प्रश्न.1. जब आप जलमग्न इलाके में घूमते है तो अपनी पोशाक को मोड़कर उसकी लम्बाई कम कर लेते है? क्या उस परीवर्तन को उत्क्रमित किया जा सकता है?
हां, यह परिवर्तन हम दोबारा उत्क्रमित कर सकते है। तह द्वारा लम्बाई को छोटा और बडा किया जा सकता है।
प्रश्न.2. अकस्मात आपका प्रिय खिलौना गिर कर टूट जाता है। आप कतई इस परिवर्तन को नहीं चाहते थे ? क्या यही परिवर्तन उत्क्रमित किया जा सकता है?
नहीं एक टूटा हुआ खिलौना फिर से जुड़कर अपनी मूल स्थिति में वापिस नहीं आ सकता। यह परिवर्तन दोबारा उत्क्रमित नहीं किया जा सकता है।
प्रश्न.3. नीचे दी गई सारणी में कुछ परिवर्तन दिए गए है। प्रत्येक परिवर्तन के सामने रिक्त स्थान में लिखिए की वह परिवर्तन उत्क्रमित किया जा सकता है या नहीं?

1. नहीं
2. हाँ
3. हाँ
4. नहीं
5. नहीं
6. नहीं
प्रश्न.4. चित्रकारी करने पर ड्राइंग शीट में परिवर्तन हो जाता है। क्या आप इस परिवर्तन को उत्क्रमित कर सकते है?
नहीं जब हम किसी भी ड्रॉइंग शीट पर कुछ भी लिखें या चित्र बनाये तो उसका वास्तविक रंग बदल जाता है। इसलिए हम उस परिवर्तन को दोबारा उत्क्रमित नहीं कर सकते।
प्रश्न.5. उदाहरण देकर उत्क्रमित किए जाने वाले तथा उत्क्रमित किए न जाने वाले परिवर्तनो में अंतर स्पष्ट कीजिए।
हमारे दैनिक जीवन में हम ऐसी कई चीजो का अनुभव लेते है जो दोबारा उत्क्रमित किए भी जा सकते है और कुछ नहीं। उदाहरण के लिए:- हम दूध को गर्म करने का बाद दुबारा ठंडा कर सकते है। हम किसी भी कपड़े को गीला करके उसे सूखा सकते है। और कुछ ऐसे उदाहरण भी है जिन्हें हम उत्क्रमित नहीं कर सकते। जैसे:- लकड़ी और मोमबत्ती को जलाने के बाद ना तो हम दोबारा लकड़ी बना सकते है और ना ही दोबारा मोमबत्ती बना सकते है।
प्रश्न.6. टूटी हुई हड्डी पर बंधी पट्टी के ऊपर प्लास्टर ऑफ़ पेरिस की एक मोती परत चढ़ाई जाती है। सूखने पर यह कठोर हो जाती है जिससे टूटी हड्डी हिलती नहीं है? क्या POP में हुए इस परिवर्तन को उत्क्रमित कर सकते है ?
नहीं, POP एक बार कठोर होने के बाद दोबारा नर्म नहीं हो सकता है अर्थात् हम POP को दोबारा उत्क्रमित नहीं कर सकते।
प्रश्न.7. रात्रि में एक सीमेंट की बोरी जो कि एक खुले मैदान में रखी हुई थी, वर्षा के कारण भीग जाती है। अगले दिन तेज धूप निकलती है। सीमेंट में जो परिवर्तन हो गया है क्या उसे उत्क्रमित कर सकते है?
नहीं, सीमेंट का पाउडर गीला होकर सूखा करने के बाद कठोर हो जाता है। उसके बाद हम दोबारा उसे उसके रूप में उत्क्रमित नहीं कर सकते। यह पानी के साथ अपनी रासायनिक प्रक्रिया करता है और धूप में सूख जाता है।