You can boost your Uttarakhand Police SI 2026 exam preparation with this Uttarakhand Police SI Paper 1 Mock Test - 9 (available with detailed solutions).. This mock test has been designed with the analysis of important topics, recent trends of the exam, and previous year questions of the last 3-years. All the questions have been designed to mirror the official pattern of Uttarakhand Police SI 2026 exam, helping you build speed, accuracy as per the actual exam.
Mock Test Highlights:
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‘सीताराम’ शब्द में निम्न में से कौन सा समास है ?
Detailed Solution: Question 1
Detailed Solution: Question 2
पुरुषवाचक सर्वनाम के कितने भेद होते हैं?
Detailed Solution: Question 3
'अंधे की लाठी' मुहावरों का सही अर्थ कौन-सा है?
Detailed Solution: Question 4
जहाँ जाना कठिन हो' वाक्यांश के लिए उपयुक्त शब्द क्या होगा?
Detailed Solution: Question 5
‘सम्राट’ शब्द का स्त्रीलिंग क्या होगा?
Detailed Solution: Question 6
निम्न में से किस शब्द की वर्तनी सही है?
Detailed Solution: Question 7
निर्देश: गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
पिछले रविवार को में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला देखने गया। यह प्रदर्शनी प्रगति मैदान में लगाई गई थी। इसे लघु उद्योग विभाग ने आयोजित किया थाl यहाँ पर लोगों की बहुत भीड़ थी। उन लोगों ने अच्छे परिधान धारण किये हुए थे। ये एक बड़े मेले जैसा दिखाई देता है। अधिकांश राज्यों ने अपने-अपने पवैलियन स्थापित किये थे। यहाँ पर हस्तशिल्प, होजरी और बने - बनाये वस्त्र, खेलों का सामान और प्लास्टिक के खिलोने थे। खाने की वस्तुओं के स्टालों पर बहुत अधिक भीड़ थी। बच्चों के लिए अप्पू घर विशेष आकर्षण का केंद्र था। मैंने यहाँ पर प्रसन्नतापूर्वक समय व्यतीत किया। यह प्रदर्शिनी दर्शाती थी कि ग्रामों के उत्थान से ही भारत एक विकसित देश बन सकता है।
Q. गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक क्या होगा ?
Detailed Solution: Question 8
निर्देश: गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
पिछले रविवार को में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला देखने गया। यह प्रदर्शनी प्रगति मैदान में लगाई गई थी। इसे लघु उद्योग विभाग ने आयोजित किया थाl यहाँ पर लोगों की बहुत भीड़ थी। उन लोगों ने अच्छे परिधान धारण किये हुए थे। ये एक बड़े मेले जैसा दिखाई देता है। अधिकांश राज्यों ने अपने-अपने पवैलियन स्थापित किये थे। यहाँ पर हस्तशिल्प, होजरी और बने - बनाये वस्त्र, खेलों का सामान और प्लास्टिक के खिलोने थे। खाने की वस्तुओं के स्टालों पर बहुत अधिक भीड़ थी। बच्चों के लिए अप्पू घर विशेष आकर्षण का केंद्र था। मैंने यहाँ पर प्रसन्नतापूर्वक समय व्यतीत किया। यह प्रदर्शिनी दर्शाती थी कि ग्रामों के उत्थान से ही भारत एक विकसित देश बन सकता है।
Q. प्रदर्शनी क्या दर्शाती है ?
Detailed Solution: Question 9
निर्देश: गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
पिछले रविवार को में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला देखने गया। यह प्रदर्शनी प्रगति मैदान में लगाई गई थी। इसे लघु उद्योग विभाग ने आयोजित किया थाl यहाँ पर लोगों की बहुत भीड़ थी। उन लोगों ने अच्छे परिधान धारण किये हुए थे। ये एक बड़े मेले जैसा दिखाई देता है। अधिकांश राज्यों ने अपने-अपने पवैलियन स्थापित किये थे। यहाँ पर हस्तशिल्प, होजरी और बने - बनाये वस्त्र, खेलों का सामान और प्लास्टिक के खिलोने थे। खाने की वस्तुओं के स्टालों पर बहुत अधिक भीड़ थी। बच्चों के लिए अप्पू घर विशेष आकर्षण का केंद्र था। मैंने यहाँ पर प्रसन्नतापूर्वक समय व्यतीत किया। यह प्रदर्शिनी दर्शाती थी कि ग्रामों के उत्थान से ही भारत एक विकसित देश बन सकता है।
