प्रश्न 1: क्या आपको कथा-कहानी सुनना-सुनाना पसंद है? अपने उत्तर का कारण बताइए।
उत्तर: हां, मुझे कथा-कहानी सुनना बहुत पसंद है क्योंकि इससे न केवल मनोरंजन होता है, बल्कि हम नई-नई बातें भी सीखते हैं। कहानी सुनने से हमारा ध्यान केंद्रित रहता है और सोचने की क्षमता भी बढ़ती है।
प्रश्न 2: इस लोककथा का सबसे रोचक हिस्सा कौन-सा है और क्यों?
उत्तर: इस लोककथा का सबसे रोचक हिस्सा वह है जब मदन की कविता ने राजा का खजाना बचा लिया। यह इसलिए रोचक है क्योंकि मदन ने बिना सोचे-समझे कविता बनाई, लेकिन उसी कविता ने चोरों को डराया और खजाने को बचाने में मदद की।
प्रश्न 3: राजा का खजाना मदन की कविता के कारण बचा या राजा के कारण जो कविता को जोर-जोर से बोल रहे थे?
उत्तर: राजा का खजाना मदन की कविता और राजा की समझदारी दोनों के कारण बचा। कविता के कारण चोर डर गए और राजा के बोलने से उन्हें लगा कि वे पकड़े जा चुके हैं।
प्रश्न 4: राजमहल में जब मदन ने अपनी कविता सुनाई तो सुनने वाले एक-दूसरे का मुँह क्यों ताकने लगे?
उत्तर: जब मदन ने अपनी कविता सुनाई, तो सुनने वाले लोग आश्चर्यचकित हो गए क्योंकि कविता का कोई स्पष्ट अर्थ नहीं था। वे सभी एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि इसका अर्थ क्या हो सकता है, क्योंकि कविता थोड़ी अलग और अनोखी थी।
प्रश्न 5: आप इस कहानी का कोई और शीर्षक सुझाइए तथा बताइए कि यह शीर्षक क्यों देना चाहते हैं।
उत्तर: मैं इस कहानी का शीर्षक "कविता का कमाल" के बजाय "मदन की अद्भुत कविता" रखना चाहूंगा। यह इसलिए क्योंकि मदन की कविता ने अद्भुत रूप से राजा का खजाना बचा लिया और यह एक अनोखी घटना थी।
प्रश्न: उपयुक्त शब्द का चयन कर वाक्य पूरा कीजिए -

उत्तर:
प्रश्न 1: नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को उनके क्रम से मिलाएँ -
उत्तर:
प्रश्न 2: रिक्त स्थानों में उपयुक्त पंक्ति लिखिए और चित्र बनाकर उनका मिलान कीजिए -
उत्तर:
प्रश्न 1: "अब मैं तुझे और बिठाकर नहीं खिला सकती।" मदन की माँ ने ऐसा क्यों कहा?
उत्तर: मदन की माँ ने यह बात इसलिए कही क्योंकि वह बहुत गरीब थी और उनके पास खाने के लिए पैसे नहीं थे। वह चाहती थी कि मदन कुछ पैसे कमाकर लाए ताकि वह उसे खिला सके।
प्रश्न 2: जब मदन ने महल का रास्ता पूछा तो धन्नू शाह ने ऐसा क्यों कहा कि अगर वह नहीं तो और कौन जानेगा?
उत्तर: धन्नू शाह ने यह बात इसलिए कही क्योंकि वह स्वयं महल में चोरी की योजना बना रहा था, इसलिए उसे महल का रास्ता अच्छे से पता था।
प्रश्न 3: कहानी में मदन की कविता को विचित्र कहा गया है। क्या आपको भी ऐसा ही लगता है? कारण सहित लिखिए।
उत्तर: हां, मुझे भी मदन की कविता विचित्र लगी। कविता के शब्द अलग-अलग जानवरों और चीज़ों से जुड़े थे, जिनका कोई स्पष्ट अर्थ नहीं था। लेकिन यह कविता बहुत रोचक थी और बाद में यह कविता राजमहल में चोरों को पकड़ने में मदद करती है, जिससे उसकी विचित्रता का महत्व सामने आता है।
प्रश्न 4: राजा को मदन की कविता पहेली जैसी लगी। आपको यह कैसी लगी?
