Class 10 Hindi B: CBSE Sample Question Paper- Term I (2021-22) - 1 Notes | Study CBSE Sample Papers For Class 10 - Class 10

Class 10: Class 10 Hindi B: CBSE Sample Question Paper- Term I (2021-22) - 1 Notes | Study CBSE Sample Papers For Class 10 - Class 10

The document Class 10 Hindi B: CBSE Sample Question Paper- Term I (2021-22) - 1 Notes | Study CBSE Sample Papers For Class 10 - Class 10 is a part of the Class 10 Course CBSE Sample Papers For Class 10.
All you need of Class 10 at this link: Class 10

कक्षा 10
समय: 1:30 घण्टा
पूर्णांक: 40

सामान्य निर्देश:
(i) इस प्रश्नपत्र में तीन खंड हैं- खंड-क, खंड-ख और खंड-ग।
(ii) खण्ड ‘क’ में कुल 2 प्रश्न पूछे गए हैं। दोनों प्रश्नों के कुल 20 उपप्रश्न दिए गए हैं। दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए कुल 10 उपप्रश्नों के उत्तर दीजिए।
(iii) खण्ड ‘ख’ में 4 प्रश्न हैं तथा इन सभी के 21 उपप्रश्न हैं। इनमें से निर्देशानुसार 16 उपप्रश्नों के उत्तर दीजिए।
(iv) खण्ड ‘ग’ में कुल 3 प्रश्न हैं तथा 14 उपप्रश्न सम्मिलित हैं सभी उपप्रश्नों के उत्तर दीजिए।


खंड-क

1. नीचे दो गद्यांश दिए गए हैं। किसी एक गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर दीजिए-

मानव सभ्यता पर औद्योगिक क्रांति की धमक अभी थमी भी नहीं कि नई तकनीकी क्रांति ने अपने आने की घोषणा कर दी है। ‘नैनो-तकनीक’ के समर्थक दावा करते हैं कि जब यह अपने पूरे वज़ूद से आएगी तो धरती का नामोनिशान मिट जाएगा और नैनो रोबोट की स्वनिखमत फौज पूरी तरह क्षत-विक्षत शव को पलक झपकते ही चुस्त-दुरुस्त इंसान में तबदील कर देगी। दूसरी ओर, नैनो-तकनीक की असीमित शक्ति से आशंकित इसके विरोधी इसे मिस्र के पिरामिडों में सोई ममियों में भी ज्यादा अभिशप्त समझते हैं। इन दोनों अतिवादी धारणाओं के बीच इतना अवश्य कहा जा सकता है कि हम तकनीकी क्रांति के एक सर्वथा नए मुहाने पर आ पहुँचे हैं जहाँ उद्योग, चिकित्सा, दूरसंचार, परिवहन सहित हमारे जीवन में शामिल तमाम तकनीकी जटिलताएँ अपने पुराने अर्थ खो देंगी। इस अभूतपूर्व तकनीकी बदलाव के सामाजिक-सांस्कृतिक निहितार्थ क्या होंगे, यह देखना सचमुच दिलचस्प होगा। आदमी ने कभी सभ्यता की बुनियाद पत्थर के बेडौल हथियारों से डाली थी। अनगढ़ शिलाओं को छीलकर उन्हें कुल्हाड़ों और भालों की शक्ल में ढाला और इस उपलब्धि ने उत्पादकता की दृष्टि से उसे दूसरे जंतुओं की तुलना में लाभ की स्थिति में ला खड़ा किया। औज़ारों को बेहतर बनाने का यह सिलसिला आगे कई विस्मयकारी मसलों से गुज़रा और औद्योगिक क्रांति ने तो मनुष्य को मानो प्रकृति के नियंत्रक की भूमिका सौंप दी। तकनीकी कौशल की हतप्रभ कर देने वाली इस यात्रा में एक बात ऐसी है, जो पाषाण युग के बेढब हथियारों से चमत्कारी माइक्रोचिप निर्माण तक एक जैसी बनी रही। हम अपने औज़ार कच्चे माल को तराशकर बनाते हैं। यह सर्वविदित तथ्य है कि सारे पदार्थ परमाणुओं से मिलकर बने हैं, लेकिन पदार्थों के गुण इस बात पर निर्भर करते हैं कि उनमें परमाणुओं को किस तरह सजाया गया है। कार्बन के परमाणुओं की एक खास बनावट से कोयला तैयार होता है, तो दूसरी खास बनावट उन्हें हीरे का रूप दे देती है। परमाणु और अणुओं को इकाई मानकर मनचाहा उत्पाद तैयार करना ही ‘नैनो-तकनीक’ का सार है।


प्रश्न.1: नैनो-तकनीक वेळ समर्थकों ने क्या संभावनाएँ व्यक्त की हैं?
(क) जब नैनो-तकनीक अपने पूरे वज़ूद से आएगी तो धरती का नामोनिशान मिट जाएगा
(ख) नैनो-तकनीक के आने से धरती एक नए स्वरूप में बदल जाएगी
(ग) धरती का और अधिक विस्तार हो जाएगा
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

सही उत्तर विकल्प है (क)


