सप्रसंग व्याख्या एवं अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न - यह सबसे कठिन समय नही, हिंदी, कक्षा - 8 Class 8 Notes | EduRev

कक्षा - 8 हिन्दी (Class 8 Hindi) by VP Classes

Class 8 : सप्रसंग व्याख्या एवं अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न - यह सबसे कठिन समय नही, हिंदी, कक्षा - 8 Class 8 Notes | EduRev

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1.
 नहीं, यह सबसे कठिन समय नहीं!
 अभी भी दबा है चिडिय़ा की
 चोंच में तिनका
 और वह उडऩे की तैयारी में है!
 अभी भी झरती हुई पत्ती
 थामने को बैठा है हाथ एक।    
 

शब्दार्थ—झरती—गिरती। थामना—सहारा देना।

प्रसंग—प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक ‘वसंत, भाग-3’ में संकलित कविता ‘यह सबसे कठिन समय नहीं’ से ली गई हैं। इस कविता की रचना कवयित्री जया जादवानी द्वारा की गई है। प्रस्तुत पंक्तियों में कवयित्री ने मनुष्य को आशावादी बने रहने की सलाह दी है। इसके लिए वह लोगों के सामने अनेक तर्क प्रस्तुत करती है।

व्याख्या—कवयित्री मनुष्य को संबोधित करती हुई कहती है कि यह सबसे कठिन समय नहीं है, इसलिए उसे निराश नहीं होना चाहिए। इस बारे में उदाहरण देती हुई वह कहती है कि चिडिय़ा अपनी चोंच में तिनका दबाए हुए उडऩे की तैयारी में है। वह इन तिनकों से घोंसला बनाएगी। चिडिय़ा तनिक भी निराश नहीं दिखती। पेड़ से जो पत्ती गिर रही है उसे पकडऩे के लिए कोई हाथ तैयार है अर्थात मुसीबत के समय या तुम्हारे कदम डगमगाते ही कोई सहारा देने को तैयार बैठा है। वे तुम्हें गलत मार्ग पर जाने  से बचाएँगे तथा सन्मार्ग पर भी लाएँगे अर्थात असंभव कुछ नहीं है, सभी कार्य संभव है।

विशेष  

  • कवयित्री ने निराशा में डूबे मनुष्य से वर्तमान समय का कठिन समय न होने की बात कहकर उसे आशावादी बनने के लिए प्रेरित कर रही है।
  • ‘बैठा है हाथ एक’ में अनुप्रास अलंकार है।
  • अतुकांत शैली में लिखी यह रचना छंदमुक्त है जिसमें खड़ी बोली का प्रयोग हुआ है।

प्रश्न: (क)    कवयित्री और कविता का नाम लिखिए।
उत्तर: कवयित्री का नाम
—जया जादवानी।
          कविता का नाम—यह सबसे कठिन समय नहीं।

प्रश्न: (ख)    चिडिय़ा की चोंच में क्या है? वह इनका क्या करती होगी?
उत्तर: चिडिय़ा की चोंच में तिनका है। इनसे वह अपना घोंसला बनाती होगी।

प्रश्न: (ग) ‘यह कठिन समय नहीं’ बताने के लिए किन-किन तर्कों को प्रस्तुत किया गया है?
उत्तर: 
1. चिडिय़ा घोंसला बनाने की तैयारी कर रही है।
2. गिरती पत्ती को सहारा देनेवाले हाथ अब भी मौजूद है।

प्रश्न: (घ) ‘थामने को बैठा है हाथ एक’ के माध्यम से किस और संकेत किया गया है?
उत्तर: ‘थामने को बैठा है हाथ एक’ के माध्यम से कवयित्री ने संकेत किया है कि गिरते लोगों को सहारा देनेवालों की अभी भी कमी नहीं है। वे उसे गलत कामों से बचाकर सन्मार्ग पर लाने को तैयार हैं।

प्रश्न: (ङ) काव्यांश से आपको क्या संदेश मिलता है?
उत्तर:   काव्यांश से हमें यह संदेश मिलता है कि हमें निराशा छोडक़र आशावादी होना चाहिए।

2.  
 अभी भी भीड़ है स्टेशन पर
 अभी भी एक रेलगाड़ी जाती है
 गंतव्य तक
 जहाँ कोई कर रहा होगा प्रतीक्षा
 अभी भी कहता है कोई किसी को
 जल्दी आ जाओ कि अब
 सूरज डूबने का वक्त हो गया।

 
शब्दार्थ—गंतव्य—जहाँ जाना हो। प्रतीक्षा—इंतजार।

प्रसंग—प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक ‘वसंत, भाग-3’ में संकलित कविता ‘यह सबसे कठिन समय नहीं’ से ली गई हैं। इस कविता की रचना कवयित्री जया जादवानी द्वारा की गई है।
इन पंक्तियों में कवयित्री ने सबसे कठिन समय न होने के पक्ष में तर्क प्रस्तुत किया है।

व्याख्या—कवयित्री मनुष्य को आशावादी होने का संदेश देती हुई कहती है कि रेलवे स्टेशन पर अब भी बहुत भीड़ है अर्थात लोग एक जगह से दूसरी जगह पर आ-जा रहे हैं। रेलगाड़ी अपने गंतव्य पर अब भी जा रही है। इस रेलगाड़ी से जानेवालों का इंतजार उनके प्रियजन कर रहे हैं। इनकी बेचैनी से प्रतीक्षा कर रहे हैं। कोई किसी को मन-ही-मन  कह रहा है कि सूर्य छिपने का समय हो रहा है, इसलिए जल्दी से आ जाओ अर्थात लोग अभी भी एक-दूसरे के सुख-दुख का ध्यान रख रहे हैं। ऐसे में हम कह सकते हैं कि यह सबसे कठिन समय नहीं है अर्थात ऐसे वातावरण में भी हमें सक्रिय रहना चाहिए। हमें अपनी निराशा छोडक़र कर्तव्य के पथ पर बढ़ते जाना चाहिए।

