Test: Electrical Machines- 3 (Hindi)


20 Questions MCQ Test Mock Test Series for SSC JE Electrical Engineering (Hindi) | Test: Electrical Machines- 3 (Hindi)


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Attempt Test: Electrical Machines- 3 (Hindi) | 20 questions in 12 minutes | Mock test for Electrical Engineering (EE) preparation | Free important questions MCQ to study Mock Test Series for SSC JE Electrical Engineering (Hindi) for Electrical Engineering (EE) Exam | Download free PDF with solutions
QUESTION: 1

एक जनरेटर में गतिशील रूप से प्रेरित इ.एम.एफ. का उत्पादन किसके अनुसार किया जाता है?

Solution:

विद्युतीय जनरेटर एक ऐसा यंत्र होता है जो यंत्रिक ऊर्जा को विद्युतीय ऊर्जा में बदलता है। यह गतिशील रूप से प्रेरित इ.एम.एफ के उत्पादन के सिद्धांत पर आधारित होता है।

फैराडे के विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के नियमों के अनुसार, जब भी एक चालक चुंबकीय फ्लक्स में कटौती करता है, तो गतिशील रूप से प्रेरित इ.एम.एफ इसका उत्पादन होता है। यह इ.एम.एफ विद्युत धारा के चालक में प्रवाहित होने का कारण होता है यदि परिपथ बंद होता है।

QUESTION: 2

एक शंट जनरेटर के आर्मेचर में प्रेरित इ.एम.एफ. 500 वोल्ट है। आर्मेचर प्रतिरोध 0.2 Ω है। यदि आर्मेचर विद्युत धारा 200 एम्पियर है, तो टर्मिनल वोल्टेज क्या है?

Solution:

दिया गया है कि, Eg = 500 वोल्ट, Ra = 0.2 Ω, Ia = 200 एम्पियर

QUESTION: 3

चार ध्रुवों की स्थिति में लैप कुंडलित मशीन, यदि प्रत्येक ध्रुव के तहत वायु अंतराल समान होता है, तो परिणाम क्या होगा?

Solution:

लैप कुंडलित की स्थिति में समानांतर पथों की संख्या (A) = ध्रुवों की संख्या (P) 

प्रत्येक पथ में विद्युत धारा समान होगी।

टर्मिनल वोल्टेज तरंग कुंडलित मशीन में उच्च होगा।

लैप कुंडलित मशीन में हिस्टैरिसीस हानि कम होगी जबकि भंवर धारा हानि तरंग कुंडलित मशीन में कम होगी।

QUESTION: 4

दिष्ट धारा जेनेरटर में आर्मेचर प्रतिक्रिया किसके द्वारा उत्पन्न होती है?

Solution:

दिष्ट धारा जेनेरटर में कार्य करने वाले दो प्रकार के चुंबकीय फ्लक्स होते हैं।

1. मुख्य फ्लक्स नामक स्टेटर ध्रुवों के कारण उत्पादित प्रवाह

2. आर्मेचर में प्रवाहित होने वाले विद्युत धारा के कारण से उत्पन्न फ्लक्स को आर्मेचर फ्लक्स कहा जाता है

यह आर्मेचर फ्लक्स कमजोर होता है और मुख्य फ्लक्स को विकृत करता है। इस प्रकार डीसी जनरेटर में समग्र प्रभावी फ्लक्स कम हो जाता है। मुख्य क्षेत्र फ्लक्स पर आर्मेचर फ्लक्स के इस परस्पर प्रक्रिया को आर्मेचर प्रतिक्रिया के रूप में जाना जाता है।

QUESTION: 5

निम्न में से कौन-सी विशेषता प्रत्यावर्ती धारा मोटर की तुलना में दिष्ट धारा मोटर की विशेषताओं में आवश्यक नहीं है?

