शब्दरूपाणि = शब्द + रूप
शब्द = कोई भी नाम या सर्वनाम
रूप = उस शब्द के विभिन्न रूप
अतः शब्दरूपाणि का अर्थ है -
शब्द के विभक्ति और वचन के अनुसार बदलने वाले रूप।
उदाहरण
राम शब्द के रूप
रामः, रामम्, रामेण, रामाय, रामात्, रामस्य, रामे
ये सभी राम शब्द के रूप हैं।
अजन्त शब्द वे शब्द होते हैं जिनके अंत में स्वर (अ, आ, इ, ई, उ आदि) आते हैं।
संस्कृत परिभाषा
अजन्ताः (अच् = स्वराः) स्वरवर्णाः अन्ते येषां ते अजन्ताः।
उदाहरण
राम, देव, कवि, गुरु, नदी
संस्कृत में तीन वचन होते हैं।
उदाहरण (राम)
रामः - एकवचन
रामौ - द्विवचन
रामाः - बहुवचन
संस्कृत में सात विभक्तियाँ होती हैं।
| विभक्ति | प्रयोग |
|---|---|
| प्रथमा | कर्ता |
| द्वितीया | कर्म |
| तृतीया | करण |
| चतुर्थी | सम्प्रदान |
| पञ्चमी | अपादान |
| षष्ठी | सम्बन्ध |
| सप्तमी | अधिकरण |
इसके अतिरिक्त एक सम्बोधन भी होता है।
जिन शब्दों के अंत में अ आता है।
उदाहरण
राम, देव, बाल, शिव, कृष्ण
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | रामः | रामौ | रामाः |
| द्वितीया | रामम् | रामौ | रामान् |
| तृतीया | रामेण | रामाभ्याम् | रामैः |
| चतुर्थी | रामाय | रामाभ्याम् | रामेभ्यः |
| पञ्चमी | रामात् | रामाभ्याम् | रामेभ्यः |
| षष्ठी | रामस्य | रामयोः | रामाणाम् |
| सप्तमी | रामे | रामयोः | रामेषु |
| सम्बोधन | हे राम | हे रामौ | हे रामाः |
जिन शब्दों के अंत में इ होता है।
उदाहरण
कवि
हरि
मुनि
रवि
कपि
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | कविः | कवी | कवयः |
| द्वितीया | कविम् | कवी | कवीन् |
| तृतीया | कविना | कविभ्याम् | कविभिः |
| चतुर्थी | कवये | कविभ्याम् | कविभ्यः |
| पञ्चमी | कवेः | कविभ्याम् | कविभ्यः |
| षष्ठी | कवेः | कव्योः | कवीनाम् |
| सप्तमी | कवौ | कव्योः | कविषु |
जिन शब्दों के अंत में उ होता है।
उदाहरण
गुरु
शम्भु
विष्णु
तरु
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | गुरुः | गुरू | गुरवः |
| द्वितीया | गुरुम् | गुरू | गुरून् |
| तृतीया | गुरुणा | गुरुभ्याम् | गुरुभिः |
| चतुर्थी | गुरवे | गुरुभ्याम् | गुरुभ्यः |
| पञ्चमी | गुरोः | गुरुभ्याम् | गुरुभ्यः |
| षष्ठी | गुरोः | गुर्योः | गुरूणाम् |
| सप्तमी | गुरौ | गुर्योः | गुरुषु |
उदाहरण
पितृ
नेतृ
भ्रातृ
पिता
पितरौ
पितरः
उदाहरण
माला
रमा
सीता
लता
गीता
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | माला | माले | मालाः |
| द्वितीया | मालाम् | माले | मालाः |
| तृतीया | मालया | मालाभ्याम् | मालाभिः |
| चतुर्थी | मालायै | मालाभ्याम् | मालाभ्यः |
| पञ्चमी | मालायाः | मालाभ्याम् | मालाभ्यः |
| षष्ठी | मालायाः | मालयोः | मालानाम् |
| सप्तमी | मालायाम् | मालयोः | मालासु |
उदाहरण
मति
भक्ति
शक्ति
स्मृति
उदाहरण
नदी
देवी
नारी
पत्नी
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | नदी | नद्यौ | नद्यः |
| द्वितीया | नदीम् | नद्यौ | नदीः |
| तृतीया | नद्या | नदीभ्याम् | नदीभिः |
| चतुर्थी | नद्यै | नदीभ्याम् | नदीभ्यः |
| पञ्चमी | नद्याः | नदीभ्याम् | नदीभ्यः |
| षष्ठी | नद्याः | नद्योः | नदीनाम् |
| सप्तमी | नद्याम् | नद्योः | नदीषु |
उदाहरण
फल
मित्र
वन
पुस्तक
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | फलम् | फले | फलानि |
| द्वितीया | फलम् | फले | फलानि |
| तृतीया | फलेन | फलाभ्याम् | फलैः |
| चतुर्थी | फलाय | फलाभ्याम् | फलेभ्यः |
| पञ्चमी | फलात् | फलाभ्याम् | फलेभ्यः |
| षष्ठी | फलस्य | फलयोः | फलानाम् |
| सप्तमी | फले | फलयोः | फलेषु |
पुंलिङ्ग
सः
तौ
ते
स्त्रीलिङ्ग
सा
ते
ताः
नपुंसकलिङ्ग
तत्
ते
तानि
एषः
एषा
एतत्
पुंलिङ्ग
कः
कौ
के
स्त्रीलिङ्ग
का
के
काः
नपुंसकलिङ्ग
किम्
के
कानि
अहम्
आवाम्
वयम्
त्वम्
युवाम्
यूयम्
| 1. शब्दरूपाणि का क्या अर्थ है? | ![]() |
| 2. वचन क्या है और इसके कितने प्रकार होते हैं? | ![]() |
| 3. विभक्तियाँ क्या होती हैं और यह क्यों महत्वपूर्ण हैं? | ![]() |
| 4. पुंलिङ्ग, स्त्रीलिङ्ग और नपुंसकलिङ्ग शब्दों का क्या अर्थ है? | ![]() |
| 5. सर्वनाम शब्द क्या होते हैं और इनके प्रयोग का महत्व क्या है? | ![]() |