Q. गद्यांश के अनुसार लेखक कहाँ गया था ?
Detailed Solution: Question 10
Detailed Solution: Question 11
Detailed Solution: Question 12
Detailed Solution: Question 13
Detailed Solution: Question 14
जिसे जाना ना जा सके वाक्यांश के लिए एक शब्द है-
Detailed Solution: Question 15
दिए गए शब्दों में से स्त्रीलिंग शब्द है:-
Detailed Solution: Question 16
Detailed Solution: Question 17
यों तो पश्चिम की युवा संस्कृतियों में पले हुए लोग प्राय: पूर्व की प्राचीन संस्कृतियों की चर्चा करते हुए 'संस्कृति के भार' की चर्चा किया करते हैं - बहुत लंबी सांस्कृतिक परंपरा का एक बोझ उस परंपरा में रहने वालों पर हो जाता है, जिससे वह समकालीन प्रत्येक प्रवृत्ति या घटना को सुदूर अतीत को कसौटी पर परखने लगते हैं, सामने न देख कर पीछे देखते हैं और एक प्रकार के नियतिवादी हो जाते हैं। भारत के बारे में और इसी प्रकार मिश्र आदि के बारे में पाश्चात्य अध्येताओं ने ऐसे विचार प्रकट किए हैं लेकिन अगर कुछ सहस्त्र वर्षों की सांस्कृतिक परंपरा का ही इतना बोझ हो सकता है, तो कल्पना कीजिए उस बोझ का, जो ब्रह्मा के एक युग की उद्भावना करने से पड़ता होगा। यद्यपि यह हम कह चुके कि ब्रह्मा का युग हमारी उद्भावना की पकड़ से बाहर की चीज़ है- वह काल्पनिक यथार्थता भी नहीं हो सकती।
उपर्युक्त गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
Q. इनमें से ‘परंपरा’ का अर्थ क्या नहीं है?
Detailed Solution: Question 18
यों तो पश्चिम की युवा संस्कृतियों में पले हुए लोग प्राय: पूर्व की प्राचीन संस्कृतियों की चर्चा करते हुए 'संस्कृति के भार' की चर्चा किया करते हैं - बहुत लंबी सांस्कृतिक परंपरा का एक बोझ उस परंपरा में रहने वालों पर हो जाता है, जिससे वह समकालीन प्रत्येक प्रवृत्ति या घटना को सुदूर अतीत को कसौटी पर परखने लगते हैं, सामने न देख कर पीछे देखते हैं और एक प्रकार के नियतिवादी हो जाते हैं। भारत के बारे में और इसी प्रकार मिश्र आदि के बारे में पाश्चात्य अध्येताओं ने ऐसे विचार प्रकट किए हैं लेकिन अगर कुछ सहस्त्र वर्षों की सांस्कृतिक परंपरा का ही इतना बोझ हो सकता है, तो कल्पना कीजिए उस बोझ का, जो ब्रह्मा के एक युग की उद्भावना करने से पड़ता होगा। यद्यपि यह हम कह चुके कि ब्रह्मा का युग हमारी उद्भावना की पकड़ से बाहर की चीज़ है- वह काल्पनिक यथार्थता भी नहीं हो सकती।
