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NCERT Solutions: एक टोकरी भर मिट्टी

पाठ से

मेरी समझ से

(क) निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर के सामने तारा (*) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक सही उत्तर हो सकते हैं।

1. ज़मींदार को झोंपड़ी हटाने की ज़रूरत क्यों पड़ी?

  • झोंपड़ी जर्जर हो चुकी थी
  • झोंपड़ी रास्ते में बाधा थी
  • वह अहाते का विस्तार करना चाहता था *
  • वृद्धा से उसका कोई पुराना झगड़ा था

उत्तर: वह अहाते का विस्तार करना चाहता था
ज़मींदार साहब अपने महल के चारों ओर का अहाता बढ़ाना चाहते थे। झोंपड़ी अहाते के उस विस्तार में आ रही थी, इसलिए उन्होंने उसे हटवाने का निर्णय लिया। यह कारण पाठ में स्पष्ट रूप से बताया गया है और इसलिए यह उत्तर उपयुक्त है।

2. वृद्धा ने मिट्टी ले जाने की अनुमति कैसे माँगी?

  • क्रोध और झगड़ा करके
  • अदालत से अनुमति लेकर
  • विनती और नम्रता से *
  • चुपचाप उठाकर ले गई

उत्तर: विनती और नम्रता से
वृद्धा ने बड़े सम्मान और नम्रता के साथ विनती करके मिट्टी ले जाने की अनुमति माँगी। उसने क्रोधित या दबंग तरीके का प्रयोग नहीं किया क्योंकि वह संयमित और शांत स्वभाव की थी। यही कारण है कि उसने विनती और नम्रता का रास्ता अपनाया।

3. वृद्धा की पोती का व्यवहार किस भावना को दर्शाता है?

  • दया
  • लगाव *
  • गुस्सा
  • डर

उत्तर: लगाव
पोती का आचरण यह दर्शाता है कि वह झोंपड़ी से भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई थी। उसने झोंपड़ी को अपना घर माना और उसके खोने पर वह उदास और चिंतित हो गई। इसलिए पोती के व्यवहार में लगाव (प्रेम तथा जुड़ाव) प्रमुख भावना है।

4. कहानी का अंत कैसा है?

  • दुखद
  • सुखद *
  • प्रेरणादायक *
  • सकारात्मक

उत्तर: सुखद, प्रेरणादायक
अंत में ज़मींदार ने अपनी गलती स्वीकार की और झोंपड़ी वापस दे दी। इससे वृद्धा और उसकी पोती को न्याय मिला और कहानी एक सकारात्मक तथा प्रेरणादायक समाप्ति पाती है। यह दिखाता है कि पश्चाताप और दया से सम्बन्ध सुधर सकते हैं।

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
उत्तर: हमने अपने दोस्तों से चर्चा की और पाया कि हमने जो उत्तर चुने हैं, वे इन कारणों से सही हैं:

  • झोंपड़ी हटाने की वजह अहाते का विस्तार था क्योंकि ज़मींदार अपने महल को बढ़ाना चाहता था और झोंपड़ी उस विस्तार में आ रही थी।
  • वृद्धा ने विनम्रता और नम्रता से अनुमति मांगी ताकि झोंपड़ी की मिट्टी ले जाकर अपना चूल्हा बना सके।
  • पोती का व्यवहार लगाव दिखाता है क्योंकि वह झोंपड़ी को अपना घर मानती है और उसके खोने पर दुखी हो गई।
  • कहानी का अंत सुखद और प्रेरणादायक है क्योंकि ज़मींदार ने अपनी गलती स्वीकार की और झोंपड़ी लौटा दी, जिससे न्याय और करुणा की भावना उभर कर आई।

मिलकर करें मिलान

(क) पाठ में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। प्रत्येक वाक्य के सामने दो-दो निष्कर्ष दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सर्वाधिक उपयुक्त निष्कर्षों से मिलाइए।

मिलकर करें मिलान

उत्तर: 

मिलकर करें मिलान


(ख) अपने मित्रों के उत्तर से अपने उत्तर मिलाइए और चर्चा कीजिए कि आपने कौन-से निष्कर्षों का चुनाव किया है और क्यों?
उत्तर: मैं अपने मित्रों के साथ अपने उत्तर मिलाऊंगा और चर्चा करूंगा। मैंने निष्कर्ष इस तरह चुने हैं:

  1. "अब यही उसकी पोती इस वृद्धाकाल में एकमात्र आधार थी" के लिए "वृद्धावस्था में वृद्धा का सहारा उसकी पोती ही थी" चुना, क्योंकि कहानी में स्पष्ट है कि पोती वृद्धा का एकमात्र सहारा है।
  2. "बाल की खाल निकालने वाले वकीलों की थैली गरम कर उन्होंने अदालत से उस झोंपड़ी पर अपना कब्जा कर लिया" के लिए "ज़मींदार ने वकीलों को पैसे देकर कानूनी दावपेंच से झोंपड़ी पर कब्जा किया" चुना, क्योंकि ज़मींदार ने वकीलों को पैसों से प्रभावित किया था।
  3. "आपसे एक टोकरी भर मिट्टी नहीं उठाई जाती और इस झोंपड़ी में तो हजारों टोकरियाँ मिट्टी पड़ी है" के लिए "वृद्धा ने टोकरी को प्रतीक बनाकर ज़मींदार को उसके अन्याय का अनुभव कराया" चुना, क्योंकि वृद्धा ने मिट्टी के माध्यम से ज़मींदार को उसकी गलती का बोध कराया।
  4. "ज़मींदार साहब धन-मद से गर्वित हो अपना कर्तव्य भूल गए थे" के लिए "धन और अहंकार ने ज़मींदार को मानवीयता और करुणा से दूर कर दिया था" चुना, क्योंकि ज़मींदार का अहंकार उसे गलत निर्णय लेने पर प्रेरित करता है।
  5. "कृतकर्म का पश्चाताप कर उन्होंने वृद्धा से क्षमा माँगी" के लिए "अपने द्वारा किए अन्याय पर पछताकर ज़मींदार ने क्षमा माँगी" चुना, क्योंकि ज़मींदार को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने माफी माँगी।
  6. "उसका भार आप जन्म-भर कैसे उठा सकेंगे?" के लिए "वृद्धा ने प्रतीकात्मक रूप से कहा कि अन्याय का नैतिक भार उठाना आसान नहीं है" चुना, क्योंकि यह वाक्य ज़मींदार को उसके किए का नैतिक अर्थ बतलाता है।
  7. "कृपा करके इस टोकरी को जरा हाथ लगाइए जिससे कि मैं उसे अपने सिर पर धर लूँ" के लिए "वृद्धा ने टोकरी उठाने में सहायता के लिए ज़मींदार से विनम्र निवेदन किया" चुना, क्योंकि वृद्धा ने मदद के लिए शांतिपूर्ण ढंग से अनुरोध किया।
  8. "उसे पुरानी बातों का स्मरण हुआ और उसकी आँखों से आँसू की धारा बहने लगी" के लिए "झोंपड़ी में प्रवेश करते ही वृद्धा पुराने दिनों के कारण भावुक हो गई" चुना, क्योंकि झोंपड़ी की यादें उसे भावुक कर देती हैं।