विशेष-  

  • मनुष्य को ऐसे वातावरण में भी निराश होने की आवश्यकता नहीं है—यही संदेश दिया गया है। 
  • ‘कोई कर रहा होगा’ तथा ‘कहता है कोई किसी को’ में अनुप्रास अलंकार है।
  • छंदमुक्त शैली की यह रचना तुकांत नहीं है। इसकी भाषा में सरलता, सहजता एवं खड़ी बोली का प्रयोग है।

प्रश्न (क):  कवयित्री और कविता का नाम लिखिए।
उत्तर:  कवयित्री का नाम
—जया जादवानी।
           कविता का नाम—यह सबसे कठिन समय नहीं।

प्रश्न (ख):  स्टेशन पर भीड़ क्यों है? इससे क्या प्रतीत होता है?
उत्तर: 
स्टेशन पर भीड़ इसलिए है, क्योंकि लोग अब भी अपने प्रियजनों से मिलने, उनके सुख-दुख में शामिल होने के  लिए आ-जा रहे हैं। इससे यह प्रतीत होता है कि हमें निराश होने की आवश्यकता नहीं है् हमें आशावान बने रहना चाहिए। 

प्रश्न (ग) : कौन किससे कह रहा है कि जल्दी आ जाओ?
उत्तर: 
‘जल्दी आ जाओ’ ऐसा इंतजार करनेवालह्य अपने प्रियजनों से कह रहे हैं, क्योंकि वे उनके सुख-दुख का ध्यान रखते हैं।

प्रश्न (घ): ‘जहाँ कोई कर रहा है प्रतीक्षा’ के माध्यम से कवयित्री क्या कहना चाह रही है?
उत्तर:  इसके माध्यम से कवयित्री यह कहना चाह रही है कि लोगों को अपनों का इंतजार है। वे उनके लिए बेचैन हैं। ऐसे में यह सबसे कठिन समय नहीं हैअर्थात सभी परिस्थितयों में कार्य संभव है।।

3.    
 अभी कहा जाता है
 उस कथा का आखिरी हिस्सा
 जो बूढ़ी नानी सुना रही सदियों से
 दुनिया के तमाम बच्चों को
 अभी आती है एक बस    
 अंतरिक्ष के पार की दुनिया से
 लाएगी बचे हुए लोगों की खबर!
 नहीं, यह सबसे कठिन समय नहीं।


शब्दार्थ—सदियों—सैकड़ों सालों। तमाम—बहुत-से। अंतरिक्ष—आकाश।

प्रसंग—प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक ‘वसंत भाग-3’ में संकलित कविता ‘यह सबसे कठिन समय नहीं’ से ली गई हैं। इसकी रचना कवयित्री जया जादवानी द्वारा की गई है। यह कठिन समय नहीं है, यह बताने के लिए कवयित्री अंतरिक्ष से आनेवाली बस का उदाहरण देती है।

व्याख्या— कवयित्री कहती है कि संयुक्त परिवारों में दादी-नानी द्वारा आज भी वे कहानियाँ सुनाई जाती हैं, जिनके अंत में परिश्रमपूर्वक आगे बढ़ते हुए लक्ष्य प्राप्त करने की शिक्षा दी गई होती है। इस समय भी ऐसी कहानियाँ सुनाई जाती हैं जिसके अंत में अंतरिक्ष से आनेवाली बस का वर्णन होता है। अंतरिक्ष में खोज तथा साहसपूर्ण कार्य करते हुए कुछ लोग मारे गए तथा जो शह्नक्तहृ लोग बचे हैं उनकी कुशलता का समाचार लेकर यह बस आती है। धरती पर रहनेवालों को उनका समाचार देती है। धरती पर जब इतना कुछ हो रहा है, तो निश्चित रूप यह सबसे कठिन समय नहीं है अर्थात सब कुछ संभव है। हमें सक्रिय रहना चाहिए। 

विशेष-  

  • ‘अभी आती है एक बस’ में अनुप्रास अलंकार है।
  • रचना छंदमुक्त तथा अतुकांत है जिसमें तत्सम शब्दयुक्त खड़ी बोली का प्रयोग है।
  • मनुष्य को निराशा छोडक़र आगे बढ़ते जाने का संदेश दिया गया है।

प्रश्न (क)  कवयित्री और कविता का नाम लिखिए।
उत्तर:  कवयित्री का नाम—जया जादवानी।
           कविता का नाम—यह सबसे कठिन समय नहीं।

प्रश्न  (ख)  कहानी का आखिरी भाग क्या है? काव्यांश के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर: कहानी के आखिरी भाग में अंतरिक्ष के पार से आनेवाली बस का वर्णन है, जो लोगों की कुशलता का समाचार लाती है।

प्रश्न  (ग) यहाँ किस प्राचीन परंपरा की ओर संकेत किया गया है?
उत्तर: यहाँ सयुंक्त परिवारों में दादी-नानी द्वारा बच्चों को शाम के समय कहानी सुनाने की परंपरा की ओर संकेत किया गया है।

प्रश्न (घ)  अंतरिक्ष से आनेवाली बस किसका समाचार लाती है?
उत्तर: अंतरिक्ष से आनेवाली बस वहाँ जानेवालो में से जो बचे हैं, उनकी कुशलता का समाचार लाती है।

प्रश्न (ङ)  काव्यांश में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: काव्यांश में निहित संदेश यह है कि ऐसे माहौल में भी घबराना नहीं चाहिए, या निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह सबसे कठिन समय नहीं है।

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