उत्तर: राजा को मदन की कविता पहेली जैसी लगी क्योंकि कविता का कोई स्पष्ट अर्थ नहीं था और राजा उसे समझ नहीं पा रहे थे। मुझे यह कविता दिलचस्प लगी क्योंकि यह अपने आप में एक चुनौती थी और यह दिखाती है कि कभी-कभी रचनात्मकता से कुछ नया निकल सकता है।
प्रश्न 1: "सुरुर-सुरुर का पीवत है" पंक्त्ति में पीने के साथ 'सुरस-सुरस' शब्द का ही प्रयोग क्यों किया गया है?
उत्तर: 'सुरुर-सुरुर' शब्द का प्रयोग पीने के साथ इसलिए किया गया है क्योंकि यह भैंस के पीने की आवाज़ और लयबद्धता को दर्शाता है। जब भैंस पानी पीती है, तो वह धीरे-धीरे सुर में जैसे पीती है, जिसकी आवाज़ 'सुरुर-सुरुर' जैसी लगती है। कविता में इस शब्द का प्रयोग उसी विशेष अंदाज को बताने के लिए किया गया है।
प्रश्न 2: राजदरबार में कवि सम्मेलन हो रहा है। सबसे अच्छी कविता सुनाने वाले को सौ अशर्फियाँ पुरस्कार में मिलेंगी। सौ अशर्फियों से आप क्या समझते हैं?
उत्तरः सौ अशर्फियाँ यानी सोने के सिक्के, जो पुराने समय में बहुत मूल्यवान माने जाते थे। यह बहुत बड़ा इनाम था।
प्रश्न 3: "सरक-सरक कहाँ भागत है" पंक्त्ति में 'सरक-सरक' किसके लिए प्रयुक्त हुआ है? यहाँ 'सरक-सरक' का ही प्रयोग क्यों किया गया है?
उत्तर: 'सरक-सरक' शब्द साँप के लिए इस्तेमाल किया गया है। जब साँप चलता है, तो वह चुपचाप धीरे-धीरे रेंगता है। उसकी चाल से जो हल्की आवाज़ आती है, उसे 'सरक-सरक' कहा गया है। यह शब्द साँप की चाल को मज़ेदार और समझने में आसान बनाने के लिए कविता में लिखा गया है।
प्रश्न 4: "अब कोई चारा नहीं बस राजा साहब से दया की भीख माँग सकता हूँ।" ऐसा धनु शाह ने क्यों सोचा?
उत्तर: धनु शाह ने यह इसलिए सोचा क्योंकि उसे लगा कि उसकी चोरी पकड़ी गई है और अब बचने का कोई और रास्ता नहीं बचा है, इसलिए उसने राजा से दया की भीख माँगने का निश्चय किया।
प्रश्न 1: यदि मदन रोजगार की खोज में घर से बाहर नहीं निकलता तो क्या होता?
उत्तर: यदि मदन रोजगार की खोज में घर से बाहर नहीं निकलता, तो शायद वह अपनी माँ के लिए पैसे नहीं ला पाता और दोनों को भूखा रहना पड़ता। घर से बाहर जाकर ही उसने राजदरबार में कविता सुनाकर पुरस्कार के रूप में पैसे कमाए, जिससे उसकी माँ का पेट भरा और उनका जीवन सुधरा।
प्रश्न 2: अपनी कल्पना और अनुमान से बताइए कि राजमहल कैसा होता होगा।
उत्तर: मेरी कल्पना के अनुसार, राजमहल बहुत बड़ा और सुंदर होता होगा। वहाँ ऊँची-ऊँची इमारतें, विशाल बग़ीचे, कलात्मक फव्वारे और महल की दीवारों पर सुनहरी सजावट होती होगी। महल के अंदर भव्य कमरे, बड़े झूमर और शाही सामान होते होंगे। राजा के सिंहासन के पास दरबार लगता होगा, जहाँ दरबारी अपने-अपने कार्यों में व्यस्त रहते होंगे।
प्रश्न 3: राजा के खजाने में क्या -क्या होता होगा और कितना-कितना होता होगा?
उत्तर: राजा के खजाने में सोने-चाँदी के सिक्के, बहुमूल्य रत्न, हीरे, मोती, जवाहरात, तांबे और अन्य कीमती धातुएँ होती होंगी। खजाने में बहुत अधिक संपत्ति जमा की जाती होगी, जो राजकोष के काम आती होगी और राजा की शक्ति व समृद्धि को दर्शाती होगी। इसके अलावा, उसमें कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरें भी संग्रहीत होती होंगी।
प्रश्न 4: मदन की कविता से प्रसन्न होकर राजा ने उसे विदा करते समय क्या -क्या उपहार दिए होंगे?
