सामाजिक विज्ञान समाधान सेट 14 (प्रश्न 15 से 28 तक) Class 10 Notes | EduRev

Social Science (SST) Class 10 - Model Test Papers in Hindi

Class 10 : सामाजिक विज्ञान समाधान सेट 14 (प्रश्न 15 से 28 तक) Class 10 Notes | EduRev

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प्रश्न 15 : वर्षा ऋतु

उत्तर :

  • इस ऋतु को गर्म आर्द्र ऋतु भी कहते है। भारत में दक्षिणी-पश्चिमी मानसून के साथ मौसम पूरी तरह से परिवर्तित हो जाता है। यह मानसून समस्त भारत में मध्य जून से मध्य सितम्बर तक वर्षा करने में प्रभावकारी रहता है। जून माह में जब सूर्य कर्क रेखा पर लम्बवत् चमकता है, तो वायुमण्डली परिस्थितियों में परिवर्तन आने लगता है।
  • ज्यों-ज्यों मानसून वर्षा बढ़ती जाती है त्यों-त्यों तापमान भी कम होने लगता है। प्रायद्वीपीय भारत के तापमान जून माह में मई माह की अपेक्षा 30C से 60C के बीच कम रहते है। उत्तरी-पश्चिमी भारत में जुलाई माह में 20C से 30C तक तापमान की कमी देखी जाती है। जून एवं जुलाई में पश्चिमी राजस्थान को छोड़कर लगभग सभी भागों में तापमान में समानता रहती है। अगस्त माह में तापमान और भी गिर जाता है। थार मरुस्थल में इस माह में तापमान 380C तक पहुँच जाता है जबकि मैदानी भागों में यह औसत 300C से 320C तक रहता है।
  • सूर्य की स्थिति कर्क रेखा पर लम्बवत् होते ही अपेक्षाकृत और कम वायुदाब बन जाता है और दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवायें इस वायुदाब के केन्द्र तक पहुँचने की कोशिश करती है।
  • दक्षिणी भारत की प्रायद्वीपीय स्थिति होने के कारण दक्षिणी-पश्चिमी मानसून की दो प्रधान शाखायें हो जाती है। इनमें से एक अरब सागर और दूसरी बंगाल की खाड़ी की ओर से देश में प्रवेश करती है और दोनों शाखायें अपने अपने तरीकों से देश में वर्षा के वितरण को प्रभावित करती है।
  • बंगाल की खाड़ी को पार करने के बाद मानसून हवायें सबसे पहले मेघालय पठार पर स्थिर गारो, खासी पहाड़ियों से टकराती है। इन पहाड़ियों के समुद्राभिमुख ढाल पर संसार की सबसे अधिक वर्षा होती है। वहीं राजस्थान में 25 सें. मी. से भी कम वर्षा होती है।

प्रश्न 16 : शरद ऋतु

उत्तर :

