समय: 1 घंटा
पूर्णांक: 30
निर्देश: सभी प्रश्नों का प्रयास करें।
प्रश्न 1: बचेंद्री पाल का जन्म कब और कहाँ हुआ? (1 अंक)
(i) 24 मई 1954, चमोली ज़िले में
(ii) 7 मार्च 1954, दिल्ली में
(iii) 23 मई 1984, काठमांडू में
(iv) 26 मार्च 1984, नमचे बाज़ार में
उत्तर: (i)
बचेंद्री पाल का जन्म 24 मई 1954 को उत्तरांचल के चमोली ज़िले के बंपा गाँव में हुआ था।
प्रश्न 2: एवरेस्ट को नेपाल में किस नाम से जाना जाता है? (1 अंक)
(i) ल्होत्से
(ii) सागरमाथा
(iii) खुंभु
(iv) नुत्से
उत्तर: (ii)
नेपाल में एवरेस्ट को 'सागरमाथा' नाम से जाना जाता है और लेखिका को यह नाम बहुत अच्छा लगा।
प्रश्न 3: हिमस्वलन से कितने शेरपा कुली घायल हुए? (1 अंक)
(i) एक
(ii) दो
(iii) चार
(iv) सोलह
उत्तर: (iii)
हिमस्वलन (हिमस्खलन) से सोलह शेरपा कुलियों में से एक की मृत्यु हो गई और चार घायल हो गए।
प्रश्न 4: कैंप-चार कहाँ लगाया गया? (1 अंक)
(i) 6000 मीटर पर
(ii) 7500 मीटर पर
(iii) 7900 मीटर पर
(iv) 8848 मीटर पर
उत्तर: (iii)
29 अप्रैल को अंगदोरजी, लोपसांग और गगन बिस्सा ने 7900 मीटर पर साउथ कोल में कैंप-चार लगाया।
प्रश्न 5: बचेंद्री पाल ने एवरेस्ट की चोटी पर क्या दबाया? (1 अंक)
(i) तिरंगा झंडा
(ii) दुर्गा माँ का चित्र और हनुमान चालीसा
(iii) ऑक्सीजन सिलिंडर
(iv) बर्फ का फावड़ा
उत्तर: (ii)
बचेंद्री पाल ने दुर्गा माँ का चित्र और हनुमान चालीसा को लाल कपड़े में लपेटकर छोटी पूजा की और बर्फ में दबा दिया।
प्रश्न 6: अग्रिम दल का क्या कार्य था? संक्षेप में बताएँ। (2 अंक)
उत्तर: अग्रिम दल का कार्य बेस कैंप पहुँचने से पहले दुर्गम हिमपात के रास्ते को साफ़ करना, पुल बनाना, रस्सियाँ बाँधना, झंडियों से रास्ता चिह्नित करना और सभी बड़ी कठिनाइयों का जायजा लेना था।
प्रश्न 7: तेनजिंग ने बचेंद्री पाल से क्या कहा? (2 अंक)
उत्तर: तेनजिंग ने बचेंद्री से कहा कि वे एक पक्की पर्वतीय लड़की लगती हैं और उन्हें शिखर पर पहले ही प्रयास में पहुँच जाना चाहिए। उन्होंने अपना हाथ उनके कंधे पर रखकर प्रोत्साहन दिया।
प्रश्न 8: हिमपात में क्या-क्या बदलाव आते हैं? (2 अंक)
उत्तर: हिमपात बर्फ़ की नदी है जो बहने से हलचल पैदा करता है, इससे बड़ी-बड़ी बर्फ़ की चट्टानें गिरती हैं, दरारें पड़ती हैं जो गहरे हिम-विदर में बदल जाती हैं और अनियमित-अनिश्चित बदलाव से रास्ते व्यर्थ हो सकते हैं।
प्रश्न 9: बचेंद्री पाल को एवरेस्ट की तरफ़ गौर से देखते हुए क्या दिखाई दिया और क्यों? विस्तार से बताएँ। (3 अंक)
उत्तर: बचेंद्री को एवरेस्ट की तरफ़ देखते हुए शिखर पर बर्फ़ का एक बड़ा फूल (प्लूम) दिखाई दिया, जो लहराते ध्वज जैसा लग रहा था। यह शिखर की ऊपरी सतह के आसपास 150 किलोमीटर या इससे अधिक गति की हवा के कारण बनता था, क्योंकि तेज़ हवा से सूखी बर्फ़ उड़ती रहती थी। यह बर्फ़ का ध्वज 10 किलोमीटर या इससे लंबा हो सकता था। यह दृश्य उन्हें डराने वाला था, क्योंकि शिखर पर जाने वाले को दक्षिण-पूर्वी पहाड़ी पर इन तूफ़ानों को झेलना पड़ता था।
प्रश्न 10: ल्होत्से ग्लेशियर से टूटकर गिरे बर्फ़ पिंड का वर्णन कीजिए। (3 अंक)