प्रश्न.2: नैनो-तकनीक की असीमित शक्ति से आशंकित विरोधियों का क्या मत है?
(क) ये मिस्र के पिरामिडों में सोई ममियों से अधिक शक्तिशाली है
(ख) इसके गंभीर दुष्परिणाम निकल सकते हैं
(ग) ये मिस्र के पिरामिडों में सोई ममियों से भी ज्यादा अभिशप्त है
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

सही उत्तर विकल्प है (ग)


प्रश्न.3: ‘नैनो-तकनीक’ से आप क्या समझते हैं?
(क) परमाणु और अणुओं को मिलाकर कुछ नया बनाना
(ख) परमाणु और अणुओं को इकाई मानकर मनचाहा उत्पाद तैयार करना
(ग) परमाणु व अणुओं को दहाई मानकर नया उत्पाद बनाना
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.4: मानव प्रकृति का नियंत्रक कैसे बन गया? 
(क) औद्योगिक क्रांति के कारण
(ख) तकनीकी क्रांति के कारण
(ग) सामाजिक क्रांति के कारण
(घ) आर्थिक क्रांति के कारण

सही उत्तर विकल्प है (ग)


प्रश्न.5: उपर्युक्त गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक दीजिए। 
(क) तकनीकी जटिलताएँ
(ख) नैनो-तकनीक
(ग) तकनीकी क्रांति
(घ) परमाणु व अणुओं का महत्व

सही उत्तर विकल्प है (ख)


अथवा

यदि आप इस गद्यांश का चयन करते हैं तो कृपया उत्तर पुस्तिका में लिखिए कि आप प्रश्न संख्या 1 में दिए गए गद्यांश-2 पर आधारित प्रश्नों के उत्तर लिख रहे हैं।

”सफलता चाहने वाले मनुष्य का प्रथम कर्त्तव्य यह देखना है कि उसकी रुचि किन कार्यों की ओर अधिक है। यह बात गलत है कि हर कोई मनुष्य हर एक काम कर सकता है। लॉर्ड वेस्टरफील्ड स्वाभाविक प्रवृत्तियों के काम को अनावश्यक समझते थे और केवल परिश्रम को सफलता का आधार मानते थे। इसी सिद्धान्त के अनुसार उन्होंने अपने बेटे स्टेनहाप को, जो सुस्त, ढीलाढाला, असावधान था, सत्पुरुष बनाने का प्रयास किया। वर्षों परिश्रम करने के बाद भी लड़का ज्यों का त्यों रहा और जीवन-भर योग्य न बन सका। स्वाभाविक प्रवृत्तियों को जानना कठिन भी नहीं है, बचपन के कामों को देखकर बताया जा सकता है कि बच्चा किस प्रकार का मनुष्य होगा। प्रायः यह संभावना प्रबल होती है कि छोटी आयु में कविता करने वाला कवि, सेना बनाकर चलने वाला सेनापति, भुट्टे चुराने वाला चोर-डाकू, पुरजे कसने वाला मैकेनिक और विज्ञान में रुचि रखने वाला वैज्ञानिक बनेगा।

जब यह विदित हो जाए कि लड़के की रुचि किस काम की ओर है तब यह करना चाहिए कि उसे उसी विषय में ऊँची शिक्षा दिलाई जाए। ऊँची शिक्षा प्राप्त करके मनुष्य अपने काम-धन्धे में कम परिश्रम से अधिक सफल हो सकता है, जिनके काम-धन्धे का पूर्ण प्रतिबिम्ब बचपन में नहीं दिखता, वे अपवाद ही है।

प्रत्येक मनुष्य में एक विशेष कार्य को अच्छी प्रकार करने की शक्ति होती है। वह बड़ी दृढ़ और उत्कृष्ट होती है। वह देर तक नहीं छिपती। उसी के अनुकूल व्यवसाय चुनने से ही सफलता मिलती है। जीवन में यदि आपने सही कार्यक्षेत्र चुन लिया तो समझ लीजिए कि बहुत बड़ा काम कर लिया।


प्रश्न.1: लॉर्ड वेस्टरफील्ड का क्या सिद्धान्त था?
(क) वे स्वाभाविक प्रवृत्तियों की अपेक्षा परिश्रम को ही सफलता का आधार मानते थे
(ख) परिश्रम न करना
(ग) बचपन की रुचियों की तरफ ध्यान न देना
(घ) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर विकल्प है (क)


प्रश्न.2: इसे उसने सर्वप्रथम किस पर आजमाया? 
(क) विद्यार्थियों पर
(ख) अपने बेटे स्टेनहाप पर
(ग) अपने मित्रों पर
(घ) उपर्युक्त से कोई नहीं

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.3: बालक आगे चलकर कैसा मनुष्य बनेगा, इसका अनुमान कैसे लगाया जा सकता है?
(क) उसकी शरारतों को देखकर
(ख) बचपन में ही उसकी रुचि एवं कार्यों को देखकर
(ग) उसकी शिक्षा को देखकर
(घ) उपर्युक्त से कोई नहीं

