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पूर्णांक (Marks): 30
सभी प्रश्नों का प्रयास करें।
प्रश्न 1: बीज के अंकुरित होने पर जो भाग मिट्टी के नीचे जाता है, उसे क्या कहते हैं? (1 अंक)
(क) तना
(ख) पत्ता
(ग) जड़
(घ) फूल
उत्तर: (ग)
पाठ के अनुसार अंकुर का जो भाग मिट्टी के भीतर जाता है उसे जड़ कहते हैं, जो पौधे को स्थिरता और पोषण देती है।
प्रश्न 2: पेड़-पौधे अपना भोजन किसके द्वारा ग्रहण करते हैं? (1 अंक)
उत्तर: पेड़-पौधे जड़ों द्वारा मिट्टी से जल व घुले हुए पोषक तत्व ग्रहण करते हैं तथा पत्तों के माध्यम से वायु से भोजन लेते हैं। इस प्रक्रिया से उनका पोषण होता है।
प्रश्न 3: पौधे प्रकाश की ओर क्यों बढ़ते हैं? (1 अंक)
(क) पानी पाने के लिए
(ख) मिट्टी से बाहर आने के लिए
(ग) सूर्य के प्रकाश के लिए
(घ) हवा से बचने के लिए
उत्तर: (ग)
पौधे प्रकाश के लिए ऊपर की ओर बढ़ते हैं क्योंकि सूर्य का प्रकाश उनके जीवन और भोजन निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
प्रश्न 4: 'अगारक वायु' से क्या तात्पर्य है? (1 अंक)
(क) ऑक्सीजन
(ख) कार्बन डाइऑक्साइड
(ग) नाइट्रोजन
(घ) जलवाष्प
उत्तर: (ख)
अगारक वायु से तात्पर्य कार्बन डाइऑक्साइड से है, जिसे पेड़-पौधे ग्रहण कर उसे शुद्ध करते हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं।
प्रश्न 5: फूलों का मुख्य कार्य क्या है? (1 अंक)
(क) भोजन बनाना
(ख) बीज बनाना
(ग) जड़ को मजबूत करना
(घ) पानी सोखना
उत्तर: (ख)
फूलों का मुख्य कार्य बीज उत्पन्न करना है, जिससे पेड़ों की नई पीढ़ी तैयार होती है और उनका जीवन चक्र चलता रहता है।
प्रश्न 6: बीज से पौधा बनने की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए। (2 अंक)
उत्तर: बीज से पौधा बनने की प्रक्रिया में पहले बीज मिट्टी में पड़ा रहता है। अनुकूल वातावरण मिलने पर बीज का आवरण फट जाता है और अंकुर निकलता है, जिसमें एक भाग जड़ बनकर नीचे की ओर जाता है तथा दूसरा भाग तना बनकर ऊपर की ओर बढ़ता है और धीरे-धीरे पौधा बन जाता है।
प्रश्न 7: पेड़-पौधे जीव-जंतुओं के मित्र कैसे हैं? (2 अंक)
उत्तर: पेड़-पौधे कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रहण कर ऑक्सीजन छोड़ते हैं, जिससे जीव-जंतुओं को शुद्ध वायु मिलती है। वे भोजन और आश्रय भी प्रदान करते हैं। इस प्रकार वे पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं और जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इसके अलावा, वे जलवायु को भी संतुलित रखते हैं और जीवों के जीवन को सुरक्षित बनाते हैं।
प्रश्न 8: पत्तों की भोजन बनाने की प्रक्रिया को संक्षेप में समझाइए। (2 अंक)
उत्तर: पत्ते सूर्य के प्रकाश की सहायता से 'अगारक वायु' को ग्रहण कर भोजन बनाते हैं। इस प्रक्रिया में सूर्य ऊर्जा का उपयोग होता है और पौधे के विकास के लिए आवश्यक पोषण तैयार होता है। इसे प्रकाश संश्लेषण कहते हैं। इस प्रक्रिया में पानी और खनिज भी सहायक होते हैं, जो जड़ों द्वारा प्राप्त किए जाते हैं।