उत्तर: ल्होत्से ग्लेशियर से एक लंबा बर्फ़ का पिंड टूटकर नीचे आ गिरा और विशाल हिमपुंज बन गया। हिमखंडों, बर्फ़ के टुकड़ों तथा जमी हुई बर्फ़ के इस विशालकाय पुंज ने एक्सप्रेस रेलगाड़ी की तेज़ गति और भीषण गर्जना के साथ सीधी ढलान से नीचे आकर कैंप को तहस-नहस कर दिया। यह इतना भारी और ठंडा था कि लेखिका को कुचलता हुआ गुज़रा और साँस लेने में कठिनाई हुई। लोपसांग ने बड़े हिमपिंड हटाकर उन्हें बचाया।
प्रश्न 11: बचेंद्री पाल ने साउथ कोल कैंप पहुँचकर अगले दिन की तैयारी कैसे की? (3 अंक)
उत्तर: साउथ कोल पहुँचकर बचेंद्री ने खाना, कुकिंग गैस और कुछ ऑक्सीजन सिलिंडर इकट्ठे किए। उन्होंने बर्फ़ पिघलाकर पानी गरम किया, चाय बनाई और दल के अन्य सदस्यों की मदद के लिए नीचे गईं। उन्होंने थरमस में जूस और गरम चाय भरकर की, जय और मीनू को दी। वे दल की सहायता में सक्रिय रहीं और सुबह साढ़े पाँच बजे चढ़ाई के लिए तैयार होकर निकल पड़ीं।
प्रश्न 12: बचेंद्री पाल के चरित्र की विशेषताएँ उदाहरण सहित बताएँ। (5 अंक)
उत्तर: बचेंद्री पाल के चरित्र में साहस, दृढ़ संकल्प, सहयोग की भावना, धैर्य और संवेदनशीलता प्रमुख हैं। बचपन से पहाड़ चढ़ने का शौक और लड़के-लड़की भेदभाव के खिलाफ़ सोच उनकी दृढ़ता दिखाती है। विषम परिस्थितियों में एम.ए. और बी.एड. करना उनका लक्ष्य समर्पण दर्शाता है। हिमस्खलन के बाद भी वापस न जाने का निर्णय उनका साहस दिखाता है। दल के सदस्यों की मदद करना, जैसे थरमस भरकर नीचे जाना, सहयोग की भावना को प्रकट करता है। नन्हीं गौरैयों जैसी संवेदना नहीं, बल्कि माता-पिता का स्मरण और पूजा करना उनकी धार्मिक संवेदनशीलता दर्शाता है। अंत में शिखर पर पहुँचकर भी विनम्र रहना उनकी महानता को उजागर करता है।
प्रश्न 13: इस पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है? विस्तार से समझाएँ। (5 अंक)
उत्तर: यह पाठ हमें साहस, दृढ़ संकल्प, जोखिम उठाने की क्षमता और टीम भावना की शिक्षा देता है। बचेंद्री पाल की यात्रा सिखाती है कि कठिनाइयाँ चाहे कितनी भी हों, जैसे हिमस्खलन, ठंड, ऊँचाई की बीमारी या मृत्यु का खतरा, उन्हें सहज भाव से स्वीकार कर लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए। महिलाओं के प्रति भेदभाव के खिलाफ़ उनकी सोच लैंगिक समानता का संदेश देती है। दल के सदस्यों की मदद करना सहयोग और मानवता सिखाता है। प्रकृति के सामने विनम्रता, जैसे शिखर पर पूजा करना, हमें पर्यावरण और आध्यात्मिक मूल्यों का सम्मान करना सिखाता है। अंततः यह पाठ प्रेरित करता है कि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो असंभव भी संभव हो जाता है।
| 1. What is the significance of Mount Everest in the context of climbing expeditions? | ![]() |
| 2. What preparations are necessary before attempting to climb Mount Everest? | ![]() |
| 3. What challenges do climbers face during the ascent of Mount Everest? | ![]() |
| 4. How does the environment of Mount Everest impact the climbing experience? | ![]() |
| 5. What are the ethical considerations surrounding climbing Mount Everest? | ![]() |