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NCERT Solutions: गिरिधर कविराय की कुंडलियाँ

पाठ से

मेरी समझ

(क) पाठ के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों का सही उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (*) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।
(1) "बिना बिचारे" काम करने के क्या परिणाम होते हैं?
  • दूसरों से प्रशंसा मिलती है।  
  • मन में शांति बनी रहती है।  
  • अपना काम बिगड़ जाता है। (*) 
  • जग में होत हँसाय।

उत्तर: अपना काम बिगड़ जाता है।
विश्लेषण: पाठ में कहा गया है कि बिना सोचे-समझे काम करने से काम बिगड़ जाता है और लोग उसका मजाक उड़ाते हैं। इससे व्यक्ति को हँसी का पात्र बनना पड़ता है।

(2) "चित में चैन" न पा सकने का मुख्य कारण क्या है?

  • प्रयास करने पर भी टाला न जा सकने वाला दुख  
  • बिना सोचे-समझे किए गए कार्य की असफलता  (*) 
  • खान-पान, सन्मान और राग-रंग का अभाव 
  • दुनिया द्वारा की जाने वाली निंदा और उपहास

उत्तर: बिना सोचे-समझे किए गए कार्य की असफलता
विश्लेषण: पाठ के अनुसार, बिना विचार किए काम करने से मन में अशांति रहती है।

(3) "बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ" पंक्ति द्वारा कौन-सी सलाह दी गई है?

  • भविष्य की सफलता के लिए अतीत की गलतियों से सीखने की  
  • अतीत की असफलताओं को भूलकर भविष्य पर ध्यान देने की  (*) 
  • अतीत और भविष्य दोनों घटनाओं को समान रूप से याद रखने की  
  • अतीत और भविष्य दोनों को भूलकर केवल वर्तमान में जीने की

उत्तर: अतीत की असफलताओं को भूलकर भविष्य पर ध्यान देने की
विश्लेषण: यह पंक्ति सलाह देती है कि अतीत की असफलताओं को भूलकर भविष्य की योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए।

(4) "जो बनि आवै सहज में ताही में चित देइ" पंक्ति का क्या अर्थ है?

  • हमें कठिनाइयों और चुनौतियों से बचना चाहिए।  
  • हमें आराम की तलाश करने में मन लगाना चाहिए।  
  • हमें असंभव और कठिन कार्यों पर ध्यान देना चाहिए।  
  • हमें सहज जीवन पर ध्यान देना चाहिए। (*) 

उत्तर: हमें सहज जीवन पर ध्यान देना चाहिए।
विश्लेषण: इस पंक्ति का अर्थ है कि हमें सहज और सरल तरीके से जीवन जीने पर ध्यान देना चाहिए, जो स्वाभाविक रूप से हमारे सामने आता है।

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
उत्तर: मैंने ये उत्तर इसलिए चुने क्योंकिः

  • कवि ने स्पष्ट रूप से बताया है कि बिना सोच-विचार के कार्य करने से पछताना पड़ता है, और मन को चैन नहीं मिलता।
  • उन्होंने यह भी कहा है कि बीती बातों को भूलकर भविष्य की चिंता करनी चाहिए।
  • साथ ही, यह भी सलाह दी है कि जो बात या काम सहजता से हो, उसी में ध्यान लगाना चाहिए ताकि दुर्जन हँसे नहीं और मन भी शांत रहे।

पंक्तियों पर चर्चा

पाठ में से चुनी गई कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए।
(क) "बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय। 
काम बिगारे आपनो जग में होत हँसाय।"
उत्तर: इस पंक्ति का अर्थ है कि जो व्यक्ति बिना सोचे-समझे कोई काम करता है, उसे बाद में पछताना पड़ता है। उसका काम बिगड़ जाता है और लोग उसका मजाक उड़ाते हैं, जिससे वह हँसी का पात्र बन जाता है।
विश्लेषण: यह पंक्ति हमें सिखाती है कि कोई भी निर्णय लेने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करना चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर कोई बिना पढ़ाई की योजना बनाए परीक्षा देता है, तो वह असफल हो सकता है और लोग उसका मजाक उड़ा सकते हैं।