Solution:

दिष्ट धारा मोटर की विशेषताएं इस प्रकार हैं:

1. उच्च प्रारंभिक बलाघूर्ण

2. त्वरित प्रारम्भ होना और रुकना, प्रतिक्रम्य

3. इनपुट वोल्टेज के साथ चर गति और वे प्रत्यावर्ती धारा की तुलना में नियंत्रित करने में आसान होते हैं।

QUESTION: 6

कौन-से दिष्ट धारा मोटर को अधिकतम स्व-लोडिंग गुण प्राप्त होता है?

Solution:

भार के अधिकतम मान पर विभेदक यौगिक दिष्ट धारा मोटर में फ्लक्स, भार में छोटी वृद्धि पर भी तेजी से कम होता है। यह सलाह दी जाती है, कि मोटर का प्रयोग कुछ भार मान के नीचे नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह स्वयं को स्वःलोडिंग द्वारा नुकसान पंहुचा सकता है।

QUESTION: 7

बिना किसी भार का प्राथमिक इनपुट लगभग किसके बराबर होता है?

Solution:

जब ट्रांसफार्मर बिना किसी भार के संचालित होता है, इसकी द्वितीयक कुंडली में खुला परिपथन होता है या द्वितीयक कुंडली में कोई भार जुड़ा नहीं होता है और इसलिए कोई विद्युत धारा इसके माध्यम से प्रवाहित नहीं होती है। 

जब हम एक प्राथमिक इनपुट वोल्टेज लागू करते हैं, तो प्राथमिक कुंडली में उत्पन्न विद्युत धारा कोर हानि की आपूर्ति करेगी (ओमिक नुकसान लगभग नगण्य होता है) और कोर में चुम्बकत्व उत्पन्न होगा जो कोर हानि उत्पन्न करेगा। यह विद्युत धारा का परिमाण बहुत कम होगा क्योंकि, यह प्राथमिक कुंडली में पश्चगामी इ.एम.एफ. उत्पन्न करता है।

QUESTION: 8

वर्धक ट्रांसफार्मर का प्रयोग क्यों किया जाता है?

Solution:

वांछित मान पर वोल्टेज बढ़ाने के लिए वर्धक ट्रांसफॉर्मर का उपयोग विद्युत् लाइन के छोर की ओर किया जाता है। इसका उपयोग मुख्य ट्रांसफार्मर से दूर एक बिंदु पर फीडर के वोल्टेज को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

वर्धक ट्रांसफॉर्मर का द्वितीयक लाइन के साथ श्रृंखला में जुड़ा हुआ होता है, और इसके प्राथमिक विनियमन ट्रांसफार्मर के माध्यम से आपूर्ति की जाती है।

स्ट्रे विद्युत धारा के प्रवाह को खत्म करने के लिए वर्धक ट्रांसफॉर्मर का उपयोग रेलवे में किया जाता है। स्ट्रे विद्युत धारा संचार प्रणाली को भंग करता है और उनके माध्यम से गुजरने वाली ट्रेनों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाता है।

QUESTION: 9

एक वास्तविक ट्रांसफार्मर में रिसाव फ्लक्स न्यूनतम कैसे किया जाता है?

Solution:

हम एक ट्रांसफार्मर में रिसाव प्रवाह निम्न विधियों द्वारा कम कर सकते हैं:

1) चुंबकीय विद्युत धारा को न्यूनतम तक कम करने के द्वारा

2) लौह कोर के प्रतिष्टम्भ को न्यूनतम तक कम करने के द्वारा

3) प्राथमिक और द्वितीयक कुंडली की संख्या को न्यूनतम तक कम करने के द्वारा

4) प्राथमिक और द्वितीयक वाइंडिंग के अंतर्मेलन और विभाजन के द्वारा

QUESTION: 10

ट्रांसफार्मर पर कौन सा परिक्षण विनियमन दक्षता और भार स्थिति के तहत तापन के बारे में जानकारी प्रदान करता है?

