Class 8  >  Hindi Class 8  >  MCQ: अकबरी लोटा - 2 Download as PDF

MCQ: अकबरी लोटा - 2


Test Description

5 Questions MCQ Test Hindi Class 8 | MCQ: अकबरी लोटा - 2

MCQ: अकबरी लोटा - 2 for Class 8 2022 is part of Hindi Class 8 preparation. The MCQ: अकबरी लोटा - 2 questions and answers have been prepared according to the Class 8 exam syllabus.The MCQ: अकबरी लोटा - 2 MCQs are made for Class 8 2022 Exam. Find important definitions, questions, notes, meanings, examples, exercises, MCQs and online tests for MCQ: अकबरी लोटा - 2 below.
Solutions of MCQ: अकबरी लोटा - 2 questions in English are available as part of our Hindi Class 8 for Class 8 & MCQ: अकबरी लोटा - 2 solutions in Hindi for Hindi Class 8 course. Download more important topics, notes, lectures and mock test series for Class 8 Exam by signing up for free. Attempt MCQ: अकबरी लोटा - 2 | 5 questions in 5 minutes | Mock test for Class 8 preparation | Free important questions MCQ to study Hindi Class 8 for Class 8 Exam | Download free PDF with solutions
1 Crore+ students have signed up on EduRev. Have you?
MCQ: अकबरी लोटा - 2 - Question 1

निम्नलिखित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर विकल्पों में से चुनिएः
लेकिन जब चार दिन ज्यों-त्यों में यों ही बीत गए और रुपयों का कोई प्रबंध न हो सका तब उन्हें चिंता होने लगी। प्रश्न अपनी प्रतिष्ठा का था, अपने ही घर में अपनी साख का था। देने का पक्का वादा करके अगर अब दे न सके तो अपने मन में वह क्या सोचेगी? उसकी नज्जरों में उसका क्या मूल्य रह जाएगा? अपनी वाहवाही की सैकड़ों गाथाएँ सुना चुके थे। अब जो एक काम पड़ा तो चारों खाने चित हो रहे। यह पहली बार उसने मुँह खोलकर कुछ रुपयों का सवाल किया था। इस समय अगर दुम दबाकर निकल भागते हैं तो फिर उसे क्या मुँह दिखलाएँगे?
 प्रश्न: किस काम में चार दिन ज्यों-त्यों में बीत गए?           

MCQ: अकबरी लोटा - 2 - Question 2

निम्नलिखित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर विकल्पों में से चुनिएः
लेकिन जब चार दिन ज्यों-त्यों में यों ही बीत गए और रुपयों का कोई प्रबंध न हो सका तब उन्हें चिंता होने लगी। प्रश्न अपनी प्रतिष्ठा का था, अपने ही घर में अपनी साख का था। देने का पक्का वादा करके अगर अब दे न सके तो अपने मन में वह क्या सोचेगी? उसकी नज्जरों में उसका क्या मूल्य रह जाएगा? अपनी वाहवाही की सैकड़ों गाथाएँ सुना चुके थे। अब जो एक काम पड़ा तो चारों खाने चित हो रहे। यह पहली बार उसने मुँह खोलकर कुछ रुपयों का सवाल किया था। इस समय अगर दुम दबाकर निकल भागते हैं तो फिर उसे क्या मुँह दिखलाएँगे? 
प्रश्न: यहाँ किसकी प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया था?           

MCQ: अकबरी लोटा - 2 - Question 3

निम्नलिखित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर विकल्पों में से चुनिएः
लेकिन जब चार दिन ज्यों-त्यों में यों ही बीत गए और रुपयों का कोई प्रबंध न हो सका तब उन्हें चिंता होने लगी। प्रश्न अपनी प्रतिष्ठा का था, अपने ही घर में अपनी साख का था। देने का पक्का वादा करके अगर अब दे न सके तो अपने मन में वह क्या सोचेगी? उसकी नज्जरों में उसका क्या मूल्य रह जाएगा? अपनी वाहवाही की सैकड़ों गाथाएँ सुना चुके थे। अब जो एक काम पड़ा तो चारों खाने चित हो रहे। यह पहली बार उसने मुँह खोलकर कुछ रुपयों का सवाल किया था। इस समय अगर दुम दबाकर निकल भागते हैं तो फिर उसे क्या मुँह दिखलाएँगे? 
प्रश्न: पत्नी से किए गए वादे पूरे न होने पर क्या परिणाम हो सकता था?           

MCQ: अकबरी लोटा - 2 - Question 4

निम्नलिखित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर विकल्पों में से चुनिएः
लेकिन जब चार दिन ज्यों-त्यों में यों ही बीत गए और रुपयों का कोई प्रबंध न हो सका तब उन्हें चिंता होने लगी। प्रश्न अपनी प्रतिष्ठा का था, अपने ही घर में अपनी साख का था। देने का पक्का वादा करके अगर अब दे न सके तो अपने मन में वह क्या सोचेगी? उसकी नज्जरों में उसका क्या मूल्य रह जाएगा? अपनी वाहवाही की सैकड़ों गाथाएँ सुना चुके थे। अब जो एक काम पड़ा तो चारों खाने चित हो रहे। यह पहली बार उसने मुँह खोलकर कुछ रुपयों का सवाल किया था। इस समय अगर दुम दबाकर निकल भागते हैं तो फिर उसे क्या मुँह दिखलाएँगे? 
प्रश्न:किसने, किससे मुँह खोलकर सवाल किया था?           

MCQ: अकबरी लोटा - 2 - Question 5

निम्नलिखित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर विकल्पों में से चुनिएः
लेकिन जब चार दिन ज्यों-त्यों में यों ही बीत गए और रुपयों का कोई प्रबंध न हो सका तब उन्हें चिंता होने लगी। प्रश्न अपनी प्रतिष्ठा का था, अपने ही घर में अपनी साख का था। देने का पक्का वादा करके अगर अब दे न सके तो अपने मन में वह क्या सोचेगी? उसकी नज्जरों में उसका क्या मूल्य रह जाएगा? अपनी वाहवाही की सैकड़ों गाथाएँ सुना चुके थे। अब जो एक काम पड़ा तो चारों खाने चित हो रहे। यह पहली बार उसने मुँह खोलकर कुछ रुपयों का सवाल किया था। इस समय अगर दुम दबाकर निकल भागते हैं तो फिर उसे क्या मुँह दिखलाएँगे? 
प्रश्न:‘साख’ शब्द का अर्थ है- 

56 videos|171 docs|103 tests
Use Code STAYHOME200 and get INR 200 additional OFF
Use Coupon Code
Information about MCQ: अकबरी लोटा - 2 Page
In this test you can find the Exam questions for MCQ: अकबरी लोटा - 2 solved & explained in the simplest way possible. Besides giving Questions and answers for MCQ: अकबरी लोटा - 2, EduRev gives you an ample number of Online tests for practice