मैं अपने मित्रों से पूछूँगा कि उन्होंने क्या चुना और क्यों। अगर उनका जवाब अलग है, तो हम साथ मिलकर विचार करेंगे कि कौन-सा निष्कर्ष पाठ से अधिक मेल खाता है।

पंक्तियों पर चर्चा

पाठ से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए।

(क) "आपसे एक टोकरी भर मिट्टी नहीं उठाई जाती और इस झोंपड़ी में तो हजारों टोकरियाँ मिट्टी पड़ी है। उसका भार आप जन्म-भर कैसे उठा सकेंगे?"
उत्तर: इन पंक्तियों से यह मतलब निकलता है कि वृद्धा ज़मींदार को बताना चाहती थी कि उसने जो अन्याय किया है, उसका नैतिक और भावनात्मक बोझ बहुत बड़ा है। एक टोकरी मिट्टी उठाना तो मुश्किल है, उससे बड़ा झोंपड़ी छीनना और उसके दुःख का बोझ उठाना और भी कठिन होगा। वृद्धा ने इस तरह ज़मींदार को उसकी गलती का एहसास कराया।

(ख) "ज़मींदार साहब पहले तो बहुत नाराज हुए, पर जब वह बार-बार हाथ जोड़ने लगी और पैरों पर गिरने लगी तो उनके भी मन में कुछ दया आ गई। किसी नौकर से न कहकर आप ही स्वयं टोकरी उठाने को आगे बढ़े। ज्यों ही टोकरी को हाथ लगाकर ऊपर उठाने लगे त्यों ही देखा कि यह काम उनकी शक्ति के बाहर है।"
उत्तर: इन पंक्तियों से यह अर्थ निकलता है कि झोंपड़ी से जुड़ा अन्याय केवल शारीरिक वजन से नहीं, बल्कि नैतिक और भावनात्मक भार से भी जुड़ा था। जब ज़मींदार ने खुद टोकरी उठा कर देखा और असफल रहा, तो उसे महसूस हुआ कि वृद्धा के दुख और न्याय का बोझ वह आसानी से नहीं उठा सकता। इसी अनुभव ने उसके मन में दया और पश्चाताप जगाया।


सोच-विचार के लिए

पाठ को पुनः ध्यान से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए।

(क) आपके विचार से कहानी का सबसे प्रभावशाली पात्र कौन है और क्यों?
उत्तर: 
मेरे विचार से कहानी का सबसे प्रभावशाली पात्र वृद्धा है। वह प्रभावशाली इसलिए है क्योंकि उसने धैर्य, सूझ-बूझ और संयम से ज़मींदार को उसकी गलती का अहसास कराया। उसकी एक साधारण सी चाल-टोकरी भर मिट्टी-ने न्याय और संवेदना के महत्व को स्पष्ट कर दिया।

(ख) वृद्धा की पोती ने खाना क्यों छोड़ दिया था?
उत्तर: 
पोती ने खाना-पीना छोड़ दिया क्योंकि उसे अपनी झोंपड़ी की बहुत याद थी। वह अपने घर से गहरे भाव से जुड़ी थी और झोंपड़ी छिन जाने पर उसे ऐसा लगा कि उसकी दुनिया खो सी गयी है, इसीलिए उसने खाना-पीना बंद कर दिया।

(ग) ज़मींदार ने झोंपड़ी पर कब्जा कैसे किया?
उत्तर: 
ज़मींदार ने वकीलों की मदद ली और उन्हें पैसे दे कर कानूनी दावे दायर कराए। यानी उसने पैसे देकर वकीलों को प्रभावित किया और कानूनी चालें  से झोंपड़ी पर अपना अधिकार कायम कर लिया।

(घ) "महाराज क्षमा करें तो एक विनती है। ज़मींदार साहब के सिर हिलाने पर उसने कहा..."। द्वारा सिर हिलाने की इस क्रिया का क्या अर्थ है? यहाँ ज़मींदार
उत्तर: 
ज़मींदार का सिर हिलाना यहाँ सहमति या अनुमति देने का संकेत है। इसका अर्थ यह है कि उसने वृद्धा को बोलने की इजाज़त दे दी या वह उसकी विनती सुनने को तैयार हुआ। यह एक छोटा सा संकेत था कि उसके मन में नरमी का आना शुरू हुआ है।

(ङ) "किसी नौकर से न कहकर आप ही स्वयं टोकरी उठाने आगे बढ़े।" यहाँ ज़मींदार के व्यवहार में परिवर्तन का आरंभ दिखाई देता है। पहले ज़मींदार का व्यवहार कैसा था? इस घटना के बाद उसके व्यवहार में क्या परिवर्तन आया?
उत्तर:
पहले ज़मींदार अहंकारी और कठोर था; वह वृद्धा की भावनाओं की परवाह नहीं करता था। जब उसने स्वयं टोकरी उठाने की कोशिश की और असफल रहा, तो उसे अपनी शक्ति और अहंकार की सीमा का अनुभव हुआ। इससे उसके मन में दया जागी और उसके व्यवहार में नरमी आई, अंततः उसने पश्चाताप करके झोंपड़ी लौटाई।

