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NCERT Solutions: चतुर गीदड़

बातचीत के लिए 

1. आपको भूख लगती है तो आपको कैसा लगता है?
उत्तर: जब मुझे भूख लगती है, तो मुझे पेट में हल्का दर्द महसूस होता है और मैं जल्दी से कुछ खाने की इच्छा करता हूँ। कभी-कभी चिड़चिड़ापन भी महसूस होता है।

2. अपने मित्र की सहायता आप किस-किस प्रकार से करते हैं?
उत्तर: मैं अपने मित्र की सहायता तब करता हूँ जब उसे किसी चीज़ की जरूरत होती है, जैसे पढ़ाई में मदद करना, उसका सामान उठाना या उसे किसी समस्या का हल बताना।

3. कहानी का शीर्षक 'चतुर गीदड़' क्यों है?
उत्तर: कहानी का शीर्षक 'चतुर गीदड़' इसलिए है क्योंकि गीदड़ ने अपनी समझदारी और चालाकी से खुद को मगरमच्छ और कछुए की चाल से बचा लिया।

4. आप इस कहानी को और क्या नाम देना चाहेंगे?
उत्तर: मैं इस कहानी का नाम 'गीदड़ की चालाकी' रखना चाहूँगा, क्योंकि गीदड़ की चालाकी ही इस कहानी का मुख्य हिस्सा है।

5. अपनी सूझ-बूझ का कोई अनुभव बताइए?
उत्तर: एक बार मेरे स्कूल में जब सभी बच्चे खेल रहे थे, तब मुझे समझ आया कि खेल में हार-जीत से ज्यादा मजा लेना जरूरी है। मैंने अपने दोस्तों को भी यही समझाया और हम सबने मिलकर खुशी-खुशी खेला।

सोचिए और लिखिए

1. तालाब में मछलियाँ क्यों नहीं थीं?
उत्तर: तालाब में मछलियाँ इसलिए नहीं थीं क्योंकि मगरमच्छ ने सारी मछलियों को खा लिया था। मगरमच्छ को बहुत भूख लगी थी और उसने धीरे-धीरे सभी मछलियों को खा लिया था।

2. कछुए ने क्या उपाय सोचा?
उत्तर: कछुए ने उपाय सोचा कि मगरमच्छ को मरा हुआ दिखाया जाए। उसने मगरमच्छ से कहा कि वह खुद को मरा हुआ दिखाए, ताकि गीदड़ को लगे कि खतरा नहीं है और वह तालाब के पास आए।

3. गीदड़ ने समझदारी कैसे दिखाई?
उत्तर: गीदड़ ने समझदारी दिखाई जब उसने मगरमच्छ की पूँछ को हिलता हुआ देखा। उसने सोचा कि मगरमच्छ मरा नहीं है क्योंकि मरे हुए मगरमच्छ की पूँछ नहीं हिलती। इसके बाद वह जल्दी से वहां से भाग गया।

4. गीदड़ को मगरमच्छ की सच्चाई कैसे पता चली?
उत्तर: गीदड़ को मगरमच्छ की सच्चाई तब पता चली जब उसने मगरमच्छ की पूँछ को हिलते हुए देखा। उसने यह देखकर समझा कि मगरमच्छ सच में मरा नहीं है।

कहानी से

1. नीचे कहानी से जुड़े कुछ चित्र और बातें हैं। उनका आपस में मिलान कीजिए- कहानी से

उत्तर: 
कहानी से

भाषा की बात

1. कहानी में पशुओं के लिए तालाब ही पानी का स्रोत है। नीचे दी गई वर्ग पहेली से पानी के अन्य स्रोतों को ढूँढकर लिखिए- 

भाषा की बात

उत्तर: भाषा की बात


2.  सही वाक्य बनाइए-
'दो मित्र कहीं जा रहे हैं'
इस वाक्य में 'द' को 'क', 'म' को 'ग' और 'ह' को 'प' से बदल दिया गया है।
इस तरह नया वाक्य बना- 'को गित्र कपीं जा रपे पैं'
अब दिए गए वाक्य में 'ल' को 'ह' और 'स' को 'भ' से बदलकर नया वाक्य बनाइए।

मैं बलुत सूखा/सूखी लूँ।
उत्तर: जब हम दिए गए वाक्य 'को गित्र कपीं जा रपे पैं' में 'ल' को 'ह' और 'स' को 'भ' से बदलते हैं, तब यह वाक्य बनेगा:
'मैं बहुत सूखा/सूखी हूँ।'

3. कहानी में आए शब्दों का प्रयोग करते हुए नए वाक्य बनाकर लिखिए-
भाषा की बातउत्तर: कठिन: यह परीक्षा बहुत कठिन थी, लेकिन मैंने अच्छे अंक प्राप्त किए।
प्रयत्न: मैंने अपनी समस्या का समाधान करने का प्रयत्न किया।
सहायता: मुझे उम्मीद है कि आप मुझे इस काम में सहायता करेंगे।
प्यारा: मेरा प्यारा कुत्ता हमेशा मेरे साथ खेलना पसंद करता है।

