CBSE Class 9  >  Class 9 Test  >  Hindi (Kritika and Kshitij)  >  Test: साखियाँ एवं सबद- 1 - Class 9 MCQ

साखियाँ एवं सबद- 1 - Class 9 Hindi Free MCQ Test with solutions


MCQ Practice Test & Solutions: Test: साखियाँ एवं सबद- 1 (15 Questions)

You can prepare effectively for Class 9 Hindi Class 9 (Kritika and Kshitij) with this dedicated MCQ Practice Test (available with solutions) on the important topic of "Test: साखियाँ एवं सबद- 1". These 15 questions have been designed by the experts with the latest curriculum of Class 9 2026, to help you master the concept.

Test Highlights:

  • - Format: Multiple Choice Questions (MCQ)
  • - Duration: 20 minutes
  • - Number of Questions: 15

Sign up on EduRev for free to attempt this test and track your preparation progress.

Test: साखियाँ एवं सबद- 1 - Question 1

दो सच्चे प्रभु-प्रेमी के मिलने से क्या होता है?

Detailed Solution: Question 1

जब दो सच्चे प्रभु-प्रेमी मिलते हैं, तो उनके मिलन से पाप-पुण्य बदल जाते हैं, वासनाएँ नष्ट हो जाती हैं, और मन पवित्र हो जाता है। इस मिलन से हर तरह की मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति होती है।

Test: साखियाँ एवं सबद- 1 - Question 2

मनुष्य ईश्वर को कहाँ ढूँढ़ता फिरता है?

Detailed Solution: Question 2

मनुष्य अक्सर ईश्वर को मंदिरों, मस्जिदों और अन्य धार्मिक स्थलों पर ढूँढ़ता है। लेकिन कबीर जी के अनुसार, ईश्वर इन बाहरी जगहों पर नहीं होते। वे कहते हैं कि ईश्वर हमारे अंदर ही हैं और हमें अपनी आत्मा में खोजने की जरूरत है। इसलिए, ईश्वर को किसी भी खास जगह पर नहीं ढूँढ़ना चाहिए, बल्कि अपने भीतर ही उनकी तलाश करनी चाहिए।

Test: साखियाँ एवं सबद- 1 - Question 3

साखियाँ के लेखक है-

Detailed Solution: Question 3

साखियाँ के लेखक कबीरदास है

Test: साखियाँ एवं सबद- 1 - Question 4

कबीर दास जी ने बाह्यआडंबरो का विरोध कौन से सबद में किया है-

Detailed Solution: Question 4

कबीर दास जी ने बाहरी आडंबरों या दिखावे का विरोध पहले सबद (पहले पद) में किया है।

पहले सबद में उन्होंने बताया है कि ईश्वर किसी विशेष जगह या बाहरी धार्मिक कर्मों में नहीं है। वे कहते हैं कि ईश्वर हमारी अपनी आत्मा में है और हमें उसे खोजने के लिए किसी विशेष स्थान या धार्मिक दिखावे की जरूरत नहीं है।

इसलिए सही उत्तर A: पहले है।

Test: साखियाँ एवं सबद- 1 - Question 5

‘सब स्वॉसों की स्वॉस में’ - निम्न पंक्तियों का आशय है-

Detailed Solution: Question 5

पंक्ति "सब स्वाँसों की स्वाँस में" का मतलब है कि ईश्वर हर एक सांस में और हर जगह मौजूद है।

कबीर दास जी के अनुसार, ईश्वर किसी विशेष स्थान, स्वर्ग, मंदिर, या गाँव में नहीं है। वे कहते हैं कि ईश्वर हमारे हर एक सांस में और हर चीज में बसा हुआ है।

इसलिए सही उत्तर A: ईश्वर कण-कण में है है।

Test: साखियाँ एवं सबद- 1 - Question 6

'सूर्य' को कबीर ने किसकी संज्ञा दी है?

Detailed Solution: Question 6

कबीर जी ने 'सूर्य' को ज्ञान की संज्ञा दी है। वे कहते हैं कि जैसे सूर्य अंधकार को दूर करता है, वैसे ही ज्ञान अज्ञान को दूर करता है और सत्य को प्रकट करता है।

Test: साखियाँ एवं सबद- 1 - Question 7

ऊँचे कुल का जनमिया निम्न पंक्तियों में ‘कुल’ का अर्थ है-

Detailed Solution: Question 7

पंक्ति "ऊँचे कुल का जनमिया" में 'कुल' का अर्थ "वंश" है। यहाँ 'कुल' का मतलब परिवार या जाति से है।

इस पंक्ति में यह कहा जा रहा है कि भले ही किसी का जन्म एक ऊँचे परिवार या वंश में हुआ हो, अगर उसकी कर्म और गुण ऊँचे नहीं हैं, तो उसकी ऊँचाई का कोई मूल्य नहीं है।

इसलिए सही उत्तर A: वंश है।

Test: साखियाँ एवं सबद- 1 - Question 8

योग कौन सा शब्द है?

