Test: Thermodynamics - 1


20 Questions MCQ Test Mock Test Series for SSC JE Mechanical Engineering (Hindi) | Test: Thermodynamics - 1


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Attempt Test: Thermodynamics - 1 | 20 questions in 12 minutes | Mock test for Mechanical Engineering preparation | Free important questions MCQ to study Mock Test Series for SSC JE Mechanical Engineering (Hindi) for Mechanical Engineering Exam | Download free PDF with solutions
QUESTION: 1

एक उष्मागतिकी चक्र चार प्रक्रियाओं से बना होता है।

प्रत्येक प्रक्रिया में जोड़ा गया ताप और किया गया कार्य निम्नानुसार हैं:

चक्र की तापीय दक्षता ज्ञात कीजिए?

Solution:

तापीय दक्षता को इस प्रकार परिभाषित किया जाता है

जहाँ Q2 प्रणाली से अस्वीकृत ताप है और Q1 प्रणाली में जोड़ा गया ताप है।

यहाँ, Q2 = 50 J

Q1 = 80 J

QUESTION: 2

एक उष्माशय का तापमान 927 डिग्री सेल्सियस पर बनाए रखा गया है। यदि परिवेश का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस है, तो उष्माशय से प्राप्त ताप की उपलब्धता की सीमा निम्न में से क्या होगी?

Solution:

उपलब्धता, सबसे अधिक उपयोगी कार्य है जिसे दो उष्माशयों के बीच कार्य कर रही प्रणाली से निकाला जा सकता है।

ताप की उपलब्धता  

QUESTION: 3

निम्नलिखित में से कौन सा उपकरण ऊष्मप्रवैगिकी के द्वितीय सिद्धांत के क्लौसियस कथन का अनुपालन करता है?

Solution:

क्लौसियस का कथन: कोई भी उपकरण ऐसा नहीं होता है, जो किसी चक्र पर संचालित हो कर ऐसा प्रभाव उत्पन्न करे जो पूर्ण रूप से ताप को, निम्न तापमान वाली वस्तु से उच्च तापमान वाली वस्तु तक हस्तांतरित करता है।

क्लौसियस का कथन रेफ्रिजरेटर और ताप पंप से संबंधित है, जबकि गैस टरबाइन, ब्रैटन चक्र के सिद्धांत पर कार्य करता है।

QUESTION: 4

दो प्रतिवर्ती इंजन ताप स्रोत और सिंक के बीच श्रेणी में जुड़े हुए हैं। इन इंजनों की दक्षता क्रमशः 60% और 50% है। यदि इन दो इंजनों को एक एकल प्रतिवर्ती इंजन द्वारा प्रतिस्थापित किया जाता है, तो इस इंजन की दक्षता निम्न में से क्या होगी?

Solution:

हम इंजन 1 को 1 किलोजूल के ताप की आपूर्ति करते हैं और इंजन 1 का खारिज ताप इंजन 2 में जाएगा।

अब, यदि दोनों इंजनों को एकल इंजन द्वारा प्रतिस्थापित किया जाता है। इसलिए,

 

∴ नए इंजन की दक्षता = 1−0.2/1=0.8=80%

लघु समाधान: -

ηoverall = η1 + η2 - η1η2

= 0.6 + 0.5 - 0.6 × 0.5 = 0.8 = 80%

QUESTION: 5

0 K पर पानी की कल्पित एंट्रोपी निम्न में से क्या होगी?

Solution:

परम शून्य (0 K) एक ऐसी अवस्था है, जिस पर, एक प्रणाली की पूर्ण ऊष्मा और एंट्रोपी न्यूनतम मान तक पहुंच जाती है, जिसे 0 के रूप में लिया जाता है।

गणितीय शब्द में,

S = k ln W

जहाँ, S एंट्रोपी है

k बोल्ट्समान नियतांक है

W उष्मागतिकी प्रायिकता है

जब W = 1 होता है, तब यह सबसे बड़ी श्रेणी, S = 0 को दर्शाता है। यह केवल T= 0 पर होता है।