(च) "उन्होंने वृद्धा से क्षमा माँगी और उसकी झोंपड़ी वापस दे दी।" ज़मींदार ने ऐसा क्यों किया?
उत्तर: 
ज़मींदार ने अपनी गलती का अहसास किया। वृद्धा की नम्रता, टोकरी की घटना और पोती की पीड़ा ने उसे प्रभावित किया। पश्चाताप में उसने माफी माँगी और न्याय बहाल करने के लिए झोंपड़ी वापस कर दी।

अनुमान और कल्पना से

(क) यदि वृद्धा की पोती ज़मींदार से स्वयं बात करती तो वह क्या कहती?
उत्तर: 
अगर पोती ज़मींदार से खुद बात करती, तो संभवतः वह सरल और भावपूर्ण भाषा में कहती-"महाराज, यह झोंपड़ी हमारा घर है। यहाँ हमारे पिता-माँ की यादें बसी हैं। कृपया हमें इसे रहने दें, वरना हम बहुत दुखी होंगे।" उसकी मासूम विनती से ज़मींदार पर असर पड़ सकता है।

(ख) यदि आप ज़मींदार की जगह होते तो क्या करते?
उत्तर: 
यदि मैं ज़मींदार होता, तो पहले ही लोगों से विनम्रता से बात कर के उनकी स्थिति समझता और जहाँ तक सम्भव हो, वृद्धा की झोंपड़ी न छीनता। ज़रूरत होने पर और जगह बनवाकर उनका नुक़सान नहीं करता।

(ग) ज़मींदार को टोकरी उठाने में सफलता क्यों नहीं मिली होगी?
उत्तर: 
टोकरी भारी थी और शारीरिक रूप से कठिन लग रही थी। साथ ही यह भी कि ज़मींदार ने कभी ऐसे मेहनती काम नहीं किए होंगे, इसलिए वह असफल रहे। पर प्रतीकात्मक रूप से यह दिखाता है कि अन्याय का बोझ सहन करना आसान नहीं है।

(घ) "झोंपड़ी में तो हजारों टोकरियाँ मिट्टी पड़ी है...". यहाँ केवल मिट्टी की बात की जा रही है या कुछ और बात भी छिपी है?
(संकेत- मिट्टी किस बात का प्रतीक हो सकती है? मिट्टी के बहाने वृद्धा क्या कहना चाहती है?)
उत्तर: 
यहाँ केवल मिट्टी नहीं है; मिट्टी स्मृतियाँ, घर की यादें और जीवन से जुड़ी चीजों का प्रतीक है। वृद्धा यह कहना चाहती है कि झोंपड़ी के साथ उसकी सारी यादें और जीने की सारी साधन जुड़ी हैं, और उसका बोझ उठाना ज़मींदार के लिए संभव नहीं होगा।

(ङ) यह कहानी आज से लगभग सवा सौ साल पहले लिखी गई थी। इस कहानी के आधार पर बताइए कि भारत में स्त्रियों को किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता होगा?
उत्तर: 
उस समय भारत में स्त्रियों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, जैसे:

  • विधवा होने पर कोई स्थायी सहारा न मिलना।
  • संपत्ति पर अधिकार न होना या उससे वंचित रहना।
  • आर्थिक रूप से निर्भर रहना और आत्मनिर्भरता के अभाव में असुरक्षा।
  • समाज में उनकी भावनाओं और अधिकारों की अनदेखी होना।
  • अकेले बच्चों का पालन-पोषण और सामाजिक सहारा न मिलना।

बदली कहानी

कल्पना कीजिए कि कहानी कैसे आगे बढ़ती-

  • यदि ज़मींदार टोकरी उठाने से मना कर देता

उत्तर: अगर ज़मींदार टोकरी उठाने से मना कर देता, तो वृद्धा निराश होकर चली जाती और उसके तथा पोती के लिए कठिनाइयां बढ़ जातीं। पर हो सकता है कि गाँव के लोग सहायता के लिए आ जाएँ और मिलकर ज़मींदार पर दबाव डालकर न्याय दिलवाएँ। इस तरह सामुदायिक समर्थन से नतीजा बदला जा सकता है।

  • यदि ज़मींदार टोकरी उठा लेता

उत्तर: अगर ज़मींदार टोकरी उठा लेता और दिखावा कर देता कि वह सक्षम है, तो वृद्धा यह प्रश्न उठाती कि एक टोकरी का बोझ उठाना तो सम्भव हुआ, पर झोंपड़ी और उसकी यादों का बोझ कैसे उठा पाएंगे? यह ज़मींदार को शर्मिंदा कर देता और अंततः उसे अपनी भूल माननी पड़ती।

  • यदि ज़मींदार मिट्टी देने से मना कर देता

उत्तर: अगर ज़मींदार मिट्टी देना ही न चाहता, तो वृद्धा और पोती को और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता। वे पड़ोसियों की सहायता लें या नौकरशाही और न्याय का सहारा लेंगी। समाज के रोष के कारण ज़मींदार को बाद में झोंपड़ी लौटानी पड़ सकती है।

  • यदि ज़मींदार एक स्त्री होती

उत्तर: यदि ज़मींदार एक स्त्री होती, तो संभव है कि वह वृद्धा की पीड़ा को जल्दी समझती और दया दिखा कर झोंपड़ी लौटाने पर सहज हुई। पर यह भी परिस्थिति और व्यक्ति पर निर्भर करता है।

  • यदि पोती ज़मींदार से अपनी झोपड़ी वापस माँगती

उत्तर: अगर पोती खुद गई और सच्चे मन से विनतिभर कहा कि यह हमारा घर है और मेरी दादी की यादें यहाँ हैं, तो उसकी मासूमियत ज़मींदार को पिघला सकती है और वह झोंपड़ी लौटा दे सकता है।

