धन्वन्तरिः ‘कोऽरुक् ?’ इत्युक्त्वा किं चिन्तयति?a)भोजनस्य स्वादम्b)आरो...
धन्वन्तरिः का संदर्भ
धन्वन्तरिः आयुर्वेद के देवता माने जाते हैं, जो स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखते हैं। जब धन्वन्तरिः 'कोऽरुक्?' पूछते हैं, तो उनका अभिप्राय स्वास्थ्य से होता है।
स्वाद का महत्व
- भोजन का स्वाद केवल तात्कालिक सुख का प्रतीक है, लेकिन यह स्वास्थ्य का मूल नहीं है।
आरोग्यवृद्धि
- 'आरोग्यवृद्धि' का तात्पर्य है स्वास्थ्य में वृद्धि और सुधार। धन्वन्तरिः का मुख्य ध्यान इसी पर होता है।
- आयुर्वेद में, स्वास्थ्य का संरक्षण और सुधार महत्वपूर्ण है, और धन्वन्तरिः इस दिशा में मार्गदर्शन करते हैं।
निद्रा का समय
- निद्रा का समय भी स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, लेकिन यह धन्वन्तरिः के प्रश्न का मुख्य विषय नहीं है।
ऋतुभुक् मात्रम्
- ऋतुभुक् केवल मौसम के अनुसार भोजन करने की बात करता है, जो स्वास्थ्य बनाए रखने में सहायक है।
निष्कर्ष
धन्वन्तरिः का 'कोऽरुक्?' प्रश्न आरोग्यवृद्धि की दिशा में संकेत करता है। वे स्वास्थ्य को सर्वोच्च महत्व देते हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि सही आहार, जीवनशैली, और मानसिक स्वास्थ्य सभी मिलकर आरोग्यवृद्धि में सहायक होते हैं। इसलिए सही उत्तर 'B' है।
धन्वन्तरिः ‘कोऽरुक् ?’ इत्युक्त्वा किं चिन्तयति?a)भोजनस्य स्वादम्b)आरो...
भगवान् धन्वन्तरिः नगरं भ्रमन् ‘कोऽरुक् ?’ इति पृच्छन्ति। स तेषां स्वास्थ्यं परीक्ष्य आरोग्यमान् व्यक्तीन् चिन्तयति। अस्मात् ज्ञायते यत् केवलं हितभुक्, मितभुक्, ऋतुभुक् व्यक्ति आरोग्यमान् भवति।