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अलंकार - Class 9 Hindi Free MCQ Test with solutions


MCQ Practice Test & Solutions: Test: अलंकार (10 Questions)

You can prepare effectively for Class 9 Hindi Class 9 (Sparsh and Sanchayan) with this dedicated MCQ Practice Test (available with solutions) on the important topic of "Test: अलंकार". These 10 questions have been designed by the experts with the latest curriculum of Class 9 2026, to help you master the concept.

Test Highlights:

  • - Format: Multiple Choice Questions (MCQ)
  • - Duration: 20 minutes
  • - Number of Questions: 10

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Test: अलंकार - Question 1

छाया है माथे पर आशीर्वाद - सा पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार पहचानें। 

Detailed Solution: Question 1

  • छाया है माथे पर आशीर्वाद- सा पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार ‘उपमा अलंकार’ हैं। सी, सा, तुल्य, सम, जैसा, ज्यों, के सामान आदि सदृश्य वाचक शब्द उपमा अलंकार में प्रयुक्त होते है।
  • ‘उपमा’ शब्द का अर्थ होता है– तुलना। जब किसी व्यक्ति या वस्तु की तुलना किसी दूसरे यक्ति या वस्तु से की जाए वहाँ पर उपमा अलंकार होता है। अर्थात जब किन्ही दो वस्तुओं के गुण, आकृति, स्वभाव आदि में समानता दिखाई जाए या दो भिन्न वस्तुओं कि तुलना कि जाए, तब वहां उपमा अलंकर होता है। जैसे– “चाँद सा मुख”।

Test: अलंकार - Question 2

"बूंद अघात सहहिं गिरि कैसें। खल के बचन संत सह जैसे॥" इस पंक्ति में कौन-से अलंकार का प्रयोग हुआ है?

Detailed Solution: Question 2

उक्त पँक्तियों में दृष्टांत अलंकार का प्रयोग किया गया है, क्योंकि दृष्टांत अलंकार के नियम के अनुसार उक्त पँक्तियों में भी खल (उपमेय) तथा बूंद (उपमान) एवं संत (उपमेय) तथा गिरि (उपमान) बिम्ब -प्रतिबिम्ब रूप से चित्रित हुए हैं। तो दृष्टांत अलंकार होगा। अत: सही विकल्प 2 दृष्टांत अलंकार होगा।

Test: अलंकार - Question 3

उदाहरण अलंकार का उदाहरण है-

Detailed Solution: Question 3

बूंद आघात सहै गिरी कैसे । खल के वचन संत सह जैसे ।।- उदाहरण अलंकार का उदाहरण है

Test: अलंकार - Question 4

निम्नलिखित में से किस काव्य-पंक्ति में उपमा अलंकार है? 

Detailed Solution: Question 4

दिए गए सभी विकल्पों में से विकल्प ‘पीपर पात सरिस मन डोला’ में उपमा अलंकार है। अत: इसका सही उत्तर विकल्प 4 ‘पीपर पात सरिस मन डोला’ है। अन्य विकल्प अनुचित उत्तर होंगे।

Test: अलंकार - Question 5

“बीती विभावरी जाग री,

अम्बर-पनघट में डुबो रही,

तारा-घट ऊषा-नागरी।

प्रश्न. "उपर्युक्त पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?

Detailed Solution: Question 5

उपर्युक्त पंक्तियों में रूपक अलंकार है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:

  1. रूपक अलंकार की परिभाषा:

    • रूपक अलंकार में एक वस्तु को दूसरी वस्तु के समान मान लिया जाता है, और दोनों को एकरूप मानकर बताया जाता है। इसमें तुलना के शब्द (जैसे, सा, सी, जैसा, वत्) नहीं होते।
  2. पंक्तियों में रूपक का प्रयोग:

    • "अम्बर-पनघट" में आकाश (अम्बर) को पनघट (जल का आवास) के रूप में चित्रित किया गया है। यहाँ आकाश को पनघट के समान मानकर बताया गया है।
    • "तारा-घट" में तारों को घट (बादल) के रूप में चित्रित किया गया है।
    • "ऊषा-नागरी" में सूर्योदय की ऊषा को नागरी (सुंदर स्त्री) के रूप में चित्रित किया गया है।
  3. अन्य विकल्पों का खंडन:

