CBSE Class 9  >  Class 9 Notes  >  Hindi (Sparsh and Sanchayan)  >  Previous Year Questions: गीत - अगीत

Previous Year Questions: गीत - अगीत

Very Short Answer Type Questions

प्रश्न 1: पाटल कौन है? वह किस अवस्था में है?  [2026]
उत्तर:
 पाटल गुलाब है तथा वह मौन अवस्था में तट पर खड़ा हुआ है।

प्रश्न 2: प्रेयसी गीत को सुनकर क्या विचार करती है?  [2024]
उत्तर:
 प्रेमी द्वारा गाए जा रहे गीत को सुनकर प्रेयसी विचार करती है कि ईश्वर ने उसे इस गीत की एक कड़ी क्यों नहीं बनाया? उसे भी इस गीत का हिस्सा होना चाहिए था।

प्रश्न 3: निर्झरी कौन है?  [2023]
उत्तर:
 निर्झरी नदी या झरना है।

प्रश्न 4: शुकी किस अवस्था में बैठी हुई है?  [2022]
उत्तर:
 शुकी अपने पंख फैलाकर घोंसले में अपने अंडों को सेने (अंडों को गर्म रखकर ऊन देना) की अवस्था में मौन भाव से बैठी है।


Short Answer Type Questions

प्रश्न 1: 'गीत-अगीत' कविता में कवि की दुविधा क्या है? उसने अपनी दुविधा को किन उदाहरणों के माध्यम से अभिव्यक्त किया है? [2026]
उत्तर: 
कवि की दुविधा यह है कि वेदना (भाव) को मन में ही संजो कर रखना अधिक श्रेष्ठ है या उसे शब्दों में, मुखर रूप में प्रस्तुत करना। उसने यह दुविधा विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से दिखाई है-नदी और किनारा, निर्झरी और गुलाब, शुक और शुकी, तथा प्रेमी गायक और उसकी प्रेयसी। उदाहरणों में कुछ प्राणी और वस्तुएँ मुखर होकर अपनी भावनाएँ प्रकट करती हैं, जबकि कुछ मौन रहकर उसी भावना का आनन्द या कष्ट अपने भीतर अनुभव करती हैं।

प्रश्न 2: कवि ने 'अगीत' को गीत के समान महत्त्व क्यों दिया है?  [2025]
उत्तर: 
कवि गीत को भावनाओं का प्रकटीकरण मानता है। इसमें भावनाओं का महत्त्व शब्दों से अधिक है। शब्द बाह्य है, भावना अन्दरूनी। बाह्य अलंकरण मात्र होता है। शब्द उमड़ने से पहले जो भावनाएँ हृदय में होती हैं, उन्हीं का महत्त्व होता है। ये भावनाएँ हर मनुष्य में होती हैं। शब्दों के माध्यम से प्रकटीकरण सभी नहीं कर पाते। हृदय में उमड़ने वाली भावनाएँ किसी गीत से कम नहीं होतीं। अतः 'अगीत' का महत्त्व गीत के समान ही है।


प्रश्न 3: प्रकृति के साथ पशु-पक्षियों के संबंधों के बारे में स्पष्ट कीजिए। [2024]
उत्तर: 
प्रकृति के साथ पशु-पक्षियों के संबंधों के बारे में निम्नलिखित स्पष्टीकरण हैं-

  • प्रकृति का श्रृंगार पशु-पक्षी हैं और प्रकृति इनका शृंगार है।
  • प्रकृति की सुषमा को देखकर ही पशु-पक्षी मस्त होते हैं।
  • ये प्रकृति को अपने सुरों से संगीतमयी बनाते हैं।
  • प्रकृति के हर रूप के साथ रहकर पशु-पक्षी अपना स्नेह दर्शाते हैं।
  • पशु-पक्षी प्रकृति की सफाई करके पर्यावरण को शुद्ध भी करते हैं।

प्रश्न 4: मनुष्य प्रकृति के किस रूप से आंदोलित होता है?  [2023]
उत्तर:
मनुष्य प्रकृति के अनेक रूपों से आंदोलित होता है, जो निम्नलिखित हैं-

  • प्रकृति का मोहक व शांत वातावरण उसे शांति प्रदान करता है।
  • प्रात:कालीन सूर्य से उसे उल्लास व स्फूर्ति प्राप्त होती है।
  • घुमड़ते बादलों को देखकर मनुष्य प्रसन्न होता है। उसमें आशा का संचार होता है।
  • मनुष्य को प्रकृति अपने साथ हँसती रोती जान पड़ती है।


Long Answer Type Questions

प्रश्न 1: शुकी, शुक के प्रेम-भरे गीत सुनकर भी बाहर क्यों नहीं आती है ? [2026]
उत्तर: शुकी घोंसले में अपने पंख फैलाकर अपने अंडे सेने का काम कर रही है। वह मातृत्व स्नेह से भरी हुई है। उसे शुक के प्रेम-भरे गीत सुनाई दे रहे हैं। परंतु उसके गीत मन में उमड़कर भी बाहर नहीं आते। शुकी अपने उत्पन्न होने वाले बच्चों के प्रेम में सिक्त है। वह शुक का प्रेम-गीत सुन रही है, परंतु उसका प्रेम मौन रूप धारण किए हुए है। वह अपना प्रेम प्रकट नहीं करती है क्योंकि वह मातृत्व के सुखद भावों में डूबी हुई है। 

