वाक्य शुद्धीकरण - हिन्दी व्याकरण Teaching Notes | EduRev

हिंदी व्याकरण

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वाक्य शुद्धीकरण


अनेकों विद्यार्थी उद्यम कर रहे हैं।
अनेक विद्यार्थी उद्यम कर रहे हैं।
नाम मेरा कुमार जी भरतपुरी है।
मेरा नाम कुमार जी भरतपुरी है।
आपका भवदीय।
आपका या भवदीय।
रवि एवं तरूण से सम्बध्ी चर्चा।
रवि एवं तरूण से सम्ब( चर्चा।
पिंकी के अनेकों उपनाम हैं।
पिंकी के अनेक उपनाम हैं।
वह गीत की दो चार लड़िया गाती है।
वह गीत की दो-चार कड़िया गाती है।
शब्द केबल संकेतमात्रा है।
शब्द केवल संकेत है।
बबलू के मुर्गी का बच्चा बड़ा प्यारा है।
बबलू के मुर्गी का चुजा बड़ा प्यारा है।
बैर अपनों से अच्छा नहीं।
अपनों से बैर अच्छा नहीं।
हमारी समाज उन्नति पर है।
हमारा समाज उन्नति पर है।
आदरणीय बहिन जी आ रही है।
आरणीया बहिन  जी आ रही है।
वह विद्वान महिला है।
वह विदुषी महिला है।
सीता बु(िमान स्त्राी है।
सीता बु(िमती स्त्राी है।
चोरों और पुलिस में लड़ाई हुई।
चोरों और पुलिस वालों में लड़ाई हुई।
भेड़  बकरी और गायों की समान दृष्टि से देखना  चाहिए।
भेड़ों बकरियाँ और गायों को समान दृष्टि से देखना चाहिए।
हिन्दी  बंगाल  पंजाब  मध्य प्रान्त और अन्य कई प्रान्तों में बोली जाती है।
बंगाल  पंजाब  मध्य प्रान्त और कई अन्य प्रान्तों में हिन्दी बोली जाती है।
नाटक  कहानी  उपन्यास और कविताओं में नया जीवन आकार पा रहा है।
नाटकों  कहानियों  उपन्यासों और कविताओं में नया जीवन आकार पा रहा है।
कई खरीदी हुई किताबें थी।
कई किताबें खरीदी हुई थी।
विद्यालय मार्ग जाने का अवरू( है।
विद्यालय जाने का मार्ग अवरू( है।
मै पानी पर तैरने का व्यायाम करता हूँ।
मै पानी में तैरने का अभ्यास करता हूँ।
प्रसाद के नाटकीय पात्रों का अध्ययन किया जाना चाहिए।
प्रसाद के नाटकीय पात्रों का अध्ययन विशेष रूप से किया जाना चाहिए।
बाजार में भारी भरकम भीड़ थी।
बाजार में विशेष भीड़ थी।
विद्याथियों ने प्रधनाध्यापक को अभिनन्दन पत्रा दिया।
विद्याथियों ने प्रधनाध्यापक को अभिनन्दन पत्रा अर्पित किया।
इस दूकान पर शीशा  कंघा और रेशमी कपड़ा मिलते है।
इस दूकान पर शीशा  कंघा और रेशमी कपड़ा मिलता है।
आज बजट के उफपर बहस होगी।
आज बजट पर बहस होगी।
बेटी पराये घर का ध्न होता है।
बेटी परये घर का ध्न है।
वहाँ सभी श्रेणी के लोग एकत्रा हुए।
वहाँ सभी श्रेणी के लोग थे।
भक्तियुग का काल स्र्वणयुग माना गया है।
भक्तियुग स्वर्णयुग माना गया है।
सर्वत्रा आध्ुनिकीकरण करना ठीक नहीं।
सर्वत्रा आध्ुनिकीकरण ठीक नहीं।
तब शायद यह काम अवश्य हो जायेगा।
तब शायद यह काम हो जाए।
पिताजी ने मुझको कहा।
पिताजी ने मुझसे (मुझे्) कहा।
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