  • यह ऋतु मध्य सितम्बर से अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर देती है। इस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर भारत से लौटना शुरू कर देता है। उत्तरी-पूर्वी हवायें अपना स्थान लेने लगती है। दक्षिणी प्रस्फोट के विपरीत यह प्रत्यावर्तन काफी क्रमिक होता है। इस प्रत्यावर्तन के ढाँचे में भी रोचक प्रादेशिक अन्तर देखा जाता है।
  • अक्टूबर माह के अन्त में तापमान में भारी गिरावट होती है। अक्टूबर में औसत तापमान 260C रहता है। नवम्बर में न्यूनतम तापमान 100C तक पहुँच जाता है। दिसम्बर माह में देश के उत्तरी व उत्तरी-पश्चिमी भाग में औसत तापमान 160C रहता है। उत्तर भारत में किसी-किसी रात तापमान 00C के आस-पास पहुँच जाता है।
  • मानसून के लौटने के साथ-साथ उत्तर पश्चिम में विस्तृत निम्न वायुदाब का क्षेत्रा समाप्त होने लगता है और यह बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ने लगता है। इसके बढ़ने की गति का मानसून हवायें अनुकरण करती है। वर्षा धीरे-धीरे समाप्त होती है और सितम्बर के अन्त तक उत्तरी मैदान की हवायें शुष्क हवाओं में बदल जाती है। चक्रवातीय परिस्थितियों का स्थान प्रतिचक्रवातीय परिस्थितियाँ ले लेती है। दिन और रात के तापमान में अन्तर होने लगता है। साथ-साथ हवा की दिशा दक्षिण-पश्चिम से बदलकर उत्तर-पूर्व हो जाती है।
  • लौटता मानसून जब उत्तरी-पूर्वी दिशा प्राप्त कर लेता है, तब बंगाल की खाड़ी से आद्र्रता प्राप्त करके बंगाल, उड़ीसा व आन्ध्र प्रदेश के तटीय प्रदेशों तथा तमिलनाडु व केरल में वर्षा करता है। तमिलनाडु में नवम्बर दिसम्बर में 65 से. मी. 80 से.मी. तक वर्षा होती है।
  • नवम्बर-दिसम्बर में उत्तर भारत के मैदानी भागों में भूमध्य सागर से आनेवाले चक्रवातों द्वारा हल्की वर्षा हो जाती है, जो रबी की फसलों के लिए अत्यन्त लाभकारी होती है।

प्रश्न 17 : निम्न कहाँ स्थित हैं और वे समाचार पत्रों में क्यों आते रहे हैं?
(i) रुद्रपुर
(ii) कच्चातिवु
(iii) मोरान (मोरों)

उत्तर (i) : रुद्रपुर-यह नैनीताल जिले (उ.प्र.) में स्थित है। यहां अक्टूबर’ 91 में रामलीला आयोजन के समय दो स्थानों पर हुए बम विस्फोटों में लगभग 70 लोगों की जान गयी थी।

उत्तर (ii) : कच्चातिवु -हिंदमहासागर में स्थित एक छोटा सा द्वीप है, जिसे 1974 के समझौते में श्री लंका को दिया गया था। इसकी वापसी को लेकर तमिलनाडु में काफी आंदोलन हो रहे हैं तथा राज्य की मुख्यमंत्राी सुश्री जयललिता ने इस विषय में एक संभाषण दिया।

उत्तर (iii) : मोरों-यह आसाम के तेल उत्पादक क्षेत्रा में स्थित है, यहां 1953 में एक तेल कुएं की खोज हुई थी। डिगबोई शोषक क्षेत्रा में मोरों से ही पर्याप्त मात्रा में कच्चा अपरिष्कृत तेल प्राप्त होता है।

प्रश्न 18 : निम्नलिखित क्यों जाने जाते हैं?
(i) एस. ए. डांगे।
(ii) सी. शंकरण नायर
(iii) टीटू मीर
(iv) थियोडोर बेक
(v) इडविन लूटयन्स


उत्तर (i) : एस. ए. डांगे- ये एक अनुभवी साम्यवादी नेता थे, जिन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना में सहयोग देकर भारतीय राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावशाली बनाया। इन्हें सोवियत संघ का ‘आर्डर’ आफ लेनिन’ पुरस्कार ;1947 में) मिला था।

उत्तर (ii) : सी. शंकरण नायर-मद्रास प्रांत के प्रमुख राजनीतिक व्यक्त्यिों में से एक, जो कि अमरावती में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। मद्रास लेलिस्लेटिव कांउसिल व बाद में गर्वनर जनरल की कार्यकारिणी परिषद के सदस्य रहे। गांधी एण्ड अनार्मी पुस्तक के रचियता।

उत्तर (iii) : टीटू मीर-पूर्वी बंगाल में फरायजी संप्रदाय के अनुयायी, जिन्होंने इस्लाम धर्म में आयी विकृतियों के सुधार और धर्म में विश्वास के लिए तरीका-ए-मुहम्मदिया आंदोलन चलाया।

