CTET & State TET Exam  >  CTET & State TET Notes  >  NCERT Textbooks in Hindi (Class 6 to Class 12)  >  NCERT Solutions: बाज़ार (Market Around Us)

NCERT Solutions: बाज़ार (Market Around Us)

अभ्यास

प्रश्न.1. एक फेरीवाला, किसी दुकानदार से कैसे भिन्न है?

फेरी वाले के पास अपनी दुकान नहीं होती, वह इधर उधर साइकिल, रेहड़ी पर सामान बेचते है। जबकि दुकानदार की स्थायी दुकान होती है। फेरी वालों के पास बेचने के लिए थोड़ी बहुत वस्तुएं होती है लेकिन दुकानदार कई सारी चीज़ बेचता है।


प्रश्न.2. निम्न तालिका के आधार पर एक साप्ताहिक बाजार और एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की तुलना करते हुए उनका अंतर स्पष्ट कीजिए।

अभ्यास

अभ्यास


प्रश्न.3. स्पष्ट कीजिए कि बाजारों की श्रृंख्ला कैसे बनती है? इससे किन उद्देश्यों की पूर्ति होती है।

बाजारों की श्रृंख्ला खुदरा तथा थोक व्यापारियों से मिलकर बनती है। सामानों का उत्पादन कारखानों, खेतों और घरों में होता है। लेकिन हम कारखानों और खेतों से सीधे सामान नहीं खरीदते हैं। चीजों का उत्पादन करने वाले भी हमें कम मात्रा में, जैसे- एक किलो या एक प्लास्टिक कप आदि बेचने में रुचि नहीं रखेंगे। वे लोग, जो वस्तु के उत्पादक और वस्तु के उपभोक्ता के बीच में होते हैं उन्हें व्यापारी कहा जाता है। पहले थोक व्यापारी बड़ी मात्रा या संख्या में सामान खरीद लेता है। जैसे- सब्जियों का थोक व्यापारी कुछ किलो सब्जी नहीं खरीदता है बल्कि वह बड़ी मात्रा में 25 से 100 किलो तक सब्जियां खरीद लेता है इन्हें वह दूसरे व्यापारियों को बेचता है। यहाँ खरीदने वाले और बेचने वाले दोनों व्यापारी होते हैं। हम इसे यहाँ दिए गए उदाहरणों से समझेंगे हर शहर में थोक बाजार का एक क्षेत्र होता है यहाँ वस्तुएँ पहले पहुँचती हैं और यहीं से वे अन्य व्यापारियों तक पहुँचती हैं। सड़क किनारों की दुकान का छोटा व्यापारी, जिसके बारे में आपने पहले पढ़ा था।


प्रश्न.4. सब लोगों को बाजार में किसी भी दुकान पर जाने का समान अधिकार है। क्या आपके विचार से महंगे उत्पादों की दुकानों के बारे में यह बात सत्य है। उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।

सब लोगों को बाज़ार में किसी भी दुकान पर जाने का समान अधिकार है। वह किसी भी दुकान से सामान ले सकता है। जैसे कि कविता और सुजाता अंजल मॉल गई। उन्होंने वहाँ एक दुकान में महँगे कपड़े देखें। वहाँ कोई भी कपड़ा 3000 रूपए से कम नहीं था। उन्होंने देखा कि यह कीमत साप्ताहिक बाजारों की कीमत से पाँच गुना अधिक थी। इसलिए उन्होंने वहाँ कोई कपड़ा नहीं खरीदा और वे खाली हाथ घर वापस आ गयीं। साथ में सबको सामान लेने या ना लेने का भी अधिकार होता है।


प्रश्न.5. बाजार में जाए बिना भी खरीदना और बेचना हो सकता है। उदाहरण देकर इस कथन की व्याख्या कीजिए।

बाज़ार में जाए बिना भी खरीदना और बेचना हो सकता है क्योंकि आजकल पहले के मुकाबले बहुत सारी सुविधाए बढ़ गई है। जैसे:- हम इंटरनेट और मोबाइल के द्वारा घर पर कुछ मंगवा भी सकते है और बेच भी सकते है। इनकी वजह से किसी भी व्यक्ति को दुकान पर बैठने की भी जरूरत नहीं होती और आजकल तो किसी को दुकान लेने की भी जरूरत नहीं होती वो घर में ही फोन और इंटरनेट के माध्यम से सामान खरीद और बेच सकते है।

The document NCERT Solutions: बाज़ार (Market Around Us) is a part of the CTET & State TET Course NCERT Textbooks in Hindi (Class 6 to Class 12).
All you need of CTET & State TET at this link: CTET & State TET
Explore Courses for CTET & State TET exam
Get EduRev Notes directly in your Google search
Related Searches
NCERT Solutions: बाज़ार (Market Around Us), NCERT Solutions: बाज़ार (Market Around Us), ppt, mock tests for examination, NCERT Solutions: बाज़ार (Market Around Us), Extra Questions, Objective type Questions, Exam, practice quizzes, Important questions, video lectures, shortcuts and tricks, Summary, Sample Paper, Free, Semester Notes, study material, Viva Questions, MCQs, past year papers, pdf , Previous Year Questions with Solutions;