CTET & State TET Exam  >  CTET & State TET Notes  >  NCERT Textbooks in Hindi (Class 6 to Class 12)  >  NCERT Solutions: धर्मनिरपेक्षता की समझ (Understanding Secularism)

NCERT Solutions: धर्मनिरपेक्षता की समझ (Understanding Secularism)

अभ्यास

प्रश्न.1. अपने आस पड़ोस में प्रचलित धार्मिक क्रियाकलापों की सूची बनाइए। आप विभिन्न प्रकार की प्रार्थनाओं विभिन्न देवताओं की पूजा विभिन्न पवित्र स्थानों, विभिन्न प्रकार के धार्मिक संगीत और गायन आदि को देख सकते है। क्या इससे धार्मिक क्रियाकलापों की स्वतंत्रता का पता चलता है ?

हमारे आस पास के पड़ोस में विभिन्न धर्मों से जुड़े लोग रहते है जो अपने धर्म से अलग अलग पवित्र स्थानों को पूजते है, विभिन्न देवी - देवताओं की पूजा करते है। जैसे कि:- हिंदू धर्म से जुड़े लोग मंदिर में पूजा और प्रार्थना करते है। मुस्लिम लोग मस्जिद में नमाज़ और इबादत करते है। क्रिश्चयन धर्म से जुड़े चर्च में प्रार्थना करते है। सिक्ख धर्म से जुड़े गुरुद्वारे में अरदास व कीर्तन करते है। अलग - अलग धर्म से जुड़ी यह गतिविधियां दर्शाती है कि भारत में प्रत्येक व्यक्ति को धर्म अपनाने और उनको पुरी तरह से निभाने की स्वतंत्रता प्राप्त है।


प्रश्न .2. अगर किसी धर्म के लोग यह कहते हैं कि उनका धर्म नवजात शिशुओं को मारने की छूट देता है तो क्या सरकार किसी तरह का दखल देगी या नहीं ? अपने उत्तर के समर्थन में कारण बताइए।

हर व्यक्ति को भारत में अपने हिसाब से फैसले लेने की स्वतंत्रता दी गई है। चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार किसी को भी किसी के बीच में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। लेकिन अगर यह बात किसी भी धर्म के नवजात शिशु की है, तो हमारे किसी भी संविधान या धर्म में कहीं भी यह नहीं लिखा कि हमें नवजात शिशु को मारने का अधिकार दिया हुआ है। अगर सरकार को कहीं से भी यह बात ज्ञात होती है तो सरकार इसके विरुद्ध कड़े कदम उठाएगी और वह व्यक्ति सजा का हकदार कम रहेगा। सरकार उस नवजात शिशु को बचाने में पूरा हस्तक्षेप करेगी।


प्रश्न.3. इस तालिका को पूरा कीजिए:-

अभ्यास

अभ्यास


प्रश्न.4. अपने स्कूल की छुट्टियों के वार्षिक कैलेंडर को देखिए। उनमें से कितनी छुट्टियाँ विभिन्न धर्मों से संबंधित क्या संकेत मिलता है ?

छुट्टियों के नाम - तारीख
लोहडी - 13 जनवरी
मकर संक्रांति - 14 जनवरी
गणतंत्र दिवस - 26 जनवरी
रविदास जयंती - 31 जनवरी
बसंत पंचमी - 16 फरवरी
महा शिवरात्रि - 21 फ़रवरी
होली - 29 मार्च
गुड़ी पाड़वा - 13 अप्रैल
अम्बेडकर जयंती - 14 अप्रैल
स्वतंत्रता दिवस - 15 अगस्त
गणेश चतुर्थी - 10 सितम्बर
गांधी जयंती - 2 अक्टूबर
दशहरा - 15 अक्टूबर
दीवाली - 4 नवंबर
भैया दूज - 6 नवंबर
छट पूजा - 10 नवंबर
गुरु नानक देव जयंती - 19 नवंबर
क्रिसमस दिवस - 25 दिसंबर
हिंदू धर्म :-  लोहडी, होली, रक्षाबंधन, दीवाली, दशहरा, भैया दूज, बसंत पंचमी, महाशिवरात्रि
मुस्लिम धर्म :-  मोहर्रम,  ईद - ए - मिलाद, ईद - उल -  फितर
सिक्ख धर्म :- लोहडी, होली, गुरुनानक जयंती
जैन धर्म :-  महावीर जयंती
भारत एक धर्म निरपेक्ष राज्य है और हर व्यक्ति सभी धर्मों का सामान आदर और सम्मान करता है।