उत्तर: मदन की कविता से प्रसन्न होकर राजा ने उसे सोना-चाँदी, रत्न, कीमती वस्त्र और अन्य मूल्यवान उपहार दिए होंगे। संभवतः राजा ने उसे शाही रजाई, गहने और उसकी माँ के लिए धन भी भिजवाया होगा, ताकि वह प्रसन्न होकर अपने घर लौट सके।
प्रश्न 5: राजा ने मदन को बहुत सारा धन दिया होगा। उसे यह सब कहाँ-कहाँ खर्च करना चाहिए?
उत्तर:
कहानियाँ सुनना और सुनाना सभी को पसंद होता है। नीचे दिए गए निर्देशों के अनुसार कक्षा में 'कविता का कमाल' कहानी सुनाइए -
प्रश्न 1: स्वयं को मदन की जगह रखकर यह कहानी अपनी मातृभाषा या अपनी पसंद की भाषा में सुनाइए।
उत्तर: "मैं मदन हूँ। मैं अपनी माँ के साथ गाँव में रहता था। हम बहुत गरीब थे। एक दिन माँ ने मुझसे कहा कि अब मैं तुझे बिना काम किए खाना नहीं खिला सकती। मैं कुछ कमाने के इरादे से निकल पड़ा। रास्ते में मुझे पता चला कि राजमहल में कवि सम्मेलन है। मैंने रास्ते में दिखने वाली चीजों जैसे-कुत्ते, भैंस, चिड़िया और साँप-को देखकर एक कविता बना ली। मेरी कविता अजीब थी, लेकिन उसी कविता के कारण चोर पकड़े गए। राजा ने मुझे बहुत इनाम दिया और मेरी ज़िंदगी बदल गई।"
प्रश्न 2: मदन आपका मित्र है। मदन ने कुछ समय पहले आपको यह कहानी सुनाई थी। अब आप यह कहानी अपनी कक्षा में सुनाइए।
उत्तर: "मेरे दोस्त मदन ने मुझे एक बहुत ही मज़ेदार कहानी सुनाई थी। वह बहुत गरीब था, लेकिन एक दिन वह कुछ कमाने के लिए घर से निकला और राजमहल में कविता सुनाकर इनाम जीत लाया। उसकी कविता सुनकर चोर डर गए और पकड़े गए। राजा ने उसे सोना-चाँदी और कई उपहार दिए। मुझे यह कहानी बहुत प्रेरणादायक लगी, क्योंकि एक साधारण लड़के ने अपनी समझदारी और कला से बड़ा काम कर दिखाया।"
प्रश्न 1: साँप रेंगकर चलते हैं। रेंगकर चलने वाले जीव-जंतुओं की सूची बनाइए और कक्षा में प्रदर्शित कीजिए।
उत्तर: रेंगकर चलने वाले जीव-जंतुओं की सूचीः
प्रश्न 2: राजमहल में कवि-सम्मेलन की सूचना देने के लिए ढिंढोरा पीटा जा रहा था। आजकल ऐसी सूचनाएं कैसे दी जाती हैं?
उत्तर: आजकल ऐसी सूचनाएँ मोबाइल संदेश, सोशल मीडिया (WhatsApp, Facebook), समाचार पत्र, पोस्टर, विद्यालय के नोटिस बोर्ड और उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से दी जाती हैं।
प्रश्न 3: आपके विद्यालय में कवि-सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। आप इसकी सूचना कैसे देंगे
उत्तर: मैं विद्यालय की उद्घोषणा प्रणाली द्वारा सभी विद्यार्थियों को यह सूचना दूँगा कि- "हमारे विद्यालय में शुक्रवार को दोपहर 12 बजे कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इच्छुक छात्र-छात्राएँ हिंदी शिक्षक से संपर्क करें। सभी विद्यार्थियों से निवेदन है कि समय पर सभा कक्ष में पहुँचें।"
मदन को मीडिया के प्रश्नों के उत्तर देने पड़े। अपने को मदन मानते हुए इन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
उत्तर:
रजनी, मदन की कविता को गाते हुए विद्यालय जा रही थी। उसे बहुत आनंद आ रहा था। चलते-चलते अचानक उसे एक पेड़ पर कुछ बंदर दिखाई दिए। वे एक डाल से दूसरी डाल पर कूद रहे थे। जब वह थोड़ा आगे बढ़ी तो उसे एक सियार दिखाई दिया। सियार 'हुआँ-हुआँ' कर रहा था। अब सियार को आधार बनाकर आप कविता को पूरा करने में रजनी की सहायता कीजिए।
