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NCERT Solutions: जलाते चलो

NCERT Solutions: जलाते चलो

पाठ से

मेरी समझ से


(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए-
(1) निम्नलिखित में से कौन-सी बात इस कविता में मुख्य रूप से कही गई है?
  • भलाई के कार्य करते रहना (★)
  • दीपावली के दीपक जलाना
  • बल्ब आदि जलाकर अंधकार दूर करना
  • तिमिर मिलने तक नाव चलाते रहना

उत्तर: भलाई के कार्य करते रहना

(2) "जला दीप पहला तुम्हीं ने तिमिर की, चुनौती प्रथम बार स्वीकार की थी"
यह वाक्य किससे कहा गया है?

  • तूफ़ान से
  • मनुष्यों से (★)
  • दीपकों से
  • तिमिर से

उत्तर: मनुष्यों से

(ख) अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
उत्तर: 
(1) मैंने 'भलाई के कार्य करते रहना' उत्तर इसलिए चुना क्योंकि कविता का शीर्षक भी 'जलाते चलो' है। पूरी कविता में बुराई, अनाचार, पाप, लोभ आदि बुराइयों को मिटाकर भलाई के कार्य करने की प्रेरणा दी गयी है।
(2) मैंने 'मनुष्यों से' उत्तर इसलिए चुना क्योंकि मानव नेही प्रेम रूपी प्रकाश का दीपक जलाकर 'तिमिर' अर्थात अंधकार, बुराइयों आदि की चुनौती को स्वीकार किया था।

मिलकर करें मिलान

कविता में से चुनकर कुछ शब्द यहाँ दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सही अर्थों या संदर्भों से मिलाइए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।
मिलकर करें मिलानउत्तर:

मिलकर करें मिलान

पंक्तियों पर चर्चा

कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए-
पंक्तियों पर चर्चा"दिये और तूफ़ान की यह कहानी
चली आ रही और चलती रहेगी,
जली जो प्रथम बार लौ दीप की
स्वर्ण-सी जल रही और जलती रहेगी।
रहेगा धरा पर दिया एक भी यदि
कभी तो निशा को सवेरा मिलेगा।"
उत्तर: 
कवि का संदेश है कि संघर्ष और सफलता की यात्रा लगातार चलती रहती है। हमें निराश या हतोत्साहित नहीं होना चाहिए, क्योंकि अगर एक दीपक भी जल रहा है, तो मानवता का प्रकाश कायम रहेगा। प्रेम, बलिदान और ज्ञान के संदेश दुनिया में फैलेंगे, और जीवन को अर्थ मिलेगा।

सोच-विचार के लिए

कविता को एक बार फिर से पढ़िए, पता लगाइए और अपनी लेख पुस्तक में लिखिए-

(क) कविता में अंधेरे या तिमिर के लिए किस स्थिति के उदाहरण दिए गए हैं?
उत्तर:

  • अमावस
  • निशा
  • तिमिर की सरिता
  • तिमिर की शिला
  • पवन
  • तूफ़ान

(ख) यह कविता आशा और उत्साह जगाने वाली कविता है। इसमें क्या आशा की गई है? यह आशा क्यों की गई है?
उत्तर: यह कविता जीवनरूपी दीप में स्नेह व अपनापन रूपी तेल भरकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। निराशा के बीच ही आशा की एक किरण दिखाई देती है। मानव और विश्व कल्याण हेतु हमें महापुरुषों के पदचिह्नों पर चलना होगा। प्रेम, सद्भावना और मानवीय सौहार्द से यह जीवन खुशहाल बनता है। नई पीढ़ी इतिहास में हुए महान लोगों से प्रेरणा लेकर एक सुंदर भविष्य की नींव रखेगी। कविता मनुष्य के हृदय में विश्व बंधुत्व की आशा जाग्रत करती है।

