समय: 1 घंटा
पूर्णांक: 30
निर्देश: सभी प्रश्नों का प्रयास करें।
- प्रश्न संख्या 1 से 5 तक 1 अंक का प्रत्येक प्रश्न है।
- प्रश्न संख्या 6 से 8 तक 2 अंक का प्रत्येक प्रश्न है।
- प्रश्न संख्या 9 से 11 तक 3 अंक का प्रत्येक प्रश्न है।
- प्रश्न संख्या 12 और 13 प्रत्येक 5 अंक का प्रश्न है।
प्रश्न 1: भारतेंदु हरिश्चंद्र को आधुनिक हिंदी साहित्य में क्या माना जाता है? (1 अंक)
(i) कवि
(ii) नाटककार
(iii) जनक
(iv) उपन्यासकार
उत्तर: (iii)
भारतेंदु हरिश्चंद्र को आधुनिक हिंदी साहित्य का जनक माना जाता है, क्योंकि उन्होंने हिंदी साहित्य को नई दिशा दी और कई विधाओं में योगदान दिया।
प्रश्न 2: हरिद्वार में गंगा नदी की कितनी धाराएँ बताई गई हैं? (1 अंक)
(i) एक
(ii) दो
(iii) तीन
(iv) चार
उत्तर: (ii)
हरिद्वार में गंगा नदी की दो धाराएँ हैं-नील धारा और गंगा।
प्रश्न 3: हरिद्वार के पाँच मुख्य तीर्थों में से एक क्या है? (1 अंक)
(i) मथुरा
(ii) कुशावर्त
(iii) अयोध्या
(iv) काशी
उत्तर: (ii)
हरिद्वार के पाँच मुख्य तीर्थों में कुशावर्त शामिल है।
प्रश्न 4: भारतेंदु हरिश्चंद्र ने हरिद्वार की यात्रा का वर्णन किस पत्रिका के संपादक को लिखे पत्र में किया? (1 अंक)
(i) बालाबोधिनी
(ii) कविवचन सुधा
(iii) हरिश्चंद्र मैगजीन
(iv) सरस्वती
उत्तर: (ii)
भारतेंदु ने अपनी हरिद्वार यात्रा का वर्णन 'कविवचन सुधा' पत्रिका के संपादक को लिखे पत्र में किया।
प्रश्न 5: हरिद्वार में गंगा के किनारे राजाओं द्वारा क्या बनवाया गया है? (1 अंक)
(i) महल
(ii) धर्मशालाएँ
(iii) मंदिर
(iv) किले
उत्तर: (ii)
गंगा के किनारे राजाओं ने धर्मशालाएँ बनवाई हैं, जहाँ यात्री ठहरते हैं।
प्रश्न 6: हरिद्वार में पक्षियों के बारे में भारतेंदु ने क्या लिखा है? (2 अंक)
उत्तर: भारतेंदु ने लिखा कि हरिद्वार के पेड़ों पर रंग-बिरंगे पक्षी चहचहाते हैं और बिना डर के गाते हैं, क्योंकि वहाँ शिकारी नहीं हैं। यह दृश्य प्रकृति की सुंदरता और शांति को दर्शाता है।
प्रश्न 7: हरिद्वार के प्राकृतिक सौंदर्य का संक्षेप में वर्णन करें। (2 अंक)
उत्तर: हरिद्वार तीन तरफ से हरे-भरे पहाड़ों से घिरा है, जहाँ हरी लताएँ और पेड़ हैं। गंगा नदी का ठंडा, मीठा और साफ पानी तेजी से बहता है। बारिश के कारण चारों तरफ हरियाली फैली है, जो हरे गलीचे जैसी दिखती है।
प्रश्न 8: हरिद्वार में 'हरि की पैड़ी' की क्या विशेषता है? (2 अंक)
उत्तर: 'हरि की पैड़ी' हरिद्वार का एक पक्का घाट है, जहाँ लोग स्नान करते हैं। यहाँ गंगा ही सबसे बड़ी देवी मानी जाती है, और कोई दूसरा देवता नहीं है। यह स्थान आध्यात्मिक और पवित्र है।
प्रश्न 9: भारतेंदु ने हरिद्वार के पेड़ों की तुलना किससे की और क्यों? (3 अंक)
