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Unit Test (Solutions): मैया मैं नहिं माखन खायो

समय (Time): 1 घंटा

पूर्णांक (Marks): 30

सभी प्रश्नों का प्रयास करें।

  • प्रश्न संख्या 1 से 5 तक 1 अंक का प्रत्येक प्रश्न है।
  • प्रश्न संख्या 6 से 8 तक 2 अंक का प्रत्येक प्रश्न है।
  • प्रश्न संख्या 9 से 11 तक 3 अंक का प्रत्येक प्रश्न है।
  • प्रश्न संख्या 12 और 13 तक 5 अंक का प्रत्येक प्रश्न है।
प्रश्न 1: श्रीकृष्ण ने माखन न खाने के लिए क्या तर्क दिया? (1 अंक)
(क) वे बीमार थे
(ख) उनके हाथ छोटे हैं
(ग) वे घर पर नहीं थे
(घ) उन्हें माखन पसंद नहीं
उत्तर: (ख)
श्रीकृष्ण ने कहा कि वे छोटे बालक हैं और उनके छोटे-छोटे हाथ छीके तक नहीं पहुँच सकते। 
प्रश्न 2: श्रीकृष्ण को सुबह कहाँ भेजा गया था? (1 अंक)
उत्तर: मधुबन
पाठ में बताया गया है कि भोर होते ही उन्हें गायों के पीछे मधुबन भेज दिया गया। 
प्रश्न 3: श्रीकृष्ण कब घर लौटे? (1 अंक)
(क) दोपहर में
(ख) सुबह
(ग) साँझ के समय
(घ) रात में
उत्तर: (ग)
वे चार पहर भटकने के बाद साँझ के समय घर लौटे। 
प्रश्न 4: ग्वाल-बालों ने श्रीकृष्ण के साथ क्या किया? (1 अंक)
(क) उनकी मदद की
(ख) उन्हें बुलाया
(ग) उनके मुँह पर माखन लगा दिया
(घ) उन्हें घर भेज दिया
उत्तर: (ग)
ग्वाल-बालों ने बैर रखकर जबरदस्ती उनके मुँह पर माखन लगा दिया। 
प्रश्न 5: अंत में यशोदा माता ने क्या किया? (1 अंक)
(क) डाँटा
(ख) सजा दी
(ग) गले लगा लिया
(घ) घर से निकाल दिया
उत्तर: (ग)
अंत में यशोदा माता मुस्कुराकर श्रीकृष्ण को गले लगा लेती हैं। 
प्रश्न 6: श्रीकृष्ण ने अपने बचाव में कौन-कौन से तर्क दिए? (2 अंक)
उत्तर: 
  • श्रीकृष्ण ने तर्क दिया कि वे छोटे बालक हैं, उनके हाथ छोटे हैं, इसलिए वे छीके तक नहीं पहुँच सकते
  • उन्होंने यह भी कहा कि ग्वाल-बालों ने ही उनसे बैर के कारण उनके मुँह पर माखन लगा दिया
प्रश्न 7: यशोदा माता को "भोली" क्यों कहा गया है? (2 अंक)
उत्तर: श्रीकृष्ण ने यशोदा माता को भोली इसलिए कहा क्योंकि वे दूसरों की बातों में आसानी से आ गईं और बिना सच्चाई जाने उन पर आरोप लगा दिया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि माता को उन पर विश्वास करना चाहिए था। यह बात उनके और माता के बीच के स्नेहपूर्ण संबंध को भी दर्शाती है, जहाँ वे मज़ाकिया अंदाज़ में अपनी बात रखते हैं।
प्रश्न 8: 'चार पहर' का क्या अर्थ है? (2 अंक)
उत्तर: 'पहर' समय मापने की एक प्राचीन इकाई है, जिसमें एक दिन-रात को आठ पहरों में बाँटा जाता है। चार पहर का अर्थ होता है आधा दिन, जो लगभग 12 घंटे के बराबर होता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि श्रीकृष्ण काफी लंबे समय तक घर से बाहर रहे थे।
प्रश्न 9: कविता में श्रीकृष्ण का बाल-स्वभाव कैसे प्रकट होता है? (3 अंक)
उत्तर: कविता में श्रीकृष्ण का बाल-सुलभ स्वभाव उनके भोले, चंचल और तर्कपूर्ण व्यवहार से प्रकट होता है। वे अपनी बात को सही साबित करने के लिए सरल और मजेदार बहाने बनाते हैं, जिससे उनकी मासूमियत झलकती है। साथ ही, वे अपने ऊपर लगे आरोपों को बड़े ही चतुर ढंग से टालते हैं, जो उनकी बुद्धिमत्ता को भी दर्शाता है। इस प्रकार उनका नटखट और आकर्षक बाल रूप पाठ में जीवंत हो उठता है।
प्रश्न 10: ग्वाल-बालों के प्रति श्रीकृष्ण का क्या दृष्टिकोण था? (3 अंक)
उत्तर: श्रीकृष्ण ने ग्वाल-बालों को अपना विरोधी बताते हुए कहा कि वे उनसे बैर रखते हैं। उन्होंने यह आरोप लगाया कि उन्हीं ग्वाल-बालों ने उनके मुँह पर माखन लगा दिया और उन्हें दोषी बना दिया। हालांकि यह कथन उनकी शरारती प्रवृत्ति को भी दर्शाता है, क्योंकि वे अपने मित्रों के साथ हँसी-मजाक के रिश्ते में रहते हैं। इससे उनकी मित्रता और खेल-भावना दोनों झलकती हैं।
प्रश्न 11: इस पद का मुख्य संदेश क्या है? (3 अंक)
उत्तर: इस पद का मुख्य संदेश बाल-लीलाओं की सरलता, मासूमियत और आनंद है। यह दर्शाता है कि बच्चों के तर्क भले ही सीधे-साधे हों, लेकिन उनमें एक अलग आकर्षण होता है। साथ ही, यह माँ और पुत्र के बीच के स्नेहपूर्ण संबंध को उजागर करता है। अंततः यह हमें प्रेम, विश्वास और पारिवारिक जुड़ाव का महत्व भी सिखाता है।
प्रश्न 12: "मैया मैं नहिं माखन खायो" पद की विशेषताओं का वर्णन कीजिए। (5 अंक)
उत्तर: इस पद की प्रमुख विशेषताएँ निम्न हैं-
  • यह ब्रजभाषा में रचित है, जिससे इसमें मधुरता और लोक-संवेदना झलकती है।
  • इसमें श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं का अत्यंत सुंदर और जीवंत वर्णन किया गया है।
  • पद में तुकांत शब्दों का प्रयोग (जैसे- पठायो, आयो) इसकी काव्यात्मकता को बढ़ाता है। 
  • कवि ने अंत में अपना नाम (सूरदास) भी दिया है, जो भक्ति काव्य की विशेषता है।
  • भाषा सरल, सरस और भावपूर्ण है, जो पाठक को आकर्षित करती है तथा उसे भावनात्मक रूप से जोड़ती है।
प्रश्न 13: यशोदा और श्रीकृष्ण के संबंध का वर्णन कीजिए। (5 अंक)
उत्तर: यशोदा और श्रीकृष्ण का संबंध अत्यंत स्नेहपूर्ण, प्रेममय और आत्मीय है। यशोदा माता अपने पुत्र से बहुत प्रेम करती हैं, भले ही वे कभी-कभी उस पर संदेह कर लेती हैं। श्रीकृष्ण भी अपनी मासूम और चंचल बातों से माँ को मनाने का प्रयास करते हैं। अंत में यशोदा का मुस्कुराकर उन्हें गले लगाना उनके अटूट प्रेम और ममता को दर्शाता है।

