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UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - UGC NET MCQ


Test Description

30 Questions MCQ Test UGC NET Mock Test Series 2025 - UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1

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UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 1

‘सीढ़ियों पर धूप में’ कविता - संग्रह किस कवि का है ? 

Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 1

‘सीढ़ियों पर धूप में’ कविता - संग्रह रघुवीर सहाय का है।  Key Pointsरघुवीर सहाय --

  • जन्म --1929 - 1990 ई.
  • दूसरे सप्तक के कवि  है।  
  • कविता संग्रह - 
    • आत्महत्या के विरुद्ध
    • हँसो हँसो जल्दी हँसो
    • लोग भूल गए हैं
    • कुछ पत्ते और चिट्टियां 
    • एक समय था

Important Pointsअज्ञेय --

  • जन्म --  1911- 1987 ई.
  • काव्य संग्रह - 
    • भग्नदूत (1933)
    • चिन्ता (1942)
    • इत्यलम् (1946)
    • हरी घास पर क्षण भर (1949)
    • बावरा अहेरी (1954)
    • इन्द्रधनुष रौंदे हुये ये (1957)
    • आँगन के पार द्वार (1961)
    • कितनी नावों में कितनी बार (1967)
    • पहले मैं सन्नाटा बुनता हूँ (1974)
    • नदी की बाँक पर छाया (1981)

धूमिल --

  • जन्म --  1936 - 1975 ई.
  • काव्य संग्रह - 
    • संसद से सड़क तक (1972)
    • कल सुनना मुझे (1976)
    • सुदामा पांडे का प्रजातंत्र ( 1984)

मुक्तिबोध -- 

  • जन्म --  1917 - 1964 ई.
  • काव्य संग्रह - 
    • चांद का मुंह टेढ़ा है (1964)
    • भूरी भूरी खाक धूल(1980)
  • मुक्तिबोध की चर्चित कविताएं - 
    • अंधेरे में
    •  ब्रह्मराक्षस
    • भूल गलती
UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 2

सरदार पूर्ण सिंह की रचना है? 

Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 2

सरदार पूर्ण सिंह की प्रसिद्ध रचना 1- आचरण की सभ्यता है।

Key Points

  • सरदार पूर्ण सिंह, द्विवेदी युग के श्रेष्‍ठ तथासफल निबन्‍धकार हैं। वे हिन्‍दी गद्य-साहितय के प्रचार-प्रसार में संलग्‍न अद्वितीय निबन्‍धकार है। उन्‍हाेंने भावात्‍मक एवं लाक्षणिक शेैली के बनबन्‍धों की रचना की।
  • हिंदी में पूर्णसिंह के केवल छह निबंध हैं। सच्ची वीरता, कन्यादान, पवित्रता, आचरण की सभ्यता, मजदूरी और प्रेम और अमरीका का मस्ताना योगी वाल्ट व्हिटमैन। ये निबंध सरस्वती में प्रकाशित हुए थे और इनके कारण ही सरदार पूर्णसिंह ने हिंदी के निबंधकारों में अपना विशेष स्थान बना लिया है।
  • सरदार पूर्ण सिंह ने 'आचरण की सभ्यता' निबंध में विद्या, कला, कविता, साहित्य, धन, और राजस्व सभी से अधिक शुद्ध आचरण को महत्व दिया है। आचरण की सभ्‍यतामय भाषा सदा मौन रहती है। आचरण का विकास जीवन का परमोद्देश्‍य है। 

Additional Information

  • 'गेहूं और गुलाब' - 
    • गेहूँ और गुलाब' रामवृक्ष बेनीपुरी का प्रसिद्ध एवं प्रतीकात्मक निबन्ध है। इस निबन्ध में लेखक ने गेहूँ को भौतिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रगति का प्रतीक माना है तथा गुलाब को मानसिक एवं सांस्कृतिक प्रगति का मानव प्राचीन काल से ही सौन्दर्य प्रेमी रहा है।
  • 'नाखून क्यों बढ़ते है'-
    • 'नाखून क्यों बढ़ते है',निबंध हज़ारीप्रसाद द्विवेदी के कल्पलता निबंध-संग्रह में है। कल्पलता निबन्ध संग्रह 1951ई. में लिखा गया। यह विचार-प्रधान व्यक्तिनिष्ठ निबन्ध है।
  • श्रद्धा और भक्ति-
    • आचार्य रामचंद्र शुक्ल हिन्दी निबंध परम्मरा के केन्द्रीय रचनाकार है। उन्होंने हिन्दी निबंध को परिपक्वता के स्तर तक पहुँचाया हैं ‘श्रद्धा-भक्ति’ में उनके परिपक्व निंबंध शैली का दर्शन होता है। आचार्य शुक्ल की निबंध शैली निगमनात्मक है। 
    • श्रद्धा भक्ति में उनकी यह शैली देखी जा सकती है। 
UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 3

मैं इस सिद्धांत का समर्थक हूँ कि संसार में छोटे - बड़े हमेशा रहेंगे और उन्हें हमेशा रहना चाहिए। इसे मिटाने की चेष्टा करना मानव जाति के सर्वनाश का कारण होगा" यह कथन गोदान के किस पात्र का है?

Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 3

सही उत्तर है- "डॉ. मेहता"। अन्य विकल्प असंगत है। 

  • "मैं इस सिद्धांत का समर्थक हूँ कि संसार में छोटे - बड़े हमेशा रहेंगे और उन्हें हमेशा रहना चाहिए।
  • इसे मिटाने की चेष्टा करना मानव जाति के सर्वनाश का कारण होगा" यह कथन गोदान के पात्र डॉ. मेहता का है। 

Key Pointsगोदान-

  • रचनाकार- प्रेमचंद्र 
  • प्रकाशन वर्ष- 1936 ईo
  • विधा- उपन्यास
  • अध्याय- 36 
  • ग्राम- सेमरी, बेलारी 
  • विषय वस्तु-
    • किसानों की दूर्व्यवस्था पर आधारित है।
    • ये बड़े-बड़े जमीदारों द्वारा किसानों के शोषण पर केंद्रित उपन्यास है।
    • इस उपन्यास में कृषक जीवन के समस्याओं का चित्रण प्रमुख हैं।
    • सामंती जीवन की बुराइयों, प्रेम विवाह, दहेज प्रथा, भ्रष्टाचार आदि का चित्रण है।
  • मुख्य पात्र-
    • होरी- नायक।
    • धनिया- नायिका ।
    • गोबर- होरी का पुत्र
    • झूनिया- गोबर की पत्नी।
    • रायासाहब- जमींदार।
    • मेहता- दर्शन शास्त्र के प्रफेसर।
    • मालती- आधुनिक नारी व डॉक्टर।
    • सरोज- मालती की बहन।
    • भोला- झुनिया के पिता।
    • सोना और रूपा- होरी के पुत्री।
    • खन्ना- मिल मालिक ।
    • गोविंदी- खन्ना के पत्नी ।
    • सिलिया- दलित चमार स्त्री।
    • मातादीन और दतादीन- ब्राह्मण।
    • ओंकारनाथ- संपादक।
  • अन्य पात्र- झिंगुरी सिंह, पटेश्वरीलाल, नोहरी, पुनिया, मिर्जा खुसेद।
  • महत्वपूर्ण तथ्य- 
    • होरी की जो जीवन भर मेहनत करता है, अनेक कष्ट सहता है, केवल इसलिए कि उसकी मर्यादा की रक्षा हो सके। 
    • इसीलिए वह दूसरों को प्रसन्न रखने का प्रयास भी करता है,
    • किंतु उसे इसका फल नहीं मिलता और अंत में मजबूर होना पड़ता है, फिर भी अपनी मर्यादा नहीं बचा पाता।