Solution:

ट्रांसफार्मर का क्रमशः परिक्षण ट्रांसफार्मर की दक्षता, वोल्टेज विनियमन और भारित स्थिति के तहत तापन निर्धारित करने की विधि है, इस विधि में दो समरूप ट्रांसफार्मर एक के बाद एक इस तरीके से जुड़े हुए होते हैं, जिससे उनके प्राथमिक, समान वोल्टेज स्रोत से समानांतर में और द्वितीयक श्रृंखला में जुड़े हुए होते हैं, इसलिए एक ट्रांसफार्मर दूसरे पर भारित है।

ट्रांसफार्मर पर लघु परिपथन और खुला परिपथन परिक्षण ट्रांसफार्मर के समकक्ष परिपथ का मापदंड दे सकता है, लेकिन वे तापन जानकारी को ज्ञात करने में मदद नहीं कर सकते हैं।

QUESTION: 11

तुल्याकलिक जनरेटर प्रतिघाती शक्ति को _______ कर सकता है।

Solution:

तुल्याकलिक मोटर की प्रतिघाती शक्ति इस प्रकार दी गई है,

1) जब EfV = cosδ होता है, तो जनरेटर एकल शक्ति गुणांक स्थिति के तहत कार्य करता है 

2) जब EfV > cosδ है, तो प्रतिघाती शक्ति धनात्मक होगी अर्थात जनरेटर प्रतिघाती शक्ति की आपूर्ति करता है

3) जब EfV < cosδ है, तो प्रतिघाती शक्ति ऋणात्मक होगी अर्थात जनरेटर प्रतिघाती शक्ति अवशोषित करता है

QUESTION: 12

एक आवर्तित्र की परिधीय गति को कम करने के लिए रोटर का व्यास क्या होता है?

Solution:

परिधीय गति, परिधी पर गति या रोटर की परिधि को दर्शाता है। परिधीय गति परिधि और गति के गुणनफल द्वारा दी जाती है।

Ps = π × D × RPM

परिधीय गति, गति के साथ साथ रोटर के व्यास पर भी निर्भर करती है।

इसलिए, एक आवर्तित्र की परिधीय गति को कम करने के लिए, हमें रोटर के व्यास और अक्षीय लम्बाई को कम करने की आवश्यकता होती है।

QUESTION: 13

कथन "जनरेटर सुसंगत होते हैं", का अर्थ क्या है?

Solution:

"जनरेटर सुसंगत होते हैं" का अर्थ है कि सभी जनरेटर सामान्य बस से समानांतर में जुड़े होते हैं और समान आवृत्ति पर दोलन करते हैं

जब दो आवर्तित्र समानांतर में जुड़े होते हैं, तो उनकी आवृत्ति, टर्मिनल वोल्टेज और फेज कोण को बस बार के आवृत्ति, टर्मिनल वोल्टेज और फेज के बराबर होना चाहिए।

QUESTION: 14

एक 3 -फेज प्रेरण मोटर जब शुरू होता है, पूर्ण गति प्राप्त करता है लेकिन सामान्य गति के लगभग आधे हिस्से में स्थिरता से चलता है। तो यह किसके कारण होता है?

Solution:

एक 3 -फेज प्रेरण मोटर जब शुरू होता है, पूर्ण गति प्राप्त करता है लेकिन सामान्य गति के लगभग आधे हिस्से में स्थिरता से चलता है। यह आपूर्ति वोल्टेज की गैर-ज्यावक्रीय प्रकृति के कारण होता है।

QUESTION: 15

सर्पी रिंग और ब्रश किसमें पाया जाता है?

Solution:

स्क्विरल केज प्रकार के रोटर में, रोटर बार को रिंग के छोर में स्थायी रूप से लघु पथन कर दिया जाता है। इसलिए सर्पी रिंग और ब्रश इन प्रकार के रोटर में मौजूद नहीं होता है।

सर्पी रिंग और ब्रश कुंडलित प्रकार के रोटर में मौजूद होते हैं।

QUESTION: 16

एक प्रेरण मोटर के लिए बलाघूर्ण किसके गुणनफल के समानुपाती है?