अपने समूह के साथ इनमें से किसी एक स्थिति को चुनकर चर्चा कीजिए। इस बदली हुई कहानी को मिलकर लिखिए।
उत्तर: हमने समूह में \"यदि पोती ज़मींदार से अपनी झोपड़ी वापस माँगती\" स्थिति चुनी। हमने मिलकर इस बदली हुई कहानी को लिखा:
एक दिन वृद्धा की पोती ज़मींदार के पास गई। वह रोते हुए बोली, "महाराज, यह झोपड़ी हमारा घर है। मेरे माता-पिता यहाँ मरे, और मेरी दादी का सहारा यही है। कृपया इसे हमें लौटा दें, वरना मैं और दादी दुखी रहेंगी।" ज़मींदार ने उसकी आँखों में आँसू देखे और उसका छोटा चेहरा देखकर दया आ गई। वह बोला, "बच्ची, तुम सही कहती हो। मैंने गलती की।" फिर उसने वृद्धा को बुलाया और कहा, "मैं तुम्हारी झोपड़ी वापस देता हूँ। तुम यहाँ खुश रहो।" वृद्धा और पोती खुशी से झोपड़ी में लौट आईं और फिर से अपने घर में रोटी पकाने लगीं। ज़मींदार ने सीखा कि बच्चों और बूढ़ों का दुख देखकर मन बदलना चाहिए।
हमने सोचा कि पोती की मासूमियत ज़मींदार को जल्दी समझा सकती थी, और यह कहानी का सुखद अंत होता।

'कि' और 'की' का उपयोग

इन वाक्यों में रेखांकित शब्दों के प्रयोग पर ध्यान दीजिए-

`कि` और `की` का उपयोग

अब नीचे दिए गए वाक्यों में इन दोनों शब्दों का उपयुक्त प्रयोग कीजिए-

`कि` और `की` का उपयोग
`कि` और `की` का उपयोग

उत्तर:

`कि` और `की` का उपयोग
`कि` और `की` का उपयोग

मुहावरे

"बाल की खाल निकालने वाले वकीलों की थैली गरम कर उन्होंने अदालत से झोंपड़ी पर अपना कब्जा कर लिया।"

(क) इस वाक्य में मुहावरों की पहचान करके उन्हें रेखांकित कीजिए।
उत्तर: 

  • बाल की खाल निकालने वाले - यह मुहावरा उन वकीलों के लिए है जो मामूली बातों को बढ़ा-चढ़ाकर केस बनाते थे।
  • थैली गरम कर - यह मुहावरा पैसे देकर किसी को प्रभावित करने का अर्थ बताता है।

(ख) 'बाल' शब्द से जुड़े निम्नलिखित मुहावरों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए।

  • बाल बाँका न होना - कुछ भी कष्ट या हानि न पहुँचना। पूर्ण रूप से सुरक्षित रहना।

उत्तर: वृद्धा की झोंपड़ी में आग लगने वाली थी, लेकिन बारिश से बाल बाँका न हुआ।

  • बाल बराबर - बहुत सूक्ष्म। बहुत महीन या पतला।

उत्तर: ज़मींदार के दिल में बाल बराबर भी दया नहीं दिखती थी, पर बाद में वह बदल गया।

  • बाल बराबर फर्क होना - ज़रा-सा भी भेद होना। सूक्ष्मतम अंतर होना।

उत्तर: वृद्धा और ज़मींदार के विचारों में बाल बराबर फर्क था, पर उनकी परिस्थितियाँ अलग-अलग थीं।

  • बाल-बाल बचना- कोई विपत्ति आने या हानि पहुँचने में बहुत थोड़ी कमी रह जाना।

उत्तर: वृद्धा झोंपड़ी खोने से बाल-बाल बची, क्योंकि अंततः ज़मींदार ने पछताया और झोंपड़ी लौटा दी।

काल

नीचे दिए गए वाक्यों को ध्यानपूर्वक पढ़िए-

  • इस झोंपड़ी में से एक टोकरी भर मिट्टी लेकर उसी का चूल्हा बनाकर रोटी पकाऊँगी
  • इस झोंपड़ी में से एक टोकरी भर मिट्टी लेकर उसी का चूल्हा बनाकर रोटी पकाई
  • इस झोंपड़ी में से एक टोकरी भर मिट्टी लेकर उसी का चूल्हा बनाकर रोटी पका रही हूँ

यहाँ रेखांकित शब्दों से पता चल रहा है कि कार्य होने का समय या काल क्या है। क्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि कोई कार्य कब हुआ, हो रहा है या होने वाला है, उसे काल कहते हैं।
काल के तीन भेद होते हैं-

  1. भूतकाल - यह बताता है कि कार्य पहले ही हो चुका है।
  2. वर्तमान काल - यह बताता है कि कार्य अभी हो रहा है या सामान्य रूप से होता रहता है।
  3. भविष्य काल - यह बताता है कि कार्य आने वाले समय या भविष्य में होगा।

नीचे दिए गए वाक्यों को वर्तमान और भविष्य काल में बदलिए-

(क) वह गिड़गिड़ाकर बोली
उत्तर: 

  • वर्तमान काल: वह गिड़गिड़ाकर बोल रही है।
  • भविष्य काल: वह गिड़गिड़ाकर बोलेगी।

(ख) श्रीमान् ने आज्ञा दे दी
उत्तर: 

  • वर्तमान काल: श्रीमान् आज्ञा दे रहे हैं।
  • भविष्य काल: श्रीमान् आज्ञा देंगे।

(ग) उसकी आँखों से आँसू की धारा बहने लगी
उत्तर: 

  • वर्तमान काल: उसकी आँखों से आँसू की धारा बह रही है।
  • भविष्य काल: उसकी आँखों से आँसू की धारा बहेगी।

(घ) ज़मींदार साहब को अपने महल का अहाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाने की इच्छा हुई
उत्तर: 

  • वर्तमान काल: ज़मींदार साहब को अपने महल का अहाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाने की इच्छा हो रही है।
  • भविष्य काल: ज़मींदार साहब को अपने महल का अहाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाने की इच्छा होगी।

(ङ) उन्होंने वृद्धा से क्षमा माँगी और उसकी झोंपड़ी वापस दे दी
उत्तर: 