Important Pointsप्रेमचंद्र-

  • जन्म- 1880 -  1936 ईo 
  • उपन्यास-
    • प्रेमा (1907)
    • सेवा सदन (1918)
    • वरदान (1921) 
    • प्रेमाश्रम (1922 )
    • रंगभूमि (1925 )
    • कायाकल्प (1926)
    • निर्मला (1927)
    • गबन (1931)
    • कर्मभूमि (1932)
UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 4

प्रकाशन वर्ष के अनुसार पहले से बाद के क्रम में नाटकों को लगाएं-

A. लहरों के राजहंस  

B. आलमगीर  

C. मादा कैक्टस  

D. सेतुबंध  

E. कोर्ट मार्शल  

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन करें-

Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 4

सही उत्तर है- C, A, D, E, B

Key Points

Important Pointsमोहन राकेश- 

  • जन्म- 1925 - 1972 ईo
  • नाटक-
    • लहरों के राजहंस(1963 ई.)
    • आधे-अधूरे(1969 ई.) आदि। ​

लक्ष्मीनारायण लाल-

  • जन्म-1927-1987ई.
  • हिन्दी नाटककार,एकांकीकार एवं समीक्षक होने के साथ-साथ कहानीकार एवं उपन्यासकार भी थे।
  • मुख्य नाटक-
    • अंधा कुआँ(1955ई.)
    • मादा कैक्टस(1959ई.)
    • सूखा सरोवर(1960ई.)
    • सूर्यमुख(1968 ई.)
    • मिस्टर अभिमन्यु(1971ई.)
    • कर्फ्यू(1972ई.)
    • दूसरा दरवाजा(1972ई.) आदि।

सुरेन्द्र वर्मा-

  • जन्म-1941-2021 ई. 
  • नाटक-
    • सूर्य की अंतिम किरण से सूर्य की पहली किरण तक(1972 ई.)
    • द्रौपदी(1972 ई.)
    • नायक खलनायक विदूषक(1972 ई.)
    • आठवाँ सर्ग(1976 ई.)
    • छोटे सैयद बड़े सैयद(1978 ई.)
    • क़ैद-ए-हयात(1983 ई.)
    • शकुंतला की अंगूठी(1990 ई.) आदि।

भीष्म साहनी-

  • नाटक-
    • हानूश (1977)
    • कबिरा खड़ा बजार में (1981)
    • माधवी (1985)
    • मुआवज़े (1993)
    • रंग दे वसंती चोला (1998)
    • आलमगीर (1999) आदि।

स्वदेश दीपक-

  • नाटक -
    • बाल भगवान (1989) 
    • कोर्ट मार्शल (1991) 
    • जलता हुआ रथ (1998) 
    • सबसे उदास कविता (1998) 
    • काल कोठरी (1999) आदि। 
UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 5
लछमा और गोसाई पात्र  की कहानी है-
Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 5

कोसी का घटवार यहाँ सही विकल्प है| लछमा और गोसाई पात्र इस कहानी के प्रमुख पात्र है|

प्रकाशन वर्ष-  ई

लेखक - शेखर जोशी

विशेष

UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 6
साहित्य का प्रयोजन', 'साहित्य के सरोकार' और 'रीति विज्ञान' किसकी आलोचनात्मक रचनाएं है?
Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 6

'साहित्य का प्रयोजन', 'साहित्य के सरोकार' और 'रीति विज्ञान' विद्यानिवास मिश्र की आलोचनात्मक रचनाएं है। Key Pointsविद्यानिवास मिश्र- 

  • जन्म- 1905 - 2005 ईo
  • ये शुक्लोत्तर युग के ललित निबंधकार थे। 
  • निबंध- 
    • छितवन की छाँह (1953)
    • कदम की फूली डाल (1956)
    • आँगन का पंछी और बनजारा मन (1963)
    • मैंने सिल पहुँचाई (1966)
    • बसंत आ गया पर कोई उत्कंठा नहीं (1972)
    • मेरे राम का मुकुट भीग रहा है (1974)
    • कँटीले तारों के आर-पार  (1976 ई०)
    • परंपरा कोई बन्धन नहीं (1976)
    • तमाल के झरोखे से (1981)
    • लागो रंग हरी  (1985 ई०)
    • शेफाली झर रही है (1989)​
    • शिरीष की याद आई (1995 ई०)
    • कितने मोरचे ( 2007 ई०)

Important Pointsरामकुमार वर्मा- 

  • जन्म- 1905 - 1990 ई.  
  • आधुनिक हिन्दी साहित्य में 'एकांकी सम्राट' के रूप में जाने जाते हैं।
  • डॉ. रामकुमार वर्मा हिन्दी भाषा के सुप्रसिद्ध साहित्यकार, व्यंग्यकार और हास्य कवि के रूप में जाने जाते हैं।
  • रामकुमार वर्मा की हास्य और व्यंग्य दोनों विधाओं में समान रूप से पकड़ है।
  • रामकुमार वर्मा एकांकीकार, आलोचक और कवि हैं।
  • इनके काव्य में 'रहस्यवाद' और 'छायावाद' की झलक है।
  • कृतियाँ- 
    • वीर हमीर (1922 ई.)
    • चित्तौड़ की चिंता (1929 ई.)
    • साहित्य समालोचना (1929 ई.)
    • अंजलि (1930 ई.)
    • अभिशाप (1931 ई.)
    • हिन्दी गीतिकाव्य (1931 ई.)
    • निशीथ (1935 ई.)
    • चित्ररेखा (1936 ई.)
    • पृथ्वीराज की आँखें (1938 ई.)
    • कबीर पदावली (1938 ई.)
    • हिन्दी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास (1939 ई.)
    • आधुनिक हिन्दी काव्य (1939 ई.)
    • जौहर (1941 ई.)
    • रेशमी टाई (1941 ई.)
    • शिवाजी (1943 ई.)
    • चार ऐतिहासिक एकांकी (1950 ई.)
    • रूपरंग (1951 ई.)