उपर्युक्त गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
Q. ‘प्रवृत्ति’ का अर्थ क्या है?
Detailed Solution: Question 19
यों तो पश्चिम की युवा संस्कृतियों में पले हुए लोग प्राय: पूर्व की प्राचीन संस्कृतियों की चर्चा करते हुए 'संस्कृति के भार' की चर्चा किया करते हैं - बहुत लंबी सांस्कृतिक परंपरा का एक बोझ उस परंपरा में रहने वालों पर हो जाता है, जिससे वह समकालीन प्रत्येक प्रवृत्ति या घटना को सुदूर अतीत को कसौटी पर परखने लगते हैं, सामने न देख कर पीछे देखते हैं और एक प्रकार के नियतिवादी हो जाते हैं। भारत के बारे में और इसी प्रकार मिश्र आदि के बारे में पाश्चात्य अध्येताओं ने ऐसे विचार प्रकट किए हैं लेकिन अगर कुछ सहस्त्र वर्षों की सांस्कृतिक परंपरा का ही इतना बोझ हो सकता है, तो कल्पना कीजिए उस बोझ का, जो ब्रह्मा के एक युग की उद्भावना करने से पड़ता होगा। यद्यपि यह हम कह चुके कि ब्रह्मा का युग हमारी उद्भावना की पकड़ से बाहर की चीज़ है- वह काल्पनिक यथार्थता भी नहीं हो सकती।
उपर्युक्त गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
Q. गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?
Detailed Solution: Question 20
‘पीयूष राम को पीट रहा है’, इसमें स्थूलांकित शब्द में कौन-सा कारक है?
Detailed Solution: Question 21
Detailed Solution: Question 22
निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प द्रव्यवाचक संज्ञा है?
Detailed Solution: Question 23
Detailed Solution: Question 24
‘कलियुग’ का विपरीतार्थक शब्द क्या है?
Detailed Solution: Question 25
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द 'अग्नि' का पर्यायवाची नहीं है?
Detailed Solution: Question 26
'इति-ईति' शब्द युग्म का अर्थ क्या है?
Detailed Solution: Question 27
निम्नलिखित विकल्पो मे विसर्ग संधि का उदाहरण है:
Detailed Solution: Question 28
निर्देश: गद्यांश पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि यूरोप की सभ्यता सर्वथा तिरस्कार की वस्तु नहीं; क्योंकि मैं भी उस ईश्वर में विश्वास करना नही चाहता जो मरने के बाद मुझो शांति तो दे सकता है, किंतु जीवन में मुझे रोटी नहीं दे सकता। स्पष्ट ही, स्वामी विवेकानंद भारतीय अध्यात्म का संबंध उस वस्तु के साथ जोड़ना चाहते थे जो हमारे पास नहीं थी-जो शायद, हमारे पूर्वजों के पास भी नहीं थी। उन्होंने धर्म की गोद में ऊँघते हुए भारतवर्ष को जगाने के लिए शंखनाद किया और कहा, कि तुम्हें जीवन में स्पंदन भरे वाली प्रेरणा की जरूरत है; तुम्हें शक्ति का वह विद्युत् प्रवाह चाहिए जिससे धरती जवान रहती है और जिससे यूरोप के अंग-अंग में चेतना और स्वास्थ्य का सोंदर्य छलक रहा है।
Q. विवेकानंद ने किसके विद्युत् प्रवाह की वकालत की?
Detailed Solution: Question 29
निर्देश: गद्यांश पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि यूरोप की सभ्यता सर्वथा तिरस्कार की वस्तु नहीं; क्योंकि मैं भी उस ईश्वर में विश्वास करना नही चाहता जो मरने के बाद मुझो शांति तो दे सकता है, किंतु जीवन में मुझे रोटी नहीं दे सकता। स्पष्ट ही, स्वामी विवेकानंद भारतीय अध्यात्म का संबंध उस वस्तु के साथ जोड़ना चाहते थे जो हमारे पास नहीं थी-जो शायद, हमारे पूर्वजों के पास भी नहीं थी। उन्होंने धर्म की गोद में ऊँघते हुए भारतवर्ष को जगाने के लिए शंखनाद किया और कहा, कि तुम्हें जीवन में स्पंदन भरे वाली प्रेरणा की जरूरत है; तुम्हें शक्ति का वह विद्युत् प्रवाह चाहिए जिससे धरती जवान रहती है और जिससे यूरोप के अंग-अंग में चेतना और स्वास्थ्य का सोंदर्य छलक रहा है।
Q. ‘स्पंदन’ का अर्थ क्या है?
Detailed Solution: Question 30