उत्तर (iv) : थियोडोर बेक-एम.ए.ओ. कालेज, अलीगढ़ के प्राचार्य तथा राष्ट्रत्व के सिद्धांतों के जनक। इन्होंने कालेज में सांप्रदायिक प्रवृत्ति की शुरुआत की तथा कालेज में मिशनरी भावना के समर्थक रहे।

उत्तर (v) : इडविन लुट्यंस- इडविन लुट्यंस ;1869.1944द्ध ब्रिटिश भारत की नई राजधानी नई दिल्ली के डिजायन और वास्तुकला के संस्थापक थे। इनकी अन्य वास्तुकलाएं राष्ट्रपति भवन, संसद भवन व इण्डिया गेट हैं।

प्रश्न 19 : निम्नलिखित की मुख्य विशेषतओं के बारे में लिखिएः
(i) शुंग शैली
(ii) कथकली
(iii) रामनवी

उत्तर (i) : शुंग शैली-शुंग कला में यक्ष-यक्षणी की मूर्तियों को वस्त्रा तथा आभूषणों से सुसज्जित रूप में सुसज्जित रूप में तराशा जाने लगा था। नारी की मूर्ति को प्रजनन शक्ति के प्रतीक रूप में प्रतिबिंबित किया गया। सांची तथा भरहुत के स्तूपों को उदारतापूर्वक पुनर्निमित किया गया। पहाड़ियों को काटकर मूर्तियों का सृजन किया गया। इस कला में भावो का प्रधानता रही है बोधगया के जंगले, मथुरा की लोकोपदेशीय मूर्तियों व बेस नगर का स्तम्भ आदि इस शैली के प्रमुख उदाहरण हैं।

उत्तर (ii) : कथकली-दक्षिण भारत में केरल का प्रमुख नृत्य। नाट्शास्त्रा में वर्णित ‘नाट्य-नृत्य’ कथकलि का मुख्य स्वरूप है। नृत्य में मानव, देव और मानव चरित्रा के विभिन्न भावों की अभिव्यक्ति आंशिक एवं भावाभिनय के माध्यम से होती है। इसके साथ संगतोपयोगी बोल हैं-थि, थि थेई थेई, ताता थई, हित्ता थी आदि। मृणालिनी साराभाई, कला मंडलम, कृष्णनायक, तारास्वामी, गोपीनाथ आदि प्रमुख कलाकार हैं।

उत्तर (iii) : रामनवमी-रामनवी प्रत्येक वर्ष चैत्रा मास (मार्च-अप्रैल) में मनाया जाने वाला त्यौहार जो कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह केवल मंदिरों में मनाया जाने वाला त्यौहार नहीं है, अपितु प्रत्येक हिन्दू परिवार के यहाँ मनाया जाता है।

प्रश्न 20 निम्नलिखित आन्दोलनों के बारेमें आप क्या जानते
हैं?
(i) बहाबी आन्दोलन
(ii) नील विद्रोह
(iii) भारत छोड़ो आन्दोलन


उत्तर (i) : वहाबी आन्दोलन-यह 19वीं शताब्दी के चैथे दशक से सातवें दशक तक के बीच चला था। सर सैयद अहमद इसके प्रवत्र्तक थे तथा मुहम्मद काल के इस्लमा धर्म को पुनः स्थापित करना चाहते थे। उन्होने स्वयं को इसका नेता इमाम बताकर अने अधीन चार उपनेता (खलीफा) नियुक्त किये और पटना, हैदराबाद, मद्रास, बंगाल, यू.पी. व बम्बई में इसके केन्द्र स्थापित किए। इन्होंने देशभर में अंगे्रज विरोधी भावनाओं का प्रयास किया। 1860 के बाद अंग्रेज सरकार ने इसके दमन के लिए व्यापाक अभियान चलाए।