नंददुलारे वाजपेयी-

  • जन्म- 1906 - 1967 ईo
  • शुक्लोत्तर युग के समीक्षक हैं। 
  • निबंध- 
    • आधुनिक साहित्य (1950)
    • नया साहित्य नये प्रश्न (1955)
    • राष्ट्रभाषा की कुछ समस्याएँ (1961)
    • हिंदी साहित्य का आधुनिक युग (1978)
    • आधुनिक साहित्यः सृजन और समीक्षा (1978)

प्रकाश चंद्र गुप्ता-

  • जन्म- 1908-1970 ई० 
  • रचना-
  • हिन्दी साहित्य की जनवादी परम्परा
  • नया हिन्दी साहित्य - एक दृष्टि
  • इक्कीसवीं सदी की स्त्री-कविता 
UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 7

सुख दुःख की भावावेशमयी अवस्था विशेष का गिने चुने शब्दों' में स्वर - साधना के उपयुक्त चित्रण कर देना ही गीत है। यह परिभाषा किसकी है ?

Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 7

यह कथन महादेवी वर्मा का है।यह यामा काव्य संग्रह से ली गयी पंक्तियाँ हैं।

Key Points गीतिकाव्य-

  • गीतिकाव्य ऐसा काव्य जो गीति प्रधान अथवा गेय हो और आत्मपरक हो
  • गीतिकाव्य के प्रमुख तत्व -
    • संगीतात्मकता 
    • आत्माभिव्यक्ति 
    • कोमलकांत पदावली 
    • संक्षिप्तता 
    • एकरसता 

Important Points

महादेवी वर्मा -

  • समयकाल -26 मार्च 1907 -11 सितम्बर 1987
  • जन्म स्थान- फ़र्रुख़ाबाद 
  • माता- पिता- हेमरानी देवी,  श्री गोविंद प्रसाद वर्मा
  • ​कविता संग्रह-
    • नीहार (1930), रश्मि (1932), नीरजा (1934), सांध्यगीत (1936), दीपशिखा (1942), सप्तपर्णा (1959), प्रथम आयाम (1974), अग्निरेखा (1990 )

रामकुमार वर्मा- 

  • समयकाल-15 सितम्बर, 1905 - 1990
  • जन्म स्थान- मध्य प्रदेश के सागर जिला
  • माता- पिता-लक्ष्मी प्रसाद वर्मा (डिप्टी कलैक्टर) , श्रीमती राजरानी देवी 
  • मुख्य रचनायें-
    • वीर हमीर (1922 ई.), चित्तौड़ की चिन्ता (1929 ई.), अंजलि (1930 ई.), अभिशाप (1931 ई.), हिन्दी गीतिकाव्य ( 1931 ई.), निशीथ ( 1935 ई.), चित्ररेखा (1936 ई.)

हजारीप्रसाद द्विवेदी-

  • समयकाल-19 अगस्त 1907 - 19 मई 1979
  • जन्म स्थान-  उत्तर प्रदेश के बलिया जिला
  • माता पिता- अनमोल द्विवेदी , श्रीमती ज्योतिष्मती 
  • मुख्य रचनाएँ-
  • आलोचनात्मक-

    • सूर साहित्‍य (1936), हिन्‍दी साहित्‍य की भूमिका (1940), कबीर (1942), नाथ संप्रदाय (1950), हिन्‍दी साहित्‍य का आदिकाल (1952), आधुनिक हिन्‍दी साहित्‍य पर विचार (1949) 
  • निबन्ध संग्रह

    • अशोक के फूल (1950), कल्‍पलता (1951), विचार और वितर्क (1957
  • उपन्‍यास

    • बाणभट्ट की आत्‍मकथा (1946), चारु चंद्रलेख(1963), पुनर्नवा(1973), अनामदास का पोथा(1976)

डॉ. देवराज-

  • जन्म -1917
  • जन्म स्थान- रामपुर, उत्तर प्रदेश 
  • मुख्य रचनाएँ-
    • 'पथ की खोज' (उपन्यास, 1951)'अजय की डायरी' (उपन्यास, 1960)'मैं वे और आप' (उपन्यास, 1969)
    • 'इतिहास पुरुष' (कविता संग्रह, 1965)
    • 'साहित्य-चिंता''आधुनिक समीक्षा' (1954)'छायावाद का पतन' (1948)'सहित्य और संस्कृति' (1958)'संस्कृति का दार्शनिक विवेचन' (1966)'प्रतिक्रियाएँ' (1966)
UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 8
मोहन राकेश किस पत्रिका के संपादक थे?
Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 8

मोहन राकेश सारिका पत्रिका के संपादक थे। Key Pointsसारिका पत्रिका-

  • सारिका, हिंदी मासिक पत्रिका थी जो पूर्णतया गद्य साहित्य के कहानी विधा को समर्पित थी।
  • कमलेश्वर इस पत्रिका के संपादक थे।
  • 1970 से करीब 1985 तक यह पत्रिका प्रकाशित होती रही।
  • इस पत्रिका के अंतिम समय इसका संपादन कमलेश्वर जी ने छोड़ दिया था।
  • कुछ वर्षों तक मोहन राकेश ने हिंदी की पत्रिका 'सारिका' का भी संपादन किया ।

अन्य विकल्प-

  • पराग पत्रिका-
    • संपादक - डॉ कन्हैयालाल नंदन
    • प्रकार- बाल पत्रिका
    • पराग बच्चों की एक हिन्दी पत्रिका है जो प्रति मास प्रकाशित होती है।
    • पराग पत्रिका अपने प्रकाशन के दौरान 'नन्हे मुन्नों के लिए' शीर्षक के अंतर्गत इस वर्ग के बच्चों का साहित्य प्रकाशित किया करती थी।
    • जिसे पाठकों से अपने नन्हें भाई–बहनों को सुनाने का आग्रह भी होता था।
  • आजकल पत्रिका-
    • यह पत्रिका मृणाल पाण्डे, राजेन्द्र अवस्थी के संपादन में प्रकाशित होती है।
    • आजकल भारत सरकार के प्रकाशन विभाग द्वारा लम्बे समय तक हिन्दी एवं उर्दू दोनों भाषाओं में प्रकाशित होने वाली पत्रिका का नाम है।
    • यह पत्रिका हिन्दी भाषा में भारत सरकार के प्रकाशन विभाग, पटियाला हाउस, नई दिल्ली से प्रकाशित होती है।
  • नई कविता पत्रिका-
    • नयी कविता हिन्दी साहित्य के आधुनिक काल में प्रयोगवाद से कुछ भिन्नताओं के साथ विकसित हिन्दी कविता की नवीन धारा का प्रतिनिधित्व करने वाली अर्द्धवार्षिक पत्रिका थी।
    • इसे नयी कविता आंदोलन के 'मुखपत्र' की तरह माना जाता है। इसका प्रकाशन 1954 में आरंभ हुआ।
    • संपादक- जगदीश गुप्त

Important Pointsमोहन राकेश-

  • जन्म- 1925 - 1972 ईo
  • उपन्यास-
    • अँधेरे बंद कमरे (1961)
    • अन्तराल (1972)
    • न आने वाला कल (1968)
  • नाटक-
    • लहरों के राजहंस (1963 ईo)
    • आषाढ़ का एक दिन (1958 ईo)
    • आधे-अधूरे (1969 ईo)
    • पैर तले की जमीन (अधुरा कमलेश्वर जी ने पूरा किया 1975 ईo)
UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 9

हिंदी आंदोलन के संदर्भ में, वह कौन सा प्रमुख विचार है जिसे लेखकों और बुद्धिजीवियों ने अपनाया था ताकि वे इसे सामान्य हिंदीभाषी जनता के आंदोलन के रूप में देख सकें?

Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 9

सही उत्तर है: व्यापक जन आंदोलन के सक्रिय सहायक के रूप में मिल-जुल कर काम करना।
Key Points

  • हिंदी आंदोलन में लेखकों और बुद्धिजीवियों ने न केवल अपने आप को एक प्रमुख वर्ग के रूप में पहचान करने की सोच को छोड़ दिया, बल्कि उन्होंने सामान्य हिंदीभाषी जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर व्यापक जन आंदोलन का हिस्सा बनने का निर्णय लिया।
  • यह दृष्टिकोण हिंदी आंदोलन के व्यापक स्वरूप को प्रमाणित करता है और दिखाता है कि यह समाज के एक विशेष वर्ग की पहल नहीं, बल्कि सामान्य जनता के आंदोलन के रूप में उदय हुआ।

Additional Informationअन्य विकल्पों की संक्षेप में व्याख्या:

  • विरोध के रूप में लेखन - यह इंगित करता है कि लेखकों ने अपनी लेखनी के माध्यम से विरोध प्रकट किया, लेकिन यह नहीं बताता कि वे सामान्य जनता के साथ कैसे संबंधित हुए।
  • समाज के लिए अपने विशेष वर्ग की भूमिका को समर्थन - यह विकल्प लेखकों और बुद्धिजीवियों की समाज में विशेष भूमिका पर जोर देता है, लेकिन इसे व्यापक जन आंदोलन में उनके समर्थन के रूप में नहीं देखा जा सकता।
  • विशेष वर्ग के रूप में आत्म-संलग्नता - यह विकल्प सुझाव देता है कि लेखक और बुद्धिजीवी अपने आपको सामान्य जनता से अलग एक विशेष वर्ग के रूप में देखते हैं, जो कि हिंदी आंदोलन के सामूहिक संबंध के विपरीत है।
UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 10

विचार गोष्ठी का प्रमुख फोकस किस विषय पर था, और विद्वानों ने किस प्रमुख चुनौती का समाधान देखा?

Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 10

सही उत्तर है: हिंदी भाषा का शिक्षा में समावेश; पारिभाषिक शब्दों की उपलब्धता।
Key Points

  • विचार गोष्ठी का प्रमुख फोकस हिंदी भाषा को शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक समाविष्ट करने पर था, जिसमें विशेषकर विज्ञान और तकनीकी विषयों में पारिभाषिक शब्दावली की उपलब्धता को महत्वपूर्ण चुनौती के रूप में देखा गया।
  • विद्वानों ने इस समस्या के समाधान के तौर पर हिंदी में विशेषज्ञ शब्दावली के विकास और स्थापना पर जोर दिया।

Additional Information

अन्य विकल्पों की संक्षेप में व्याख्या:

  • स्थानीय भाषाओं का संरक्षण; भाषाई विविधता में संतुलन - इसमें स्थानीय भाषाओं के संरक्षण और भाषाई विविधता बनाए रखने के महत्व को समझाया जाता है।
  • अंग्रेजी भाषा की प्रधानता; गुणवत्ता में असमानता - इस विकल्प में शिक्षा में अंग्रेजी भाषा के प्रमुख किरदार और इसके परिणामस्वरूप गुणवत्ता में असमानताओं पर चर्चा की गई।
  • डिजिटल शिक्षा; तकनीकी पहुँच में विषमता - यह डिजिटल शिक्षा के विकास और इसे सभी तक पहुँचाने में आने वाली विषमताओं को संबोधित करता है।
UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 11

निम्न रचनाओं में से काव्यरूप के अनुसार प्रबंध काव्य है-

A. कीर्तिलता

B. खुमाणरासो

C. जयमयंक जस चंद्रिका

D. परमालरासो

E. विजयपालरासो

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए-

Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 11

सही उत्तर है- केवल A, B, C

  • उपर्युक्त रचनाओं में से काव्यरूप के अनुसार प्रबंध काव्य है-
    • A. कीर्तिलता
    • B. खुमाणरासो
    • C. जयमयंक जस चंद्रिका

Key Pointsकीर्तिलता -

  • रचनाकार- विद्यापति
  • विधा- प्रबंध काव्य
  • भाषा- अवहट्ट
  • समय- 14 वी शताब्दी
  • विषय वस्तु-
    • इसमे महाराज कीर्ति सिंह के वीर उदार जीवन का वर्णन किया गया है।

अन्य विकल्प-

  • खुमाणरासो-
    • रचनाकार- दलपत विजय
    • विधा- प्रबंध काव्य
    • भाषा- राजस्थानी हिंदी
    • समय- नवीं शताब्दी
    • विषय वस्तु-
      • इसमें नवीं शती के चित्तौड़ नरेश खुमाण के युद्धों का चित्रण है।
  • जयमयंक जस चंद्रिका-
    • रचनाकार- मधुकर कवि
    • विधा- प्रबंध काव्य
    • भाषा- राजस्थानी हिंदी
    • समय- 12 वी शताब्दी
    • विषय वस्तु-
      • जयचंद्र के शोर्य का वर्णन।

Important Points- परमालरासो-

  • रचनाकार- जगनिक
  • विधा- वीरगाथात्मक रासोकाव्य (आल्ह खंड)
  • समय- 12वीं शताब्दी
  • विषय वस्तु-
    • आल्ह खंड में महोबा के दो प्रसिद्ध वीरों आल्हा और ऊदल के वीर चरित का विस्तृत वर्णन किया गया था।

विजयपालरासो-

  • रचनाकार- नल्लसिंह भाट
  • विधा- वीरगीत
  • समय- 14 वीं शताब्दी
  • विषय वस्तु-
    • इस काव्य में राजा पंग और विजयपाल के बीच युद्ध का वर्णन है।
UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 12
प्रकाशन वर्ष के आधार पर 'गाँधी' पर लिखित जीवनियों का सही कालक्रम है
Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 12

प्रकाशन वर्ष के आधार पर 'गाँधी' पर लिखित जीवनियों का सही कालक्रम है- बापू, बापू की झाँकियाँ, बापू के कदमों में, अकाल पुरुष गाँधी

Key Points बापू-

  • रचनाकार- घनश्यामदास बिड़ला
  • प्रकाशन वर्ष- 1940 ई.

बापू की झाँकियाँ-

  • रचनाकार- दत्तात्रेय बालकृष्ण कालेलकर
  • प्रकाशन वर्ष-

बापू के कदमों में-

  • रचनाकार- डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
  • प्रकाशन वर्ष-

अकाल पुरुष गाँधी-

  • रचनाकार- जैनेन्द्र
  • प्रकाशन वर्ष- 1968 ई.