(ग) कविता में किसे जलाने और किसे बुझाने की बात कही गई है?
उत्तर: कविता में मनुष्य को ज्ञान रूपी दीपक को जलाकर रखने की बात की गई है। क्योंकि स्नेह से भरे दीपक चारों ओर रोशनी फैलाते हैं। जबकि बिना स्नेह वाले विद्युत दीपक को बुझा देने की बात कही गई है, क्योंकि कृत्रिम चीजें केवल कुछ पल का प्रकाश कर सकती है। जीवन की सही राह केवल ज्ञान से ही प्राप्त की जा सकती है।

कविता की रचना

"जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर
कभी तो धरा का अँधेरा मिटेगा ।"
इन पंक्तियों को अपने शिक्षक के साथ मिलकर लय सहित गाने या बोलने का प्रयास कीजिए। आप हाथों से ताल भी दे सकते हैं। दोनों पंक्तियों को गाने या बोलने में समान समय लगा या अलग-अलग? आपने अवश्य ही अनुभव किया होगा कि इन पंक्तियों को बोलने या गाने में लगभग एक-समान समय लगता है। केवल इन दो पंक्तियों को ही नहीं, इस कविता की प्रत्येक पंक्ति को गाने में या बोलने में लगभग समान समय ही लगता है। इस विशेषता के कारण यह कविता और अधिक प्रभावशाली हो गई है।
आप ध्यान देंगे तो इस कविता में आपको और भी अनेक विशेष बातें दिखाई देंगी।
(क) इस कविता को एक बार फिर से पढ़िए और अपने-अपने समूह में मिलकर इस कविता की विशेषताओं की सूची बनाइए, जैसे इस कविता की पंक्तियों को 2-4, 2-4 के क्रम में बाँटा गया है आदि।

उत्तर: विद्यार्थी पढ़कर स्वयं कविता की विशेषताओं की सूची बनाएँ और उसे कक्षा में साझा करें।

(ख) अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
उत्तर: विद्यार्थी पढ़कर स्वयं कविता की विशेषताओं की सूची बनाएँ और उसे कक्षा में साझा करें।

मिलान

स्तंभ 1 और स्तंभ 2 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। मिलते-जुलते भाव वाली पंक्तियों को रेखा खींचकर जोड़िए।
मिलानउत्तर:
मिलान

अनुमान या कल्पना से

(क) "दिये और तूफान की यह कहानी 
चली आ रही और चलती रहेगी"
दीपक और तूफान की यह कौन-सी कहानी हो सकती है जो सदा से चली आ रही है?
उत्तर: दिये और तूफ़ान की कहानी से अभिप्राय-अमीर-गरीब, सत्य-असत्य, हिंसा - अहिंसा, पाप-पुण्य आदि अच्छाई और बुराई से है।
दीपक का जलना जीवन के साहस का प्रतीक है, जबकि तूफ़ान बाहरी चुनौतियों और संघर्षों का प्रतीक है। यह कहानी यह दिखाती है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएं, दीपक अर्थात ज्ञान, या आत्मविश्वास हमेशा जलता रहेगा, और तूफ़ान अर्थात चुनौतियों को मिटाता रहेगा। जीवन में अच्छा और बुरा दोनों ही समय आता है, लेकिन अंत में केवल सत्य और अच्छाई की जीत होती है।

(ख) "जली जो प्रथम बार लौ दीप की 
स्वर्ण-सी जल रही और जलती रहेगी"
दीपक की यह सोने जैसी लौ क्या हो सकती है जो अनगिनत सालों से जल रही है?
उत्तर: दीपक की यह सोने जैसी लौ आशा और उम्मीद का प्रतीक है। यह लौ अनगिनत सालों से जल रही है। हमारा जीवन अच्छे भविष्य की आशा का सहारा लेकर ही चलता है। यदि किसी कारणवश किसी की आशा और उम्मीद समाप्त हो जाए तो वह व्यक्ति सकारात्मक विचारों को छोड़कर निराशावादी बन जाता है। ऐसा व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर हो जाता है। इसलिए सभी के जीवन में आशा और उम्मीद की लौ जलाना और जलना दोनों आवश्यक है चाहे वह लौ मंद-मंद ही जले।