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.4: सही कार्यक्षेत्र चुनने के क्या लाभ हैं?
(क) मनुष्य कम परिश्रम से कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है
(ख) उसे असफलता प्राप्त होती है
(ग) उसे धन की प्राप्ति होती है
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

सही उत्तर विकल्प है (क)


प्रश्न.5: उपर्युक्त गद्यांश के लिए एक उपयुक्त शीर्षक दीजिए।
(क) सफलता का मूल मंत्र
(ख) प्रवृत्ति और परिश्रम
(ग) बचपन की प्रवृत्तियाँ
(घ) दिशाहीन परिश्रम

सही उत्तर विकल्प है (ख)


2. नीचे दो गद्यांश दिए गए हैं। किसी एक गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर दीजिए-

आज का विद्यार्थी भविष्य की सोच में कुछ अधिक लग गया है। भविष्य कैसा होगा, वह भविष्य में क्या बनेगा, इस प्रश्न को सुलझाने में या दिवास्वप्न देखने में वह बहुत समय नष्ट कर देता है। भविष्य के बारे में सोचिए, लेकिन भविष्य को वर्तमान पर हावी मत होने दीजिए क्योंकि वर्तमान ही भविष्य की नींव बन सकता है। अतः नींव को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है कि भान तो भविष्य का भी हो, लेकिन ध्यान वर्तमान पर रहे। आपकी सफलता का मूलमंत्र यही हो सकता है कि आप एक स्वप्न लें, सोचो, कि आपको क्या बनना है और क्या करना है और स्वप्न के अनुसार कार्य करना प्रारम्भ करें। वर्तमान रूपी नींव को मजबूत करें और यदि वर्तमान रूपी नींव सबल बनती गई, तो भविष्य का भवन भी अवश्य बन जायेगा। जितनी मेहनत हो सके, उतनी मेहनत करें और निराशा को जीवन में स्थान न दें। यह सोचते हुए समय खराब न करें कि अब मेरा क्या होगा, मैं सफल भी हो पाऊँगा या नहीं? ऐसा करने में आपका समय नष्ट होगा और जो समय नष्ट करता है, तो समय उसे नष्ट कर देता है। वर्तमान में समय का सदुपयोग भविष्य के निर्माण में सदा सहायक होता है। भविष्य के बारे में अधिक सोच या अधिक चर्चा करने से चिंताएँ घेर लेती हैं। ये चिंताएँ वर्तमान के कर्म में बाधा उत्पन्ना करती हैं। ये बाधाएँ हमारे उत्साह को, लगन को धीमा करती हैं और लक्ष्य हमसे दूर होता चला जाता है। निःसन्देह भविष्य के लिए योजनाएँ बनानी चाहिए, किन्तु वर्तमान को विस्मृत नहीं करना चाहिए। भविष्य को नींव बनाने में वर्तमान का परिश्रम भविष्य की योजनाओं से अधिक महत्त्वपूर्ण है।


प्रश्न.1: आज का विद्यार्थी अपना समय किन बातों में नष्ट कर देता है? 
(क) भविष्य की सोच में या दिवास्वप्न देखने में
(ख) फिल्में देखने में
(ग) सोशल नेटवर्किंग में
(घ) सैर-सपाटा करने में

सही उत्तर विकल्प है (क)


प्रश्न.2: हमारी सफलता का मूलमंत्र क्या हो सकता है?
(क) केवल दिवास्वप्न देखते रहना
(ख) भविष्य की योजनाएँ बनाने में व्यस्त रहना
(ग) स्वप्न देखकर लक्ष्य निर्धारित करना
(घ) वर्तमान को भुला देना

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.3: समय का हमारे जीवन में क्या महत्व बताया गया है?
(क) वर्तमान के निर्माण में सहायक
(ख) भविष्य के निर्माण में सहायक
(ग) भूतकाल के कार्यों में सहायक
(घ) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.4: हम अंततः लक्ष्य से कैसे दूर होते जाते हैं? 
(क) वर्तमान से चिंतित होकर
(ख) भविष्य के विषय में सोचकर, चिंतित होने से
(ग) निराशापूर्ण स्थिति के कारण
(घ) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर विकल्प है (क)


प्रश्न.5: उपर्युक्त गद्यांश के लिए एक उपयुक्त शीर्षक है-
(क) वर्तमान का महत्व
(ख) वर्तमान भविष्य की नींव
(ग) भविष्य की सोच
(घ) वर्तमान में परिश्रम न करना

सही उत्तर विकल्प है (ख)