4. एक मछली, अनेक मछलियाँ। नीचे दिए गए शब्दों के एक और अनेक रूप लिखिए- भाषा की बातउत्तर: भाषा की बात

पता कीजिए और लिखिए

इस कहानी में मगरमच्छ, गीदड़ और कछुए जैसे पात्र आपने देखे हैं। मगरमच्छ जल और थल दोनों पर ही रहता है जबकि गीदड़ केवल थल पर रहता है। आप इस तरह के और प्राणियों के नाम पता करके नीचे दी गई तालिका में लिखिए- पता कीजिए और लिखिएउत्तर: 
पता कीजिए और लिखिए

मेरी सोच

मेरी सोचउत्तर: मेरी सोच

आप क्या सोचते हैं?


अगर मगरमच्छ पूँछ न हिलाता तो अनुमान लगाइए कि कहानी का क्या अंत होता?
उत्तर:  अगर मगरमच्छ अपनी पूँछ न हिलाता, तो गीदड़ को लगता कि वह सच में मर गया है। गीदड़ बिना किसी डर के मगरमच्छ के पास आता और शायद कछुए की मदद करता। तब मगरमच्छ उसे पकड़कर खा सकता था। कहानी का अंत गीदड़ के लिए अच्छा नहीं होता और मगरमच्छ अपनी भूख मिटा लेता।

मेरी कलाकारी

मेरी कलाकारी

उत्तर: छात्र पाठ्यपुस्तक में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए कलाकारी करें और आनंद लें।

ठहाके

ठहाकेहाथी - इस पृथ्वी पर मुझसे बलवान कोई जीव नहीं है।
चींटी - अच्छा! अगर इतने ही बलवान हो तो मेरे बिल में घुसकर दिखाओ!

लड़की (सहपाठी से) - वह कौन-सी कली है जो खिल नहीं सकती?
सहपाठी - आसान सी बात, छिपकली और क्या! ठहाके

अमन हाथ से दाने फेंकने का अभिनय कर रहा था तभी उसका मित्र आया।
मित्र - अमन! यह क्या कर रहे हो?
अमन - चिड़िया को दाने खिला रहा हूँ।
मित्र - पर तुम्हारे हाथ में दाने तो हैं नहीं?
अमन - तो अभी चिड़िया भी तो नहीं है!

अध्यापक - ममता, 15 फलों के नाम बताओ।
ममता - आम, संतरा, अमरूद और एक दर्जन केले।

पूर्ण (सहपाठी से) - मैंने एक ऐसी दवा बनाई है, जिससे हम दीवार के आर-पार देख सकते हैं।
सहपाठी - अरे वाह! इस दवा का नाम क्या है?
पूर्ण - छेद।

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FAQs on NCERT Solutions: चतुर गीदड़

1. What is the moral lesson of चतुर गीदड़ (The Clever Jackal) story for Class 3?
Ans. The clever jackal story teaches that intelligence and quick thinking help overcome dangerous situations, even against stronger opponents. The jackal uses his wit to escape the hunter's trap by pretending to be dead, demonstrating how cleverness is more powerful than brute strength. This NCERT Hindi lesson for Class 3 emphasizes that students should think before acting and use their minds to solve problems wisely.
2. Why did the jackal pretend to be dead in चतुर गीदड़ story?
Ans. The jackal pretended to be dead to escape the hunter's trap after getting caught in a snare. By lying motionless, the jackal tricked the hunter into thinking it was already dead and not worth taking. This clever strategy in the चतुर गीदड़ narrative shows how the character used deception as a survival technique when physical escape was impossible, highlighting the story's theme of resourcefulness.
3. What are the main characters in चतुर गीदड़ and what does each one represent?
Ans. The primary characters include the jackal (representing intelligence and cunning), the hunter (representing danger and threat), and sometimes other animals symbolising different traits. In the NCERT Solutions for this chapter, the jackal embodies wisdom and quick thinking, while the hunter represents obstacles students must overcome cleverly. Understanding character roles helps Class 3 students grasp how personality traits drive story outcomes and decision-making.
4. How does the jackal's behaviour in चतुर गीदड़ show the importance of staying calm in difficult situations?
Ans. The jackal remains composed when trapped, avoiding panic and instead using mental alertness to devise an escape plan. Rather than struggling frantically, the character observes the hunter's patterns and responds strategically. This CBSE Hindi lesson demonstrates that maintaining calm composure during crisis allows individuals to think clearly and find solutions, a valuable life skill beyond the classroom.
5. What life lessons can Class 3 students apply from चतुर गीदड़ in their daily lives?
Ans. Students learn that intelligence beats strength, honesty matters in relationships, and quick thinking solves problems better than fear or force. The चतुर गीदड़ fable teaches children to observe situations carefully before acting, to value their minds, and to understand consequences of actions. These NCERT moral lessons encourage young learners to develop critical thinking skills applicable to school, friendships, and family interactions.
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