शब्दों के रूप

"कि जिससे अमावस बने पूर्णिमा-सी"
"अमावस" का अर्थ है "अमावस्या"। इन दोनों शब्दों का अर्थ तो समान है लेकिन इनके लिखने-बोलने में थोड़ा-सा अंतर है। ऐसे ही कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इनमें मिलते-जुलते दूसरे शब्द खोजकर लिखिए।
शब्द कविता से खोजकर लिखिए। ऐसे ही कुछ अन्य शब्द आपस में चर्चा करके खोजिए और लिखिए।
1. दिया ______
2. उजेला ______
3. अनगिन _____
4. ______
5. _____
6. _______
उत्तर:
1. दिया - दीप
2. उजेला - उजाला
3. अनगिन - अनगिनत
4. दिन - दिवस
5. धरा - धरती
6. सिल - शिला

अर्थ की बात

(क) "जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर"
इस पंक्ति में 'चलो' के स्थान पर 'रहो' शब्द रखकर पढ़िए। इस शब्द के बदलने से पंक्ति के अर्थ में क्या अंतर आ रहा है? अपने समूह में चर्चा कीजिए ।
उत्तर:
"जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर" पंक्ति में 'चलो' के स्थान पर 'रहो' शब्द रखकर पढ़ने से पंक्ति के अर्थ में बदलाव आ जाता है। 'जलाते चलो' से अभिप्राय है कि आप जा रहे है। स्नेह भर-भर के दीपक जलाते चलो किंतु ' रहो' शब्द का प्रयोग करने से कार्य की निरंतरता का बोध हो रहा है। अर्थात आप हमेशा ही स्नेह के दिये जलाते रहें। यह प्रक्रिया रुके नहीं, सतत चलती रहे।
(ख) कविता में प्रत्येक शब्द का अपना विशेष महत्व होता है। यदि वे शब्द बदल दिए जाएँ तो कविता का अर्थ भी बदल सकता है और उसकी सुंदरता में भी अंतर आ सकता है।

नीचे कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। पंक्तियों के सामने लगभग समान अर्थ वाले कुछ शब्द दिए गए हैं। आप उनमें से वह शब्द चुनिए, जो उस पंक्ति में सबसे उपयुक्त रहेगा-
1. बहाते चलो ________ तुम वह निरंतर (नैया, नाव, नौका)
कभी तो तिमिर का _____ मिलेगा। (तट, तीर, किनारा)
उत्तर: 
नाव, किनारा

2.रहेगा _____ पर दिया एक भी यदि (धरा, धरती, भूमि)
कभी तो निशा को ______ मिलेगा।। (प्रात:, सुबह, सवेरा)
उत्तर: 
धरा, सवेरा

3. जला दीप पहला तुम्हीं ने _____ की (अंधकार, तिमिर, अँधेरे)
चुनौती _____ बार स्वीकार की थी। (प्रथम, अव्वल, पहली)
उत्तर: 
तिमिर, प्रथम

प्रतीक

(क) "कभी तो निशा को सवेरा मिलेगा
निशा का अर्थ है - रात
सवेरा का अर्थ है - सुबह

आपने अनुभव किया होगा कि कविता में इन दोनों शब्दों का प्रयोग 'रात' और 'सुबह' के लिए नहीं किया गया है। अपने समूह में चर्चा करके पता लगाइए कि 'निशा' और 'सवेरा' का इस कविता में क्या-क्या अर्थ हो सकता है।
(संकेत - निशा से जुड़ा है 'अंधेरा' और सवेरा से जुड़ा है 'उजाला')

उत्तर: (क) निशा (अर्थात अँधेरा): यह जीवन में आने वाली कठिनाइयों, संघर्ष, और समस्याओं का प्रतीक हो सकता है।
यह निराशा, दुख, या जीवन में आने वाली कठिन घड़ियों का भी प्रतिनिधित्व कर सकता है।
सवेरा (अर्थात उजाला): यह उम्मीद, नई शुरुआत, और सकारात्मकता का प्रतीक हो सकता है।
यह सफलता, समाधान, और जीवन में आने वाली खुशियों का भी संकेत कर सकता है।