उत्तर (ii) : नील विद्रोह-बंगाल में नील उगाने वालों ने 1860 में अंग्रेज भूमिपतियों के विरुद्ध यह विद्रोह किया था। कंपनी के रिटायर्ड अधिकारी बंगाल व बिहार के जमींदारों से भूमि प्राप्त करके कृषकों से अपनी शर्तों पर नील की खेती करवाते थे व उन पर अत्याचार करते थे। अप्रैल, 1860 में बरसात उपविभाग तथा पाबना और नादिया जिलों के सभी कृषकों ने भारतीय इतिहास की प्रथम कृषक हड़ताल की। अंग्रेज सरकार ने विवश हो 1860 में एक नील आयोग की नियुक्ति की।

उत्तर (iii) : भारत छोड़ो आंदोलन-कांग्रेस ने बम्बई के विशेष अधिवेशन में 8 अगस्त, 1942 को भारत छोड़ो प्रस्ताव पास किया। गांधी जी ने बम्बई के ग्वालियर टैंक मैदान से लोगों को ‘करो या मरो’ का नारा दिया। 9 अगस्त, 1942 को प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया और यह आन्दोलन सम्पूर्ण भारत में फैल गया।

प्रश्न 21 : निम्नलिखित की मुख्य विशेषताओं के बारे में बताइए।
(i) मथुरा कला शैली
(ii) बूँदी चित्रा शैली
(iii) फतेहपुर सीकरी की मुगल वास्तुकला


उत्तर (i) : मथुरा कला शैली-यह शैली मूर्तिकला की एक उत्कृष्ट शैली है। मथुरा शैली में शरीर को यथार्थ रूप से दिखाने के बजाय काल्पनिक दिखाने पर अधिक जोर दिया गया है। मुखाकृत में आध्यात्मिक सुख और शांति व्यक्त की गई है। संक्षेप में मथुरा शैली की मूर्तियाँ यथार्थवादी न होकर आदर्शवादी हैं। इस शैली की विषय वस्तु बुद्ध से जुड़ी है।

उत्तर (ii) : बूँदी चित्रा शैली-बूँदी चित्रा शैली में भारतीय संस्कृति के प्रेम और समर्पण को दर्शाया गया है। इस शैली का प्रमुख केंद्र कोटा, बूँदी और झाालवाड़ा में था। यह मेवाड़ शैली की ही एक स्वतंत्रा शाखा थी और इसका काल सत्राहवीं सदी था। इस शैली के प्रमुख विषय नायिका भेद, जंगलों का दृश्य, विभिन्न ऋतुओं का चित्राण और आखेट है।

उत्तर (iii) : फतेहपुर सीकरी में मुगल वास्तुकला-फतेहपुर सीकरी में मुगल वास्तुकला के तहत अकबर का महल उल्लेखनीय है। यहाँ की सर्वोच्च इमारत बुलंद दरवाजा है, जिसकी ऊँचाई 176 फीट है। यहाँ की जामा मस्जिल को ‘शान-ए-फतेहपुर’ कहा जाता है। फतेहपुर सीकरी के महलों का निर्माण लाल बलुआ पत्थर से हुआ है। इमारतों में सजावट के लिए छतों और दीवारों में नीले पत्थर का प्रयोग किया गया है। फतेहपुर सीकरी की वास्तुकला में मध्य एशिया की वास्तुकला का प्रभाव है।

प्रश्न 22 : निम्नलिखित के विषय में आप क्या जानते हैं?
(i) होमरूल आंदोलन
(ii) मंदिर प्रवेश योजना
(iii) नेहरू का जनसम्पर्क कार्यक्रम
(iv) सिकन्दर-जिन्ना समझौता