प्रश्न.5. एक ही धर्म के भीतर अलग - अलग दृष्टिकोणों के कुछ उदाहरण दें।

भारत अनेक विभिन्नताओं वाला देश है। भारत में अलग-अलग धर्मों के लोग रहते है। भारतीय संविधान में भारत में रहने वाले हर नागरिक को धर्म की स्वतंत्रता दी गई है। सभी व्यक्तियों का धर्म को मानने, पूजा करने का अलग - अलग तरीका होता है। यहां तक कि किसी मंदिर में अगर एक ही त्योहार मनाने के लिए कोई हिंदू परिवार जाता है तो उसे मनाने के लिए भी वे अलग तरीके अपनाते है। इस प्रकार एक ही धर्म के भीतर सबके अलग - अलग दृष्टिकोण है।


प्रश्न.6. भारतीय राज्य धर्म से फ़ासला भी रखता है और उसमें हस्तक्षेप भी करता है। यह उलझाने वाला विचार लग सकता है। इस पर कक्षा में एक बार फिर चर्चा कीजिए। चर्चा के लिए इस अध्याय में दिए गए उदाहरणों के अलावा आप जानकारी के अन्य उदाहरणों का भी सहारा ले सकते हैं।

भारतीय संविधान ने धर्म निरपेक्ष की धारणा को ग्रहण किया है। प्रस्तावना में भारत को एक धर्म-निरपेक्ष राज्य घोषित किया गया है। भारत राज्य धर्म से आपको दूर भी रखता है, तथा आवश्यकता पड़ने पर उसमें हस्तक्षेप भी करता है। भारत का कोई आधिकारिक राज्य धर्म नहीं है। राज्य धर्म से दूर रहता है। भारत में रहने वाले प्रत्येक नागरिक को धर्म की स्वतंत्रता प्रदान की गई है। परंतु अनुच्छेद 25 राज्य को यह अनुमति देता है कि वह एक धर्म की राजनीतिक गतिविधियों को नियंत्रित करें। राज्य सभी हिंदू संस्थाओं द्वारा चलाई जाने वाली कल्याणकारी गतिविधियों एवं सुधारों को अनुमति प्रदान कर सकता है। सिक्खों को अपने साथ 'किरपान' लेकर चलने की अनुमति है। हालांकि धार्मिक स्वतंत्रता जनकल्याण, नैतिकता तथा स्वास्थ्य के आधार पर प्रयोग की जा सकती है।


प्रश्न.7. साथ में दिया गया यह पोस्टर ' शांति ' के महत्व को रेखांकित करता है। इस पोस्टर में कहा गया है कि " शांति कभी न खत्म होने वाली प्रक्रिया है ... यह हमारी आपसी भिन्नताओं और साझा हितों को नजरअंदाज करके नहीं चल सकती। " ये वाक्य क्या बताते हैं ? अपने शब्दों में लिखिए। धार्मिक सहिष्णुता से इसका क्या संबंध है ?
इस अध्याय में आप ही की उम्र के विद्यार्थियों ने भी धार्मिक सहिष्णुता पर तीन तस्वीर बनाई है। धार्मिक सहिष्णुता को ध्यान में रखते हुए अपने साथियों को दिखाने के लिए खुद एक पोस्टर बनाइए।

अभ्यास

उपरोक्त वाक्यों से हमें पता चलता है कि शांति हम सभी को अच्छी लगती है। क्योंकि शांति होने पर ही राज्य में विकास के कार्य हो सकते हैं। इसीलिए प्रायः सभी धर्मों द्वारा शांति का प्रचार - प्रसार किया जाता है। क्योंकि शांति के बिना विकास संभव है। अतः विश्व के सभी धर्मों में शांति स्थापना के लिए आपसी सहयोग एवं सहिष्णुता होना आवश्यक है।

The document NCERT Solutions: धर्मनिरपेक्षता की समझ (Understanding Secularism) is a part of the CTET & State TET Course NCERT Textbooks in Hindi (Class 6 to Class 12).
All you need of CTET & State TET at this link: CTET & State TET
Explore Courses for CTET & State TET exam
Get EduRev Notes directly in your Google search
Related Searches
Previous Year Questions with Solutions, mock tests for examination, Sample Paper, NCERT Solutions: धर्मनिरपेक्षता की समझ (Understanding Secularism), Viva Questions, shortcuts and tricks, Summary, Exam, past year papers, Semester Notes, Extra Questions, NCERT Solutions: धर्मनिरपेक्षता की समझ (Understanding Secularism), pdf , Important questions, ppt, NCERT Solutions: धर्मनिरपेक्षता की समझ (Understanding Secularism), Free, study material, video lectures, MCQs, practice quizzes, Objective type Questions;