    • a) अनुप्रास: अनुप्रास में शब्दों के आरंभिक वर्णों की आवृत्ति होती है। यहाँ ऐसा नहीं है।
    • b) उपमा: उपमा में दो वस्तुओं की तुलना की जाती है, और तुलना के शब्द (जैसे, सा, सी, जैसा) प्रयुक्त होते हैं। यहाँ तुलना के शब्द नहीं हैं।
    • c) अन्योक्ति: अन्योक्ति में विपरीत अथवा असंगत बात को कहकर विशेष प्रभाव डाला जाता है। यहाँ ऐसा नहीं है।

उपर्युक्त पंक्तियों में रूपक अलंकार है, क्योंकि एक वस्तु को दूसरी वस्तु के रूप में मानकर बताया गया है।

इसलिए, सही उत्तर है: (d) रूपक

Test: अलंकार - Question 6

निम्नलिखित काव्य पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

सोहत ओढ़े पीत पट,

स्याम सलौने गात।

मनहु नीलमणि सैल  पर,

आवत परयो प्रभात।

Detailed Solution: Question 6

  • 'सोहत ओढ़े पीत पट स्याम सलोने गात। मनहुं नीलमनि सैल पर, आपत परयौ प्रभात।' इस काव्य पंक्ति में उत्प्रेक्षा अलंकार होता है।
  • इसमें श्रीकृष्ण के सुन्दर श्याम शरीर में नीलमणि पर्वत की auर उनके शरीर पर शोभायमान पीताम्बर में प्रभात की धूप की मनोरम सम्भावना अथवा कल्पना की गई है।
  • जहां उपमान के न होने पर उपमेय को ही उपमान मान लिया जाए, वहाँ उत्प्रेक्षा अलंकार होता है।
  • इसके बोधक शब्द हैं– मनो, मानो, मनु, मनहु, जानो, जनु, जनहु, ज्यों आदि। 

Test: अलंकार - Question 7

'उपमा' अलंकार में उप' का अर्थ क्‍या है?

Detailed Solution: Question 7

  • 'उपमा' अलंकार में उप' का अर्थ 'समीप होता है। 
  • उपमा शब्द ‘उप+मा’ के योग से बना है।
  • यहाँ ‘उप’ का अर्थ होता है- ‘समीप’ तथा ‘मा’ का अर्थ होता है- ‘मापना’ या ‘तोलना’ अर्थात् समीप रखकर दो पदार्थों का मिलान करना ‘उपमा’ के नाम से जाना जाता है।
  • अन्य विकल्प इसके अनुचित उत्तर हैं। 

Test: अलंकार - Question 8

निम्नलिखित विकल्पों में से कौन-सा अलंकार का भेद नहीं है?

Test: अलंकार - Question 9

जेते तुम तारे, तेते नभ में न तारे हैं।

उपर्युक्त पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

Detailed Solution: Question 9

  1. 'जेते तुम तारे, तेते नभ में न तारे हैं।' इस काव्य पंक्ति में 'तारे' शब्द दो बार प्रयोग हुआ है और हर बार इसके अर्थ अलग हैं। 
  2. दिए गए वाक्य में तारे शब्द के दो अर्थ है (तारे – उद्धार किया, तारे – सितारे) अत: यमक अलंकार है।
  3. जब एक शब्द का प्रयोग दो बार होता है और दोनों बार उसके अर्थ अलग-अलग होते हैं तब वहाँ यमक अलंकार होता है।

Test: अलंकार - Question 10

"जहाँ गाँठ तहाँ रस नहीं, यह जानत सब कोई।" में किस अलंकार का प्रयोग हुआ है?

Detailed Solution: Question 10

  • 'जहाँ गाँठ तहाँ रस नहीं, यह जानत सब कोई', पंक्ति में श्लेष अलंकार है।
  • श्लेष का अर्थ है- चिपका हुआ। अर्थात् एक शब्द के अनेक अर्थ चिपके होते हैं। जब काव्य में कोई शब्द एक बार आए और उसके एक से अधिक अर्थ प्रकट हो, तो उसे श्लेष अलंकार कहते हैं।
  • उपरोक्त पंक्ति 'जहाँ गाँठ तहाँ रस नहीं, यह जानत सब कोई' में दो अर्थ चिपके हुए हैं। 1) गन्ने में जहां गांठ होती है, वहां रस नहीं निकलता। 2) जब दो लोगों की दोस्ती में गांठ आ जाती है, तब प्रेम का वह रस नहीं रह जाता। अतः यहाँ 'श्लेष अलंकार' है।

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