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पूर्णांक (Marks): 30
सभी प्रश्नों का प्रयास करें।
प्रश्न 1: चेतक किसका घोड़ा था? (1 अंक)
(क) अकबर
(ख) महाराणा प्रताप
(ग) पृथ्वीराज चौहान
(घ) शिवाजी
उत्तर: (ख) चेतक महाराणा प्रताप का घोड़ा था। पाठ में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि चेतक अपनी वीरता और स्वामीभक्ति के लिए प्रसिद्ध था।
प्रश्न 2: चेतक की गति कैसी बताई गई है? (1 अंक)
उत्तर: चेतक की गति बहुत तेज बताई गई है। वह हवा से भी तेज दौड़ता था और ऐसा लगता था मानो हवा और चेतक में प्रतिस्पर्धा हो रही हो।
प्रश्न 3: "लेकर सवार उड़ जाता था" पंक्ति में 'सवार' किसके लिए है? (1 अंक)
(क) कवि
(ख) शत्रु
(ग) चेतक
(घ) महाराणा प्रताप
उत्तर: (घ) 'सवार' शब्द महाराणा प्रताप के लिए प्रयोग हुआ है, जिन्हें चेतक अपनी पीठ पर लेकर तेज गति से दौड़ता था।
प्रश्न 4: चेतक शत्रु सेना पर किस प्रकार टूट पड़ता था? (1 अंक)
(क) नदी की तरह
(ख) बादल की तरह
(ग) हवा की तरह
(घ) पर्वत की तरह
उत्तर: (ख) चेतक शत्रु सेना पर विकराल बादल की तरह टूट पड़ता था, जिससे शत्रु भयभीत हो जाते थे।
प्रश्न 5: चेतक की फुर्ती कैसी थी? (1 अंक)
उत्तर: चेतक अत्यंत फुर्तीला था। राणा की लगाम हल्की-सी हिलते ही वह तुरंत दिशा बदल देता था, जिससे उसकी समझ और प्रशिक्षण का पता चलता है।
प्रश्न 6: चेतक की वीरता का वर्णन कविता में कैसे किया गया है? (2 अंक)
उत्तर: कविता में चेतक की वीरता का वर्णन करते हुए बताया गया है कि वह हवा से भी तेज दौड़ता था और शत्रुओं के सिरों पर दौड़ जाता था। वह बिना डरे शत्रु सेना पर टूट पड़ता था और अपनी फुर्ती व साहस से सबको चकित कर देता था।
प्रश्न 7: चेतक की स्वामीभक्ति कैसे प्रकट होती है? (2 अंक)
उत्तर: चेतक की स्वामीभक्ति इस प्रकार प्रकट होती है कि वह महाराणा प्रताप के संकेत मिलते ही तुरंत मुड़ जाता था और उन्हें लेकर हवा की तरह दौड़ पड़ता था। वह अपने स्वामी की रक्षा के लिए बिना डरे हर खतरे का सामना करता था।
प्रश्न 8: चेतक की गति और चाल का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए। (2 अंक)
उत्तर: चेतक की गति बहुत तीव्र और अद्भुत थी। वह हवा से भी तेज दौड़ता था और ऐसा प्रतीत होता था मानो वह जमीन पर नहीं बल्कि आसमान में उड़ रहा हो। उसकी चाल संतुलित और तेज थी, जिससे वह शत्रुओं के बीच से आसानी से निकल जाता था। उसकी गति के कारण युद्ध में उसे पकड़ पाना लगभग असंभव था।
प्रश्न 9: कविता में चेतक की तुलना किन-किन चीजों से की गई है और क्यों? (3 अंक)
उत्तर: कविता में चेतक की तुलना हवा, बादल और नदी से की गई है। हवा से उसकी गति, बादल से उसकी शक्ति और आक्रमण क्षमता तथा नदी से उसकी निरंतरता को दर्शाया गया है। इन उपमाओं के माध्यम से कवि ने चेतक की वीरता, गति और प्रभावशाली व्यक्तित्व को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया है। इससे पाठक के मन में चेतक की एक सजीव और शक्तिशाली छवि बनती है।
प्रश्न 10: युद्ध के मैदान में चेतक की भूमिका का वर्णन कीजिए। (3 अंक)
उत्तर: युद्ध के मैदान में चेतक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी। वह महाराणा प्रताप को सुरक्षित रखते हुए शत्रु सेना के बीच तेजी से दौड़ता था और उनके आक्रमणों से बचाता था। उसकी गति और फुर्ती के कारण शत्रु उसे पकड़ नहीं पाते थे। इसके अतिरिक्त, वह राणा को सही समय पर सही स्थान तक पहुँचाने में सहायक था, जिससे युद्ध की दिशा प्रभावित होती थी।
प्रश्न 11: कवि ने चेतक को 'निराला' क्यों कहा है? (3 अंक)
उत्तर: कवि ने चेतक को 'निराला' इसलिए कहा है क्योंकि उसमें असाधारण गुण थे। उसकी गति, वीरता, फुर्ती और स्वामीभक्ति अन्य घोड़ों से अलग और अद्वितीय थी। वह युद्ध में जिस प्रकार प्रदर्शन करता था, वह उसे विशेष बनाता है। साथ ही, उसका अपने स्वामी के प्रति समर्पण उसे और भी महान बनाता है।
प्रश्न 12: चेतक की विशेषताओं का विस्तार से वर्णन कीजिए। (5 अंक)
उत्तर: चेतक एक अत्यंत वीर, तेज और बुद्धिमान घोड़ा था। उसकी सबसे बड़ी विशेषता उसकी अद्भुत गति थी, जिसके कारण वह हवा से भी तेज दौड़ता था। वह न केवल तेज था, बल्कि अत्यंत फुर्तीला भी था, जिससे वह युद्ध के दौरान दिशा बदलने में सक्षम था। उसकी स्वामीभक्ति भी अद्वितीय थी, क्योंकि वह महाराणा प्रताप के संकेत को तुरंत समझ जाता था और उनके लिए हर खतरे का सामना करता था। इसके अलावा, वह निर्भीक था और शत्रु सेना के बीच बिना डरे घुस जाता था। उसकी सहनशक्ति भी बहुत अधिक थी, जिससे वह लंबे समय तक युद्ध में सक्रिय रह सकता था। उसकी ये सभी विशेषताएँ उसे एक आदर्श और वीर घोड़ा बनाती हैं।
प्रश्न 13: 'चेतक की वीरता' कविता का संदेश क्या है? विस्तार से लिखिए। (5 अंक)
उत्तर: 'चेतक की वीरता' कविता हमें साहस, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता का संदेश देती है। यह कविता बताती है कि सच्ची वीरता केवल शक्ति में नहीं, बल्कि अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण में होती है। चेतक अपने स्वामी के प्रति पूरी तरह समर्पित था और उसने हर परिस्थिति में उनका साथ निभाया। कविता यह भी सिखाती है कि कठिन परिस्थितियों में भी हमें साहस और धैर्य बनाए रखना चाहिए। इसके साथ ही, यह रचना देशभक्ति और बलिदान की भावना को भी प्रोत्साहित करती है। यह हमें प्रेरित करती है कि हम भी अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी और निष्ठा के साथ करें।
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| 2. What qualities of Chetak are highlighted in the stories about him? | ![]() |
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