(ख) "बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ। 
जो बनि आवै सहज में ताही में चित देइ।"
उत्तर: इस पंक्ति का अर्थ है कि अतीत की गलतियों या असफलताओं को भूलकर भविष्य की योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए। जो चीजें सहज और सरल तरीके से हमारे सामने आती हैं, उन पर मन लगाना चाहिए।
विश्लेषण: यह पंक्ति हमें प्रेरित करती है कि हमें पुरानी बातों में उलझने के बजाय भविष्य की ओर देखना चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर कोई खेल में हार गया, तो उसे उस हार को भूलकर अगले खेल की तैयारी करनी चाहिए।

मिलकर करें मिलान

नीचे स्तंभ 1 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं, उनसे संबंधित अर्थ वाली स्तंभ 2 की पंक्तियों से उनका मिलान कीजिए-
मिलकर करें मिलानउत्तर
मिलकर करें मिलान

सोच-विचार के लिए

पाठ को एक बार पुनः पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए।
(क) "बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय।" 
कविता में बिना विचार किए कार्य करने के क्या नुकसान बताए गए हैं?
उत्तर: कविता में बिना विचार किए किए गए कार्यों के परिणामस्वरूप पछतावा और निराशा का उल्लेख किया गया है। जब कोई व्यक्ति बिना सोचे-समझे काम करता है, तो उसे बाद में अपने किए पर पछताना पड़ता है, और उसका कार्य न केवल खुद के लिए बल्कि समाज में भी हंसी का कारण बनता है। इससे व्यक्ति का मन अशांत रहता है और वह दूसरों से सम्मान या खुशी नहीं प्राप्त कर पाता है। इस प्रकार, बिना विचार किए गए कार्यों से जीवन में परेशानियाँ आती हैं और व्यक्ति को पछताना पड़ता है।

(ख) "बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय।" 
कुंडलिया में जो बातें सैकड़ों साल पहले कही गई थीं, क्या वे आपके लिए भी उपयोगी हैं? कैसे? उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर: हाँ, कुंडलिया में कही गई बातें आज भी उपयोगी हैं। यह सिखाती है कि कोई भी काम करने से पहले सोच-विचार करना जरूरी है। 
उदाहरण के लिए:
  • अगर कोई बिना सोचे ऑनलाइन लिंक पर क्लिक कर देता है, तो उसका बैंक खाता हैक हो सकता है।
  • अगर कोई बिना योजना के बिजनेस शुरू करता है, तो उसे नुकसान हो सकता है। ये बातें हमें सतर्क रहने और जल्दबाजी से बचने की सीख देती हैं।

(ग) "खान पान सन्मान राग रंग मनहिभावै।" 
इस पंक्ति में रेखांकित शब्दों के अर्थ शब्दकोश से देखकर लिखिए। प्रत्येक के लिए एक-एक उदाहरण भी दीजिए।
उत्तर
सन्मान
अर्थ: 
सम्मान, आदर, या प्रतिष्ठा।
उदाहरण:

  • उसने हमेशा अपने वरिष्ठों का सन्मान किया।
  • हमें दूसरों के विचारों का सन्मान करना चाहिए।

मनहिं
अर्थ: मन में, मानसिक रूप से।
उदाहरण:

  • वह हमेशा अपने मनहिं सच का पालन करता है।
  • मनहिं शांति के लिए ध्यान करना आवश्यक है।

भावै
अर्थ: पसंद करना, आकर्षित होना।
उदाहरण:

  • उसे यह गाना बहुत भावा।
  • मुझे उन लोगों का स्वभाव बहुत भावता है जो ईमानदार होते हैं।

अनुमान और करना से

अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए।
(क) आपने पढ़ा है कि "बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय...।" कल्पना कीजिए कि आपके एक मित्र ने बिना सोचे-समझे एक बड़ा निर्णय लिया है। वह निर्णय क्या था और उसका क्या प्रभाव पड़ा? इसके बारे में एक रोचक कहानी अपने साथियों के साथ मिलकर बनाइए और कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।
उत्तरकहानी का शीर्षक: जल्दबाजी का पछतावा  
मेरा मित्र राहुल बहुत उत्साही था। एक दिन उसे एक ऑनलाइन विज्ञापन दिखा, जिसमें लिखा था, "इस ऐप को डाउनलोड करें और ₹1000 का कैशबैक पाएँ।" राहुल ने बिना सोचे-समझे लिंक पर क्लिक किया और ऐप डाउनलोड कर लिया। उसने अपनी बैंक डिटेल्स भी दर्ज कर दीं। कुछ ही मिनटों में उसके खाते से ₹5000 कट गए। राहुल घबरा गया और मुझे फोन किया। हमने तुरंत बैंक में शिकायत की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।  
प्रभाव: राहुल को न केवल पैसों का नुकसान हुआ, बल्कि वह कई दिनों तक तनाव में रहा। उसने सीखा कि कोई भी ऑनलाइन लेन-देन करने से पहले उसकी सत्यता की जाँच करनी चाहिए।  
प्रस्तुति: हम कक्षा में इस कहानी को नाटक के रूप में प्रस्तुत करेंगे, जिसमें राहुल की जल्दबाजी और उसका पछतावा दिखाया जाएगा।

