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हार की जीत - 1 - Class 6 Hindi Free MCQ Test with solutions


MCQ Practice Test & Solutions: Test: हार की जीत - 1 (10 Questions)

You can prepare effectively for Class 6 Hindi for Class 6 with this dedicated MCQ Practice Test (available with solutions) on the important topic of "Test: हार की जीत - 1". These 10 questions have been designed by the experts with the latest curriculum of Class 6 2026, to help you master the concept.

Test Highlights:

  • - Format: Multiple Choice Questions (MCQ)
  • - Duration: 15 minutes
  • - Number of Questions: 10

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Test: हार की जीत - 1 - Question 1

खड्गसिंह ने किस प्रकार की बाहुबल का प्रयोग किया था?

Detailed Solution: Question 1

खड्गसिंह डाकू था और वह अपनी बाहुबल का प्रयोग दूसरों पर दबाव डालने और उन्हें डराने-धमकाने के लिए करता था। जब उसे बाबा भारती का घोड़ा "सुलतान" पसंद आ गया, तो उसने उसे चुराने के लिए अपनी ताकत और बेरहमी का इस्तेमाल किया। वह जो वस्तु पसंद करता था, उसे बिना किसी दया के छीनने की आदत थी, और उसकी यह बेरहमी ही उसकी पहचान थी।

Test: हार की जीत - 1 - Question 2

बाबा भारती का घोड़ा चुराने के बाद खड्गसिंह ने क्या महसूस किया?

Detailed Solution: Question 2

खड्गसिंह ने जब बाबा भारती का घोड़ा "सुलतान" चुराया, तब उसे बाद में एहसास हुआ कि उसने गलत किया था। रात के समय, जब वह घोड़ा वापस करने आया, उसकी आँखों में पश्चाताप के आँसू थे। यह दर्शाता है कि उसने अपनी गलतियों पर पछताया और उसे अपनी कर्तव्यनिष्ठा का अहसास हुआ।

Test: हार की जीत - 1 - Question 3

खड्गसिंह ने घोड़ा चुराने के बाद उसे कहाँ बाँधा?

Detailed Solution: Question 3

खड्गसिंह ने घोड़ा "सुलतान" चुराने के बाद उसे बाबा भारती के अस्तबल में बाँधा। यह दर्शाता है कि उसने अपनी गलती को सुधारने के लिए घोड़ा वापस उसी स्थान पर रखा, जहाँ से उसने उसे चुराया था।

Test: हार की जीत - 1 - Question 4

बाबा भारती ने खड्गसिंह से क्या छिपाने को कहा था?

Detailed Solution: Question 4

बाबा भारती ने खड्गसिंह से यह प्रार्थना की थी कि वह घोड़ा चुराने की घटना को किसी के सामने प्रकट न करे। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को इस घटना का पता चला, तो वे किसी गरीब पर विश्वास नहीं करेंगे, और इससे समाज में विश्वास की भावना समाप्त हो सकती है।

Test: हार की जीत - 1 - Question 5

बाबा भारती ने अपने घोड़े का नाम क्यों न लेने को कहा था?

Detailed Solution: Question 5

बाबा भारती ने खड्गसिंह से अपने घोड़े का नाम न लेने को कहा था ताकि घोड़े की चोरी की घटना किसी के सामने न आए। उनका उद्देश्य था कि यह घटना लोगों को न पता चले, क्योंकि यदि यह खुलासा हो जाता, तो लोग गरीबों पर विश्वास नहीं करेंगे, और समाज में विश्वास की भावना कम हो सकती थी।

Test: हार की जीत - 1 - Question 6

बाबा भारती के घोड़े के प्रति प्रेम को देखकर खड्गसिंह ने क्या सीखा?

Detailed Solution: Question 6

बाबा भारती का घोड़े "सुलतान" के प्रति गहरा प्रेम और उसकी रक्षा के लिए उनका समर्पण देखकर खड्गसिंह ने विश्वास और सच्चाई का महत्व समझा। बाबा भारती ने घोड़े के बारे में सच्चाई छिपाने की प्रार्थना की थी, और यह खड्गसिंह के दिल में गहरी छाप छोड़ गया। उसे एहसास हुआ कि सच्चाई और विश्वास से बड़ी कोई ताकत नहीं है।

Test: हार की जीत - 1 - Question 7

खड्गसिंह ने घोड़ा लौटाने के बाद क्या किया?

Detailed Solution: Question 7

खड्गसिंह ने जब घोड़ा लौटाया, तो उसकी आँखों में पश्चाताप के आँसू थे। वह बाबा भारती के मंदिर में घोड़ा वापस करके, अपने किए पर पछतावा महसूस कर रहा था और आँसू बहाता हुआ वहाँ से चला गया।

Test: हार की जीत - 1 - Question 8

खड्गसिंह से बाबा भारती ने क्या प्रार्थना की थी?

Detailed Solution: Question 8

बाबा भारती ने खड्गसिंह से यह प्रार्थना की थी कि वह इस घटना को किसी के सामने न बताए, ताकि लोगों का विश्वास न टूटे और समाज में विश्वास और सच्चाई बनी रहे।

Test: हार की जीत - 1 - Question 9

बाबा भारती का सुलतान घोड़ा क्यों खास था?

Detailed Solution: Question 9

बाबा भारती का घोड़ा सुलतान बहुत सुंदर और बलवान था, जिसका कोई और जोड़ नहीं था। बाबा भारती इसे बहुत पसंद करते थे और इसे लेकर उनकी गहरी स्नेह भावना थी।

Test: हार की जीत - 1 - Question 10

बाबा भारती ने खड्गसिंह से यह प्रार्थना क्यों की कि वह घोड़े की घटना किसी के सामने प्रकट न करे?

Detailed Solution: Question 10

बाबा भारती ने खड्गसिंह से यह अनुरोध इसलिए किया कि यदि लोगों को पता चल गया कि सुलतान नामक घोड़ा डाकू के हाथ में चला गया, तो लोग भविष्य में गरीबों की मदद करने से कतराएँगे और समाज में विश्वास की भावना खत्म हो जाएगी। बाबा भारती का उद्देश्य केवल यह था कि लोगों में विश्वास और सहानुभूति बनी रहे। उन्होंने खड्गसिंह को घोड़ा लेने दिया, पर इस घटना को किसी के सामने नहीं लाने की प्रार्थना की।

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