उत्तर (b) (i) होमरूल आंदोलन- सर्वप्रथम आयरलैंड में आयरिश नेता रेडमाण्ड के नेतृत्व में होमरूल लीग की स्थापना हुई। भारत में श्रीमती ऐनी बेसेंट के प्रयासों से इसी नमूने पर वैधानिक उपायों द्वारा स्वशासन प्राप्त करने के लिए होमरूल लीग की स्थापना की गई। भारत में इसका नेतृत्व लोकमान्य तिलक और ऐनी बेसेंट ने किया और क्रमशः मार्च, 1916 और दिसम्बर, 1916 में महाराष्ट्र तथा मद्रास में इस संस्था की स्थापना की। तिलक ने ‘केसरी’ तथा ‘मराठा’ और ऐनी बेसंेट ने ‘न्यू इंडिया’ समाचार पत्रों के माध्यम से इस आंदोलन का प्रचार किया।

उत्तर (ii) मंदिर प्रवेश योजना-के.पी. सेन के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने केरल राज्य के बायकोक गाँव में 30 मार्च, 1924 को एक मंदिर में दलित वर्गों के लोगों को मंदिर प्रवेश दिलाने के लिए सत्याग्रह किया, जो मंदिर प्रवेश योजना के नाम से जाना जाता हैं

उत्तर (iii) नेहरू का जन-सम्पर्क कार्यक्रम-भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन को जन आंदोलन बनाने के लिए जवाहर लाले नेहरू ने इसे जन-जन का आंदोलन बनाना आवश्यक समझा। इसी के तहत नेहरू जी ने 1935 ई. में देश के कोने-कोने का दौरा किया। पाँच माह से भी कम सयम में उन्होंने लगभग 80 हजार कि.मी. की यात्रा की तथा एक करोड़ लोगों को सम्बोधित किया।

उत्तर (iv) : सिकन्दर-जिन्ना समझौता -सिकन्दर-जिन्ना समझौते का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान के निर्माण हेतु मुस्लिम लीग का समर्थन जुटाना था। यह समझौता पंजाब की यूनियनिस्ट पार्टी और मुस्लिम लीग के बीच हुआ, जिसमें यूनियनिस्ट पार्टी ने मुस्लिम लीग को समर्थन देने का वादा किया।

प्रश्न 23 : स्वतंत्राता संघर्ष में निम्नलिखित स्थान किस प्रसंग में विख्यात हुए?
(i) डांडी
(ii) हरिपुरा
(iii) सूरत
(iv) बारदौली

उत्तर (i) : डांडी-नमक कानून के विरोध में महात्मा गाँधी ने मार्च, 1930 में साबरमती आश्रम से डांडी यात्रा शुरू की। उन्होंने 240 मील की पैदल यात्रा कर समुद्रतट के पास स्थित डांडी नामक स्थान पर नमक कानून को भंग कर नमक बनाया। इसके बाद लोगों ने जगह-जगह नमक कानून को तोड़ा।

उत्तर (ii) : हरिपुरा-1938 में यहाँ पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन का आयोजन किया गया था। इस अधिवेशन में सुभाष चन्द्र बोस को कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया था।

उत्तर (ii) : सूरत-सूरत कांग्रेस, कांग्रेस को गरम दल और नरम दल के रूप में बाँटने के लिए प्रसिद्ध है। 1907 में आयोजित कांग्रेस अधिवेशन में कांग्रेस स्पष्टतः दो दलों में विभक्त हो गयी।

उत्तर (iv) : बारदोली-चैरी-चैरा में हिंसक वारदातों के बाद गाँधीजी ने असहयोग आंदोलन के स्थगन की घोषणा बरदोली मे की थी। बरदोली में 1928 ई. में सरदार बल्लभ भाई पटेल के नेतृत्व में किसानों ने एक आंदोलन किया। जिसे बारदोली सत्याग्रह के नाम से जाना जाता है।

प्रश्न 24 : निम्नलिखित किस लिए प्रसिद्ध हुए?
(i) सी. इल्बर्ट
(ii) जाॅन साइमन
(iii) रैम्जे मैकडोनाल्ड
(iv) वेवेल