इस कथन को उष्मागतिकी के तीसरे सिद्धांत के रूप में भी जाना जाता है।

QUESTION: 6

कार्यात्मक द्रव में प्रतिवर्ती रूप से ताप की आपूर्ति होने पर कार्यरत प्रणाली की विशेषता में बदलाव ________ कहलाता है।

Solution:

एंट्रोपी एक ऐसी विशेषता है जो एक प्रणाली या अपरिवर्तनीयता में ऊर्जा के फैलाव का एक माप है। एंट्रोपी हस्तांतरण ताप हस्तांतरण से जुड़ा हुआ है। यदि प्रणाली में ताप को जोड़ा जाता है, तो इसकी एंट्रोपी बढ़ जाती है और यदि प्रणाली से ताप लुप्त हो जाता है, तो इसकी एंट्रोपी कम हो जाती है।

QUESTION: 7

दो ऊष्मा इंजन तापमान 2000 K व T K और T K व 500 K के बीच संचालन करता है। यदि दोनों चक्रों की दक्षता समान है, तो मध्यवर्ती तापमान क्या होगा?

Solution:

पहले इंजन की दक्षता(E1),
दुसरे इंजन की दक्षता (EL), 
 

जैसे कि, दोनों इंजन की दक्षता सामान है,

इसलिए, η1 = η2

लघु समाधान:

जब दोनों इंजन की दक्षता समान है, तो मध्यवर्ती तापमान निम्न प्रकार से होगा:

QUESTION: 8

एक कर्नोट इंजन 50% की दक्षता के साथ कार्य करता है। यदि चक्र को उल्टा करने के बाद चक्र ताप पंप में परवर्तित हो जाता है, तो ताप पंप का निष्पादन गुणांक क्या होगा?

Solution:

कार्नोट इंजन की दक्षता (ηE) = 50%

निष्पादन गुणांक 

TH से विभाजित होने पर

निष्पादन गुणांक 

निष्पादन गुणांक 

लघु समाधान:

यदि एक कार्नोट इंजन दो तापमान सीमा के बीच कार्यरत है, जब वह ताप पंप में परिवर्तित होता है तब निष्पादन गुणांक

QUESTION: 9

एक अविष्कारक कहता है कि, उसके द्वारा अविष्कृत नया इंजन स्त्रोत से अवशोषित ऊष्मा में से 20% ऊष्मा निष्काषित करता है और इंजन 2000 K और 500 K के बीच परिचालन करता है। तो यह किस प्रकार का इंजन है?

Solution:

T1 = 2000 K

T2 = 500 K

कार्नोट दक्षता: 

अतः, वास्तविक दक्षता कार्नोट दक्षता से अधिक है, इसलिए यह इंजन में एक असंभव चक्र है।

QUESTION: 10

एक चक्रीय प्रक्रिया में, प्रणाली द्वारा किया गया कार्य 20 किलोजूल, -30 किलोजूल, -5 किलोजूल और 10 किलोजूल है। चक्रीय प्रक्रिया में कुल ऊष्मा (किलोजूल में) क्या होगी?

Solution:

dQ = dW + ΔU (पहले सिद्धांत के अनुसार)

चक्रीय प्रक्रिया के लिए,

ΔU = 0

∴ W = 20 - 30 - 5 + 10

= -5 kJ

QUESTION: 11

_____ पर कार्नाट चक्र में ताप अस्वीकरण होता है।

Solution:

कार्नोट चक्र में चार प्रक्रियाएँ होती हैं:

  1. प्रतिवर्ती समतापी ताप संवर्धन
  2. आइसेंट्रोपिक(प्रतिवर्ती एडिएबैटिक(स्थिरोष्म)) प्रसरण
  3. प्रतिवर्ती समतापी ताप अस्वीकरण
  4. गैस का आइसेंट्रोपिक संपीडन