(ख) कविता में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में मिलकर इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें उपयुक्त स्थान पर लिखिए।
(ख) कविता में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में मिलकर इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें उपयुक्त स्थान पर लिखिए।

उत्तर:
(ख) कविता में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में मिलकर इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें उपयुक्त स्थान पर लिखिए।

(ग) अपने समूह में मिलकर 'निशा' और 'सवेरा' के लिए कुछ और शब्द सोचिए और लिखिए।(संकेत - नीचे दिए गए चित्र देखिए और इन पर विचार कीजिए ।)
(ख) कविता में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में मिलकर इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें उपयुक्त स्थान पर लिखिए।उत्तर:
(ख) कविता में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में मिलकर इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें उपयुक्त स्थान पर लिखिए।

पंक्ति से पंक्ति

"जला दीप पहला तुम्हीं ने तिमिर की
चुनौती प्रथम बार स्वीकार की थी"
कविता की इस पंक्ति को वाक्य के रूप में इस प्रकार लिख सकते हैं-
"तुम्हीं ने पहला दीप जला तिमिर की चुनौती प्रथम बार स्वीकार की थी ।
" अब नीचे दी गई पंक्तियों को इसी प्रकार वाक्यों के रूप में लिखिए-

  1. बहाते चलो नाव तुम वह निरंतर ।
  2. जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर ।
  3. बुझाओ इन्हें, यों न पथ मिल सकेगा।
  4. मगर विश्व पर आज क्यों दिवस ही में घिरी आ रही है अमावस निशा-सी।

उत्तर: 

  1. तुम वह नाव निरंतर बहाते चलो।
  2. तुम ये दिये स्नेह से भर-भरकर जलाते चलो।
  3. इन्हें बुझाओ, नहीं तो इस प्रकार पथ नहीं मिल सकेगा।
  4. मगर आज विश्व पर दिवस के समय ही अमावस की रात-सी क्यों घिरी आ रही है?

सा/सी/से का प्रयोग

"घिरी आ रही है अमावस निशा-सी
स्वर्ण-सी जल रही और जलती रहेगी"
इन पंक्तियों में कुछ शब्दों के नीचे रेखा खिंची है। इनमें 'सी' शब्द पर ध्यान दीजिए। यहाँ 'सी' शब्द समानता दिखाने के लिए प्रयोग किया गया है। 'सा/सी/से' का प्रयोग जब समानता दिखाने के लिए किया जाता है तो इनसे पहले योजक चिह्न (-) का प्रयोग किया जाता है।
अब आप भी विभिन्न शब्दों के साथ 'सा / सी / से' का प्रयोग करते हुए अपनी कल्पना से पाँच वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर: 

  1. वह बच्चा फूल-सा मासूम है।
  2. उसका चेहरा चाँद-सा चमक रहा है।
  3. उसकी आवाज़ शहद-सी मीठी है।
  4. वह व्यक्ति पर्वत-सा अडिग है।
  5. नदी का पानी आईना-सा साफ़ है।

पाठ से आगे

आपकी बात

(क) "रहेगा धरा पर दिया एक भी यदि
कभी तो निशा को सवेरा मिलेगा।"
यदि हर व्यक्ति अपना कर्तव्य समझ ले और दूसरों की भलाई के लिए कार्य करे तो पूरी दुनिया सुंदर बन जाएगी। आप भी दूसरों के लिए प्रतिदिन बहुत-से अच्छे कार्य करते होंगे। अपने उन कार्यों के बारे में बताइए ।
उत्तर: 
मेरे द्वारा किए जाने वाले कुछ अच्छे कार्य-