उत्तर (i) : सी.इल्बर्ट-सी. इल्बर्ट, इल्बर्ट बिल की घोषण के साथ चर्चित हुए। 1883 ई. में उन्होंने एक अध्यादेश जारी किया, जिसमें यह उपबंध था कि ब्रिटिश नागरिकों के मामलेां की सुनवाई भारतीय न्यायाधीश कर सकते हैं। परन्तु अंग्रेजों ने इसका प्रबल विरोध किया।

उत्तर (ii) : जाॅन साइमन-भारत में प्रशासनिक सुधार की जाँच के लिए और उस पर रिपोर्ट देने के लिए जाॅन साइमन की अध्यक्षता में 1928 ई. में साइमन कमीशन की नियुक्ति की गई थी। कांग्रेस ने इस कमीशन का बहिष्कार किया था। साइमन कमीशन का विरोध करते हुए लाठी की चोट लगने से लाला लाजपत राय की मृत्यु हो गई।

उत्तर (iii) : रैग्जे मैकडोनाल्ड-रैम्जे मैकडोनाल्ड ब्रिटेन के प्रधानमंत्राी थे। 1932 ई. में उन्होने साम्प्रदायिक घोषणा (Communal Award) द्वारा हरिजनों के लिए पृथक निर्वाचन की व्यवस्था की। इस घोषणा के विरोध में गाँधीजी ने आमरण अनशन शुरु किया।

उत्तर (iv) : वेवेल-1944 ई. में लार्ड वेवेल भारत के गवर्नर जनरल बनकर आए। उन्होंने ब्रिटिश सरकार से परामर्श के पश्चात् भारतीय नेताओं के सामने भारतीय समस्या का नवीन हल 14 जुलाई, 1945 को प्रस्तुत किया, जिसे वेवेल योजना के नाम से जाना जाता है। वेवेल योजना के अन्तर्गत कई प्रावधान थे।

प्रश्न 25 : निम्नलिखित की मुख्य विशेषताओं के बार में बताइए।
(i) देव देवाली
(ii) भारतीय बैले (नृत्यसंगीत)

उत्तर (i) : देव देवाली- भगवान महावीर निर्वाण प्राप्त के अवसर पर जैनियों के द्वारा मनाया जाने वाला प्रसिद्ध त्यौहार है। इसे दीपावली के दसवें दिन के बाद मनाया जाता है तथा पवित्रा गिरनार पर्वत पर जैन तीर्थ यात्राी दर्शन करने जाते हैं।

उत्तर (ii) : भारतीय बैल (नृत्य संगीत)-भारतीय बैले में कलाकारों द्वारा किसी भी कथनाक को हस्तमुद्रा, भावसंप्रषण, विशिष्ट संकेतों से नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जाती हैं विशुद्ध कत्थक शैली में नृत्य नाटिका प्रस्तुत करने वालों में प्रमुख कलाकार विरजू महाराज तथा भारतीय एवं पाश्चात्य शैली से युक्त नृत्य-नाटिका प्रस्तुत करने वालों में पं. उदयशंकर और उनके दल का नाम अग्रणी है।

प्रश्न 26 : निम्नलिखित के विषय में आप क्या जानते हैं?
(i) ताना भगत आंदोलन
(ii) सत्यशोधक आंदोलन
(iii) खिलाफत आंदोलन


उत्तर (i) : ताना भगत आंदोलन- सामाजिक एवं धार्मिक तथा उरांव जनजाति के उत्थान के लिए 1914.15 में रांची, पलामू एवं हजारीबाग क्षेत्रा में जाना उराॅव द्वारा चलाया गया आंदोलन था। भगत सदस्यों ने गांधी के असहयोग आंदोलन और बाद के राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभायी।

उत्तर (ii) सत्यशोधक आंदोलन-1873 ई. में ज्योतिबा फुले ने समाज के कमजोर वर्ग के लोगों को सामाजिक न्याय दिलाने के उद्देश्य से इस आंदोलन का सूत्रापात किया। इसी क्रम में सभी वर्णांे के अनाथों तथा स्त्रिायों के लिए अनेक पाठशालाएं एवं अनाथालय खोले गये।