Important Points

जीवनी

  • जीवनी साहित्य की महत्वपूर्ण विधा है. किसी व्यक्ति के जीवन का चरित्र चित्रण करना अर्थात किसी व्यक्ति विशेष के सम्पूर्ण जीवन वृतांत को जीवनी कहते है. जीवनी का अंग्रेजी अर्थ “बायोग्राफी” हैI
  • .जीवनी के अनेक भेद होते जैसे आत्मीय जीवनी, लोकप्रिय जीवनी, ऐतिहासिक जीवनी, मनोवैज्ञानिक जीवनी, व्यक्तिगत जीवनी, कलात्मक जीवनी इत्यादिI
  • .बाबू गुलाबराय "जीवनी घटनाओ का अंकन नहीं वरन चित्रण है. वह साहित्य की विधा है और उसमे साहित्य और काव्य के सभी गुण है. वह एक मनुष्य के अंतर और बाहर स्वरूप का कलात्मक निरूपण हैI".
  • मुख्य जीवनियाँ-
    • घनश्यामदास बिङला(1940 ई.)- बापू
    • सुशीला नायर(1949 ई.)- बापू के कारावास की कहानी
    • रामचन्द्र वर्मा(1919 ई.)- महात्मा गाँधी
    • शिवरानी देवी(1944ई.)- प्रेमचन्द घर में
    • अमृत राय(1962 ई.) -कलम का सिपाही
    • मदन गोपाल(1964 ई.)- कलम का मजदूर
    • विष्णु प्रभाकर (1974 ई.)- आवारा मसीहा (शरत चन्द्र)
UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 13
निम्नलिखित में से 'रसज्ञरंजन' ग्रंथ के आचार्य कौन हैं ?
Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 13

'रसज्ञरंजन' ग्रंथ के आचार्य हैं- आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी

रसज्ञरंजन-

  • रचनाकार-महावीरप्रसाद द्विवेदी
  • विधा-निबंध
  • विषय-
    • रस का विश्लेषण किया गया है।

Key Pointsआचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी-

  • जन्म-1864-1938 ई.
  • निबंध-
    • संपत्तिशास्त्र
    • नाट्य-शास्त्र
    • भाषा और व्याकरण
    • कवि और कविता
    • आत्मनिवेदन आदि।

Important Pointsआचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी-

  • जन्म-1907-1979 ई.
  • निबंध-
    • अशोक के फूल(1948 ई.)
    • कल्पलता(1951 ई.)
    • विचार और वितर्क(1957 ई.)
    • कुटज(1964 ई.)
    • साहित्य सहचर(1965 ई.)
    • आलोक पर्व(1972 ई.) आदि।

आचार्य रामचंद्र शुक्ल-

  • जन्म-1884-1941 ई.
  • निबंध-
    • भाव या मनोविकार
    • श्रद्धा-भक्ति
    • लज्जा और ग्लानि
    • लोभ और प्रीति
    • कविता क्या है?
    • तुलसी का भक्तिमार्ग
    • काव्य में रहस्यवाद
    • काव्य में अभिव्यंजनावाद आदि।

आचार्य केशवदास-

  • जन्म-1555-1617 ई.
  • रचनाएँ-
    • रसिकप्रिया(1591 ई.)
    • कविप्रिया(1601 ई.)
    • रामचंद्रिका(1601 ई.)
    • रतनबावनी(1607 ई.)
    • वीरसिंहदेवचरित(1607 ई.)
    • विज्ञान गीता(1610 ई.) आदि।
UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 14

प्रकाशन वर्ष के अनुसार नाटकों का सही क्रम हैं?

A) जो राम रचि राखा

B) क्या मुझे खरीदोगे?

C) दुलहिन एक पहाड़ की

D) महाभोज

Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 14

प्रकाशन वर्ष के अनुसार नाटकों का सही क्रम हैं- C, A, D, B

  • (C) दुलहिन एक पहाड़ की
  • (A) जो राम रचि राखा
  • (D) महाभोज
  • (B) क्या मुझे खरीदोगे?

Key Pointsदुलहिन एक पहाड़ की-

  • रचनाकार- मृदुला गर्ग
  • विधा- नाटक
  • प्रकाशन वर्ष- 1969 ई.
  • विषय-
    • इसोबेल एन्ड्रयूज़ द्वारा लिखित 'ब्राइड फ्रॉम द हिल्स' पर आधरित तथा मृदुला गर्ग द्वारा अनुवादित हैं।
    • एक नयी दुल्हन और उसके द्वंद पर आधारित है, जो आजाद ख्याल, खुशमिजाज और नादान है।

जो राम रचि राखा-

  • रचनाकार- मृणाल पाण्डे
  • विधा- नाटक
  • प्रकाशन वर्ष- 1981 ई.
  • मुख्य पात्र- धन्नासेठ, मन्नासेठ आदि।
  • विषय-
    • यह नाटक विजयदान देथा की राजस्थानी लोककथा से अभनुप्रेरित एक सशक्त और सफाई के साथ तराशा हुआ उच्चस्तरीय व्यंग्य है।

महाभोज-

  • रचनाकार- मन्नू भंडारी
  • विधा- नाटक
  • प्रकाशन वर्ष- 1983 ई.
  • मुख्य पात्र- दा साहेब, सुकुल बाबू, अप्पा साहेब आदि।
  • विषय-
    • मन्नू भंडारी के उपन्यास महाभोज का ही नाट्य रूपान्तर है
    • इस नाटक में राजनीति स्वार्थ के लिए नैतिक पतन का चित्रण है।

क्या मुझे खरीदोगे?-

  • रचनाकार- मोहनदास नैमिशराय
  • विधा- नाटक
  • प्रकाशन वर्ष- 1990 ई.
  • मुख्य पात्र- सरिता, सागर आदि।
  • विषय-
    • महानगरीय बंबई परिवेश एवं वहाँ की संस्कृति को लेकर लिखा गया हैं।
    • इसमें महानगरीय परिवेश में भटकती नारी का संघर्ष, उसकी अस्मिता एवं मनोभावों को उजागर किया गया हैं।

Important Pointsमृदुला गर्ग-

  • जन्म-1938 ई.
  • हिंदी की सबसे लोकप्रिय लेखिकाओं में से एक हैं।
  • अन्य नाटक-
    • एक और अजनबी (1978 ई.)
    • जादू का कालीन (1993 ई.)
    • कितनी कैदें (1996 ई.)

मृणाल पाण्डे-

  • जन्म- 1946 ई.
  • भारत की एक पत्रकार, लेखक एवं भारतीय टेलीविजन की जानी-मानी हस्ती हैं।
  • हिन्दी दैनिक "हिन्दुस्तान" की सम्पादिका थीं।
  • अन्य नाटक-
    • आदमी जो मछुआरा नहीं था (1883 ई.)
    • मौजूदा हालत को देखते हुए (1979 ई.) ।

मन्नू भंडारी-

  • जन्म- 1931-2021 ई.
  • हिन्दी की सुप्रसिद्ध कहानीकार थीं।
  • अन्य नाटक-
    • बिना दीवारों का घर (1966 ई.)

