गीता में ज्ञानं प्राप्तवाः शीघ्रं किं लभन्ते?a)धनम्b)परमशान्तिम्c)युद्...
गीता में ज्ञान का महत्व
गीता में ज्ञान को अत्यधिक महत्व दिया गया है। यह ज्ञान व्यक्ति को आत्मा की वास्तविकता और जीवन के उद्देश्य को समझने में सहायता करता है।
ज्ञान के लाभ
- परमशान्ति:
ज्ञान प्राप्त करने से व्यक्ति को आंतरिक शांति मिलती है। गीता में कहा गया है कि जो व्यक्ति अपने आत्मा को जानता है, वह बाहरी परिस्थितियों से प्रभावित नहीं होता और हमेशा शांत रहता है।
- धन और भौतिक वस्तुएं:
धन और भौतिक वस्तुएं अस्थायी होती हैं। जब व्यक्ति ज्ञान प्राप्त करता है, तो वह इन अस्थायी चीजों को तुच्छ मानता है और वास्तविक सुख की ओर अग्रसर होता है।
- युद्ध:
ज्ञान के माध्यम से व्यक्ति अपनी अंतर्दृष्टि को बढ़ाता है, जिससे वह संघर्ष और युद्ध के समय में भी सही निर्णय ले सकता है। लेकिन यह ज्ञान उसे युद्ध की आवश्यकता को भी समझने में मदद करता है।
- आलस्य:
ज्ञान आलस्य को दूर करता है। जो लोग ज्ञान प्राप्त करते हैं, वे अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को समझते हैं और आलस्य से दूर रहते हैं।
निष्कर्ष
इस प्रकार, गीता में ज्ञान प्राप्त करने वाले व्यक्ति को परमशान्ति मिलती है। ज्ञान से आत्मा की सच्चाई का अहसास होता है, जो जीवन में स्थायी सुख और शांति लाता है। इसलिए, सही उत्तर 'B' (परमशान्तिम्) है।
गीता में ज्ञानं प्राप्तवाः शीघ्रं किं लभन्ते?a)धनम्b)परमशान्तिम्c)युद्...
श्रद्धा, संयम, अभ्यासः च आवश्यकः। ज्ञानं लब्ध्वा पाठकः शीघ्रं परमशान्तिं प्राप्नोति। एषः मानसिकतया स्थिरः भवति।