अथवा

वर्तमान युग कंप्यूटर युग है। यदि भारतवर्ष पर नज़र दौड़ाकर देखें तो हम पाएँगे कि जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में कंप्यूटर का प्रवेश हो गया है। बैंक, रेलवे-स्टेशन, हवाई-अड्डे, डाकखाने, बड़े-बड़े उद्योग-कारखाने, व्यवसाय, हिसाब-किताब, रुपये गिनने तक की मशीनें कंप्यूटरीकृत हो गई हैं। अब भी यह कंप्यूटर का प्रारंभिक प्रयोग है। आने वाला समय इसके विस्तृत फैलाव का संकेत दे रहा है। प्रश्न उठता है कि क्या कंप्यूटर आज की ज़रूरत है? इसका उत्तर है- कंप्यूटर जीवन की मूलभूत अनिवार्य वस्तु तो नहीं है, किन्तु इसके बिना आज की दुनिया अधूरी जान पड़ती है। सांसारिक गतिविधियों, परिवहन और संचार उपकरणों आदि का ऐसा विस्तार हो गया है कि उन्हें सुचारू रूप से चलाना अत्यंत कठिन होता जा रहा है।
पहले मनुष्य जीवन-भर में अगर सौ लोगों के संर्पक में आता था तो आज वह दो-हज़ार लोगों के संर्पक में आता है। पहले दिन में पाँच-दस लोगों से मिलता था तो आज पचास-सौ लोगों से मिलता है। पहले वह दिन में काम करता था तो आज रातें भी व्यस्त रहती हैं। आज व्यक्ति के संर्पक बढ़ रहे हैं, व्यापार बढ़ रहे हैं, गतिविधियाँ बढ़ रही हैं, आकांक्षाएँ बढ़ रही हैं, साधन बढ़ रहे हैं। इस अनियंत्रित गति को सुव्यवस्था देने की समस्या आज की प्रमुख समस्या है। कहते हैं, आवश्यकता आविष्कार की जननी है। इस आवश्यकता ने अपने अनुसार निदान ढूँढ़ लिया है।
कंप्यूटर एक ऐसी स्वचालित प्रणाली है जो वैसी भी अव्यवस्था को व्यवस्था में बदल सकती है। हड़बड़ी में होने वाली मानवीय भूलों के लिए कंप्यूटर रामबाण औषधि है। क्रिकेट के मैदान में अंपायर की निर्णायक भूमिका हो या लाखों-करोड़ों की लंबी-लंबी गणनाएँ, कंप्यूटर पलक झपकते ही आपकी समस्या हल कर सकता है। पहले इन कामों को करने वाले कर्मचारी हड़बड़ाकर काम करते थे, एक भूल से घबराकर और अधिक गड़बड़ी करते थे। परिणामस्वरूप, काम कम, तनाव अधिक होता था। अब कंप्यूटर की सहायता से काफी सुविधा हो गई है।


प्रश्न.1:  वर्तमान युग कंप्यूटर का युग क्यों है?
(क) कंप्यूटर के बिना जीवन की कल्पना असंभव-सी हो गयी है
(ख) कंप्यूटर ने पूरे विश्व के लोगों को जोड़ दिया है
(ग) कंप्यूटर जीवन की अनिवार्य मूलभूत वस्तु बन गया है
(घ) कंप्यूटर मानव सभ्यता के सभी अंगों का अभिन्न अवयव बन चुका है

सही उत्तर विकल्प है (क)


प्रश्न.2: गद्यांश के अनुसार कंप्यूटर के महत्व के विषय में कौन-सा विकल्प सही है?
(क) कंप्यूटर काम के तनाव को समाप्त करने का उपाय है
(ख)  कंप्यूटर कई मानवीय भूलों को निर्णायक रूप से सुधार देता है
(ग) कंप्यूटर के आने से सारी हड़बड़ाहट दूर हो गई है
(घ) मानव की सारी समस्याओं का हल कंप्यूटर से संभव है

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.3: गद्यांश के अनुसार किस आवश्यकता ने कंप्यूटर में अपना निदान ढूँढ़ लिया है? 
(क) अनियंत्रित कर्मचारियों को अनुशासित करने की
(ख) अनियंत्रित गति को सुव्यवस्था देने की
(ग) अधिक से अधिक लोगों से जुड़कर जन-जागरण लाने की
(घ) अधिक से अधिक कार्य कभी भी व कहीं भी करने की

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.4: कंप्यूटर के प्रयोग से पहले अधिक तनाव क्यों होता था?
(क) लंबी-लंबी गणनाएँ करनी पड़ती थीं
(ख) गलतियों के डर से कर्मचारी घबराए रहते थे
(ग) क्रिकेट मैचों में गलत निर्णय का खतरा रहता था
(घ) मानवीय भूलों के कारण बड़ी दुर्घटनाएँ होती थीं

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.5: कंप्यूटर के बिना आज की दुनिया अधूरी है क्योंकि-
(क) सारी व्यवस्था, उपकरण और मशीनें कंप्यूटरीकृत हैं
(ख) कंप्यूटर ही मानव एकीकरण का आधार है
(ग) कंप्यूटर ने सारी प्रक्रियाएँ आसान बना दी हैं
(घ) कंप्यूटर द्वारा मानव सभ्यता अधिक समर्थ हो गयी है

सही उत्तर विकल्प है (ग)

खंड-ख (व्यावहारिक व्याकरण)

3. निम्नलिखित पाँच भागों में से किन्ही चार प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए- 


प्रश्न.1:  मुकेश अत्यन्त विद्वान और प्रतिभाशाली छात्र है। वाक्य में रेखांकित पदबंध है- 
(क) संज्ञा पदबंध
(ख) क्रिया पदबंध
(ग) विशेषण पदबंध
(घ) क्रिया विशेषण पदबंध

