You can prepare effectively for Class 8 with this dedicated MCQ Practice Test (available with solutions) on the important topic of "MCQ: जब सिनेमा ने बोलना सीखा - 1". These 5 questions have been designed by the experts with the latest curriculum of Class 8 2026, to help you master the concept.
Test Highlights:
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निम्नलिखित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर विकल्पों में से चुनिए:
लवे सभी सजीव हैं, साँस ले रहे हैं, शत-प्रतिशत बोल रहे हैं, अठहत्तर मुर्दाइंसान जिंदा हो गए, उनको बोलते, बातें करते देखो। देश की पहली सवाक् (बोलती) फ़िल्म ‘आलम आरा’ के पोस्टरों पर विज्ञापन की ये पंक्तियाँ लिखी हुई थीं। 14 मार्च, 1931 की वह ऐतिहासिक तारीख भारतीय सिनेमा में बड़े बदलाव का दिन था। इसी दिन पहली बार भारत के सिनेमा ने बोलना सीखा था।
प्रश्न: इस गद्यांश के पाठ और लेखक के नाम हैं-
निम्नलिखित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर विकल्पों में से चुनिए:
लवे सभी सजीव हैं, साँस ले रहे हैं, शत-प्रतिशत बोल रहे हैं, अठहत्तर मुर्दाइंसान जिंदा हो गए, उनको बोलते, बातें करते देखो। देश की पहली सवाक् (बोलती) फ़िल्म ‘आलम आरा’ के पोस्टरों पर विज्ञापन की ये पंक्तियाँ लिखी हुई थीं। 14 मार्च, 1931 की वह ऐतिहासिक तारीख भारतीय सिनेमा में बड़े बदलाव का दिन था। इसी दिन पहली बार भारत के सिनेमा ने बोलना सीखा था।
प्रश्न: यहाँ किन्हें ‘सजीव’ कहा गया है?
निम्नलिखित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर विकल्पों में से चुनिए:
लवे सभी सजीव हैं, साँस ले रहे हैं, शत-प्रतिशत बोल रहे हैं, अठहत्तर मुर्दाइंसान जिंदा हो गए, उनको बोलते, बातें करते देखो। देश की पहली सवाक् (बोलती) फ़िल्म ‘आलम आरा’ के पोस्टरों पर विज्ञापन की ये पंक्तियाँ लिखी हुई थीं। 14 मार्च, 1931 की वह ऐतिहासिक तारीख भारतीय सिनेमा में बड़े बदलाव का दिन था। इसी दिन पहली बार भारत के सिनेमा ने बोलना सीखा था।
प्रश्न:पहली बोलती फ़िल्म में कुल कितने कलाकार थे?
Detailed Solution: Question 3
निम्नलिखित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर विकल्पों में से चुनिए:
लवे सभी सजीव हैं, साँस ले रहे हैं, शत-प्रतिशत बोल रहे हैं, अठहत्तर मुर्दाइंसान जिंदा हो गए, उनको बोलते, बातें करते देखो। देश की पहली सवाक् (बोलती) फ़िल्म ‘आलम आरा’ के पोस्टरों पर विज्ञापन की ये पंक्तियाँ लिखी हुई थीं। 14 मार्च, 1931 की वह ऐतिहासिक तारीख भारतीय सिनेमा में बड़े बदलाव का दिन था। इसी दिन पहली बार भारत के सिनेमा ने बोलना सीखा था।
प्रश्न:भारतीय सिनेमा के इतिहास में 14 मार्च, 1931 की प्रसिद्ध् का कारण क्या है?
निम्नलिखित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर विकल्पों में से चुनिए:
लवे सभी सजीव हैं, साँस ले रहे हैं, शत-प्रतिशत बोल रहे हैं, अठहत्तर मुर्दाइंसान जिंदा हो गए, उनको बोलते, बातें करते देखो। देश की पहली सवाक् (बोलती) फ़िल्म ‘आलम आरा’ के पोस्टरों पर विज्ञापन की ये पंक्तियाँ लिखी हुई थीं। 14 मार्च, 1931 की वह ऐतिहासिक तारीख भारतीय सिनेमा में बड़े बदलाव का दिन था। इसी दिन पहली बार भारत के सिनेमा ने बोलना सीखा था।
प्रश्न: ‘ऐतिहासिक’ शब्द में प्रयुक्त प्रत्यय है-