  • वर्तमान काल: वे वृद्धा से क्षमा माँग रहे हैं और उसकी झोंपड़ी वापस दे रहे हैं।
  • भविष्य काल: वे वृद्धा से क्षमा माँगेंगे और उसकी झोंपड़ी वापस देंगे।

वचन की पहचान

"उनके मन में कुछ दया आ गई।"
"उनकी आँखें खुल गईं।"
ऊपर दिए गए रेखांकित शब्दों में क्या अंतर है और क्यों? आपस में चर्चा करके पता लगाइए।
आपने ध्यान दिया होगा कि शब्द में एक अनुस्वार-भर के अंतर से उसके अर्थ में अंतर आ जाता है।
नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में उपयुक्त शब्द भरिए-

वचन की पहचान

उत्तर: 

वचन की पहचान

कहानी की रचना

"यह सुनकर वृद्धा ने कहा, "महाराज, नाराज न हों तो...""
इस पंक्ति में लेखक ने जानबूझकर वृद्धा की कही हुई बात को अधूरा छोड़ दिया है। बात को अधूरा छोड़ने के लिए....' का उपयोग किया गया है। इस प्रकार के वाक्यों और प्रयोगों से कहानी का प्रभाव और बढ़ जाता है। अनेक बार कहानी में नाटकीयता लाने के लिए भी इस प्रकार के प्रयोग किए जाते हैं।

(क) आपको इस कहानी में ऐसी अनेक विशेषताएँ दिखाई देंगी। उन्हें अपने समूह के साथ मिलकर ढूंढ़िए और उनकी सूची बनाइए।
उत्तर: 

  • प्रश्नोत्तरी शैली का प्रयोग
  • वर्णनात्मकता से दृश्य सजीव बनाना
  • गहरी भावनाओं का चित्रण (करुणा, ममता, पछतावा)
  • संवादों के माध्यम से कहानी को आगे बढ़ाना
  • नाटकीय मोड़ों का समावेश
  • पात्रों का स्पष्ट और प्रभावी चित्रण
  • अधूरे वाक्यों से रहस्य और जिज्ञासा उत्पन्न करना
  • सामाजिक संदेश देना

(ख) इस कहानी की कुछ विशेषताओं को नीचे दिया गया है। इनके उदाहरण कहानी से चुनकर लिखिए-

कहानी की रचना

उत्तर: 

कहानी की रचना

शब्दकोश का उपयोग

आप जानते ही हैं कि हम शब्दकोश का प्रयोग करके शब्दों के विषय में अनेक प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। नीचे कुछ शब्दों के अनेक अर्थ शब्दकोश से चुनकर दिए गए हैं। इन शब्दों के जो अर्थ इस कहानी के अनुसार सबसे उपयुक्त हैं, उन पर घेरा बनाइए-

शब्दकोश का उपयोग

उत्तर: 

शब्दकोश का उपयोग

भावों की पहचान

"कृतकर्म का पश्चाताप कर उन्होंने वृद्धा से क्षमा माँगी..."
कहानी की इस पंक्ति से कौन-कौन से भाव प्रकट हो रहे हैं? सही पहचाना, इस पंक्ति से पश्चाताप और क्षमा के भाव प्रकट हो रहे हैं। अब नीचे दी गई पंक्तियों में प्रकट हो रहे भावों से उनका मिलान कीजिए-

भावों की पहचान

उत्तर: 

भावों की पहचान

वाक्य विस्तार

'वृद्धा पहुँची।'
यह केवल दो शब्दों से बना एक वाक्य है लेकिन हम इस वाक्य को बड़ा भी बना सकते हैं-
'वह वृद्धा हाथ में एक टोकरी लेकर वहाँ पहुँची।'
अब बात कुछ अच्छी तरह समझ में आ रही है। किंतु इसी वाक्य को हम और विस्तार भी दे सकते हैं, जैसे-
'थकी हुई आँखों और काँपते हाथों में टोकरी लिए वृद्धा धीरे-धीरे दरवाजे पर पहुँची।'
अब यह वाक्य अनेक अर्थ और भाव व्यक्त कर रहा है। अब इसी प्रकार नीचे दिए गए वाक्यों का कहानी को ध्यान में रखते हुए विस्तार कीजिए। प्रत्येक वाक्य में लगभग 15-20 शब्द हो सकते हैं।

1. एक झोंपड़ी थी।
उत्तर: गाँव के किनारे पीपल के पेड़ के नीचे सूखी घास और मिट्टी से बनी एक छोटी-सी झोंपड़ी थी, जिसमें एक बूढ़ी महिला और उसकी पोती रहती थी।

2. श्रीमान् टहल रहे थे।
उत्तर: श्रीमान् हाथ में छड़ी लिए आँगन में इधर-उधर टहलते हुए अपने महल के विकास के बारे में गंभीर रूप से सोच रहे थे।

3. वह खाने लगेगी।
उत्तर: जब पोती ने ज़मींदार के भरोसे पर विश्वास किया, तो उसने धीरे-धीरे रोटी खाना शुरू किया और दादी की चिंता कम होने लगी।

4. वृद्धा भीतर गई।
उत्तर: वृद्धा काँपते कदमों से झोंपड़ी के अँधेरे कोने में गयी, टोकरी वहीं रखी और आँखों में बेचैनी लिए बैठ गई।

5. आगे बढ़े।
उत्तर: ज़मींदार साहब थोड़ी देर ठहरे, फिर धीमे-धीमे वृद्धा की ओर बढ़े और उसकी स्थिति समझने का प्रयास करने लगे।

संवाद फोन पर

(क) कल्पना कीजिए कि यह कहानी आज के समय की है। ज़मींदार वृद्धा की पोती को समझाना चाहता है कि वह जिद छोड़ दे और भोजन कर ले। उसने पोती को फोन किया है। अपनी कल्पना से दोनों की बातचीत लिखिए।
उत्तर: 
ज़मींदार: हेलो बेटा, मैं ज़मींदार साहब बोल रहा हूँ।
पोती: जी, कहिए।
ज़मींदार: देखो, इतने दिन से तुम भूखी रह रही हो, यह ठीक नहीं है।
पोती: पर दादी के साथ जो हुआ, उससे मेरा मन नहीं लग रहा।
ज़मींदार: मैं समझता हूँ, मेरी गलती थी, पर मैं अब झोंपड़ी पर फिर से दावा नहीं करूँगा।
पोती: सच में?
ज़मींदार: हाँ, मैं वादा करता हूँ। कृपया खाना खाओ।
पोती: अगर आप वादा करते हैं, तो मैं खाना खा लूँगी।
ज़मींदार: यही समझदारी है बेटा, दादी की चिंता दूर हो जाएगी।