इसके साथ ही यह संबंध विश्वास, क्षमा और अपनत्व का भी प्रतीक है। माँ का हृदय अंततः स्नेह से भर जाता है और वह बच्चे की बातों में छिपी मासूमियत को समझ लेती है, जिससे उनका संबंध और भी गहरा और मधुर बन जाता है।

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FAQs on Unit Test (Solutions): मैया मैं नहिं माखन खायो

1. What is the main theme of the poem "मैया मैं नहिं माखन खायो"?
Ans. The main theme of the poem revolves around the innocence and devotion of a child, addressing the mother with a plea of innocence regarding the act of eating butter, which is often attributed to mischievous behaviour. The child expresses a sense of purity and longing for understanding from the mother.
2. Who is the central character in the poem and what is their significance?
Ans. The central character in the poem is a child who represents innocence and simplicity. The child's dialogue with the mother highlights the theme of trust and the bond between a parent and a child. The character's pleas and justifications add depth to the narrative, showcasing the child's perspective on morality and actions.
3. How does the structure of the poem contribute to its overall message?
Ans. The poem's structure, with its rhythmic verses and repeated refrains, enhances the emotional appeal and reinforces the child's earnestness. The simplicity of the language and the repetitive questioning create a sense of urgency and sincerity, making the message of innocence and the longing for parental understanding more impactful.
4. What literary devices are used in "मैया मैं नहिं माखन खायो"?
Ans. The poem employs various literary devices such as repetition, which emphasises the child's innocence and plea for belief. Imagery is also used to create a vivid picture of the child's interactions with the mother, fostering a deeper emotional connection. Additionally, the use of direct address allows readers to engage with the child's feelings directly.
5. What lessons can be drawn from the interaction between the child and the mother in the poem?
Ans. The interaction between the child and the mother conveys important lessons about trust, communication, and understanding in relationships. It highlights the significance of listening to children and recognising their feelings, as well as the need for parents to nurture and support their children's innocence and honesty.
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