QUESTION: 12

टी-एस आरेख में त्रिक बिंदु _________ है।

Solution:

जिस दबाव और तापमान पर, शुद्ध पदार्थ के तीन चरण एक दुसरे से समवर्ती होते हैं, उसे त्रिक बिंदु कहा जाता है। त्रिक बिंदु उर्ध्वपातन और वाष्पीकरण वक्र रेखा के प्रतिच्छेदन बिंदु मात्र है। यह पाया गया है कि, त्रिक बिंदु को 'पी-टी' आरेख पर एक बिंदु और 'पी-वी' और टी-एस आरेख पर एक रेखा और 'यू-वी' आरेख पर यह एक त्रिकोण के रूप में दर्शाया जाता है। साधारण पानी के मामले में, त्रिक बिंदु 4.58 मिमी एचजी के दवाब पर और 0.01 डिग्री सेल्सियस तापमान पर होता है।



QUESTION: 13

समान संपीड़न वृद्धि के लिए कौन सा गैस उच्चतम दक्षता प्राप्त कर सकता है?

Solution:

γmonoatomic> γdiatomic> γtriatomic

चूँकि दक्षता, विशिष्ट ताप (γ) के अनुपात के समानुपाती है, इसलिए एकपरमाणुक में उच्चतम दक्षता होगी।

QUESTION: 14

हवा युक्त एक टंकी को एक पैडल चक्र द्वारा हिलाया जाता है। पैडल चक्र में कार्य निविष्ट 9000 किलोजूल है और टंकी द्वारा परिवेश में स्थानांतरित ताप 3000 किलोजूल है। प्रणाली द्वारा किया गया बाह्य कार्य निम्न में से क्या होगा?

Solution:

उष्मागतिकी के पहले सिद्धांत के अनुसार:

δQ = ΔU+δW

(-3000) = ΔU + (-9000)

ΔU = 6000 किलोजूल

चूँकि, प्रणाली पर 9000 किलोजूल कार्य किया गया है, प्रणाली द्वारा कोई काम नहीं किया जाएगा। ऊर्जा को आंतरिक ऊर्जा के रूप में प्रणाली में संग्रहीत किया जाएगा।

QUESTION: 15

यदि तरल में किसी भी बिंदु पर दबाव, वाष्प दबाव तक पहुँचता है, तरल का वाष्पीकरण शुरू हो जाता है और घुले हुए गैसों और वाष्पों के छोटे कोटर या बुलबुले बनाता है। यह घटना ________कहलाती है।

Solution:

वाष्पीकरण

क्वथनांक पर, संतृप्त वाष्प दबाव, वायुमंडलीय दबाव के बराबर होती है। इस दाब समकरण के कारण बुलबुले बनना शुरू होते हैं, और वाष्पीकरण एक आयतन घटना बन जाती है।

गुहिकायन:

गुहिकायन एक ऐसे क्षेत्र में प्रवाहित तरल के वाष्प बुलबुले के गठन की घटना है जहां तरल का दबाव वाष्प दबाव से नीचे होता है और उच्च दबाव के एक क्षेत्र में यह वाष्प बुलबुले तूट जाते हैं। जब वाष्प बुलबुले तूट जाते हैं तो बहुत अधिक दबाव उत्पन्न होता है। वह धात्विक सतहें जिन के ऊपर तरल प्रवाहित हो रहा है, वह इस उच्च दबाव के अधीन होती हैं और इन सतहों पर पिटिंग प्रक्रिया होती है। इस प्रकार धातु की सतह पर गुहाएं बनती हैं और इसलिए नाम गुहिकायन दिया गया है।

QUESTION: 16

क्रमशः 28 और 44 के आण्विक भार के साथ दो गैस ए और बी, समान तापमान सीमा के माध्यम से सतत दबाव पर विस्तार करते हैं। दो गैसों (ए:बी) द्वारा किए गए कार्य की मात्रा का अनुपात ________ है।

Solution:

किया गया कार्य, W = P2V2 - P1V1



QUESTION: 17

संचालन की एक श्रेणी, जो एक निश्चित क्रम में संचालित होती है और अंत में प्रारंभिक स्थितियों को पुनःस्थापित करती है, उसे निम्न में से किस रूप में जाना जाता है?