(ख) कल्पना कीजिए कि ज़मींदार और उसका कोई मित्र वृद्धा की झोंपड़ी हथियाने के बारे में मोबाइल पर लिखित संदेशों द्वारा चर्चा कर रहे हैं। मित्र उसे समझा रहा है कि वह झोंपड़ी न हड़पे। उनकी इस लिखित चर्चा को अपनी कल्पना से भाव मुद्रा (इमोजी) के साथ लिखिए।
उदाहरण-

  • मित्र - इस विचार को छोड़ दो, तुम्हें आखिर किस बात की कमी है?
  • ज़मींदार - मुझे तुमसे उपदेश नहीं सुनना है।

उत्तर: मित्र: यार, वो वृद्धा की झोंपड़ी मत हड़पना, गलत बात है। ()
ज़मींदार:लेकिन उसकी जमीन बहुत काम की है। ()
मित्र: इंसानियत ज़्यादा काम की होती है, पैसा तो आता-जाता है। ()
ज़मींदार:ठीक है, तुम सही कह रहे हो... ()
मित्र: हाँ, दादी को उनकी जगह रहने दो, दुआ मिलेगी। ()

पोती की भावनाएँ

"मेरी पोती ने खाना-पीना छोड़ दिया है।"

(क) कहानी में वृद्धा की पोती एक महत्वपूर्ण पात्र है, भले ही उसका उल्लेख केवल एक-दो पंक्तियों में ही हुआ है। कल्पना कीजिए कि आप ही वह पोती हैं। आपको अपने घर से बहुत प्यार है। अपने घर को बचाने के लिए जिलाधिकारी को एक पत्र लिखिए।
उत्तर: जिलाधिकारी को पत्र
सेवा में,
जिलाधिकारी महोदय,
[शहर का नाम]
विषय: मेरे घर को बचाने हेतु प्रार्थना-पत्र।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं [अपना नाम] आपकी क्षेत्र की निवासी हूँ। मेरा घर एक छोटी-सी झोंपड़ी है जिसमें मैं अपनी दादी के साथ रहती हूँ। यह घर हमारे लिए अत्यन्त कीमती है। हाल ही में गाँव के ज़मींदार साहब ने इस झोंपड़ी पर अपना दावा जताया है और हमें वहां से हटाने की धमकी दी जा रही है।
महोदय, इस झोंपड़ी में मेरे माता-पिता की यादें तथा जीवन का साधन बसा हुआ है। अगर यह हमसे छिन जाएगा तो हम बेघर हो जाएंगे। अतः आपसे अनुरोध है कि कृपया हमारी सहायता करें और हमें अपनी झोंपड़ी में रहने का अधिकार प्रदान करें।
सधन्यवाद,
भवदीया
[नाम]
[गाँव का नाम]
तिथि: [तारीख]

(ख) मान लीजिए कि वृद्धा की पोती दैनंदिनी (डायरी) लिखा करती थी। कहानी की घटनाओं के आधार पर कल्पना कीजिए कि उसने अपनी डायरी में क्या लिखा होगा? स्वयं को पोती के स्थान पर रखते हुए वह दैनंदिनी लिखिए। उदाहरण के लिए-

पोती की भावनाएँ

उत्तर: दैनंदिनी (डायरी)

मेरी दैनंदिनी

  • 2 मई - आज दादी घर लौटीं और बहुत परेशान दिखीं। मैंने पूछा तो उन्होंने बताया कि ज़मींदार साहब हमारी झोंपड़ी पर हक़ जताने लगे हैं। यह सुनकर मेरा दिल टूट गया।
  • 3 मई - आज मैं पूरे दिन चुप रही। खाना-पीना अच्छा नहीं लग रहा। यह घर मेरी दुनिया है। अगर यह चला गया तो हम कहाँ जाएँगे?
  • 4 मई - मैंने तय किया है कि मैं अपने घर के लिए लड़ूंगी। मैंने जिलाधिकारी को पत्र लिखने की सोची है। उम्मीद है कोई हमारी मदद करेगा।
  • 5 मई - आज गाँव के कुछ लोग हमें समर्थन देने आए। मुझे थोड़ी आशा सी हुई है।

पाठ से आगे

आपकी बात

(क) कहानी में वृद्धा की पोती अपने घर से बहुत प्यार करती थी। आपके घर से अपने लगाव का अनुभव बताइए।
उत्तर: 
मेरा घर मेरे लिए यादों और स्नेह का स्थान है। वहाँ बचपन की यादें, परिवार की परंपराएँ और सुरक्षित महसूस करने का भाव बसा हुआ है। यही वजह है कि मैं भी किसी स्थान से इतना जुड़ जाता हूँ तो उसे छोड़ना मुश्किल महसूस करता/करती हूँ।

(ख) क्या कभी आपको किसी स्थान, वस्तु या व्यक्ति से इतना लगाव हुआ है कि उसे छोड़ना मुश्किल लगा हो? अपना अनुभव साझा कीजिए।
उत्तर: 
एक बार स्कूल की लाइब्रेरी की एक पुरानी किताब मुझे बहुत प्रिय थी। जब वह किताब हटाई गई, तो मुझे दुःख हुआ, जैसे कोई पुराने साथी को खो दिया हो। इस अनुभव से मैंने जाना कि सामान या स्थानों से भी दिल के गहरे सम्बन्ध बन जाते हैं।