उत्तर:
प्रश्न 1: मुहावरे हमेशा एक विशेष अर्थ देते हैं जो उनके शाब्दिक अर्थ से भिन्न होता है।
जैसे- 'फूला न समाना' मुहावरे का अर्थ है - अत्यधिक प्रसन्न होना।
वाक्य प्रयोग - विद्यालय की खेल प्रतियोगिता में पुरस्कार पाकर राहुल फूला न समा रहा था।
अब आप अपनी लेखन-पुस्तिका में निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखते हुए उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए।
(क) मन में लड्डू फूटना
उत्तर: अर्थ: अत्यधिक खुशी महसूस होना
वाक्य प्रयोग: जब मदन ने राजा से इनाम में सोने-चाँदी का पुरस्कार लिया, तो उसके मन में लड्डू फूट रहे थे।
(ख) मुँह ताकना
उत्तर: अर्थ: चुपचाप और ध्यान से देखना
वाक्य प्रयोग: राजदरबार में जब मदन ने कविता सुनाई, तो सभी लोग मुँह ताकने लगे क्योंकि कविता का अर्थ समझ में नहीं आ रहा था।
प्रश्न 2: निम्नलिखित गद्यांश में कहीं-कहीं विराम चिह्नों का प्रयोग हुआ है। इस गद्यांश को उचित ठहराव के साथ पढ़िए।
उसे देखते ही मदन के मुँह से निकल पड़ा, "ताक-झाँक का खोजत है?" तीनों पंक्तियों को रटते हुए वह चलता गया। रटते-रटते उसे अपने आप एक और पंक्ति सूझ गई, "हम जानत का ढूँढ़त है।"
उत्तर: गद्यांश का उचित ठहराव के साथ पठनः
उसे देखते ही मदन के मुँह से निकल पड़ा,
"ताक-झाँक का खोजत है?"
तीनों पंक्तियों को रटते हुए वह चलता गया।
रटते-रटते उसे अपनी एक और पंक्ति सूझ गई,
"हम जानत का ढूँढ़त है।"
उसे देखते ही मदन के मुँह से निकल पड़ा, "ताक-झाँक का खोजत है?" तीनों पंक्तियों को रटते हुए वह चलता गया। रटते-रटते उसे अपनी एक और पंक्ति सूझ गई, "हम जानत का ढूँढ़त है।"
प्रश्न 3: नीचे लिखे वाक्यों में उपयुक्त विराम चिह्न लगाकर वाक्य पूरा कीजिए-
उत्तर:

प्रश्न: ढोल, नगाड़ा या अन्य कोई वाद्ययंत्र बजाते हुए बोलिए, "सुनो, सुनो, सुनो! राजदरबार में कवि-सम्मेलन हो रहा है। सबसे अच्छी कविता सुनाने वाले को सौ अशर्फियाँ इनाम में मिलेंगी।" अब इस संवाद को अपनी मातृभाषा में हाव-भाव के साथ बोलिए।
उत्तर: ढोल या नगाड़े की आवाज़ के साथ जोर से बोलिए:
"सुनो! सुनो! सुनो!
राजदरबार में भव्य कवि सम्मेलन हो रहा है!
जो भी सबसे अच्छी कविता सुनाएगा, उसे मिलेगा सौ अशर्फियों का इनाम!
जल्दी आओ! भाग मत जाओ! सुनने और सुनाने का ये सुनहरा मौका मत गँवाओ!"
प्रश्न: एक व्यक्ति के घर के बाहर दस मीटर ऊँचा एक खजूर का पेड़ था। एक बंदर उस पर चढ़ने लगा। वह पेड़ की चोटी पर पहुँचना चाहता था। समस्या यह थी कि वह दिन के समय तो 5 मीटर चढ़ जाता था परंतु जब रात होती तो वह 4 मीटर नीचे फिसल जाता था। क्या आप बता सकते हैं कि बंदर पेड़ की चोटी पर पहुँचने में कितने दिन में सफल होगा?
उत्तर:
स्थिति:
दिन-प्रतिदिन की प्रगति:
बंदर 6वें दिन चोटी तक पहुँच जाएगा: क्योंकि 6वें दिन वह सुबह 5 मीटर चढ़कर सीधा 10 मीटर की चोटी तक पहुँच जाएगा - अब रात में फिसलेगा नहीं क्योंकि वह लक्ष्य तक पहुँच चुका है।
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