प्रश्न 2: 'गीत-अगीत' कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि प्रेम की पहचान मुखरता में नहीं अपितु मौन भाव में है।  [2024]
उत्तर:
 

कवि ने तीन प्रमुख स्थितियों के माध्यम से यह विचार प्रस्तुत किया है कि सच्चा प्रेम हमेशा मुखर नहीं होता; कई बार वह मौन भाव में भी समान रूप से गहरा और पवित्र होता है। ये स्थितियाँ निम्नानुसार हैं-

  • नदी और गुलाब:

    नदी लगातार बहकर अपनी विरह-पीड़ा व्यक्त करती है; वह गीत गाती प्रतीत होती है। इसके विपरीत किनारे पर खड़ा गुलाब मौन है। गुलाब मन-ही-मन सोचता है कि काश वह भी बोल पाता तो अपनी पीड़ा व्यक्त कर पाता। यहाँ नदी मुखर है पर गुलाब का मौन भी उसी भाव की गहनता दर्शाता है।

  • शुक और शुकी:

    शुक (तोता) अपना मधुर गीत गाकर जंगल में अपनी प्रसन्नता प्रकट करता है। शुकी (तोती) परन्तु घोंसले में अपने अंडों को सेते हुए मौन रहती है। शुकी का मौन मातृत्व-स्नेह और आन्तरिक अभिव्यक्ति का प्रतीक है।

  • प्रेमी और प्रेयसी:

    प्रेमी ऊँचे स्वर में आल्हा की कथा जैसा गीत गाता है और मुखर है; पर प्रेमिका चुपचाप छिपकर उसे सुनती है और मन-ही-मन प्रसन्न रहती है। वह बाह्य रूप से बोलती नहीं लेकिन भीतर से गीत का हिस्सा बन जाती है।

इन तीनों स्थितियों से स्पष्ट होता है कि किन्हीं परिस्थितियों में प्रेम का मापक मुखरता नहीं, बल्कि मौन भाव की गम्भीरता और सात्विकता होती है। जो प्रेम चुपचाप, बिना प्रदर्शन के भीतर अनुभव किया जाता है, वह भी उतना ही वास्तविक और महत्त्वपूर्ण है जितना कि मुखर प्रदर्शन। इसलिए कवि यह सिद्ध करते हैं कि सच्चा प्रेम मुखरता में नहीं बल्कि मौन भाव में निहित हो सकता है।

The document Previous Year Questions: गीत - अगीत is a part of the Class 9 Course Hindi Class 9 (Sparsh and Sanchayan).
All you need of Class 9 at this link: Class 9

FAQs on Previous Year Questions: गीत - अगीत

1. गीत और अगीत में क्या अंतर है?
Ans. गीत एक प्रकार का काव्यात्मक संगीत है जो आमतौर पर भावनाओं और विचारों को व्यक्त करता है। अगीत, इसके विपरीत, संगीत का वह रूप है जो गाए जाने के लिए नहीं लिखा गया है, बल्कि यह केवल वाद्य संगीत होता है।
2. कक्षा 9 में 'गीत - अगीत' का महत्व क्या है?
Ans. कक्षा 9 में 'गीत - अगीत' का अध्ययन छात्रों को साहित्य और संगीत के विभिन्न रूपों से परिचित कराता है। यह उनके विचारशीलता और समृद्धि को बढ़ावा देता है, साथ ही भाषा कौशल को भी विकसित करता है।
3. 'गीत - अगीत' पाठ में कौन-कौन से प्रमुख विषय शामिल हैं?
Ans. 'गीत - अगीत' पाठ में प्रेम, निष्ठा, प्रकृति, और मानवीय अनुभव जैसे प्रमुख विषय शामिल होते हैं। ये विषय छात्रों को गहराई से सोचने और समझने में मदद करते हैं।
4. कक्षा 9 के 'गीत - अगीत' पाठ में कौन से प्रमुख कवियों का योगदान है?
Ans. 'गीत - अगीत' पाठ में विभिन्न महत्वपूर्ण कवियों का योगदान होता है, जैसे कि सुभाष चंद्र बोस, मैथिलीशरण गुप्त, और अन्य। इन कवियों के कार्य साहित्यिक धरोहर को समृद्ध करते हैं।
5. 'गीत - अगीत' के अध्ययन से छात्रों को क्या लाभ होता है?
Ans. 'गीत - अगीत' के अध्ययन से छात्रों को न केवल साहित्यिक ज्ञान मिलता है, बल्कि यह उनकी सांस्कृतिक समझ, संवेदनशीलता, और समग्र व्यक्तित्व विकास में भी सहायक होता है।
Explore Courses for Class 9 exam
Get EduRev Notes directly in your Google search
Related Searches
Exam, Previous Year Questions with Solutions, Important questions, ppt, Free, mock tests for examination, video lectures, Previous Year Questions: गीत - अगीत, past year papers, Previous Year Questions: गीत - अगीत, MCQs, Extra Questions, shortcuts and tricks, Previous Year Questions: गीत - अगीत, practice quizzes, study material, Semester Notes, Summary, Viva Questions, pdf , Sample Paper, Objective type Questions;