प्रश्न 1: आपको यह नाटक कैसा लगा और क्यों?
उत्तर: यह नाटक बहुत रोचक और मनोरंजक लगा। तेनालीरामन की चतुराई और समझदारी ने न केवल राजा को बल्कि दरबारियों को भी चौंका दिया। नाटक में हास्य और बुद्धिमत्ता का अच्छा मेल था, जो मुझे बहुत पसंद आया। तेनालीरामन की सूझबूझ ने पूरे नाटक को दिलचस्प बना दिया।
प्रश्न 2: आपने तेनालीरामन के किस्सों की तरह और किसके बुद्धिमानी के किस्से सुने हैं? उनमें से कोई एक सुनाइए।
उत्तर: मैंने अकबर के दरबार में बीरबल की बुद्धिमानी के कई किस्से सुने हैं। एक बार अकबर ने बीरबल से पूछा कि सबसे चतुर आदमी कौन है। बीरबल ने एक साधारण आदमी को दरबार में बुलाया और कहा, "यह सबसे चतुर है।" अकबर को आश्चर्य हुआ। तब बीरबल ने समझाया कि चतुर वही होता है जो बिना घबराए सही निर्णय ले सके। यह बात अकबर को बहुत पसंद आई।
प्रश्न 3: तेनालीरामन की तरह क्या आपने भी कभी किसी कठिन परिस्थिति को संभाला है? यदि संभाला है तो कैसे?
उत्तर: हाँ, एक बार स्कूल में कुछ बच्चे आपस में झगड़ रहे थे। मैंने बीच में आकर दोनों को शांत किया और उन्हें समझाया कि झगड़ा करना ठीक नहीं है। फिर मैंने उन्हें मिल-जुलकर हल निकालने के लिए कहा। मेरी समझदारी से मामला सुलझ गया और सभी ने मिलकर काम किया।
प्रश्न 4: यदि तेनालीराम शतरंज का खेल जानते तो नाटक का अंत क्या होता?
उत्तर: यदि तेनालीराम शतरंज का खेल जानते, तो वह अपनी चतुर चालों से राजा को हराकर दिखाते कि चतुराई सिर्फ बातों में ही नहीं, खेल में भी होती है। वह शतरंज की चालों से राजा को यह सिखाते कि किसी भी स्थिति में धैर्य और सोच-समझकर चलना जरूरी होता है। राजा उसकी बुद्धिमत्ता से प्रभावित होकर उसे और भी बड़ा सम्मान देता।
प्रश्न 1: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पाठ के आधार पर दीजिए-
(क) सभी दरबारी तेनालीरामन से ईर्ष्या क्यों करते थे?
उत्तर: सभी दरबारी तेनालीरामन से इसलिए ईर्ष्या करते थे क्योंकि वे राजा के प्रिय और सबसे बुद्धिमान सलाहकार थे। राजा उनकी चतुराई और मजाकिया अंदाज़ से बहुत प्रभावित थे, जिससे अन्य दरबारी खुद को कमतर महसूस करते थे।
(ख) दरबारियों ने राजा से तेनालीरामन के बारे में क्या कहा?
उत्तर: दरबारियों ने राजा से कहा कि तेनालीरामन बहुत कुशल शतरंज खिलाड़ी हैं और उन्होंने कई बड़े-बड़े शतरंज खिलाड़ियों को भी हरा दिया है।
(ग) शतरंज खेलते समय राजा को तेनालीरामन पर क्रोध क्यों आ रहा था?
उत्तर: राजा को तेनालीरामन पर क्रोध इसलिए आ रहा था क्योंकि तेनाली शतरंज खेलते समय जानबूझकर गलत चालें चला रहे थे। राजा को लगा कि तेनाली उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा रहे हैं और शतरंज के खेल को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
(घ) तेनालीरामन ने मुंडन से बचने के लिए क्या चाल चली?
उत्तर: तेनालीरामन ने मुंडन से बचने के लिए दो चतुर बहाने बनाए। पहले उन्होंने कहा कि उनके बालों पर पाँच हजार अशर्फियों का कर्ज है, इसलिए जब तक वह चुकता नहीं होता, वे मुंडन नहीं करा सकते। फिर उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता अब राजा और रानी हैं, और जब तक वे जीवित हैं, वे मुंडन नहीं करा सकते।
(ङ) घर में खेले जाने वाले खेलों में आपको सबसे अच्छा खेल कौन-सा लगता है? वह खेल कैसे खेला जाता है?
उत्तर: मुझे लूडो खेलना सबसे अच्छा लगता है। यह एक बोर्ड गेम है जिसे दो से चार लोग खेल सकते हैं। हर खिलाड़ी को चार-चार गोटियाँ मिलती हैं जिन्हें चाल चलकर घर तक पहुँचाना होता है। खिलाड़ी पासा फेंकते हैं और जितने अंक आएँ, उतनी गिनती चलनी होती है। जो खिलाड़ी सबसे पहले अपनी सभी गोटियों को घर तक पहुँचा देता है, वही विजेता होता है।
प्रश्न 2: किसने, किससे कहा?
उत्तर:
प्रश्न 1: दिए गए शब्दों का मिलान उनके समान अर्थ वाले शब्दों से कीजिए -
उत्तर:
प्रश्न 2: मटके में से उपयुक्त विशेषण चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए -
उत्तर:
प्रश्न 3: हर संवाद किसी-न-किसी मनोभाव को अभिव्यक्त करता है। उदाहरण के लिए-
तेनाली - (चकित) शतरंज और मैं! शतरंज के विषय में मैं कुछ नहीं जानता, महाराज।
राजा - (क्रोधित) मुझे सब पता है तेनाली। बात अब छिप नहीं सकती। (दरबारियों से) क्यों?
आप भी निम्नलिखित मनोभावों को संवाद के रूप में लिखिए-