उत्तर: भारतेंदु ने हरिद्वार के पेड़ों की तुलना साधुओं से की, जो एक टांग पर खड़े होकर तपस्या करते हैं। उन्होंने कहा कि ये पेड़ धूप, बारिश और ओस को सहते हैं और लोगों को फल, फूल, छाया, पत्ते, छाल, बीज, लकड़ी और जड़ देते हैं। यहाँ तक कि जलने के बाद भी इनके कोयले और राख से लोगों का काम होता है। इस तुलना से पेड़ों की उदारता और प्रकृति की महानता का वर्णन किया गया है।
प्रश्न 10: कनखल तीर्थ का ऐतिहासिक महत्व क्या है? (3 अंक)
उत्तर: कनखल तीर्थ का ऐतिहासिक महत्व यह है कि बहुत समय पहले वहाँ दक्ष ने यज्ञ किया था। इस यज्ञ में सती ने शिव जी का अपमान न सहकर अपना शरीर त्याग दिया था। यह घटना कनखल को धार्मिक और पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाती है।
प्रश्न 11: हरिद्वार के स्थानीय लोगों और पंडों की क्या विशेषता बताई गई है? (3 अंक)
उत्तर: हरिद्वार के स्थानीय लोग और पंडे बहुत संतोषी हैं। पंडे कनखल और ज्वालापुर से आते हैं और एक पैसे को भी बहुत मानते हैं। वहाँ कोई गुस्सा या लालच नहीं दिखता, जो इस स्थान की शांति और पवित्रता को दर्शाता है।
प्रश्न 12: भारतेंदु हरिश्चंद्र की हरिद्वार यात्रा से हमें क्या शिक्षा मिलती है? विस्तार से बताएँ। (5 अंक)
उत्तर: भारतेंदु हरिश्चंद्र की हरिद्वार यात्रा से हमें यह शिक्षा मिलती है कि यात्राएँ केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि ज्ञान, भक्ति और प्रकृति की कद्र करने के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। उनकी यात्रा से हमें पता चलता है कि प्रकृति का सौंदर्य, जैसे गंगा नदी, हरे-भरे पहाड़, और चहचहाते पक्षी, मन को शांत और शुद्ध करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हरिद्वार जैसे पवित्र स्थान हमें संतोष और सादगी का महत्व सिखाते हैं। यात्रा से हमें संस्कृति, इतिहास और पर्यावरण के प्रति जागरूकता मिलती है, और हमें अपनी मातृभूमि की सुंदरता का सम्मान करना चाहिए।
प्रश्न 13: भारतेंदु ने हरिद्वार की गंगा नदी का वर्णन कैसे किया है? विस्तार से समझाएँ। (5 अंक)
उत्तर: भारतेंदु ने हरिद्वार की गंगा नदी का वर्णन बहुत ही सुंदर और जीवंत तरीके से किया है। उन्होंने लिखा कि गंगा का पानी ठंडा, मीठा और साफ है, जैसे बर्फ में जमी चीनी का शरबत। यह पानी तेजी से बहता है, जिससे एक मधुर आवाज़ उत्पन्न होती है। गंगा की धारा राजा भगीरथ की कीर्ति की तरह चमकती है। ठंडी हवा गंगा के छोटे-छोटे कणों को उड़ाती है, जो छूने से ही मन को शुद्ध कर देती है। गंगा दो धाराओं-नील धारा और गंगा-में बँटी है, और इनके बीच एक छोटा पहाड़ है। हरिद्वार में गंगा ही सबसे बड़ी देवी मानी जाती है, और 'हरि की पैड़ी' घाट पर लोग स्नान करते हैं। यह वर्णन गंगा की पवित्रता, सुंदरता और आध्यात्मिक महत्व को दर्शाता है।