निरंतर और स्थिर भार: मोटर पर भार समान परिस्थितियों में लंबे समय तक काम करते हैं।
निरंतर और परिवर्तनीय भार: मोटर पर भार लंबी अवधि के लिए दोहराया जाता है लेकिन एक अवधि में यह लगातार बदलता रहता है।
कंपित भार: मोटर पर भार जिसे कम्पन द्वारा अध्यारोपित निरंतर बलाघूर्ण के रूप में देखा जा सकता है।
प्रभाव भार: मोटर पर भार जिसमें नियमित और दोहराते हुए भार शीर्ष या कम्पन होते हैं, अर्थात् भार अधिकतम स्तर तक आकस्मिक रूप से बढ़ता है।
कम अवधि भार: मोटर का भार समय-समय पर आरोपित होता है, कम समय के लिए स्थिर रहता है और फिर लंबे समय तक निष्क्रिय रहता है।
कम अवधि के अंतरिम भार: मोटर पर भार समय-समय पर समान ड्यूटी चक्र में होता है, प्रत्येक ड्यूटी चक्र में भार और विश्राम के कार्य की अवधि होती है।
एक पावर प्रेस को चलाने वाले मोटर के लिए भार चक्र अंतरिम और परिवर्तनीय होगा।