(ख) कल्पना कीजिए कि "बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ...।" कविता निम्नलिखित के लिए लिखी गई है-
  • आप
  • आपका कोई सहपाठी
  • आपका कोई परिजन
  • आपके कोई शिक्षक
  • कोई पक्षी
  • कोई पशु

इनकी कौन-कौन सी समस्याएँ होंगी? यह कविता उन्हें कैसे प्रेरित करेगी?
उत्तर:

  • आपसमस्या: आप शायद किसी परीक्षा में असफल हो गए हों और उसका दुख आपको परेशान कर रहा हो।
    प्रेरणा: यह कविता आपको सिखाएगी कि पुरानी असफलता को भूलकर अगली परीक्षा की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए।  
  • सहपाठीसमस्या: आपका सहपाठी किसी दोस्त से झगड़े के कारण उदास है।
    प्रेरणा: कविता उसे प्रेरित करेगी कि वह पुराने झगड़े को भूलकर नए दोस्त बनाने और भविष्य पर ध्यान दे।  
  • परिजनसमस्या: आपके पिता को बिजनेस में नुकसान हुआ हो।
    प्रेरणा: कविता उन्हें प्रेरित करेगी कि वे पुराने नुकसान को भूलकर नई योजना बनाएँ।  
  • शिक्षकसमस्या: शिक्षक को किसी छात्र के खराब प्रदर्शन का दुख हो।
    प्रेरणा: कविता उन्हें प्रेरित करेगी कि वे पुरानी बातें भूलकर छात्रों को बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित करें।  
  • पक्षीसमस्या: एक पक्षी का घोंसला टूट गया हो।
    प्रेरणा: कविता उसे प्रेरित करेगी कि वह पुराने घोंसले को भूलकर नया घोंसला बनाए।  
  • पशुसमस्या: एक कुत्ते को मालिक ने छोड़ दिया हो।
    प्रेरणा: कविता उसे प्रेरित करेगी कि वह पुराने मालिक को भूलकर नया घर खोजे।

(ग) कल्पना कीजिए कि आप एक ऐसे व्यक्ति से मिले हैं, जो हमेशा बीती बातों में खोया रहता है। आप उसे समझाने के लिए क्या-क्या कहेंगे?
उत्तर: मैं उस व्यक्ति से कहूँगाः "भाई! जो बीत गया, उसे अब बदला नहीं जा सकता। लेकिन अगर आप अतीत को भूलकर आज और कल पर ध्यान दें, तो ज़िंदगी फिर से हँसी-खुशी की ओर बढ़ सकती है। बीती बातों को मन पर मत हावी होने दो, क्योंकि आगे का रास्ता तुम्हारे हाथ में है।"

शब्द से जुड़े शब्द

नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में 'चित' या 'मन' से जुड़े शब्द कुंडलियाँ में से चुनकर लिखिए-
शब्द से जुड़े शब्दउत्तर
शब्द से जुड़े शब्द

कविता की रचना

कविता की रचना

इन पंक्तियों को लय के साथ बोलकर देखिए। इन्हें बोलते समय क्या अलग लगा था? आपने ध्यान दिया होगा कि इन पंक्तियों को बोलने में बराबर समय लगता है। इस कारण इन कुंडलियों की सुंदरता बढ़ गई है।
आप ध्यान देंगे तो इन कुंडलियों में आपको ऐसी अनेक विशेषताएँ दिखाई देंगी जैसे प्रत्येक कुंडलिया का पहला या दूसरा शब्द अक्सर समान पाया जाता है। ये दो पंक्तियाँ कहीं सीधे संवाद की तरह सुनाई पड़ती हैं। ऐसा लगता है मानो कोई हमें संवाद या बातों के रूप में उपदेश दे रहा हो। अतः कुछ विशेषताएँ आपको दोनों कुंडलियों में दिखाई देंगी, कुछ विशेषताएँ केवल इनमें से किसी एक में दिखाई देंगी।