  • मैं प्रातःकाल उठकर अपने घर के बड़ों के चरण-स्पर्श करता हूँ।
  • इसके पश्चात नहा-धोकर मैं घर के पौधों को पानी देता हूँ।
  • विद्यालय से आकर मैं अपना लंच बॉक्स और पानी की बोतल रसोईघर में रखता हूँ।
  • हमारे घर के पास एक वृद्ध आश्रम है। मेरी माँ और हम दोनों भाई-बहन वहाँ जाकर कुछ समय उन लोगों के साथ व्यतीत करते हैं।
  • शाम के समय मैं अपनी माँ के गृह कार्य में मदद करता हूँ। रात के समय सभी के कमरों में पानी रखकर आना मेरा काम है।

(ख) इस कविता में  निराश न होने, चुनौतियों का सामना करने और सबके सुख के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया है। यदि आपको अपने किसी मित्र को निराश न होने के लिए प्रेरित करना हो तो आप क्या करेंगे? क्या कहेंगे? अपने समूह में बताइए ।
उत्तर: 
मेरे कक्षा के मेरे मित्र अमित पिछले कुछ समय से स्कूल नहीं आ रहा था। जब हमने अध्यापिका से पूछा तो पता चला कि उसके पापा बीमार थे और उनके व्यापार में भी परेशानी आ गई थी। इसके कारण अमित बहुत परेशान और निराश हो गया था। हमारे स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने उसकी फीस माफ कर दी और हम दोस्तों ने उसके लिए किताबें और आवश्यक सामान लेकर दिए। हमने उसे पुराने पाठ्यक्रम की फोटोकॉपी भी दी ताकि वह पीछे न रह जाए। मैं रोज़ उसके साथ पढ़ाई करता हूँ और उसे कुछ प्रेरणादायक बातें समझाता हूँ। अब उसके पापा ठीक हो गए हैं और अमित में भी हिम्मत और आत्मविश्वास लौट रहा है।

(ग) क्या आपको कभी किसी ने कोई कार्य करने के लिए प्रेरित किया है? कब? कैसे? उस घटना के बारे में बताइए।
उत्तर: 
मेरी मां ने हमेशा मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती है। वह कहती हैं कि हमेशा आगे बढ़ना चाहिए। बीती हुई घटनाओं से कुछ सीखो और आगे बढ़ो। मुझे खेल की प्रतियोगिता में हिस्सा लेना था। लेकिन मुझे डर भी बहुत लग रहा था। तब मेरी मां ही है जिसने मुझे प्रोत्साहित किया। उसने कहा की निराश मत होना हार, जीत तो चलता ही रहता है। लेकिन डर की वजह से खेल में शामिल ही ना होना यह गलत बात है। तुम हिस्सा लो और आज से खेल की तैयारी करनी शुरू करो।

अमावस्या और पूर्णिमा

(क) "भले शक्ति विज्ञान में है निहित वह
कि जिससे अमावस बने पूर्णिमा-सी"
आप अमावस्या और पूर्णिमा के बारे में पहले ही पढ़ चुके हैं। क्या आप जानते हैं कि अमावस्या और पूर्णिमा के होने का क्या कारण है?
आप आकाश में रात को चंद्रमा अवश्य देखते होंगे। क्या चंद्रमा प्रतिदिन एक-सा दिखाई देता है? नहीं। चंद्रमा घटता-बढ़ता दिखाई देता है। आइए जानते हैं कि ऐसा कैसे होता है। आप जानते ही हैं कि चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है जबकि पृथ्वी सूर्य की ।
आप यह भी जानते हैं कि चंद्रमा का अपना कोई प्रकाश नहीं होता। वह सूर्य के प्रकाश से ही चमकता है। लेकिन पृथ्वी के कारण सूर्य के कुछ प्रकाश को चंद्रमा तक जाने में रुकावट आ जाती है। इससे पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, जो प्रतिदिन घटती-बढ़ती रहती है। सूरज का जो प्रकाश बिना रुकावट चंद्रमा तक पहुँच जाता है, उसी से चंद्रमा चमकदार दिखता है। इसी छाया और उजले भाग की आकृति में आने वाले परिवर्तन को चंद्रमा की कला कहते हैं।
चंद्रमा की कला धीरे-धीरे बढ़ती रहती है और पूर्णिमा की रात चंद्रमा पूरा 'दिखने लगता है। इसके बाद कला धीरे-धीरे घटती रहती है और अमावस्या वाली रात चाँद दिखाई नहीं देता। चंद्रमा की कलाओं के घटने के दिनों को 'कृष्ण पक्ष' को कहते हैं। 'कृष्ण' शब्द का एक अर्थ काला भी है। इसी प्रकार चंद्रमा की कलाओं के बढ़ने के दिनों को 'शुक्ल पक्ष' कहते हैं। 'शुक्ल' शब्द का एक अर्थ 'उजला' भी है।

