कविता का सार - गीत - अगीत, स्पर्श, हिन्दी, कक्षा - 9 Class 9 Notes | EduRev

Hindi Class 9

Created by: Trisha Vashisht

Class 9 : कविता का सार - गीत - अगीत, स्पर्श, हिन्दी, कक्षा - 9 Class 9 Notes | EduRev

The document कविता का सार - गीत - अगीत, स्पर्श, हिन्दी, कक्षा - 9 Class 9 Notes | EduRev is a part of the Class 9 Course Hindi Class 9.
All you need of Class 9 at this link: Class 9

कविता का सार

प्रस्तुत कविता ‘गीत-अगीत’ में मौन और मुखर अभिव्यक्तियों में कौन अधिक सुंदर है, इस प्रश्न को कवि ने पाठक के सामने रखा है। इस कविता में प्रकृति के सौंदर्य के अतिरिक्त पशु-पक्षियों के स्नेह व ममत्व तथा मानवीय राग-अनुराग का भी सुंदर चित्राण हुआ है। कवि के अनुसार नदी लगातार बहती हुई कलकल स्वर में अपने
सुख-दुख की गाथा अपने तटों को सुनाती चलती है, परंतु तट पर शोभायमान गुलाब अपने मन-ही-मन सोचता है कि अगर विधाता ने उसे भी स्वर दिया होता तो वह भी पतझड़ के सपनों का गीत संसार को सुनाता। उसके हृदय का गीत मौन है। इसी प्रकार प्रकृति की सुनहरी धूप की किरणों के स्पर्श से शुक अनायास गा उठता है जबकि शुकी अपने घोंसले में अंडों को सेती हुई उस गान को सुनकर भावविभोर हो जाती है।

कवि को नदी के बहाव में गीत के स्वर सुनाई देते हैं और ग्वालबाल के आल्हा गान में तो सुर व स्वर हैं ही। उधर उसकी प्रेमिका उसके गीत से आकृष्ट हो बरबस वहाँ पहुँच जाती है और नीम की छाया में खड़ी होकर उसके प्रेम-गीत की एक कड़ी बनने का सपना देखने लगती है। उसके हृदय में मौन गीत है। अगीत का अर्थ है वह गीत जो गाया नहीं जा रहा। इस प्रकार कवि पाठकगण से बार-बार यह पूछते हैं कि गीत-अगीत ‘मुखर एवं मौन गीत’ में से कौन-सा अधिक सुंदर है।

कवि परिचय

रामधारी सिंह दिनकर
इनका जन्म बिहार के मुंगेर जिले के सिमरिया गाँव में 30 सितम्बर 1908 को हुआ। वे सन 1952 में राज्यसभा के सदस्य मनोनीत किये गए। भारत सरकार ने इन्हें ‘ पद्मभूषण ’ अलंकरण से अलंकॄत किया। दिनकर जी को ‘ संस्कृति के चार अध्याय ’ पुस्तक पर साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला।अपनी काव्यकृति ‘ उर्वशी ’ पर ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दिनकर ओज के कवि माने जाते हैं। दिनकर की सबसे बड़ी विशेषता है अपने देश और युग के प्रति सजगता।

प्रमुख कार्य
कृतियाँ - हुँकार, कुरुक्षेत्र, रश्मिरथी परशुराम की प्रतीक्षा, उर्वशी,और संस्कॄति के चार अध्याय।

कठिन शब्दों के अर्थ

  • तटिनी – नदी
  • वेगवती – तेज़ गति से
  • उपलों – किनारों 
  • विधाता – ईश्वर
  • निर्झरी – झरना 
  • पाटल – गुलाब
  • शुक – तोता 
  • खोंते – घोंसला
  • पर्ण – पत्ता 
  • बिधना - भाग्य
  • आल्हा – एक लोक काव्य का नाम 
  • कड़ी – वे छंद जो गीत को जोड़ते हैं
  • गुनती – विचार करती है।

Complete Syllabus of Class 9

Dynamic Test

Content Category

Related Searches

shortcuts and tricks

,

कक्षा - 9 Class 9 Notes | EduRev

,

Previous Year Questions with Solutions

,

कविता का सार - गीत - अगीत

,

Semester Notes

,

स्पर्श

,

ppt

,

Sample Paper

,

Exam

,

स्पर्श

,

video lectures

,

कक्षा - 9 Class 9 Notes | EduRev

,

Viva Questions

,

हिन्दी

,

कक्षा - 9 Class 9 Notes | EduRev

,

Important questions

,

हिन्दी

,

Free

,

कविता का सार - गीत - अगीत

,

practice quizzes

,

कविता का सार - गीत - अगीत

,

MCQs

,

mock tests for examination

,

हिन्दी

,

past year papers

,

pdf

,

Objective type Questions

,

study material

,

Extra Questions

,

Summary

,

स्पर्श

;