(क) अब आप पाठ में दी गई दोनों कुंडलियाँ को ध्यान से देखिए और अपने-अपने समूह में मिलकर इनकी विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
कविता की रचनाउत्तर: 
कविता की रचना


(ख) नीचे एक स्तंभ में कविता की पंक्तियों की कुछ विशेषताएँ दी गई हैं और उनसे संबंधित पंक्तियाँ दूसरे स्तंभ में दी गई हैं। कविता की विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए-
कविता की रचना(संकेत - आप कविता की पंक्तियों में कुछ और विशेषताएँ भी खोज सकते हैं।)
उत्तर: 
कविता की रचना

काल से जुड़े शब्द

"बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेहु।"
इस वाक्य में "बीती" शब्द अतीत यानी 'भूतकाल' के कार्यों को व्यक्त कर रहा है और "आगे" शब्द 'भविष्य' के कार्यों को व्यक्त कर रहा है। इसी प्रकार 'वर्तमान' समय में होने वाले कार्यों को 'आज' जैसे शब्दों से व्यक्त किया जा सकता है। रोचक बात यह है कि अनेक शब्दों का प्रयोग बीते हुए समय, आने वाले समय और वर्तमान समय को बताने वाले, तीनों प्रकार के वाक्यों में किया जा सकता है।

(क) नीचे कुछ शब्द दिए गए हैं। इनका प्रयोग करते हुए तीनों प्रकार के 'काल' व्यक्त करने वाले तीन-तीन वाक्य बनाइए-
काल से जुड़े शब्द

उत्तर: 

काल से जुड़े शब्द

(ख) आपने जो वाक्य बनाए हैं, उन्हें ध्यान से देखिए। पहचानिए कि इन वाक्यों में किन शब्दों से पता चल रहा है कि वाक्य में कार्य भूतकाल में हुआ, वर्तमान काल में हुआ है या भविष्य काल में होगा? वाक्यों में उन शब्दों को रेखांकित कीजिए।
उत्तर
काल से जुड़े शब्द

पाठ से आगे

आपकी बात

(क) "खटकत है जिय माहि कियो जो बिना बिचारे।" का अर्थ है 'बिना सोचे किए गए कार्य मन में चुभते रहते हैं।' क्या आपने कभी ऐसा अनुभव किया है? उस घटना को साझा कीजिए।
उत्तर: हाँ, मैंने ऐसा अनुभव किया है। एक बार मैंने जल्दबाजी में अपने दोस्त को गलत मैसेज भेज दिया, जिसमें कुछ ऐसी बातें थीं जो उसे नहीं बतानी थीं। बाद में मुझे बहुत पछतावा हुआ और वह बात मेरे मन में कई दिनों तक खटकती रही। इस घटना से मैंने सीखा कि कोई भी मैसेज भेजने से पहले उसे अच्छे से पढ़ लेना चाहिए।

(ख) "बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ।" का अर्थ है 'अतीत को भूलना और भविष्य पर ध्यान देना चाहिए।' क्या आप इस बात से सहमत हैं? क्यों? उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर: हाँ, मैं इस बात से सहमत हूँ। अतीत की गलतियों में उलझने से समय और ऊर्जा बर्बाद होती है। उदाहरण के लिए, अगर मैं किसी खेल में हार गया, तो उस हार को बार-बार सोचने के बजाय मुझे अगले खेल की तैयारी करनी चाहिए। इससे मैं बेहतर प्रदर्शन कर सकता हूँ। यह कविता हमें सिखाती है कि भविष्य की योजनाएँ बनाकर हम अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं।

(ग) पाठ में दी गई दोनों कुंडलियाँ के आधार पर आप अपने जीवन में कौन-कौन से बदलाव लाना चाहेंगे?
उत्तर: मैं अपने जीवन में निम्नलिखित बदलाव लाना चाहूँगा:
  1. सोच-विचार करना: कोई भी निर्णय लेने से पहले मैं अच्छी तरह सोच-विचार करूँगा, जैसे कि ऑनलाइन खरीदारी करने से पहले वेबसाइट की सत्यता जाँच लूँगा।  
  2. अतीत को भूलना: पुरानी गलतियों को भूलकर भविष्य की योजनाओं पर ध्यान दूँगा, जैसे कि अगर मैं किसी परीक्षा में कम अंक लाया, तो उसे भूलकर अगली परीक्षा की तैयारी करूँगा।  
  3. सहज जीवन जीना: मैं सरल और सहज तरीके से जीवन जीने की कोशिश करूँगा, जैसे कि अनावश्यक चीजों पर ध्यान देने के बजाय अपनी पढ़ाई और स्वास्थ्य पर ध्यान दूँगा।