(ग) कहानी में ज़मींदार अपने किए पर पश्चाताप कर रहा है। क्या आपने कभी किसी को उनके किए पर पछताते हुए देखा है? उस घटना के बारे में बताइए। यह भी बताइए कि उस पश्चाताप का क्या परिणाम निकला?
उत्तर: 
एक बार मेरे पड़ोस में किसी ने गुस्से में अनुचित बात कही; बाद में उसे पछतावा हुआ। उसने माफी माँगी और रिश्ते सुधर गए। उस पश्चाताप से यह सीखा कि समय रहते माफी माँगने से रिश्ते बच सकते हैं।

(घ) क्या कभी ऐसा हुआ कि आपने कोई काम गुस्से या अहंकार में किया हो और बाद में पछताए हों? फिर आपने क्या किया? उस अनुभव से आपने क्या सीखा?
उत्तर: एक बार गुस्से में मैंने अपनी छोटी बहन का खिलौना तोड़ दिया; बाद में बहुत पछताया। मैंने माफी माँगी और नया खिलौना खरीद कर दिया। इससे मैंने सीखा कि गुस्से में किए गए कार्यों का परिणाम अक्सर टालना मुश्किल होता है, इसलिए संयम रखना चाहिए।

न्याय और समता

कहानी में आपने पढ़ा कि एक ज़मींदार ने लालच के कारण एक स्त्री का घर छीन लिया।

(क) क्या आपने किसी के साथ ऐसा अन्याय देखा, पढ़ा या सुना है? उसके बारे में बताइए।
उत्तर: अन्याय का उदाहरण:
न्यूज़ में पढ़ा था कि कुछ दबंगों ने एक किसान की जमीन पर अवैध कब्ज़ा कर लिया। किसान को न्याय पाने में कई साल लगे। इससे स्पष्ट होता है कि शक्ति और धन के गलत उपयोग से कमजोरों के अधिकार छिन सकते हैं।

(ख) ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए आप क्या-क्या कर सकते हैं? आपके आस-पास के लोग क्या-क्या कर सकते हैं?
उत्तर: ऐसी परिस्थितियों से निपटने के कुछ उपाय:

  • पीड़ित व्यक्ति का सामाजिक और कानूनी सहारा बनना; उसे विधिक सलाह दिलवाना।
  • मामले को मीडिया या सोशल मीडिया पर उठाकर सार्वजनिक ध्यान आकर्षित करना।
  • स्थानीय समुदाय मिलकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से न्याय की माँग करना।
  • खुद अपने और दूसरों के अधिकारों के बारे में जागरूक होना ताकि अन्याय का सामना किया जा सके।

(ग) "सच्ची शक्ति दया और न्याय में है।" इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर: मेरे विचार से असली शक्ति  किसी को दबाने में नहीं, बल्कि उनकी मदद करने और न्याय करने में है। दया और न्याय से समाज में विश्वास और सम्मान बनता है। जो लोग करुणा और निष्पक्षता दिखाते हैं, वे अधिक सम्मानित और सुदृढ़ रहते हैं।

घर-घर की कहानी

क्या आपको अपने घर की कहानी पता है? उसे कब बनाया गया? कैसे बनाया गया? उसे बनाने के लिए कैसे-कैसे प्रयास किए गए? चलिए, अपने घर की कहानी की खोजबीन करते हैं।
अपने घर के बड़े-बूढ़ों से उनके बचपन के घरों के बारे में साक्षात्कार लीजिए। आज आप जिस घर में रह रहे हैं, उसमें वे कब से रह रहे हैं? इसमें आने के पीछे क्या कहानी है, इसके बारे में भी बातचीत कीजिए। कक्षा में अपनी-अपनी कहानियाँ साझा कीजिए।

उत्तर: मेरे घर की कहानी
मैंने अपनी दादी से पूछा। उनका बचपन गाँव में बीता जहाँ उनका घर लकड़ी और ईंट से बना था और वह 1945 में बना था। दादा-दादी ने मिलकर और आसपास वालों की मदद से वह घर बनाया था।
हम आज शहर में रहते हैं और दादी यहाँ 1990 से रह रही हैं। यह बताकर मैंने कक्षा में अपनी कहानी साझा की और अन्य विद्यार्थियों की कहानियाँ भी सुनीं।

न्याय और करुणा से जुड़ी सहायता

"बाल की खाल निकालने वाले वकीलों की थैली गरम कर उन्होंने अदालत से झोंपड़ी पर कब्जा कर लिया।"
कहानी के इस प्रसंग को ध्यान में रखते हुए नागरिक शिकायत प्रक्रिया के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए। इसके बारे में अपने घर और आस-पास के लोगों को भी जागरूक कीजिए।
उदाहरण:
सार्वजनिक शिकायत सुविधा - भारत सरकार की इस वेबसाइट पर सभी भारतीय, केंद्र या राज्य सरकारों के किसी भी विभाग से जुड़ी शिकायतें कर सकते हैं। इस वेबसाइट पर भारत की 22 भाषाओं में शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है।
https://pgportal.gov.in
जनसुनवाई - प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ने जनसुनवाई जैसी सुविधाओं को प्रारंभ किया हुआ है। इंटरनेट सुविधाओं का उपयोग भी किया जा सकता है।
https://jansunwai.up.nic.in/
सामाजिक सुरक्षा कल्याण योजनाएँ- भारत सरकार की सामाजिक कल्याण की योजनाओं के बारे में जानने के लिए निम्नलिखित वेबसाइट का उपयोग किया जा सकता है-
https://eshram.gov.in/hi/social-security-welfare-schemes
उत्तर: कहानी "एक टोकरी भर मिट्टी" में ज़मींदार ने वकीलों को पैसे देकर वृद्धा की झोंपड़ी पर कब्जा कर लिया। यह अन्याय था। ऐसे अन्याय से बचने के लिए भारत में कई सरकारी सुविधाएँ हैं जिनका उपयोग कर के न्याय माँगा जा सकता है। 
यहाँ कुछ आसान तरीके बताए गए हैं:

  • सार्वजनिक शिकायत सुविधा (CPGRAMS): यदि किसी सरकारी विभाग द्वारा अन्याय होता है तो आप pgportal.gov.in पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह केंद्र और राज्य दोनों स्तर की शिकायतों के लिये है और कई भाषाओं में उपलब्ध है।
  • जनसुनवाई (उत्तर प्रदेश): यदि आप उत्तर प्रदेश में हैं तो jansunwai.up.nic.in पर शिकायत कर सकते हैं; यहाँ मोबाइल OTP से रजिस्टर कर के शिकायत दर्ज की जा सकती है।
  • सामाजिक सुरक्षा कल्याण योजनाएँ: कमजोर और जरूरतमंद लोगों के लिये सरकारी योजनाएँ उपलब्ध हैं; उदाहरण के लिये eshram.gov.in पर असंगठित कामगारों की योजनाओं की जानकारी मिलती है।

दूसरों को जागरूक कैसे करें?

