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Lecture 52 Life Cycle of an Applet in Java Hindi Video Lecture | Java Programming Fundamentals: For Beginners (in Hindi) - Back-End Programming

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FAQs on Lecture 52 Life Cycle of an Applet in Java Hindi Video Lecture - Java Programming Fundamentals: For Beginners (in Hindi) - Back-End Programming

1. जावा में एपलेट का लाइफ साइकल क्या होता है?
उत्तर: जावा में एपलेट का लाइफ साइकल निम्नलिखित चरणों से मिलकर बना होता है: 1. इंस्टैंटिएशन (Initialization): एपलेट की इंस्टेंस बनाई जाती है और इंस्टेंस पर विभिन्न प्राथमिक सेटिंग्स लागू होती हैं। 2. आमंत्रण (Invoking): एपलेट की init() मेथड को आमंत्रित किया जाता है जिसमें उपयोगकर्ता द्वारा प्राथमिककरण संबंधित कोड शामिल होता है। 3. स्थानीय व्यवस्था (Local Execution): एपलेट की start() मेथड को आमंत्रित किया जाता है और एपलेट को स्वतः चलने की अनुमति दी जाती है। 4. अपडेट (Update): जब एपलेट की स्थानीय व्यवस्था चल रही होती है, तो एपलेट की update() मेथड नियमित रूप से चलती रहती है। 5. निष्क्रिय (Inactive): जब एपलेट को अविक्रिय किया जाता है, तो एपलेट की stop() और destroy() मेथड्स को आमंत्रित किया जाता है और एपलेट को मेमोरी से हटा दिया जाता है।
2. जावा में एपलेट के लाइफ साइकल में कौन से विधि शामिल होती हैं?
उत्तर: जावा में एपलेट के लाइफ साइकल में निम्नलिखित विधियाँ शामिल होती हैं: 1. init(): यह विधि एपलेट की इंस्टेंस बनाने के बाद आमंत्रित की जाती है और उपयोगकर्ता द्वारा प्राथमिककरण संबंधित कोड को शामिल करती है। 2. start(): यह विधि एपलेट को स्वतः चलने की अनुमति देती है। इस विधि को आमंत्रित करने से पहले एपलेट को स्थानीय व्यवस्था की आवश्यकता होती है। 3. stop(): यह विधि एपलेट को अविक्रिय करती है। एपलेट को अविक्रिय करने से पहले स्थानीय व्यवस्था दूर हो जाती है। 4. destroy(): यह विधि एपलेट को मेमोरी से हटाने के लिए आमंत्रित की जाती है। एपलेट को इसके बाद फिर से उपयोग नहीं किया जा सकता है।
3. जब एपलेट को अविक्रिय किया जाता है, तो कौन सी विधि आमंत्रित होती है?
उत्तर: जब एपलेट को अविक्रिय किया जाता है, तो destroy() विधि आमंत्रित की जाती है। इस विधि का उपयोग एपलेट को मेमोरी से हटाने के लिए किया जाता है।
4. एपलेट के लाइफ साइकल के दौरान कौन से विधि नियमित रूप से चलती रहती हैं?
उत्तर: एपलेट के लाइफ साइकल के दौरान स्थानीय व्यवस्था (Local Execution) के दौरान update() विधि नियमित रूप से चलती रहती है। इस विधि का उपयोग एपलेट के स्थानीय व्यवस्था को अपडेट करने के लिए किया जाता है।
5. एपलेट की init() विधि किसे आमंत्रित करती है?
उत्तर: एपलेट की init() विधि एपलेट की इंस्टेंस बनाने के बाद आमंत्रित की जाती है। यह विधि उपयोगकर्ता द्वारा प्राथमिककरण संबंधित कोड को शामिल करती है।
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