सही उत्तर विकल्प है (ग)

यह पदबंध ‘मुकेश’ संज्ञा की विशेषता बता रहा है।


प्रश्न.2: वह घर से निकलकर बाज़ार की ओर जा रहा है। वाक्य में क्रिया पदबंध है- 

(क) वह घर से
(ख) घर से निकलकर

(ग) बाजार की ओर 
(घ) जा रहा है

सही उत्तर विकल्प है (घ)

यह पद समूह वाक्य की मुख्य या समापिका क्रिया का बोध करा रहा है।


प्रश्न.3: घायल बच्चा धीरे-धीरे चलता हुआ घर पहुँचा। वाक्य में रेखांकित पदबंध है-
(क) संज्ञा पदबंध 
(ख) क्रिया पदबंध
(ग) विशेषण पदबंध 
(घ) क्रिया विशेषण पदबंध

सही उत्तर विकल्प है (घ)

यह पदबंध ‘पहुँचा’ क्रिया की विशेषता (ढंग) बता रहा है।


प्रश्न.4: विद्यालय देर से पहुँचने वाला वह आज समय पर आया है। वाक्य में रेखांकित पदबंध है-
(क) संज्ञा पदबंध
(ख) क्रिया पदबंध

(ग) विशेषण पदबंध 
(घ) सर्वनाम पदबंध

सही उत्तर विकल्प है (घ)

यह पूरा शब्द समूह ‘वह’ सर्वनाम का ही विस्तार है।


प्रश्न.5: जो पदबंध संज्ञा या सर्वनाम के रूप में कार्य करते हैं, उन्हें ................ पदबंध कहते हैं। 
(क) संज्ञा
(ख) विशेषण
(ग) क्रिया 
(घ) सर्वनाम

सही उत्तर विकल्प है (ख)


4. निम्नलिखित पाँच भागों में से किन्ही चार प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए-


प्रश्न.1: बालिकाएँ नाच रहीं हैं और गा रही हैं। (सरल वाक्य में बदलिए)

(क) क्योंकि बालिकाएँ नाच रही हैं इसलिए गा भी रही हैं
(ख) बालिकाएँ नाचते हुए गा रही हैं
(ग) बालिकाओं को नाचना और गाना है
(घ) बालिकाएँ नाच और गा रही हैं

सही उत्तर विकल्प है (घ)

समें एक उद्देश्य और एक मुख्य समापिका क्रिया है, अतः यह सरल वाक्य है।


प्रश्न.2: जिस वाक्य में एक प्रधान वाक्य और एक या एक-से अधिक आश्रित उपवाक्य हों तो उसे..........वाक्य कहते हैं। 
(क) सरल वाक्य 
(ख) मिश्र वाक्य
(ग) मुख्य वाक्य
(घ) संयुक्त वाक्य

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.3: आप द्वार पर खड़े होकर अपने पिताजी की प्रतीक्षा करें। (संयुक्त वाक्य में बदलिए)

(क) यदि आपको अपने पिताजी की प्रतीक्षा करनी है तो द्वार पर खड़े हो जाएँ
(ख) क्योंकि आपको अपने पिताजी की प्रतीक्षा करनी है इसलिए द्वार पर खड़े हो जाएँ
(ग) आप द्वार पर खड़े हों और अपने पिताजी की प्रतीक्षा करें
(घ) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर विकल्प है (ग)

इसमें दो स्वतन्त्र वाक्य ‘और’ योजक द्वारा जुड़े हैं अतः यह संयुक्त वाक्य है।


प्रश्न.4: मेरे पिताजी विद्यालय आए और प्रधानाचार्य से मिले। (मिश्र वाक्य में बदलिए) 
(क) मेरे पिताजी आकर प्रधानाचार्य से मिले
(ख) मेरे पिताजी आएँगे और प्रधानाचार्य से मिलेंगे
(ग) क्योंकि मेरे पिताजी को प्रधानाचार्य से मिलना था इसलिए वे विद्यालय आए
(घ) मेरे पिताजी आकर प्रधानाचार्य से मिलकर चले गए

सही उत्तर विकल्प है (ग)

इस रूपांतरित वाक्य में एक प्रधान और एक आश्रित उपवाक्य है अतः यह मिश्र वाक्य है।


प्रश्न.5: निम्नलिखित वाक्यों में से संयुक्त वाक्य चुनकर लिखिए
(क) मोहन खाना खाकर सो गया
(ख) मोहन ने खाना खाया और सो गया
(ग) जैसे ही मोहन ने खाना खाया वह सो गया
(घ) मोहन खाना खाते ही सो गया

सही उत्तर विकल्प है (ख)

इसमें दो स्वतन्त्र वाक्य-1.मोहन ने खाना खाया, 2.मोहन सो गया ‘और’ योजक द्वारा जुड़े हैं अतः यह संयुक्त वाक्य है।

5. निम्नलिखित छह भागों में से किन्ही चार प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए-


प्रश्न.1: ‘सप्तर्षि’ में कौन-सा समास है?
(क) द्विगु समास
(ख) तत्पुरुष समास

(ग) कर्मधारय समास 
(घ) द्वंद्व समास

सही उत्तर विकल्प है (क)

समें पहला पद संख्या वाची है-सप्त (सात) अतः यह द्विगु समास है।


प्रश्न.2: ‘शरणागत’ समस्त पद में कौन-सा समास है?