मोहनदास नैमिशराय-

  • जन्म- 1949 ई.
  • यह दलित साहित्यकार एवं बयान के संपादक हैं।
  • अन्य नाटक-
    • अदालतनामा (1989 ई.)
    • हैलो कामरेड (2001 ई.)
UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 15
गाँधी, अंबेदकर और लोहिया : भारतीय इतिहास की समस्याएँ' का लेखक है -
Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 15

'गाँधी, अंबेदकर और लोहिया : भारतीय इतिहास की समस्याएँ' का लेखक है - रामविलास शर्माKey Pointsरामविलास शर्मा-

  • जन्म- 1912 - 2000 ईo
    • राम विलास शर्मा मार्क्सवादी समीक्षक हैं।
    • आधुनिक हिन्दी साहित्य के सुप्रसिद्ध आलोचक, निबंधकार, विचारक एवं कवि थे।
    • मुख्य रूप से साहित्य के आलोचक होते हुए भी उन्होंने भाषाविज्ञान, इतिहास तथा समाज एवं संस्कृति के सन्दर्भों में सुविस्तीर्ण लेखन किया है।
  • आलोचना ग्रंथ-
    • प्रगति और परंपरा (1949)
    • साहित्य और संस्कृति (1949)
    • भाषा, साहित्य और संस्कृति (1954)
    • प्रगतिशील साहित्य की समस्याएँ (1954)
    • लोक जीवन और साहित्य (1955)
    • आस्था और सौन्दर्य (1961)
    • परंपरा का मूल्यांकन (1981)
    • भाषा युग बोध और कविता (1981)
    • साहित्य : स्थायी मूल्य और मूल्यांकन (1968)
    • भारतेन्दु युग और हिन्दी भाषा की विकास परम्परा (1975)
    • विराम चिह्न (1985)

Important Pointsकँवल भारती-

  • जन्म- 1953 ई०
    • एक भारतीय दलित लेखक और स्तंभकार हैं।
  • रचना-
    • जाति का विनाश (2018)
    • बहुजन साहित्य के लिए मामला (2017)
    • चंद्रिका प्रसाद जिज्ञासु (2016)
    • कबीर एक विशलेषण (2015)
    • काशीराम के दो चेहरे (2013)
    • दलित विमर्श की भूमिका (2002)

मोहनदास नैमिशराय-

  • जन्म- 1949 ई०
    • सुपरिचित कवि-लेखक। दलित-संवेदना और सरोकारों के लिए उल्लेखनीय।
  • रचना-
    • ईश्वर की मौत
    • रात में डूबा लोकतंत्र और वे
    • सच यही है
    • शब्द
    • एक शव का बयान

मैनेजर पाण्डेय-

  • जन्म- 1941- 2022 ई०
    • हिन्दी में मार्क्सवादी आलोचना के प्रमुख हस्‍ताक्षरों में से एक हैं।
  • आलोचनात्मक कृतियाँ-
    • शब्द और कर्म (1981ई०)
    • साहित्य और इतिहास-दृष्टि (1981)
    • भक्ति आन्दोलन और सूरदास का काव्य (1982)
    • आलोचना की सामाजिकता (2005)
    • उपन्यास और लोकतंत्र (2013)
    • हिंदी कविता का अतीत और वर्तमान (2013)
    • आलोचना में सहमति-असहमति (2013)
    • भारतीय समाज में प्रतिरोध की परम्परा (2013)
UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 16
निम्नलिखित नाटकों का संगत वर्ग कौनसा है ?
Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 16

नाटकों का सही संगत वर्ग है-भारत दुर्दशा, स्कंदगुप्त, आगरा बाजार, अंजो दीदी

Key Points

Additional Information भारतेंदु हरिश्चंद्र-

  • जन्म-1850-1885ई.
  • भारतेंदु हरिश्चंद्र आधुनिक हिंदी के पितामह कहे जाते हैं।
  • प्रमुख रचनाएँ-
    • विद्यासुंदर-1868ई.
    • पाखंड विडंबन-1872ई.
    • वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति -1873ई.
    • सत्य हरिश्चन्द्र-1874ई.
    • विषस्य विषमौषधम्-1876ई.
    • भारत दुर्दशा-1880ई.
    • नीलदेवी-1881ई. आदि।

जयशंकर प्रसाद-

  • जन्म-1889-1937ई.
  • हिन्दी के कवि, नाटककार, कहानीकार, उपन्यासकार तथा निबन्ध-लेखक थे।
  • वे हिन्दी के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं।
  • प्रमुख रचनाएँ-
    • उर्वशी (चम्पू)-1909ई.
    • सज्जन-1910ई.
    • कल्याणी परिणय-1912ई.
    • प्रायश्चित्त-1914ई.
    • राज्यश्री-1915ई.
    • विशाख-1921ई.
    • अजातशत्रु-1922ई.
    • जनमेजय का नाग-यज्ञ-1926ई.
    • कामना-1927ई.
    • स्कन्दगुप्त विक्रमादित्य-1928ई.
    • एक घूँट-1930ई.
    • चन्द्रगुप्त-1931ई.
    • ध्रुवस्वामिनी-1933ई. आदि।

हबीब तनवीर-

  • जन्म-1923-2009ई.
  • हबीब तनवीर भारत के मशहूर पटकथा लेखक, नाट्य निर्देशक, कवि और अभिनेता थे।
  • उनकी प्रमुख कृतियों में आगरा बाजार चरणदास चोर शामिल है।
  • उन्होंने 1959 में दिल्ली में नया थियेटर कंपनी स्थापित किया था।
  • प्रमुख रचनाएँ-
    • आगरा बाज़ार-1954ई.
    • शतरंज के मोहरे-1954ई.
    • लाला शोहरत राय-1954ई.
    • मिट्टी की गाड़ी-1958 ई.
    • गाँव का नाम ससुराल मोर नाम दामाद-1973ई.
    • चरणदास चोर-1975ई.
    • द ब्रोकन ब्रिज-1995 ई.
    • ज़हरीली हवा-2002 ई.
    • राज रक्त-2006 ई. आदि।

उपेन्द्रनाथ अश्क-

  • जन्म-1910-1996 ई.
  • उपेन्द्र नाथ अश्क उर्दू एवं हिन्दी के प्रसिद्ध कथाकार तथा उपन्यासकार थे।
  • ये अपनी पुस्तक स्वयं ही प्रकाशित करते थे।
  • प्रमुख रचनाएँ-
    • लौटता हुआ दिन
    • बड़े खिलाड़ी
    • जय-पराजय
    • स्वर्ग की झलक
    • भँवर
    • अंजो दीदी आदि।
UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 17
कृष्ण चंदर कृत उपन्यास नहीं हैं-
Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 17

कृष्ण चंदर कृत उपन्यास नहीं हैं- यूकेलिप्ट्स की डाली

यूकेलिप्ट्स-

  • नीलगिरी (यूकेलिप्टस) मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया और तस्मानिया में पाया जाने वाला पौधा है।
  • इसके अलावा भारत, उत्तरी और दक्षिणी अफ्रीका और दक्षिणी यूरोप में भी नीलगिरी के पौधों की खेती की जाती है।
  • इसकी पत्तियों से प्राप्त होने वाले तेल का उपयोग औषधि और अन्य रूप में किया जाता है।