(घ) "खान पान सन्मान राग रंग मनहि न भावै।"
इस पंक्ति में खान-पान, सन्मान और राग-रंग अच्छा न लगने की बात की गई है। आप इसमें से किसे सबसे आवश्यक मानते हैं? अपने उत्तर के कारण भी बताइए।

उत्तर: मैं सन्मान को सबसे आवश्यक मानता हूँ।
कारण: सन्मान व्यक्ति के आत्मविश्वास और खुशी को बढ़ाता है। अगर किसी को सन्मान नहीं मिलता, तो वह कितना भी अच्छा खान-पान या राग-रंग प्राप्त कर ले, उसे सुख नहीं मिलेगा। उदाहरण के लिए, अगर स्कूल में शिक्षक मेरी मेहनत की प्रशंसा करते हैं, तो मुझे बहुत खुशी मिलती है और मैं और मेहनत करता हूँ। सन्मान व्यक्ति को प्रेरित करता है और समाज में उसकी पहचान बनाता है।

हँसी

"जग में होत हँसाय"

(क) कभी-कभी लोग दूसरों की गलतियों पर ही नहीं, उनके किसी भी कार्य पर हँस देते हैं। अपने समूह के साथ मिलकर ऐसी कुछ स्थितियों की सूची बनाइए, जब किसी को आप पर या आपको किसी पर हँसी आई हो।
उत्तर: ऐसी कुछ स्थितियाँ जब किसी को आप पर या आपको किसी पर हँसी आई हो सूची:

  • जब कोई दोस्त गलती से अपनी जूते की जगह उल्टे चप्पल पहन कर आ गया।
  • जब मैं खुद मंच पर कविता सुनाते समय अटक गया और शब्द भूल गया।
  • एक सहपाठी ने जल्दी में अपने स्कूल बैग में खाने का डिब्बा नहीं रखा और खाली टिफिन लेकर आ गया।
  • एक दिन एक लड़का दौड़ते-दौड़ते गिर गया लेकिन उठकर खुद भी हँसने लगा।
  • किसी ने 'साधू बाबा' की जगह 'साबू बाबा' बोल दिया और सब हँस पड़े।

(ख) ऐसी दोनों स्थितियों में आपको कैसा लगता है और दूसरों को कैसा लगता होगा?
उत्तर:ऐसी दोनों स्थितियों में कैसा लगता है मेरा और दूसरों का अनुभवः
जब कोई मुझ पर हँसाः

  • मुझे शर्मिंदगी और दुख महसूस हुआ।
  • लगा कि सब मेरा मज़ाक बना रहे हैं।
  • आत्मविश्वास कुछ देर के लिए कम हो गया।

जब मैंने किसी पर हँसी कीः

  • शुरुआत में मज़ा आया, लेकिन बाद में गलती का एहसास हुआ।
  • यह महसूस हुआ कि मेरी हँसी से सामने वाले को बुरा लग सकता है।

(ग) सोचिए कि कोई व्यक्ति आपकी किसी भूल पर हँस रहा है। ऐसे में आप क्या कहेंगे या क्या करेंगे ताकि उसे एहसास हो जाए कि इस बात पर हँसना ठीक नहीं है?
उत्तर: मैं निम्नलिखित कहूँगा या करूँगा:  

  1. विनम्रता से समझाना: "यार, गलती तो सबसे होती है, इस पर हँसने की बजाय मुझे सुधारने में मदद कर।"  
  2. उदाहरण देना: "अगर तुम्हारी ऐसी गलती हो और मैं हँसूँ, तो तुम्हें कैसा लगेगा?"  
  3. शांत रहना: अगर वह नहीं समझता, तो मैं शांत रहकर उसकी बात को अनदेखा कर दूँगा।

सोच-समझकर

"बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय।"