Solution:

एक प्रक्रिया प्रतिवर्ती हो जाती है, यदि, इसे पूरा करने के बाद, प्रणाली और उसके पूर्ण परिवेश दोनों को उनकी पूर्व अवस्था में पुनःस्थापित करना संभव हो।

यदि, प्रतिवर्ती प्रक्रिया के अंत में प्रणाली और इसके परिवेश अपने शुरुआती अवस्था में वापस नहीं आ सकते हैं, तो यह प्रक्रिया एक अपरिवर्तनीय प्रक्रिया कहलाती है।

दबाव, तापमान और प्रणाली के अंतर्गत अन्य चर अवस्थाओं का परिवर्तन करने के दौरान, एक उष्मागतिकी चक्र में उष्मागतिकी प्रक्रियाओं का एक जुड़ा हुआ अनुक्रम होता है, जिसमें ताप का हस्तांतरण और प्रणाली के अंदर और बाहर किया गया कार्य शामिल होता है, जो अंततः प्रणाली को अपनी प्रारंभिक अवस्था में लौटा देता है। उष्मागतिकी चक्र के दो प्राथमिक वर्ग शक्ति/इंजन चक्र और ताप पंप चक्र होते हैं। शक्ति चक्र वह चक्र होते हैं जो कुछ ताप निविष्ट को यांत्रिक कार्य निर्गत में परिवर्तित करते हैं, जबकि ताप पंप चक्र यांत्रिक कार्य निविष्ट उपयोग करके निम्न से उच्च तापमान तक ताप हस्तांतरण करते हैं।

QUESTION: 18

गैस का विशिष्ट ताप, Cp = Cv, निम्न में से किस पर होता है?

Solution:

ठोस और तरल पदार्थों की विशिष्ट ऊष्मा और आदर्श गैसों की विशिष्ट ऊष्मा (स्थिर आयतन और स्थिर दबाव दोनों पर) ) अनिवार्य रूप से केवल तापमान का फलन होते हैं। टी = 0K के रूप में, परम शून्य उष्मागतिकी तापमान पर, विशिष्ट उष्माओं के लिए अभिव्यक्तियों में टी = 0K डालकर शून्य के रूप में विशिष्ट उष्मा का मान होना चाहिए।

निश्चितरूप से इसका मतलब है कि 0K के पूर्ण तापमान पर, तापमान में इकाई की डिग्री वृद्धि के कारण पदार्थ के इकाई द्रव्यमान के तापमान को बढ़ाने के लिए हमें कोई ऊर्जा की आवश्यकता नहीं होगी। लेकिन जैसे ही तापमान भी एक अत्यंत सूक्ष्म मात्रा से बढ़ता है, हमारे पास विशिष्ट गर्मी का कुछ मान होता है, और यह तापमान के साथ बढ़ता है और इसलिए जैसे जैसे तापमान में वृद्धि होगी, वैसे तापमान में समान वृद्धि प्राप्त करने के लिए अधिक से अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होगी।

QUESTION: 19

आदर्श गैस के लिए जूल-थॉमसन गुणांक क्या है?

Solution:

जूल थॉमसन गुणांक निम्न हैं:-

एक आदर्श गैस के लिए, μ = 0, क्योंकि आदर्श गैस स्थिर पूर्ण ऊष्मा पर विस्तारित होने पर ठंडा या गर्म नहीं होता है।

QUESTION: 20

एक तापमापी(थर्मामीटर) निम्न में से किस सिद्धांत पर काम करता है?

Solution:
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