भी यह लगेगा कि ये शासक कितने प्रतापी और प्रतिष्ठावान थे।

QUESTION: 21

उन लोगों ने नगरों में घरों के विन्यास के लिए कौन-सी पद्धति अपनायी थी?

Solution:

मोहनजोदड़ो हड़प्पा सभ्यता का सबसे प्रसिद्ध पुरास्थल है। मोहनजोदड़ो की सबसे बड़ी इमारत को अन्नागार कहा जाता है। हड़प्पाकालीन लोगों ने नगरों में घरों के विन्यास के लिए सामान्यतः ग्रीड पद्धति पद्धति अपनायी थी। यहां बड़े बड़े घर, चौड़ी सड़के और बहुत सारे कुएं होना के प्रमाण मिलते हैं। यहां जल और मल निकासी के लिए नालियों के होने के प्रमाण भी मिलते हैं। इससे पता चलता है कि यह नगर वर्तमान के नगरों जैसे ही विकसित और भव्य थे। ऐसा माना जाता है कि ये शहर 200 हेक्टयर क्षेत्र में फैला था। हड़प्पा सभ्यता का समूचा क्षेत्र त्रिभुजाकार का है जिसमें मोहनजोदेड़ो भी आता है।

QUESTION: 22

हड़प्पा सभ्यता की उत्पत्ति के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

Solution:
QUESTION: 23

निम्नलिखित में किस-किस किले के अन्दर चबूतरे पर अग्निकुंड है?
A. कालीबंगण
B. मोहनजोदड़ो
C. हड़प्पा
D. चन्हूदड़ो
E. लोथल
F. बनवाली

Solution:
QUESTION: 24

एक पुस्तक ”मोहनजोदड़ो: 5000 इअर्स ओल्ड लेगसी“ कहता है कि मोहनजोदड़ो के लोगों के वंशज आज भी मछुआरे जाति जैसे निम्न वर्ग में है। वे कौन है?

Solution:
QUESTION: 25

निम्न जगहों में कौन-सी जगह हड़प्पा के लोगों द्वारा समुद्र में नाविक क्रिया-कलाप का साक्ष्य उपस्थित करती है?

Solution:

सन 1954 में अपने सर्वेक्षण में इस टीम ने अंदाजा लगाया कि यहां कोई न कोई सभ्यता तो रही ही होगी. इसके बाद यहां की खुदाई शुरु कर दी गई. सालों चले खुदाई कार्य के बाद यहां कई सारे ऐसे अवशेष मिले, जो सीधे तौर पर एक विकसित सभ्यता को दर्शाते हैं. यही कारण है कि पुरातत्व विभाग के लिए लोथल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

QUESTION: 26

निम्नलिखित में कौन सर्वाधिक उपयुक्त कारण है जो हड़प्पा के लोगों को शहरी बस्ती छोड़ने को बाध्य किया?

Solution:

हड़प्पा के लोगों ने पता नहीं क्यों, अपने प्रभाव क्षेत्र की बाहरी सीमाओं पर सिंचाई की उत्तम व्यवस्था की थी जबकि भीतर के इलाकों में वैसी व्यवस्था के प्रमाण नहीं मिलते। शायद प्रमाण इसलिए नहीं मिले की पुरातत्वविदों ने मोहनजोदड़ों और हड़प्पा जैसे समृद्ध शहरी केंद्रों पर ध्यान केंद्रित रखा और कुछ ग्रामीण बस्तियों की अनदेखी की। और फिर समतल इलाकों की तुलना में पहाड़ी क्षेत्रों में बांध बनाना ज्यादा आसान है। सिंधु जैसी नदियों में साल में दो बार बाढ़ आ जाती थी जिससे काफी मिट्टी और पानी जमा हो जाता था और सिंचाई की कृत्रिम व्यवस्था की जरूरत नहीं रह जाती थी।

QUESTION: 27

बोलन नदी के किनारे बोलन दरो के अधोभाग में 1981 में हड़प्पा-पूर्व बस्ती की खोज की गई। वह निम्नलिखित में कौन-सी जगह थी?

Solution:

मेहरगढ़ उस स्थान पर स्थित है, जहाँ सिंधु नदी के कछारी मैदान और वर्तमान पाकिस्तान और ईरान के सीमांत प्रदेश के पठार मिलते हैं। इस प्रकार मेहरगढ़ पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में 'बोलन दर्रे' के निकट स्थित है। यहाँ से कृषक समुदाय के उद्भव के भारतीय उपमहाद्वीप में सबसे प्राचीन प्रमाण प्राप्त हुए हैं। यह स्थान अस्थायी मानव आवास के रूप प्रयुक्त हुआ था तथा सम्भवत: सातवीं सहस्त्राब्दी ई.पू. में यहाँ एक मानव बस्ती अस्तित्व में आ गयी थी।

QUESTION: 28

सही युग्म का चयन कीजिए:

Solution:
QUESTION: 29

सिंधु घाटी सभ्यता के किस स्थल से अग्निवेदिकाएँ प्राप्त हुई हैं?

Solution:

कालीबंगा सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख स्थल है। यहां से ऊँटो की हड्डियाँ, अग्निवेदिकाएँ, जुते हुए खेत आदि प्रमुख साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।

QUESTION: 30

सिंधु घाटी सभ्यता का प्रथम स्थल जो पाकिस्तान के पश्चिमी पंजाब प्रांत के माण्टगोमरी जिले में (वर्तमान में पाकिस्तान) स्थित रावी नदी के तट पर स्थित हैं ?

Solution:

सिंधु घाटी सभ्यता विश्व की प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में से एक प्रमुख सभ्यता थी। यह हड़प्पा सभ्यता और सिंधु-सरस्वती सभ्यता के नाम से भी जानी जाती है।

आज से लगभग 79 वर्ष पूर्व पाकिस्तान के 'पश्चिमी पंजाब प्रांत' के 'माण्टगोमरी ज़िले' में स्थित 'हरियाणा' के निवासियों को शायद इस बात का किंचित्मात्र भी आभास नहीं था कि वे अपने आस-पास की ज़मीन में दबी जिन ईटों का प्रयोग इतने धड़ल्ले से अपने मकानों के निर्माण में कर रहे हैं, वह कोई साधारण ईटें नहीं, बल्कि लगभग 5,000 वर्ष पुरानी और पूरी तरह विकसित सभ्यता के अवशेष हैं।

इसका आभास उन्हें तब हुआ जब 1856 ई. में 'जॉन विलियम ब्रन्टम' ने कराची से लाहौर तक रेलवे लाइन बिछवाने हेतु ईटों की आपूर्ति के इन खण्डहरों की खुदाई प्रारम्भ करवायी। खुदाई के दौरान ही इस सभ्यता के प्रथम अवशेष प्राप्त हुए, जिसे इस सभ्यता का नाम ‘हड़प्पा सभ्यता‘ का नाम दिया गया।

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