(क) आज के समय में कुछ लोग जल्दी में कार्य कर देते हैं या जल्दी में निर्णय ले लेते हैं। कुछ ऐसी स्थितियाँ बताइए जहाँ जल्दबाजी में निर्णय लेना या कार्य करना हानिकारक हो सकता है।
उत्तर: ऐसी स्थितियाँ जहाँ जल्दबाजी में निर्णय लेना या कार्य करना हानिकारक हो सकता है:

  • ऑनलाइन खरीदारी: बिना जाँच किए किसी अनजान वेबसाइट से सामान खरीदना, जिससे धोखाधड़ी हो सकती है।  
  • परीक्षा में जल्दबाजी: प्रश्न को बिना पढ़े उत्तर लिख देना, जिससे गलत उत्तर हो सकता है।  
  • यातायात नियम तोड़ना: जल्दी में बिना हेलमेट के बाइक चलाना, जिससे चालान या दुर्घटना हो सकती है।

(ख) मान लीजिए कि आपको या आपके किसी परिजन को नीचे दिए गए संदेश मिलते हैं। ऐसे में आप क्या करेंगे?
सोच-समझकर

सोच-समझकर* राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल- https://cybercrime.gov.in
उत्तर: संदेश और आप क्या करें: 
1. आपका बैंक खाता बंद होने वाला है। 
तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें। किसी लिंक पर क्लिक न करें। 
2. बधाई हो! आपने ₹10 लाख जीत लिए हैं। 
किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। ऐसे मैसेज स्कैम होते हैं।
3. गलती से आपके नंबर पर ₹1000 भेज दिए गए हैं। कृपया वापस भेज दें।  
पैसा भेजने से पहले अपने बैंक खाते की जांच करें। भेजें नहीं। 
4. आपका सिम बंद होने वाला है, लिंक पर क्लिक करें। 
अपने मोबाइल सेवा प्रदाता से संपर्क करें। लिंक पर क्लिक न करें। 
5. आपके मोबाइल पर 70% छूट, लिंक पर क्लिक करें। 
ये फ़िशिंग लिंक हो सकता है। साइट पर न जाएं। 
6. खाता बंद हो जाएगा, तुरंत ₹5000 भेजें। 
घबराएं नहीं। अपने बैंक से पुष्टि करें। पुलिस को सूचित करें। 
7. एप डाउनलोड करें और ₹1000 जीतें। 
अनजान एप डाउनलोड न करें। यह डिवाइस को नुकसान पहुँचा सकता है। 
8. गिरफ्तारी का वारंट है, जुर्माना भरें।  
किसी अज्ञात व्यक्ति को पैसे न भेजें। पुलिस से संपर्क करें। 
9. गाड़ी जीतने का दावा कर ₹50,000 का टैक्स मांगा गया है। 
यह फ्रॉड है। किसी भी रकम को भेजने से बचें। 
10. लिंक क्लिक करें और ₹100 जीतें। 
छोटे ईनाम के लालच में लिंक न खोलें। यह धोखा हो सकता है। 
11. टी.वी. या अन्य समस्या का हल देने के लिए रिमोट एक्सेस दें।  
किसी को रिमोट एक्सेस न दें। वे आपकी निजी जानकारी चुरा सकते हैं। 
12. फोटो भेजें, वीडियो कॉल करें आदि।  
किसी अजनबी से ऐसा व्यवहार न करें। तुरंत पुलिस को सूचित करें।

(ग) नीचे कुछ स्थितियाँ दी गई हैं। इन स्थितियों में बिना सोचे-समझे कार्य करने या निर्णय लेने के क्या परिणाम हो सकते हैं-

  • सोशल मीडिया पर झूठा संदेश या असत्य समाचार पर भरोसा करके उसे सबको भेज दिया।  

उत्तर: परिणामः
1. लोगों में भय, भ्रम या अफ़वाह फैल सकती है।
2. आप पर झूठी जानकारी फैलाने का आरोप लग सकता है।
3. इससे समाज में अशांति या विवाद पैदा हो सकते हैं।
4. साइबर कानून के अनुसार, कानूनी कार्यवाही भी हो सकती है।

  • जल्दबाजी में बिना हेलमेट के बाइक चलाने पर पुलिस ने चालान काट दिया।  

उत्तर: परिणामः
1. आपकी और दूसरों की जान को खतरा हो सकता है।
2. पुलिस द्वारा चालान या जुर्माना लगाया जा सकता है।
3. सड़क दुर्घटना में गंभीर चोट या मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है।
4. यह कानूनी नियमों का उल्लंघन है।