Detailed Solution: Question 8

"योग" शब्द तत्सम है। तत्सम शब्द वे होते हैं जो संस्कृत से सीधे अन्य भाषाओं में आए हैं और जिनमें मूल स्वरूप लगभग वही रहता है। जैसे "योग" संस्कृत का मूल शब्द है और हिंदी में भी इसका रूप वही रहता है।

तत्सम शब्द संस्कृत से सीधे उधार लिए गए शब्द होते हैं और इनका उपयोग भी मूल संस्कृत रूप में ही किया जाता है।

Test: साखियाँ एवं सबद- 1 - Question 9

ढूँढ़त का शब्दार्थ है-

Detailed Solution: Question 9

ढूँढ़त का शब्दार्थ है:

खोजना

ढूँढ़त का अर्थ है किसी चीज़ या व्यक्ति को खोजने की क्रिया।

  • विसराना का अर्थ है भूल जाना।
  • रोना का अर्थ है दुःख व्यक्त करना।
  • याद करना का अर्थ है स्मरण करना।

इसलिए, दिए गए विकल्पों में से केवल "खोजना" ही ढूँढ़त का सही अर्थ है।

उदाहरण:

  • मैं अपनी कलम ढूँढ़ रहा हूँ।
  • वे खोई हुई बिल्ली को ढूँढ़ रहे हैं।

क्या आप ढूँढ़त शब्द के बारे में और जानना चाहते हैं?

Test: साखियाँ एवं सबद- 1 - Question 10

‘सोई संत सुजान’ में ‘सुजान’ का अर्थ है-

Detailed Solution: Question 10

पंक्ति "सोई संत सुजान" में 'सुजान' का अर्थ "चतुर" या "बुद्धिमान" है। इस पंक्ति का मतलब है कि जो व्यक्ति सही मायने में संत है, वही सच्चा और समझदार (चतुर) है।

यहाँ 'सुजान' एक सकारात्मक गुण को दर्शाता है, जो बुद्धिमत्ता और समझदारी का संकेत देता है। इसलिए सही उत्तर C: चतुर है।

Test: साखियाँ एवं सबद- 1 - Question 11

उदित भया तम खीनां निम्न पंक्तियों में खीना का अर्थ है-

Detailed Solution: Question 11

पंक्ति "उदित भया तम खीनां" में "खीना" शब्द का अर्थ "क्षीण हुआ" है। इसका मतलब है कि अंधकार (तम) समाप्त हो गया या कम हो गया।

यहाँ "खीना" का अर्थ "घटित" या "कम होना" होता है, न कि "जीवित," "मरना," या "अधमरा"। इसलिए सही उत्तर C: क्षीण हुआ है।

Test: साखियाँ एवं सबद- 1 - Question 12

मानसरोवर में कौन विहार कर रहा है?

Detailed Solution: Question 12

पंक्ति "मानसरोवर सुभर जल, हंसा केलि कराहिं" से पता चलता है कि मानसरोवर (एक पवित्र झील) में हंस विहार कर रहे हैं। यहाँ "हंस" का मतलब उन पवित्र पक्षियों से है जो इस सुंदर जल में खेल रहे हैं और तैर रहे हैं।

इसलिए, सही उत्तर B: हंस है।

Test: साखियाँ एवं सबद- 1 - Question 13

भ्रम का अर्थ है-

Detailed Solution: Question 13

'भ्रम' का मतलब "शंका" या भ्रमित होना होता है। जब हम किसी चीज को सही से नहीं समझ पाते और गलतफहमी या उलझन में रहते हैं, तो इसे भ्रम कहते हैं।

Test: साखियाँ एवं सबद- 1 - Question 14

बीजक किसकी रचना है-

Detailed Solution: Question 14

बीजक कबीरदास की प्रमुख रचना है। यह एक काव्य संग्रह है जिसमें कबीर के दोहे, रमैनी और शब्द (पद) शामिल हैं। बीजक में उनके भक्ति, समाज सुधार और आध्यात्मिक विचारों को सरल और प्रभावशाली भाषा में व्यक्त किया गया है। यह कबीर पंथियों के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है।

अन्य विकल्पों का विश्लेषण:

(a) रसखान: रसखान एक कृष्ण भक्त कवि थे, जिनकी प्रमुख रचनाएँ "प्रेमवाटिका" और "रसखान रचनावली" हैं। उन्होंने बीजक की रचना नहीं की।

(c) ललघद: यह विकल्प संभवतः "ललद्यद" (लल्लेश्वरी) को संदर्भित करता है, जो कश्मीरी संत कवयित्री थीं। उनकी रचनाएँ "वाख" के रूप में जानी जाती हैं, न कि बीजक।

(d) महादेवी वर्मा: महादेवी वर्मा छायावादी कवयित्री थीं, जिनकी प्रमुख रचनाएँ "नीहार", "रश्मि", "यामा" आदि हैं। उन्होंने बीजक नहीं लिखा।

इसलिए, सही उत्तर (b) कबीर है।

Test: साखियाँ एवं सबद- 1 - Question 15

कबीर, मनुष्य को ईश्वर को कहाँ ढूँढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं?

Detailed Solution: Question 15

कबीर जी कहते हैं कि हमें ईश्वर को अपनी साँस में ढूँढ़ना चाहिए, न कि बाहरी चीजों में। इसका मतलब है कि ईश्वर हमारे भीतर ही हैं और हमें उनकी खोज आत्मा की गहराइयों में करनी चाहिए।

31 videos|197 docs|43 tests
Information about Test: साखियाँ एवं सबद- 1 Page
In this test you can find the Exam questions for Test: साखियाँ एवं सबद- 1 solved & explained in the simplest way possible. Besides giving Questions and answers for Test: साखियाँ एवं सबद- 1, EduRev gives you an ample number of Online tests for practice
Download as PDF