उत्तर:

प्रश्न 4: नीचे दी गई सूचना के आधार पर नए शब्दों का निर्माण कीजिए-

उत्तर:
प्रश्न 1: शतरंज के प्रत्येक मोहरे की चाल अलग-अलग होती है। शतरंज के मोहरों की चाल पता कीजिए और लिखिए-
उत्तर:
प्रश्न 2: चित्र के साथ खेल के नाम का मिलान कीजिए। साथ ही यह भी लिखिए कि आप की स्थानीय भाषा में इस खेल को क्या कहते हैं।
उत्तर:
(क) तेनालीराम के किस्सों की पुस्तक अपने पुस्तकालय या किसी अन्य स्रोत से लेकर पढ़िए।
उत्तर: मैंने पुस्तकालय से 'तेनालीरामन के मजेदार किस्से' नामक पुस्तक पढ़ी। इस पुस्तक में तेनालीरामन की चतुराई, हाजिरजवाबी और बुद्धिमानी से जुड़ी कई रोचक कहानियाँ थीं। उन्होंने अपनी समझदारी से कई मुश्किल समस्याओं का समाधान निकाला और राजा को प्रभावित किया। इन कहानियों से मुझे यह सिखने को मिला कि समझदारी और धैर्य से किसी भी मुश्किल को हल किया जा सकता है।
(ख) 'तेनालीराम के किस्से' नाम से मित्र-मंडली की एक बैठक आयोजित कर तेनालीराम की बुद्धिमत्ता के किस्से सुनाइए।
उत्तर: हमने स्कूल में 'तेनालीरामन के किस्से' नाम से एक रोचक बैठक की। इसमें सभी मित्रों ने बारी-बारी से तेनालीरामन की कहानियाँ सुनाईं। मैंने "तेनालीरामन और चोरी का पर्दाफाश" नामक किस्सा सुनाया, जिसमें तेनाली ने एक अनोखी तरकीब से चोर को पकड़वाया था। इस किस्से को सुनकर सभी हँस पड़े और साथ ही यह भी समझा कि मुश्किल समय में भी बुद्धिमानी से काम लिया जाए तो समाधान ज़रूर मिलता है।
प्रश्न: केवल नाम वाले शब्दों (संज्ञा) को एक-दूसरे से मिलाते हुए मंत्री को राजा तक पहुँचाइए। ध्यान रहे कि आपको संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण तथा क्रिया के आपस में नहीं मिलाना है।
उत्तर: 
| 1. Who wins in the chess game in "शतरंज में मात" and how does the story end? | ![]() |
| 2. What is the main lesson about chess strategy that students should understand from this chapter? | ![]() |
| 3. Why does the character in "शतरंज में मात" focus so much on observing his opponent's moves? | ![]() |
| 4. How does this NCERT chapter explain the concept of "maat" (checkmate) and why is it significant? | ![]() |
| 5. What character traits does the winning player show throughout the chess match in this story? | ![]() |