  • बिना माता-पिता से पूछे ऑनलाइन गेम पर पैसे खर्च कर दिए।  

उत्तर: परिणामः
1. घर के वित्तीय नुकसान हो सकता है।
2. माता-पिता की नाराज़गी और डाँट सहनी पड़ सकती है।
3. आपका भविष्य का विश्वास और स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है।
4. यह आदत आगे चलकर लत (addiction) बन सकती है।

आज की पहेली

"खान पान सन्मान"
इस पंक्ति के तीनों शब्दों में केवल एक मात्रा का बार-बार उपयोग किया गया है। (आ की मात्रा)
ऐसे ही दो वाक्य नीचे दिए गए हैं जिसमें केवल एक मात्रा का उपयोग किया गया है-
नीली नदी धीमी थी
चींटी चीनी चाट गई

अब आप इसी प्रकार के वाक्य अलग-अलग मात्राओं के लिए बनाइए। ध्यान रहे, आपके वाक्यों का कोई न कोई अर्थ होना चाहिए। आप एक वाक्य में केवल एक मात्रा को बार-बार या बिना मात्रा वाले शब्दों का ही उपयोग कर सकते हैं।
आज की पहेलीउत्तर: 

आज की पहेली

खोजबीन के लिए

आपने इस पाठ में गिरिधर कविराय की कुंडलिया "बिना विचारे जो करै....।" को पढ़ा। अब आप नीचे दी गई इंटरनेट कड़ी का प्रयोग करके एक अन्य कहानी "बिना विचारे करो न काम" सुन सकते हैं-
बिना विचारे
https://www.youtube.com/watch?v=9zEP4YEP-rs

उत्तर: विद्यार्थी स्वयं वीडियो देखे और इसकी खोजबीन करे।

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FAQs on NCERT Solutions: गिरिधर कविराय की कुंडलियाँ

1. What is a kundali in Hindi poetry and how is it different from other kavya forms?
Ans. A kundali is a paired couplet form in Hindi poetry where two consecutive dohas are linked thematically, with the last line of the first doha repeating as the opening of the second. This interconnected structure distinguishes it from standalone dohas. Giridhir Kavi used this technique to create philosophical depth about devotion and divine love, making kundalis a unique vehicle for spiritual expression in medieval Hindi literature.
2. Why did Giridhir Kavi choose kundalis to describe Krishna's life and teachings?
Ans. Giridhir Kavi selected kundalis because their interconnected couplet structure allowed him to weave continuous narratives about Krishna while maintaining rhythmic beauty and memorability. The form's repetitive linking technique made devotional messages more impactful and easier to retain. This poetic choice elevated bhakti literature, enabling common devotees to understand complex theological concepts through accessible, melodious verses that celebrated Krishna's divine qualities.
3. What are the main themes covered in Giridhir Kavi's kundalis for Class 7 NCERT?
Ans. Giridhir Kavi's kundalis in the NCERT Class 7 curriculum predominantly focus on Krishna's childhood exploits, divine love, devotional surrender, and the relationship between the devotee and deity. These verses emphasise Krishna's playful nature, his interaction with devotees, and spiritual wisdom. The kundalis also explore themes of beauty, attraction, and the transformative power of bhakti, making them central to understanding medieval Vaishnavite philosophy and Hindi literary traditions.
4. How should I analyse the literary devices and metaphors used in Giridhir Kavi's kundalis?
Ans. Analyse Giridhir Kavi's kundalis by identifying similes comparing Krishna to natural elements, personification of emotions, and alliteration creating musical flow. Notice how repetition across linked couplets reinforces meanings. Study the metaphorical language describing divine love as human attraction. Check flashcards and mind maps on EduRev to visualise structural patterns and thematic connections, helping you grasp how poetic devices strengthen devotional expression in these verses.
5. What are common exam questions asked about Giridhir Kavi's kundalis in Class 7 Hindi assessments?
Ans. Exam questions typically ask students to identify kundali structure and its defining linked-couplet characteristic, explain Krishna-centric themes in selected verses, interpret metaphorical language, and compare kundalis with dohas or other kavya forms. Questions also test comprehension of bhakti philosophy embedded in the poetry and require textual analysis of specific couplets. Practise with NCERT solutions and MCQ tests available on EduRev to strengthen understanding of frequently examined concepts and improve answer quality.
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