  • घर में बातचीत करें: परिवार को बताइए कि अन्याय होने पर मदद माँगना चाहिए और शिकायत के विकल्प हैं।
  • पड़ोसियों को समझाइए: खासकर कम पढ़े-लिखे लोगों को इन वेबसाइटों और प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दीजिए।
  • स्कूल/NGO में जागरूकता: स्थानीय स्तर पर छोटी बैठकें या पोस्टर से लोगों को जागरूक कीजिए।
  • इंटरनेट सहायता: जिनके पास मोबाइल या इंटरनेट है, उनकी मदद कर के वे शिकायत दर्ज कर सकें।

उदाहरण: यदि कोई वृद्धा जैसी स्थिति में हो, तो उसे pgportal.gov.in पर शिकायत करने के लिए कहें, या उत्तर प्रदेश में jansunwai.up.nic.in उपयोग करने को बताएं। सामाजिक सहायता के लिए eshram.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करवा कर लाभ दिलवाया जा सकता है। इन उपायों से कमजोर लोगों को न्याय मिलने में मदद मिल सकती है।

आज की पहेली

नीचे दिए गए अक्षरों से सार्थक शब्द बनाइए-

आज की पहेली

उत्तर: 

आज की पहेली

खोजबीन के लिए

हमारे देश में हजारों सालों से कहानियाँ सुनी-सुनाई जाती रही हैं। सैकड़ों साल पहले लिखी गई कहानियों की पुस्तकें आज भी उपलब्ध हैं। ऐसी ही एक अद्भुत पुस्तक हितोपदेश है जो आज भी विश्व में मनोरंजन और ज्ञान प्राप्त करने के उद्देश्य से पढ़ी-पढ़ाई जाती है। अपने पुस्तकालय से हितोपदेश की कहानियों की पुस्तक खोजकर पढ़िए और इसकी कोई एक कहानी कक्षा में सुनाइए।
उत्तर: मैंने अपने स्कूल की पुस्तकालय से हितोपदेश की पुस्तक ढूंढी। हितोपदेश की कहानियाँ विष्णु शर्मा द्वारा लिखी गईं हैं और ये प्रायः पशु-पक्षियों के माध्यम से जीवन के नैतिक पाठ सिखाती हैं। मैंने उसमें से "धूर्त गीदड़ और हाथी" की कहानी पढ़ी, जो यह सिखाती है कि दुष्ट संगति से सावधान रहना चाहिए और अच्छे लोगों की संगति चुननी चाहिए।

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FAQs on NCERT Solutions: एक टोकरी भर मिट्टी

1. एक टोकरी भर मिट्टी में मुख्य पात्र कौन हैं और उनका क्या महत्व है?
Ans. "एक टोकरी भर मिट्टी" में दादा जी मुख्य पात्र हैं जो अपनी मिट्टी के प्रति गहरा लगाव रखते हैं। गाँव की मिट्टी उनके जीवन का अभिन्न अंग है। दादा जी का चरित्र स्वदेशी भावना, परंपरा और जड़ों से जुड़ाव को दर्शाता है। कहानी के माध्यम से लेखक आधुनिकता और परंपरा के बीच संतुलन स्थापित करता है।
2. "एक टोकरी भर मिट्टी" कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
Ans. इस NCERT कहानी का केंद्रीय संदेश देशभक्ति और अपनी संस्कृति के प्रति समर्पण है। दादा जी विदेश जाने का निमंत्रण ठुकरा देते हैं और भारतीय मिट्टी को अधिक महत्वपूर्ण मानते हैं। कथा नागरिकों को अपनी जड़ों, परंपराओं और राष्ट्रीय मूल्यों को सम्मान देने के लिए प्रेरित करती है।
3. दादा जी को विदेश जाने का न्योता क्यों मिलता है और वह क्यों मना करते हैं?
Ans. दादा जी को ब्रिटेन में रहने वाले अपने परिवार के सदस्य बुलाते हैं और उन्हें आरामदायक जीवन का प्रस्ताव देते हैं। लेकिन दादा जी विदेश जाने से इंकार करते हैं क्योंकि उनके लिए अपनी जन्मभूमि और उसकी मिट्टी सर्वोत्तम है। वह भारतीय मृदा से आत्मीय जुड़ाव महसूस करते हैं।
4. कहानी में मिट्टी का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?
Ans. मिट्टी प्रतीकात्मक रूप से भारतीय संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय पहचान का प्रतिनिधित्व करती है। यह केवल मिट्टी नहीं है बल्कि अपनी जातीय जड़ों, पूर्वजों की विरासत और मातृभूमि के प्रति अटूट स्नेह का प्रतीक है। कहानी में मिट्टी मानवीय मूल्यों और सांस्कृतिक गौरव को दर्शाती है।
5. CBSE Class 8 परीक्षा में "एक टोकरी भर मिट्टी" से कौन से महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे जा सकते हैं?
Ans. परीक्षार्थियों को दादा जी के चरित्र पर प्रश्न, कहानी का उद्देश्य, मिट्टी का अर्थ और देशभक्ति के विषय पर प्रश्नों की तैयारी करनी चाहिए। भाषागत सौंदर्य, नैतिक मूल्य निष्कर्षण और संदर्भ आधारित प्रश्न आम तौर पर आते हैं। EduRev पर उपलब्ध मॉक टेस्ट और महत्वपूर्ण प्रश्न संग्रह से अभ्यास करें।
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