Key Pointsयूकेलिप्ट्स की डाली -

  • रचनाकार- कृष्ण चंदर
  • विधा- कहानी

Mistake Pointsमेरी यादों के किनारे-

  • रचनाकार- कृष्ण चंदर
  • विधा- उपन्यास

कागज की नाव-​​​

  • रचनाकार- कृष्ण चंदर
  • विधा- उपन्यास
  • मुख्य पात्र- एक दस रुपए का नोट
  • विषय-
    • इस उपन्यास में समाज के विभिन्न पक्षों के विभिन्न अंगों का चित्र बड़ी सरसता एवं स्पष्टता से खींचा है।

बावन पत्ते-

  • रचनाकार- कृष्ण चंदर
  • विधा- उपन्यास

Important Pointsकृष्ण चंदर -

  • जन्म-1914-1977 ई.
  • यह भारत के प्रसिद्ध कथाकार है।
  • अन्य उपन्यास :-
    • एक गधा नेफ़ा में
    • रेत का महल
    • यादों के चिनार
    • मिट्टी के सनम
    • चांदी का घाव दिल
    • आसमान रोशन है आदि।
  • अन्य कहानियाँ:-
    • नज्जारे
    • ज़िंदगी के मोड़ पर
    • टूटे हुए तारे
    • अन्नदाता
    • तीन गुंडे
    • समुन्दर दूर है आदि।
UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 18
जो पुराना है, अब वह लौटकर आ नहीं सकता। लेकिन नये ने पुराने का स्थान नहीं लिया।"- यह कथन किस रचना से संबंधित है?
Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 18
जो पुराना है, अब वह लौटकर आ नहीं सकता। लेकिन नये ने पुराने का स्थान नहीं लिया।"- यह कथन एक साहित्यिक की डायरी रचना से संबंधित है। Key Pointsएक साहित्यिक की डायरी -
  • रचनाकार - गजानन माधव मुक्तिबोध
  • विधा - स्तंभ लेखन
  • मुख्य - इसके अंतर्गत समय-समय पर मुक्तिबोध अनेक प्रश्नों पर विचार करने की छूट न केवल संपादक की ओर से बल्कि स्वयं की ओर से भी होती है
    • 'वसुधा' के पहले नागपुर के 'नया खून' साप्ताहिक में यह 'एक साहित्यिक की डायरी' स्तंभ के अंतर्गत
    • कभी अर्द्ध - साहित्यिक और कभी गैर - साहित्यिक विषयों पर छोटी-छोटी टिप्पणियां लिखा करते थे जो एक संकलन के रूप में प्रकाशित हुई
Important Pointsएक साहित्य की डायरी की विषय सूची-
  • तीसरा क्षण
  • एक लंबी कविता का अंत
  • डबरे पर सूरज का बिम्ब
  • हाशिये पर कुछ नोट्स
  • सड़क को लेकर एक बातचीत
  • एक मित्र की पत्नी का प्रश्न चिन्ह
  • नये की जन्म कुंडली : एक
  • नये की जन्म कुंडली : दो
  • वीरकर
  • विशिष्ट और अद्वितीय
  • कटुयान और काव्यसत्य
  • कलाकार की व्यक्तिगत ईमानदारी: एक
  • कलाकार की व्यक्तिगत ईमानदारी: दो
Additional Informationसंस्कृति और सौंदर्य-
  • रचनाकार - नामवर सिंह
  • प्रकाशन वर्ष - 1982 ई.
  • विधा - निबंध
  • मुख्य - यह निबंध 'दूसरी परंपरा की खोज'( 1982 ई.) संग्रह में संकलित है
    • इसका समर्पण हजारी प्रसाद द्विवेदी के नाम राशि और सम्मान धर्मा, फक्कड़, आधुनिक कबीर नागार्जुन को सतर पार करने पर है
आपहुदरी -
  • रचनाकार - रमणिका गुप्ता
  • प्रकाशन वर्ष - 2015 ई.
  • विधा - आत्मकथा
  • मुख्य - आपहुदरी एक जिद्दी लड़की की आत्मकथा है
    • सामंती परिवार में जन्मी रमणिका अपने जीवन के हर पन्ने को इसमें प्रस्तुत करने का प्रयास करती है
    • बचपन से लेकर धनबाद तक की यात्रा में उनके साहित्य, समाज सेवा और राजनीतिक संघर्षों को इस आत्मकथा में सच्चाई के साथ प्रस्तुत किया गया है
भोलाराम का जीव-
  • रचनाकार - हरिशंकर परसाई
  • विधा - व्यंग्य कहानी
  • मुख्य - यह व्यंग्य कहानी प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर चोट करती है
    • इसके प्रमुख चरित्र भोलाराम को रिटायर हुए 5 साल हो गए किंतु अनंत निवेदनों के बावजूद उसे पेंशन नहीं मिली क्योंकि उसने रिश्वत नहीं दी
    • कहानी इस व्यंग्य के साथ समाप्त होती है कि भोलाराम की मौत के बाद उसकी आत्मा अर्थात उसका जीव यमराज के पास ना जाकर पेंशन ऑफिस में छिपकर अपनी पेंशन का इंतजार करने लगता है
UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 19

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए-

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए-

Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 19

सही उत्तर- विकल्प- 3 (A-III, B-I, C-IV, D-II)Key Points

Important Pointsरमणिका गुप्ता-

  • जन्म- 1930 - 2019 ईo
  • उपन्यास-
    • सीता मौसी
  • आत्मकथा-
  • इनकी आत्मकथा के दो भाग हैं-
    • पहला भाग हादसे (2015) में प्रकाशित हुआ था
    • दूसरा भाग आपहुदरी ( 2015 ) में प्रकाशित हुआ।

हरिशंकर परसाई-

  • जन्म- 1924 - 1995 ईo
  • कहानी संग्रह-
    • हँसते हैं रोते हैं
    • जैसे उनके दिन फिरे
    • भोलाराम का जीव
    • दो नाकवाले लोग

राहुल सांकृत्यायन-

  • जन्म- 1893 - 1963 ईo
  • यात्रा साहित्य-
    • मेरी लद्दाख यात्रा (1926 ई.)
    • मेरी यूरोप यात्रा (1932 ई.)
    • मेरी तिब्बत यात्रा (1934 ई.)
    • यात्रा के पन्ने (1934-36 ई)
    • घुमक्कड़ शास्त्र (1949 ई.)
    • एशिया के दुर्गम खण्डों में (1956 ई.)