अमावस्या और पूर्णिमा

उत्तर: अमावस्या और पूर्णिमा चंद्रमा के दो महत्वपूर्ण चरण हैं। अमावस्या वह समय है जब चंद्रमा का कोई भाग दिखाई नहीं देता, और पूर्णिमा वह समय है जब चंद्रमा पूरी तरह से प्रकाशित होता है। इन दोनों स्थितियों के बीच कई चरण होते हैं, जो प्रकृति के अद्भुत चक्र का हिस्सा हैं।
इसका यह अर्थ है कि जीवन में अंधकार (अमावस्या) और प्रकाश (पूर्णिमा) दोनों का होना स्वाभाविक है। अमावस्या हमें जीवन में संघर्ष और धैर्य का महत्व सिखाती है, जबकि पूर्णिमा यह सिखाती है कि हर कठिनाई के बाद उजाला आता है। यह चंद्रमा की सुंदरता और जीवन के संघर्षों को दर्शाता है।

(ख) अब नीचे दिए गए चित्र में अमावस्या, पूर्णिमा, कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष को पहचानिए और ये नाम उपयुक्त स्थानों पर लिखिए-
(यदि पहचानने में कठिनाई हो तो आप अपने शिक्षक, परिजनों या इंटरनेट की सहायता भी ले सकते हैं।)

अमावस्या और पूर्णिमा

उत्तर:

  • अमावस्या: यह वह चरण है जब चंद्रमा बिल्कुल दिखाई नहीं देता।
  • पूर्णिमा: यह वह चरण है जब चंद्रमा पूरा और चमकीला दिखता है।
  • कृष्ण पक्ष: यह चंद्रमा का वह चरण है जब पूर्णिमा के बाद चंद्रमा धीरे-धीरे घटने लगता है।
  • शुक्ल पक्ष: यह चंद्रमा का वह चरण है जब अमावस्या के बाद चंद्रमा धीरे-धीरे बढ़ने लगता है।

चित्र में पहचान:

  • सबसे काले चरण को अमावस्या कहेंगे।
  • सबसे चमकीले पूर्ण चंद्रमा को पूर्णिमा कहेंगे।
  • अमावस्या से पूर्णिमा के बीच वाले चरण शुक्ल पक्ष कहलाते हैं।
  • पूर्णिमा से अमावस्या के बीच वाले चरण कृष्ण पक्ष कहलाते हैं।

तिथिपत्र

आपने तिथिपत्र (कैलेंडर ) अवश्य देखा होगा। उसमें साल के सभी महीनों की तिथियों की जानकारी दी जाती है। नीचे तिथिपत्र के एक महीने का पृष्ठ दिया गया है। इसे ध्यान से देखिए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

तिथिपत्र

(क) दिए गए महीने में कुल कितने दिन हैं?
उत्तर: इस महीने में कुल 31 दिन हैं।

(ख) पूर्णिमा और अमावस्या किस तारीख और वार को पड़ रही है?
उत्तर: पूर्णिमा 6 तारीख को और अमावस्या 21 तारीख को पड़ रही है।

(ग) कृष्ण पक्ष की सप्तमी और शुक्ल पक्ष की सप्तमी में कितने दिनों का अंतर है?
उत्तर: कृष्ण पक्ष की सप्तमी 14 तारीख को और शुक्ल पक्ष की सप्तमी 28 तारीख को है। दोनों में 14 दिनों का अंतर है।

(घ) इस महीने में कृष्ण पक्ष में कुल कितने दिन हैं?
उत्तर: कृष्ण पक्ष में कुल 15 दिन हैं। (7 जनवरी से 21 जनवरी तक)।