उत्तर (iii) खिलाफल आंदोलन -मुहम्मद अली और शौकत अली के आह्नावन पर तुर्की सल्तनत की खलीफा के पक्ष में चलाया गया ब्रिटिश विरोधी आंदोलन था। बाद में महात्मा गांधी भी इसमें शामिल हो गये तथा इसे असहयोग आंदोलन का हिस्सा बना लिया।

प्रश्न 27 : स्वतंत्राता संघर्ष में निम्नलिखित स्थान किस प्रसंग में विख्यात हुए?
(i) लोथल
(ii) लुंबिनी
(iii) वेलनकन्नी

उत्तर (i) : लोथल-
आधुनिक गुजरात राज्य में भोगवा नदी के किनारे बसा हुआ यह स्थल सैन्धव सभ्यता के काल में एक महत्त्वपूर्ण बंदरगाह था। यहाँ चावल के अवशेष भी प्राप्त हुए हैं।

उत्तर (ii) : लुंबिनी-वर्तमान में रुम्मिनदेई नाम से विख्यात कपिलवस्तु के निकट का यह स्थल भगवान बुद्ध के जन्म स्थान और अशोक के शिलालेख होने के कारण प्रसिद्ध है। यह बौद्धधर्म के चार तीर्थों में से एक है।

उत्तर (iii) : वेलनकन्नी-नागपट्टनम से 10 कि.मी. की दूरी पर स्थित पुर्तगालियों द्वारा निर्मित विर्जिन मेरी का वेलनकन्नी चर्च धार्मिक सौहार्द के कारण चर्चित है। यहाँ पर हिन्दू भी श्रद्धा-पूर्वक पूजा करते हैं।

प्रश्न 28 : निम्नलिखित किस लिए प्रसिद्ध हुए?
(i) एन.जी.रंगा
(ii) सी.वाई.चिंतामणि
(iii) सर विलियम वैडरबर्न
(iv) नरेन्द्र देव
(v) एम.आर. जयकर
(vi) मदन लाल ढींगड़ा

उत्तर (i) : एन.जी.रंगा-
60 वर्षों तक संसद सदस्य रहने के कारण इस स्वतंत्राता सेनानी तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता का नाम गिनीज बुक आॅफ वल्र्ड रिकार्ड में जोड़ा गया है।

उत्तर (ii) : सी.वाई. चिन्तामणि-स्वतंत्राता सेनानी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नरमपंथी विचारधारा से संबंधित व्यक्ति, मांटेग्यू चेम्सफोर्ड अधिनियम 1919 के अंतर्गत संयुक्त मंत्रिमण्डल में मंत्राी रहे।

उत्तर (iii) : सर विलियम वैडरबर्न-1889 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बंबई अधिवेशन की अध्यक्षता की। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक ए.ओ.ह्यूम की जीवनी का संकलन भी किया है।

उत्तर (iv) : नरेन्द्र देव-प्रसिद्ध बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के अध्यक्ष थे। ये समाजवादी विचारों से प्रेरित थे। कांग्रेस शोशलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष एवं बुद्ध धर्म दर्शन के लेखक के रूप में जाने जाते हैं।

उत्तर (v) : एम.आर.जयकरः-ये बहुत ही अच्छे शिक्षाशास्त्राी, समाज सेवक, राजनीतिज्ञ के रूप में जाने जाते हैं। इन्होंने बंबई लेजिसलेटिव कांउसिल में स्वराज पार्टी के नेता पद का निर्वाह किया।

उत्तर (vi) : मदनलाल ढ़ीगड़ा -प्रसिद्ध क्रांतिकारी के रूप में विख्यात इंजीनियरिंग के इस छात्रा ने बी.डी. सावरकर से प्रभावित होकर इंडियन होमरूल सोसायटी की सदस्यता ग्रहण की। भारत सचित के सहायक विलियम कर्जन वायली की हत्या के कारण फांसी की सजा दी गयी।

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