(क) बहुव्रीहि समास
(ख) कर्मधारय समास
(ग) तत्पुरुष समास
(घ) द्विगु समास

सही उत्तर विकल्प है (ग)

इसका समास विग्रह होगा-शरण में आगत। इसका दूसरा पद प्रधान है और समस्त पद बनाते समय ‘में’ विभक्ति का लोप हुआ है।


प्रश्न.3: ‘यथासमय’ समस्त पद में कौन-सा समास है?
(क) द्वंद्व समास 
(ख) अव्ययी भाव समास
(ग) बहुव्रीहि समास
(घ) द्विगु समास

सही उत्तर विकल्प है (ख)

सका पूर्व पद प्रधान और अव्यय (यथा) है अतः यह अव्ययीभाव समास है।


प्रश्न.4: ‘गिरि को धारण करने वाला’ अर्थात् श्रीकृष्ण-समास विग्रह के लिए कौन-सा समास होगा?
(क) द्विगु समास 
(ख) तत्पुरुष समास
(ग) अव्ययी भाव समास
(घ) बहुव्रीहि समास

सही उत्तर विकल्प है (घ)

समें दोनों पद प्रधान न होकर तीसरा पद अर्थात् श्रीकृष्ण प्रधान हैं।


प्रश्न.5: ‘तत्पुरुष समास’ के लिए सही समस्त पद कौन-सा है ?
(क) कलामर्मज्ञ 
(ख) लंबोदर
(ग) तन-मन-धन
(घ) तिरंगा

सही उत्तर विकल्प है (क)

इसका उत्तर प्रद प्रधान है और ‘कला में मर्मज्ञ’ समास विग्रह का समस्त पद बनाते समय ‘में’ विभक्ति का लोप होता है।


प्रश्न.6: ‘निडर’ शब्द किस समास का उदाहरण है ?
(क) तत्पुरुष समास
(ख) द्विगु समास
(ग) बहुब्रीहि समास
(घ) अव्ययीभाव समास

सही उत्तर विकल्प है (घ)

इसमें पहला पद ‘नि’ अव्यय तथा प्रधान है। इसलिए यह अव्ययीभाव समास का उदाहरण है।


6. निम्नलिखित पाँच भागों में से किन्ही चार प्रश्नों के सही उत्तर निर्देशानुसार दीजिए तथा सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए-


प्रश्न.1: सड़क पर तेज़ गाड़ी चलाने का मतलब है ............... कब दुर्घटना हो जाए भरोसा नहीं। रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उचित मुहावरा है-
(क) घड़ों पानी पड़ना
(ख) सिर पर तलवार लटकना
(ग) आकाश से तारे तोड़ना
(घ) अपने पाँवों पर कुल्हाड़ी मारना

सही उत्तर विकल्प है (घ)


प्रश्न.2: वह रात-दिन .................. रहता है, परन्तु उसके लिए कभी परिश्रम नहीं करता। रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उचित मुहावरा है-
(क) आवाज़ उठाना
(ख) आकाश-पाताल एक करना
(ग) सपनों के महल बनाना
(घ) टाँग अड़ाना

सही उत्तर विकल्प है (ग)


प्रश्न.3: एक दिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता में गेंद को सीमा रेखा से बाहर पहुँचाना विराट कोहली के लिए ................. है। रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उचित मुहावरा है-
(क) बाएँ हाथ का खेल
(ख) आँखों में धूल झोंकना
(ग) खून-पसीना एक करना
(घ) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर विकल्प है (क)


प्रश्न.4: परीक्षा के समय रमेश को आवारागर्दी करते देखकर उसके पिताजी ने उसे .................। 
रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उचित मुहावरा है- 
(क) अंगूठा दिखाना
(ख) आड़े हाथों लेना
(ग) टका-सा जबाब देना
(घ) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.5: ‘पाँचों उँगली घी में होना’ मुहावरे का अर्थ है-
(क) उँगली से घी निकालना
(ख) लाभ ही लाभ होना
(ग) स्वावलंबी होना
(घ) खुशियाँ मनाना

सही उत्तर विकल्प है (ख)

खंड - ग (पाठ्यपुस्तक) 

7. निम्नलिखित काव्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर उचित विकल्प चुनकर दीजिए-

स्याम म्हाने चाकर राखो जी,
गिरधारी लाला म्होंने चाकर राखोजी
चाकर रहस्यूँ बाग लगास्यूँ नित उठ दरसण पास्यूँ
बिन्दरावन री कुंज गली में, गोविन्द लीला गास्यूँ
चाकरी में दरसण पास्यूँ, सुमरण पास्यूँ खरची
भाव भगत जागीरी पास्यूँ, तीनूं बाताँ सरसी


प्रश्न.1: मीरा कृष्ण से क्या प्रार्थना कर रही हैं ? 

