प्रश्न 1: इस कविता में दादा और दादी की जगह नाना और नानी कहकर कविता को फिर से गाइए।
उत्तर: शिक्षिका बच्चों को सुझाए गए शब्द बदलकर अपनी कविता रचने और सुनाने के लिए प्रेरित करें। बच्चों का ध्यान तुकवाले शब्दों की ओर भी दिलवाएँ; जैसे-दादी के साथ 'खादी' की तुक बैठती है, वैसे ही नानी के साथ कहानी, पानी, रानी आदि शब्दों की तुक बैठेगी। बच्चों द्वारा रची गई कविता इस प्रकार हो सकती है।
एक हमारे नाना जी हैं,
एक हमारी नानी।
दोनों ही कहते रहते हैं,
अपनी कोई कहानी।
नानी गाना गाया करतीं,
नाना जी मुसकाते
कभी-कभी नाना जी भी,
कोई गाना गाते
अप्पू के अप्पा, अप्पम लेने
अनोखे अनंतनगर आए।
घर-घर, घड़ी-घड़ी घड़ी घूमती।
उत्तर: बच्चे बार-बार बोलकर अभ्यास करें।
प्रश्न 1: 'अप्पू अप्पा अप्पम' की तरह 'अ' की जगह 'म', 'न', 'द' की ध्वनि से शब्द बनाकर सुनाइए।
उत्तर: बच्चे सुझावित वाक्यांश अप्पू अप्पा अप्पम में शुरू की ध्वनि 'अ' की जगह म, न, द लिखकर नए शब्द बनाकर बोलें; जैसे-
प्रश्न 2: निम्नलिखित शब्दों को सुनकर उनमें आई ध्वनियों की संख्या बताइए।
दादा, दादी, नानी, नाना, मामा, मामी, दनादन, अपना, अनार, नमन।
उत्तर: शब्दों में ध्वनियों की संख्या -
प्रश्न 3: बोल मेरी मछली, कितना पानी?
नीचे दिए गए चित्र को देखकर मछलियों की संख्या बताइए।
उत्तर: चित्र में चार मछलियाँ दिखाई दे रही हैं।
प्रश्न 1: अपना, अनार
इन शब्दों में पहली ध्वनि कौन-सी है?
उत्तर: अपना, अनार शब्दों की पहली ध्वनि है - अ।
प्रश्न 2: जिन शब्दों की पहली ध्वनि 'अ' है, उनके आगे सही (✓) का चिह्न लगाइए।
उत्तर:
प्रश्न: 'दादा-दादी' और 'नाना-नानी' कविताओं को अपने परिवार के किसी सदस्य को सुनाएँ। उनसे 'परिवार' और 'घर' से जुड़ी कोई कविता या कहानी पूछें और सुनाने के लिए कहें।
उत्तर: बच्चे अपने 'परिवार' या 'घर' से जुड़ी कविता / कहानी अपने घर के बड़ों से सुनें और कक्षा में मित्रों के साथ साझा करें।
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