प्रश्न 9: "प्रकाश ही जीवन का मूल मंत्र है" - स्पष्ट कीजिए। (3 अंक)
उत्तर: प्रकाश के बिना पेड़-पौधे जीवित नहीं रह सकते क्योंकि वे सूर्य के प्रकाश से ही भोजन बनाते हैं। प्रकाश की कमी होने पर उनका विकास रुक जाता है और वे नष्ट हो सकते हैं। इसलिए प्रकाश जीवन का आधार है। यह न केवल पौधों बल्कि पूरे जीव जगत के अस्तित्व के लिए आवश्यक है। इसके माध्यम से ऊर्जा का संचार होता है, जिससे जीवन की सभी प्रक्रियाएँ संचालित होती हैं।
प्रश्न 10: पेड़ों में परागण की प्रक्रिया कैसे होती है? (3 अंक)
उत्तर: परागण की प्रक्रिया में मधुमक्खियाँ और तितलियाँ एक फूल से दूसरे फूल तक परागकण ले जाती हैं। इससे बीज बनने की प्रक्रिया संभव होती है। यह प्राकृतिक सहयोग का सुंदर उदाहरण है, जिससे पौधों की नई पीढ़ी तैयार होती है। इस प्रक्रिया के बिना पौधों का प्रजनन संभव नहीं होता और उनकी संख्या घट सकती है।
प्रश्न 11: पेड़ अपने जीवन का त्याग क्यों करते हैं? (3 अंक)
उत्तर: पेड़ अपनी संतानों यानी बीजों के विकास के लिए अपने शरीर का पोषण देते हैं। धीरे-धीरे वे कमजोर हो जाते हैं और अंततः गिर जाते हैं। यह त्याग उनकी प्रजनन प्रक्रिया का हिस्सा है, जिससे नई पीढ़ी जन्म लेती है। इस प्रकार वे अपने जीवन का उद्देश्य पूरा करते हैं और प्रकृति के चक्र को बनाए रखते हैं।
प्रश्न 12: पेड़-पौधों के जीवन चक्र का विस्तार से वर्णन कीजिए। (5 अंक)
उत्तर: पेड़-पौधों का जीवन चक्र बीज से शुरू होता है। उचित परिस्थितियों में बीज अंकुरित होता है और जड़ व तना विकसित होते हैं। पौधा बढ़कर वृक्ष बनता है, जिसमें पत्तियाँ, फूल और फल लगते हैं। फूलों से बीज बनते हैं, जो आगे नई पौध उत्पन्न करते हैं। इस पूरे चक्र में सूर्य का प्रकाश, जल, मिट्टी और वायु का महत्वपूर्ण योगदान होता है। यह प्रक्रिया प्रकृति के संतुलन को बनाए रखती है और जीवन की निरंतरता सुनिश्चित करती है। साथ ही, यह दर्शाती है कि हर जीव का जीवन एक क्रमबद्ध चक्र में चलता है।
प्रश्न 13: पेड़-पौधों और प्रकृति के बीच संबंध का वर्णन कीजिए। (5 अंक)
उत्तर: पेड़-पौधे प्रकृति के अभिन्न अंग हैं और वे पर्यावरण को संतुलित बनाए रखते हैं। वे वायु को शुद्ध करते हैं, जीवों को भोजन और आश्रय प्रदान करते हैं तथा जल चक्र में भी योगदान देते हैं। इसके अलावा, वे मिट्टी को उपजाऊ बनाए रखते हैं और जलवायु को नियंत्रित करते हैं। प्रकृति और पेड़-पौधों का संबंध परस्पर निर्भरता का है, जिसमें दोनों एक-दूसरे के अस्तित्व के लिए आवश्यक हैं। इसलिए उनका संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। साथ ही, यह संबंध हमें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संरक्षण का संदेश भी देता है।
| 1. पेड़ हमारे जीवन में क्यों महत्वपूर्ण हैं? | ![]() |
| 2. पेड़ों के प्रकार क्या हैं? | ![]() |
| 3. पेड़ किस प्रकार से जलवायु को प्रभावित करते हैं? | ![]() |
| 4. पेड़ों के संरक्षण के लिए हमें क्या कदम उठाने चाहिए? | ![]() |
| 5. पेड़ किस प्रकार से जैव विविधता को समर्थन करते हैं? | ![]() |