(क) उनकी पीड़ा दूर करने की
(ख) सेविका के रूप में स्वीकार करने की
(ग) प्रेमिका के रूप में स्वीकार करने की
(घ) उन्हें अपने पास रखने की

सही उत्तर विकल्प है (ख)

मीरा स्वयं को अपने आराध्य श्री कृष्ण की दासी समझती हैं और वे चाहती हैं कि वे उसी रूप में उन्हें स्वीकार करें।


प्रश्न.2: कृष्ण की सेविका बनकर मीरा क्या करना चाहतीं हैं ?
(क) बाग सजाना, दर्शन करना, गीत गाना
(ख) प्रशंसा के गीत गाना और गोकुल में रहना
(ग) रोज़ उठकर उनके दर्शन करना और रोना
(घ) उनकी याद में रोना, दर्शन करना, गीत गाना

सही उत्तर विकल्प है (क)


प्रश्न.3: मीरा वृंदावन की गलियों में- 
(क) कृष्ण से मिलना चाहती हैं
(ख) कृष्ण का गुणगान करना चाहती हैं
(ग) कृष्ण को उलाहना देना चाहती हैं
(घ) कृष्ण की प्रतीक्षा करना चाहती हैं

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.4: कृष्ण की भाव-भक्ति में डूबना किसके समान है ? 
(क) सुख और वैभव के समान
(ख) मान-सम्मान के समान
(ग) धन-दौलत के समान
(घ) धन और सम्मान के समान

सही उत्तर विकल्प है ()

मीरा अपने आराध्य श्री कृष्ण की अनन्य उपासिका थीं। इसलिए उनकी भक्ति में डूबना मीरा के लिए धन-दौलत के समान है।


8. निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर उचित विकल्प छाँटकर दीजिए

ग्वालियर में हमारा एक मकान था। उस मकान के दालान में दो रोशनदान थे। उसमें कबूतर के एक जोड़े ने घोंसला बना लिया था। एक बार बिल्ली ने उचककर दो में से एक अण्डा तोड़ दिया। मेरी माँ ने देखा तो उसे दुख हुआ। उसने स्टूल पर चढ़कर दूसरे अण्डे को बचाने की कोशिश की। लेकिन इस कोशिश में दूसरा अंडा उसी के हाथ से गिरकर टूट गया। कबूतर परेशानी में इधर-उधर फड़फड़ा रहे थे। उनकी आँखों में दुख देखकर मेरी माँ की आँखों में आँसू आ गए। इस गुनाह को खुदा से मुआफ़ कराने के लिए उसने पूरे दिन रोज़ा रखा। दिनभर कुछ खाया-पिया नहीं, सिर्फ रोती रही और बार-बार नमाज पढ़-पढ़कर खुदा से इस गलती को मुआफ़ करने की दुआ माँगती रही।


प्रश्न.1: लेखक की माँ किस बात से दुखी थी ?
(क) घर में कबूतरों ने घोंसला बना लिया था
(ख) कबूतर के दोनों अण्डे टूट गए थे
(ग) कबूतर अंडों को छोड़कर चले गए थे
(घ) बिल्ली अंडों को खा गई थी

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.2: लेखक की माँ खुदा से किस गुनाह को माफ कराना चाहती थी ?

(क) पहला अंडा तोड़ने का गुनाह
(ख) बिल्ली को मारने का गुनाह
(ग) दूसरा अंडा टूट जाने का गुनाह
(घ) कबूतर का घोंसला तोड़ने का गुनाह
सही उत्तर विकल्प है (ग)


प्रश्न.3: प्रस्तुत गद्यांश से पता चलता है कि लेखक की माँ अत्यधिक- 

(क) संवेदनशील थीं
(ख) स्वार्थी थीं
(ग) कमजोर थीं
(घ) डरपोक थीं

सही उत्तर विकल्प है (क)
लेखक की माँ अत्यन्त संवेदनशील थीं इसीलिए वे कबूतर को परेशान देखकर बहुत दुखी थीं और अपने हाथों उसका दूसरा अण्डा टूट जाने के गुनाह का प्रायश्चित करने के लिए उन्होंने रोजा भी रखा।


प्रश्न.4: गद्यांश में प्रयुक्त निम्नलिखित शब्दों में से कौन-सा शब्द प्रत्यय के मेल से नहीं बना है ?

(क) गुनाह
(ख) परेशानी
(ग) रोशनदान
(घ) दिनभर

सही उत्तर विकल्प है (क)

अन्य तीन शब्दों-परेशानी में ‘ई’ प्रत्यय, रोशनदान में-‘दान’ और दिन भर में ‘भर’ प्रत्यय है।


प्रश्न.5: माँ की आँखों में आँसू आ गए थे क्योंकि-
(क) कबूतर का अंडा बिल्ली ने तोड़ दिया था
(ख) कबूतर का अंडा लेखक की माँ से टूट गया था
(ग) लेखक की पत्नी ने कबूतर का अंडा तोड़ दिया था
(घ) कबूतर की आँखों में दुख देखकर व्यथित हो गई थीं

सही उत्तर विकल्प है (घ)


9. निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर उचित विकल्प छाँटकर दीजिए- 

