CBSE Class 9  >  Class 9 Test  >  Hindi (Kritika and Kshitij)  >  Test: साखियाँ एवं सबद- 3 - Class 9 MCQ

साखियाँ एवं सबद- 3 - Free MCQ Practice Test with solutions, Class 9 Hindi


MCQ Practice Test & Solutions: Test: साखियाँ एवं सबद- 3 (10 Questions)

You can prepare effectively for Class 9 Hindi Class 9 (Kritika and Kshitij) with this dedicated MCQ Practice Test (available with solutions) on the important topic of "Test: साखियाँ एवं सबद- 3". These 10 questions have been designed by the experts with the latest curriculum of Class 9 2026, to help you master the concept.

Test Highlights:

  • - Format: Multiple Choice Questions (MCQ)
  • - Duration: 10 minutes
  • - Number of Questions: 10

Sign up on EduRev for free to attempt this test and track your preparation progress.

Test: साखियाँ एवं सबद- 3 - Question 1

किसे अपनाने से सांसारिक विकार दूर हो जाते हैं?

Detailed Solution: Question 1

योग-साधना को अपनाने से सारे सांसारिक विकार दूर हो जाते हैं तथा मन में रहने वाला अंधकार और अज्ञान पूरी तरह नष्ट हो जाता है|

Test: साखियाँ एवं सबद- 3 - Question 2

साखी 1 में कबीर ने मानसरोवर के जल को किसके प्रतीक के रूप में प्रयोग किया है?

Detailed Solution: Question 2

साखी 1 में कबीर ने मानसरोवर के जल को भक्तिभाव का प्रतीक बताया है। वे कहते हैं कि जीवात्मा (हंसा) मन रूपी सरोवर के भक्तिभाव रूपी जल में जीवन यापन करता है और मुक्ति का आनंद लेता है।

Test: साखियाँ एवं सबद- 3 - Question 3

साखी 2 में कबीर ने किसके त्याग से सच्चे ईश्वर भक्त की प्राप्ति होने की बात कही है?

Detailed Solution: Question 3

साखी 2 में कबीर कहते हैं कि जब उन्होंने अहंकार का त्याग किया, तब उन्हें सच्चा ईश्वर भक्त मिला, जिससे उनके मन का दुख (विष) सुख (अमृत) में बदल गया।

Test: साखियाँ एवं सबद- 3 - Question 4

साखी 3 में कबीर ने संसार को किसके समान बताया है जो बेकार में भौंकता है?

Detailed Solution: Question 4

साखी 3 में कबीर संसार को कुत्ते (श्वान) के समान बताते हैं, जो ज्ञान रूपी हाथी के पीछे भौंकता है और अपना समय बर्बाद करता है। वे कहते हैं कि व्यक्ति को इन निंदकों को अनदेखा कर ज्ञान की सवारी करनी चाहिए।

Test: साखियाँ एवं सबद- 3 - Question 5

साखी 4 में कबीर के अनुसार सच्चा संत सुजान कौन है?

Detailed Solution: Question 5

साखी 4 में कबीर कहते हैं कि जो व्यक्ति निष्पक्ष होकर प्रभु भजन में लीन रहता है, वही सच्चा ज्ञानी (संत सुजान) है। पक्ष-विपक्ष के झगड़ों में पड़कर संसार ईश्वर भक्ति को भूल जाता है।

Test: साखियाँ एवं सबद- 3 - Question 6

साखी 5 में कबीर ने सच्चे भक्त को किसके रूप में परिभाषित किया है?  

Detailed Solution: Question 6

 साखी 5 में कबीर कहते हैं कि जो व्यक्ति राम-रहीम के भेद में न पड़कर मानवता को स्वीकारता है, वही सच्चा भक्त है और वही जीवित कहलाता है।

Test: साखियाँ एवं सबद- 3 - Question 7

साखी 6 में कबीर ने काशी और काबा को एक समान क्यों बताया है?

Detailed Solution: Question 7

साखी 6 में कबीर कहते हैं कि काशी और काबा में कोई अंतर नहीं है, क्योंकि राम और रहीम एक ही हैं। धार्मिक संकीर्णता को त्यागकर सद्भावना से ईश्वर भक्ति करनी चाहिए।

Test: साखियाँ एवं सबद- 3 - Question 8

साखी 7 में कबीर ने उच्च कुल की तुलना किससे की है?

Detailed Solution: Question 8

साखी 7 में कबीर कहते हैं कि उच्च कुल की तुलना सोने के घड़े से है, लेकिन यदि कर्म खराब हों तो उसकी निंदा होती है, जैसे शराब से भरे सोने के घड़े की निंदा की जाती है।

Test: साखियाँ एवं सबद- 3 - Question 9

दोहे में हंस किसका प्रतीक है?

Detailed Solution: Question 9

दोहा: "मानसरोवर सुमेरु जल, हंसा करील कराहीं।
मुक्ताफल मुक्ता चुगैं, अब ऊँची अंत न जाहीं।।"

उत्तर: d)

विवरण:
दोहे का अर्थ समझें:

  • "मानसरोवर सुमेरु जल, हंसा करील कराहीं" - हंस मानसरोवर (पवित्र झील) और सुमेरु (पवित्र पर्वत) के जल में विचरण करता है और करील (एक प्रकार का पौधा) के आसपास रहता है।
  • "मुक्ताफल मुक्ता चुगैं, अब ऊँची अंत न जाहीं" - हंस मोती जैसे मुक्ताफल (मोती के समान फल) चुनता है, और अब ऊँची उड़ान नहीं भरता, अर्थात् उसका अंत निकट है।

इस दोहे में हंस का प्रतीक प्रभु-भक्त का है। इसमें कहा गया है कि जैसे हंस स्वच्छ जल में निवास करता है, वैसे ही भक्त भगवान के परम ज्ञान में निवास करते हैं। हंस का यहाँ उपयोग उन भक्तों के लिए किया गया है जो भगवान के प्रेम और भक्ति में समर्पित रहते हैं, और उनके लिए मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

 

Test: साखियाँ एवं सबद- 3 - Question 10

सबद 1 में कबीर ने ईश्वर की प्राप्ति के लिए क्या अनावश्यक बताया है?

Detailed Solution: Question 10

सबद 1 में कबीर कहते हैं कि ईश्वर न मंदिर, न मस्जिद, न काबा, न कैलाश, और न ही पूजा-पाठ या योग-साधना में मिलता है। वह सांसों में, हृदय में व्याप्त है, और बिना बाह्य आडंबर के तुरंत मिल सकता है।

31 videos|197 docs|43 tests
Information about Test: साखियाँ एवं सबद- 3 Page
In this test you can find the Exam questions for Test: साखियाँ एवं सबद- 3 solved & explained in the simplest way possible. Besides giving Questions and answers for Test: साखियाँ एवं सबद- 3, EduRev gives you an ample number of Online tests for practice
Download as PDF