All questions of संगच्छध्वं संवदध for Class 8 Exam
संवदध्वम् शब्दः “सह वदत” इत्यर्थं वदति। एषः मन्त्रः मनसि संवादं, सौहार्दं च स्थापयति। सर्वे जना सह वदन्तु इति मुख्यं सन्देशः।
प्रश्न का परिचय
संगच्छ धातोः का अर्थ है "चलना" या "संगठित होना"। इस धातु का लोट्लकार में आत्मनेपदी रूप से प्रयोग किया जाता है।
लोट्लकार और आत्मनेपदी रूप
लोट्लकार एक क्रियापद का रूप है जिसका प्रयोग आज्ञा या आदेश देने के लिए किया जाता है। आत्मनेपदी रूप का अर्थ है कि क्रिया का प्रभाव स्वयं पर पड़ता है।
मध्यम पुरुष द्विवचन
मध्यम पुरुष का अर्थ है "हम", और द्विवचन का अर्थ है "दो"। इसलिए, हम ऐसे रूप की तलाश कर रहे हैं जो "हम दोनों चलें" का संकेत दे।
विकल्पों का विश्लेषण
- a) संगच्छस्व: यह एक आज्ञा है, लेकिन यह एकवचन में है।
- b) संगच्छध्वम्: यह भी एक प्रकार की आज्ञा है, लेकिन यह द्विवचन नहीं है।
- c) संगच्छन्ताम्: यह मध्यम पुरुष में है, लेकिन यह उत्तम पुरुष की ओर संकेत करता है।
- d) संगच्छेताम्: यह सही उत्तर है, क्योंकि यह "हम दोनों चलें" के अर्थ में आता है और यह द्विवचन में आत्मनेपदी रूप है।
सारांश
इस प्रकार, "संगच्छेताम्" सही उत्तर है क्योंकि यह आत्मनेपदी लोट्लकार का मध्यम पुरुष द्विवचन रूप है।
एषः पाठः समाजे परस्पर ऐक्यम् प्रकाशयति। सर्वे जना सह गच्छन्तु, सह वदन्तु, सह चिन्तयन्तु। एवं उन्नतिः, सौहार्दं च प्राप्यते।