Solution:

प्रेरण मोटर का बलाघूर्ण इस प्रकार है,

T∝ϕI2cosϕ2

जहाँ ϕ फ्लक्स है

I2 ठहराव स्थिति पर रोटर विद्युत धारा है

ϕ2 रोटर इ.एम.एफ. और रोटर विद्युत धारा के बीच का कोण है

QUESTION: 17

यदि प्रेरण मोटर को तीन गुना हार्मोनिक्स दिया जाता है तो क्या होता है?

Solution:

जब एक ज्यावक्रीय इनपुट विद्युतीय परिपथ में लागू किया जाता है, तो आउटपुट तरंग रूप में विरूपित हो जाता है। यह विरूपित तरंग विद्युतीय परिपथ के गैर रैखिक गुणों के कारण होता है। उन विरूपित तरंग को हार्मोनिक कहा जाता है। मौलिक के तीन गुने घटक को तीसरे हार्मोनिक्स के रूप में जाना जाता है। सामान्यतौर पर सभी तीसरे हार्मोनिक्स सभी चरणों में समान होते हैं।

जब इन हार्मोनिक्स को प्रेरण मोटर पर लागू किया जाता है, तो यह शुरू हो जाएगा क्योंकि घूर्णित चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न नहीं होगा।

QUESTION: 18

निम्नलिखित में से कौन एक तुल्यकालिक संघनक के लिए सत्य है?

Solution:

तुल्याकलिक संघनक एक अति-उत्तेजित तुल्याकलिक मोटर होता है जो अग्र शक्ति गुणांक के साथ बिना किसी भार पर संचालित होता है।

रेखा प्रेरकत्व द्वारा कारण पश्चगामी धाराओं की भरपाई करने के लिए लाइन के साथ तुल्याकलिक संघनक के साथ लंबी शक्ति संचरण लाइनों की दक्षता में वृद्धि की जा सकती है।

यदि शक्ति गुणांक प्रतिघाती गुणांक को अवशोषित करने वाले तुल्याकलिक संघनक द्वारा एकल के करीब लाया जाता है तो एक निश्चित आकार रेखा के माध्यम से अधिक वास्तविक शक्ति प्रसारित की जा सकती है।

एक क्षणिक आधार पर प्रतिघाती शक्ति को अवशोषित या उत्पन्न करने के लिए तुल्याकलिक संघनक के क्षमता के लघु परिपथन और अन्य क्षणिक गलतियों की स्थिति के विरुद्ध शक्ति ग्रिड को स्थिर करती है।

QUESTION: 19

निम्नलिखित में से कौन-सा एक गैर-उत्तेजित एकल चरण तुल्यकालिक मोटर है?

Solution:

गैर-उत्तेजित एकल चरण तुल्यकालिक मोटर निरंतर गति पर घूमती हुई फ्लक्स की तुल्यकालिक गति के बराबर होती है। उन्हें उनके रोटर के लिए दिष्ट धारा उत्तेजना की आवश्यकता नहीं होती है।

प्रतिष्टम्भ मोटर और हिस्ट्रेसिस मोटर गैर-उत्तेजित एकल चरण तुल्यकालिक मोटर हैं।

QUESTION: 20

सर्वो मोटर का सामान्य प्रकार सामान्य प्रेरण मोटर से अलग होता है क्योंकि इसमें क्या होता है?

Solution:

सर्वो मोटर और प्रेरण मोटर के बीच अंतर इस प्रकार हैं:

1) सर्वो मोटर बंद लूप प्रणाली है जहां प्रेरण मोटर एक खुली लूप प्रणाली है

2) एक प्रेरण मोटर में उच्च जड़त्व होता है और सर्वो मोटर में बहुत कम जड़त्व होता है। इसलिए सर्वो मोटर का उपयोग उन अनुप्रयोगों में किया जाता है जहां लोड की तत्काल और सटीक स्थिति की आवश्यकता होती है

3) प्रेरण मोटर की तुलना में सर्वो मोटर में उच्च रोटर प्रतिरोध और कम बिजली रेटिंग होती है

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