The largest gland in the human body?

Hitakshi 💞💞 answered  •  11 hours ago
The liver is the largest gland in the body weighing about 3 pounds and is an accessory organ of the digestive system.It carries out over 500 essential tasks. Classed as part of the digestive system, the roles of the liver include detoxification, protein synthesis, and the production of chemicals that help digest food......

What is photosynthesis , hectrotrops,sectotrops?

Vikalp Raj. answered  •  11 hours ago
It is a process by which green plants make there own food is called photosynthesis

How many moon are there in jupiter?

Rising Star Shivangi💫 answered  •  13 hours ago
Jupiter has total 79 moons...53 of them are named and rest are non named
Aaradhya 7a asked   •  9 hours ago

कहाँ से भागी जा रही हैं? वह कौन लक्ष्य है जिसने इन्हें बेचैन कर रखा है? अपने महान पिता का विराट प्रेम पाकर भी अगर उनका हृदय अतृप्त ही है तो वह कौन होगा जो इनकी प्यास मिटा सकेगा! बरफ जली नंगी पहाड़ियाँ, छोटे-छोटे पौधों से भरी घाटियाँ, बंधुर अधित्यकाएँ, सरसब्ज उपत्यकाएँ-ऐसा है इनका लीला निकेतन! खेलते-खेलते जब ये ज़रा दूर निकल जाती हैं तो देवदार, चीड़, सरो, चिनार, सफेदा, कैल के जंगलों में पहँचकर शायद इन्हें बीती बातें याद करने का मौका मिल जाता होगा। कौन जाने, बुड्ढा हिमालय अपनी इन नटखट बेटियों के लिए कितना सिर धुनता होगा! बड़ी-बड़ी चोटियों से जाकर पूछिए तो उत्तर में विराट मौन के सिवाय उनके पास और रखा ही क्या है?
Q. नदियों का लक्ष्य कहाँ पहुँचना होता है?
 
  • a)
    मैदान में
  • b)
    खेतों में
  • c)
    नहरों के द्वारा गाँव-गाँव में
  • d)
    समुद्र में
Correct answer is option 'D'. Can you explain this answer?

Mahek Mahek asked   •  12 hours ago

अतिशय गंभीरता के साथ मिठाईवाले ने कहा-“मैं भी अपने नगर का एक प्रतिष्ठत आदमी था। मकान, व्यवसाय, गाड़ी-घोड़े, नौकर-चाक्कर सभी कुछ था। स्त्री थी, छोटे-छोटे दो बच्चे भी थे। मेरा वह सोने का संसार था। बाहर संपत्ति का वैभव था, भीतर सांसारिक सुख था। स्त्री सुंदरी थी, मेरी प्राण थी। बच्चे ऐसे सुंदर थे, जैसे सोने के सजीव खिलौने! उनकी अठखेलियों के मारे घर में कोलाहल मचा रहता था। समय की गति! विधाता की लीला। अब कोई नहीं है। दादी, प्राण निकाले नहीं निकले। इसलिए अपने उन बच्चों की खोज में निकला हूँ। वे सब अंत में होंगे, तो यही कहीं। आखिर, कहीं न जनमे ही होंगे। उस तरह रहता, घुल-घुलकर मरता। इस तरह सुख-संतोष के साथ मरूँगा। इस तरह के जीवन में कभी-कभी अपने उन बच्चों की एक झलक-सी मिल जाती है। ऐसा जान पड़ता है, जैसे वे इन्हीं में उछल-उछलकर हँस-खेल रहे हैं। पैसों की कमी थोडे ही है, आपकी दया से पैसे तो काफी हैं। जो नहीं है, इस तरह उसी को पा जाता हूँ।”
Q. मुरलीवाला बच्चों के बीच विभिन्न वस्तुएँ क्यों बेचता है?
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Shrinika Tyagi asked   •  13 hours ago

अतिशय गंभीरता के साथ मिठाईवाले ने कहा-“मैं भी अपने नगर का एक प्रतिष्ठत आदमी था। मकान, व्यवसाय, गाड़ी-घोड़े, नौकर-चाक्कर सभी कुछ था। स्त्री थी, छोटे-छोटे दो बच्चे भी थे। मेरा वह सोने का संसार था। बाहर संपत्ति का वैभव था, भीतर सांसारिक सुख था। स्त्री सुंदरी थी, मेरी प्राण थी। बच्चे ऐसे सुंदर थे, जैसे सोने के सजीव खिलौने! उनकी अठखेलियों के मारे घर में कोलाहल मचा रहता था। समय की गति! विधाता की लीला। अब कोई नहीं है। दादी, प्राण निकाले नहीं निकले। इसलिए अपने उन बच्चों की खोज में निकला हूँ। वे सब अंत में होंगे, तो यही कहीं। आखिर, कहीं न जनमे ही होंगे। उस तरह रहता, घुल-घुलकर मरता। इस तरह सुख-संतोष के साथ मरूँगा। इस तरह के जीवन में कभी-कभी अपने उन बच्चों की एक झलक-सी मिल जाती है। ऐसा जान पड़ता है, जैसे वे इन्हीं में उछल-उछलकर हँस-खेल रहे हैं। पैसों की कमी थोडे ही है, आपकी दया से पैसे तो काफी हैं। जो नहीं है, इस तरह उसी को पा जाता हूँ।”
Q. कोलाहल का अर्थ है?
  • a)
    रोना-धोना
  • b)
    हड़बड़ाकर भागना
  • c)
    शोर
  • d)
    खेलना-कूदना
Correct answer is option 'C'. Can you explain this answer?

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