(ङ) 'बसंत पंचमी' की तारीख बताइए।
उत्तर: बसंत पंचमी 26 तारीख को है।

आज की पहेली

"समय साक्षी है कि जलते हुए दीप
अनगिन तुम्हारे पवन ने बुझाए ।"
'पवन' शब्द का अर्थ है हवा ।
नीचे एक अक्षर - जाल दिया गया है। इसमें 'पवन' के लिए उपयोग किए जाने वाले अलग-अलग नाम या शब्द छिपे हैं। आपको उन्हें खोजकर उन पर घेरा बनाना है, जैसा एक हमने पहले से बना दिया है। देखते हैं, आप कितने सही नाम या शब्द खोज पाते हैं।

आज की पहेलीउत्तर:
आज की पहेलीपवन, समीर, हवा, वायु, अनिल ।

खोजबीन के लिए

कविता संबंधित कुछ रचनाएँ दी गई हैं, इन्हें पुस्तक में दिए गए क्यू. आर. कोड की सहायता से पढ़ें, देखें व समझें।

  • हम सब सुमन एक उपवन के
  • बढ़े चलो
  • रोज़ बदलता कैसे चाँद भाग 1
  • रोज़ बदलता कैसे चाँद भाग 2

उत्तर: यह पंक्ति हमें एकता और समरसता का संदेश देती है। इसमें यह बताया गया है कि हम सभी एक बगीचे के फूलों की तरह हैं, जो एक साथ मिलकर अपनी सुंदरता और सुगंध से दुनिया को बेहतर बनाते हैं।
यह कविताएं चाँद के बदलते रूपों का वर्णन करती हैं। इनमें बताया गया है कि चंद्रमा अमावस्या से पूर्णिमा तक और फिर पूर्णिमा से अमावस्या तक अपने विभिन्न रूपों को दिखाता है। यह प्रकृति की अनोखी प्रक्रिया का परिचय कराती हैं, जो हमारे जीवन के उतार-चढ़ाव को दर्शाती है।

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FAQs on NCERT Solutions: जलाते चलो

1. What is the main message of "जलाते चलो" in the Class 6 Hindi curriculum?
Ans. "जलाते चलो" conveys that one should continuously maintain effort and determination like a lamp that keeps burning. The poem emphasises persistence, courage, and the importance of never giving up despite difficulties. It inspires students to stay motivated and keep moving forward with hope and dedication in life's journey.
2. Who is the author of "जलाते चलो" and what is the poem's central theme?
Ans. The poem "जलाते चलो" focuses on the theme of perseverance and inner strength. It uses the metaphor of a burning lamp to symbolise how individuals should maintain their efforts continuously. The central theme teaches Class 6 students about resilience, hope, and the power of consistent action despite facing obstacles or darkness.
3. What literary devices are used in "जलाते चलो" NCERT solution?
Ans. The poem employs metaphor extensively, comparing human determination to a continuously burning lamp. It uses vivid imagery to depict struggle and perseverance. Repetition of key phrases reinforces the message of constant effort. These literary techniques help convey the motivational tone and make the Hindi poem memorable for young learners studying CBSE Class 6.
4. How should I prepare "जलाते चलो" for my Class 6 Hindi exams?
Ans. Students should focus on understanding the poem's deeper meaning beyond literal interpretation. Read the text multiple times to grasp emotional undertones and symbolism. Refer to mind maps and flashcards highlighting key phrases and their significance. Practice writing short answers about the poem's message and impact. Reviewing NCERT solutions helps identify important points examiners frequently ask.
5. What are the key takeaways from "जलाते चलो" that appear in CBSE Class 6 exams?
Ans. Examiners typically focus on the poem's metaphorical meaning, the significance of the burning lamp symbol, and lessons about determination. Students should remember how the poem encourages continuous effort and hope. Common exam questions ask about the poet's message and its relevance to daily life. Understanding character motivation and thematic elements ensures better answers on Hindi assessments.
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