मन्नू भंडारी-

  • जन्म- 1931 - 1921 ईo
  • उपन्यास-
    • महाभोज (1979)
    • आपका बंटी (1971)
    • स्वामी (2003)
UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 20
साकेत के नवम सर्ग में उर्मिला किसको संबोधित करके 'मुझे फूल मत मारो' कहती है ?
Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 20

साकेत के नवम सर्ग में उर्मिला कामदेव को संबोधित करके 'मुझे फूल मत मारो' कहती है।
साकेत-

  • रचनाकार- मैथिलीशरण गुप्त
  • प्रकाशन वर्ष- 1931 ई.
  • विधा- महाकाव्य
  • विषय-
    • उर्मिला प्रधान चरित्र है।
    • उसका अपने पति लक्ष्मण से वियोग एवं वियोग में उसकी अधीरता का चित्रण है।
    • साकेत पालि का शब्द है जिसका अर्थ अयोध्या होता है।
    • रचना 12 सर्गों में विभक्त है।
    • नगेन्द्र ने इसे जनवादी काव्य कहा है।
  • साकेत लिखने की प्रेरणा इन्हें सन 1908 में सरस्वती पत्रिका में प्रकाशित महावीर प्रसाद द्विवेदी द्वारा छद्म नाम 'भुजंग भूषण भट्टाचार्य' से लिखे 'कवियों की उर्मिला विषयक उदासीनता' शीर्षक लेख से मिली।

Key Pointsमैथिलीशरण गुप्त-

  • जीवनकाल- 1886-1964 ई.
  • उपाधि -राष्ट्रकवि (गाँधी जी द्वारा)
  • ब्रजभाषा में रसिकेन्द्र नाम से कविता लिखते थे।
  • रचनाएँ-
    • रंग में भंग (1909
    • भारत भारती (1912)
    • किसान (1917)
    • पंचवटी (1925)
    • हिंदू (1927)
    • गुरुकुल (1929)
    • साकेत (1931)
    • यशोधरा (1932)
    • द्वापर (1936)
    • विष्णुप्रिया (1957)

Important Points

  • गुप्त जी के संबंध में रामचंद्र शुक्ल लिखा है-
    • "गुप्त जी वास्तव में सामंजस्यवादी कवि हैं, प्रतिक्रिया या प्रदर्शन करने वाले अथवा मध्य में झूमने(या झीमने) वाले कवि नहीं। सब प्रकार की उच्चता से प्रभावित होने वाला हृदय उन्हें प्राप्त है। प्राचीन के प्रति पूज्य भाव और नवीन के प्रति उत्साह दोनों इनमें है।"
  • साकेत की महत्वपूर्ण पंक्तियाँ-
    • "ब्रह्म की हैं चार जैसी स्फूर्तियाँ,
      ठीक वैसी चार माया-मूर्त्तियाँ,
      धन्य दशरथ-जनक-पुण्योत्कर्ष है;
      धन्य भगवद्भूमि-भारतवर्ष है!"
  • "जागरण है स्वप्न से अच्छा कहीं!"
  • "प्रेम में कुछ भी बुरा होता नहीं!"
UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 21

प्रकाशन वर्ष के अनुसार भीष्म साहनी के नाटकों का सही अनुक्रम हैः

Detailed Solution for UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 21

UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 22

प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम है-

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प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से प्रश्नांकित नाटकों का सही अनुक्रम इस प्रकार है-'नारद की वीणा'–लक्ष्मी नारायणमिश्र (1946 ई.), 'कोणार्क'-जगदीश चंद्र माथुर (1951ई.), 'अंधा कुआँ'-लक्ष्मी नारायण लाल (1955 ई.),‘बकरी'-सर्वेश्वर दयाल सक्सेना (1974 ई.).

UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 23

स्थापना A : राम की शक्ति पूजा में राम सत्य और न्याय के प्रतीक है जबकि रावण अन्याय और अत्याचार का।।

तर्क R : राम की शक्ति पूजा में कवि के व्यक्ति जीवन का सत्य भी मुखत हुआ है।

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A और R दोनों सही।

राम की शक्ति पूजा में कवि के व्यक्ति जीवन का सत्य भी मुखत हुआ है।राम की शक्ति पूजा में राम सत्य और न्याय के प्रतीक है जबकि रावण अन्याय और अत्याचार का।।

UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 24

भक्ति मार्ग को महत्व देने वाले महाराष्ट्र के प्रसिद्ध भक्त निम्न में से है -

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महाराष्ट्र के प्रसिद्ध भक्त नामदेव ने भक्ति मार्ग को महत्व दिया।

UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 25

प्रबल मनोभावों का सहज उच्छलन ही कविता है, किसकी काव्य परिभाषा है -

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वर्डसवर्थ के अनुसार प्रबल मनोभावों का सहज उच्छलन ही कविता है।

UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 26

धनवान और निर्धन के मध्य गललफहमी उत्पन्न होने का मुख्य कारण यह है कि-

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धनी व्यक्ति निर्धनों को रोजगार देने का प्रयास नहीं करते।

UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 27

परिश्रमी धनवान व्यक्ति भिखारी से चिढ़ता है, क्योंकि-

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वह भिक्षावृत्ति के अलावा कोई अन्य काम करने का प्रयास नहीं करता।

UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 28

‘देहाती दुनिया' के लेखक हैं-

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‘देहाती दुनिया' (1926 ई.) उपन्यास के लेखक | शिवपूजन सहाय है. यह आँचलिक उपन्यास है. इस उपन्यास के केन्द्र में बिहार का रामसहर नामक एक छोटा सा गाँव है जो अपनी निर्धनता, अज्ञान, रूढ़ियों और अंधविश्वासों की मार सहता हुआ चित्रित है. इसमें व्यंग्य और बिम्बों के मेल से बनी भाषा द्वारा चरित्रांकन की जो पद्धति अपनाई गई है वह उपन्यास की विशिष्ट पहचान है.

UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 29

“सारे देववृन्द से खिंचकर देवराज के नयन हजार, कामदेव पर बड़े चाव से आकर पड़े ही बार । पंक्तियों के रचयिता है?

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“सारे देववृन्द से खिंचकर देवराज के नयन हजार, कामदेव पर बड़े चाव से आकर पड़े ही बार के रचयिता महावीर प्रसाद है | महावीरप्रसाद द्विवेदी हिन्दी के पहले लेखक थे, जिन्होंने केवल अपनी जातीय परंपरा का गहन अध्ययन ही नहीं किया था, बल्कि उसे आलोचकीय दृष्टि से भी देखा था। उन्होने अनेक विधाओं में रचना की। कविता, कहानी, आलोचना, पुस्तक समीक्षा, अनुवाद, जीवनी आदि विधाओं के साथ उन्होंने अर्थशास्त्र, विज्ञान, इतिहास आदि अन्य अनुशासनों में न सिर्फ विपुल मात्रा में लिखा, बल्कि अन्य लेखकों को भी इस दिशा में लेखन के लिए प्रेरित किया। द्विवेदी जी केवल कविता, कहानी, आलोचना आदि को ही साहित्य मानने के विरुद्ध थे

UGC NET Paper 2 Hindi Mock Test - 1 - Question 30

निम्नलिखित काव्य ग्रंथों का प्रकाशन वर्ष के अनुसार सही क्रम है-

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प्रकृति के सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत की काव्य-कृतियों का प्रकाशन वर्ष के अनुसार सही क्रम है-‘युगांत'–प्रगतिवादी (1936 ई.), ‘स्वर्णधूलि'– अंतश्चेतनावादी (1947 ई.), ‘लोकायतन'- नवमानवता- वादी महाकाव्य (1964 ई.) ‘सत्यकाम'- खंडकाव्य (1975 ई.)

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