वामीरो के रुदन स्वरों को सुनकर उसकी माँ वहाँ पहुँची और दोनों को देखकर आग बबूला हो उठी। सारे गाँव वालों की उपस्थिति में यह दृश्य उसे अपमानजनक लगा। इस बीच गाँव के कुछ लोग भी वहाँ पहुँच गए। वामीरो की माँ क्रोध में उफन उठी। उसने तताँरा को तरह-तरह से अपमानित किया। गाँव के लोग भी तताँरा के विरोध में आवाजे़ं उठाने लगे। यह तताँरा के लिए असहनीय था। वामीरो भी रोए जा रही थी। तताँरा भी गुस्से से भर उठा। उसे जहाँ विवाह की निषेध परम्परा पर क्षोभ था वहीं अपनी असहायता पर खीझ। वामीरो का दुख उसे और गहरा कर रहा था। उसे मालूम न था कि क्या कदम उठाना चाहिए। अनायास उसका हाथ तलवार की मूठ पर जा टिका। क्रोध में तलवार निकाली और कुछ विचार करता राह। क्रोध लगातार अग्नि की तरह बढ़ रहा था। लोग सहम उठे, एक सन्नाटा सा खिंच गया। जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसने शक्ति भर उसे धरती में घोंप दिया और ताकत से उसे खींचने लगा। वह पसीने से नहा उठा। सब घबराए हुए थे। वह तलवार को अपनी तरफ़ खींचते-खींचते दूर तक पहुँच गया। वह हाँफ रहा था। अचानक जहाँ तक लकीर खिंच गई थी, वहाँ एक दरार होने लगी। मानो धरती दो टुकडों में बँटने लगी हो।


प्रश्न.1: गाँव के लोग तताँरा के विरोध में आवाज़ों क्यों उठा रहे थे ?

(क) वे तताँरा को अपमानित करना चाहते थे
(ख) वे गाँव की निषेध परम्परा के पक्ष में थे
(ग) गाँव की रीति के विरोध में थे
(घ) तताँरा को पशु पर्व में शामिल नहीं करना चाहते थे

सही उत्तर विकल्प है ()


प्रश्न.2: तताँरा ने अपने क्रोध का शमन करने के लिए क्या किया ? 

(क) वामीरो की माँ को बुरा-भला सुनाया
(ख) सब गाँव वालों के विरोध में आवाज़ उठाई
(ग) अपनी तलवार से उपस्थित लोगों पर वार
(घ) अपनी तलवार को धरती में गाड़ दिया

सही उत्तर विकल्प है ()


प्रश्न.3: वामीरो की माँ के गुस्से का कारण क्या था ?
(क) गाँव वालों का विरोध
(ख) पशु पर्व का आयोजन
(ग) वामीरो का रोना
(घ) तताँरा का तलवार खींचना

सही उत्तर विकल्प है ()


प्रश्न.4:  ‘लोग सहम उठे, एक सन्नाटा-सा खिंच गया।’ लोगों का सहम जाना दर्शाता है कि वे
(क) विलक्षण दैवीय तलवार को देखने लग गए थे
(ख) किसी भावी दुष्परिणाम की आशंका से ग्रसित थे
(ग) जानते थे कि द्वीप दो भागों में बँट जाएगा
(घ) तताँरा-वामीरो के विवाह के लिए सहमत हो गए थे

सही उत्तर विकल्प है ()

तँतारा को क्रोध में धरती में तलवार घोंपते देखकर लोग किसी आने वाले खतरे के अनुमान या आशंका से घबरा उठे।


प्रश्न.5: प्रस्तुत गद्यांश में किस घटना का वर्णन है ?
(क) वामीरो की त्यागमयी मृत्यु का
(ख) निकोबार द्वीप के दो भागों में बँटने का
(ग) तताँरा-वामीरो की प्रथम मुलाकात का
(घ) तताँरा के आत्मीय स्वभाव का

सही उत्तर विकल्प है ()

The document Class 10 Hindi B: CBSE Sample Question Paper- Term I (2021-22) - 1 Notes | Study CBSE Sample Papers For Class 10 - Class 10 is a part of the Class 10 Course CBSE Sample Papers For Class 10.
All you need of Class 10 at this link: Class 10

Related Searches

Sample Paper

,

Semester Notes

,

ppt

,

mock tests for examination

,

Important questions

,

Viva Questions

,

Previous Year Questions with Solutions

,

Class 10 Hindi B: CBSE Sample Question Paper- Term I (2021-22) - 1 Notes | Study CBSE Sample Papers For Class 10 - Class 10

,

Extra Questions

,

MCQs

,

Exam

,

Objective type Questions

,

Summary

,

study material

,

shortcuts and tricks

,

Free

,

past year papers

,

video lectures

,

Class 10 Hindi B: CBSE Sample Question Paper- Term I (2021-22) - 1 Notes | Study CBSE Sample Papers For Class 10 - Class 10

,

practice quizzes

,

Class 10 Hindi B: CBSE Sample Question Paper- Term I (2021-22) - 1 Notes | Study CBSE Sample Papers For Class 10 - Class 10

,

pdf

;