Class 10 Hindi B: CBSE Sample Question Paper- Term I (2021-22) - 4 Notes | Study CBSE Sample Papers For Class 10 - Class 10

Class 10: Class 10 Hindi B: CBSE Sample Question Paper- Term I (2021-22) - 4 Notes | Study CBSE Sample Papers For Class 10 - Class 10

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कक्षा 10

समय: 1:30 घण्टा
पूर्णांक: 40

सामान्य निर्देश:

(i) इस प्रश्नपत्र में तीन खंड हैं- खंड-क, खंड-ख और खंड-ग
(ii) खण्ड ‘क’ में कुल 2 प्रश्न पूछे गए हैं। दोनों प्रश्नों के कुल 20 उपप्रश्न दिए गए हैं। दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए कुल 10 उपप्रश्नों के उत्तर दीजिए।
(iii) खण्ड ‘ख’ में 4 प्रश्न हैं तथा इन सभी के 21 उपप्रश्न हैं। इनमें से निर्देशानुसार 16 उपप्रश्नों के उत्तर दीजिए।
(iv) खण्ड ‘ग’ में कुल प्रश्न हैं तथा 14 उपप्रश्न सम्मिलित हैं सभी उपप्रश्नों के उत्तर दीजिए।

खंड-क (अपठित गद्यांश)

1. नीचे दो गद्यांश दिए गए हैं। किसी एक गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर दीजिए-
अच्छा नागरिक बनने के लिए भारत के प्राचीन विचारकों ने कुछ नियमों का प्रावधान किया है। इन नियमों में वाणी और व्यवहार की शुद्धि, कर्त्तव्य और अधिकार का समुचित निर्वाह, शुद्धतम पारस्परिक सद्भाव और सेवा की भावना आदि नियम बहुत महत्वपूर्ण माने गए हैं। ये सभी नियम यदि एक व्यक्ति के चारित्रिक, गुणों के रूप में भी अनिवार्य माने जाएँ तो उसका अपना जीवन सुखी और आनंदमय हो सकता है। सभी गुणों का विकास एक बालक में यदि उसकी बाल्यावस्था से ही किया जाए तो वह अपने देश का श्रेष्ठ नागरिक बन सकता है। इन गुणों के कारण वह अपने परिवार, आस-पड़ोस, विद्यालय में अपने सहपाठियों एवं अध्यापकों के प्रति यथोचित व्यवहार कर सकेगा।
वाणी एवं व्यवहार की मधुरता सभी के लिए सुखदायक होती है, समाज में हार्दिक सद्भाव की वृद्धि करती हैं किन्तु अहंकारहीन व्यक्ति ही स्निग्ध वाणी और शिष्ट व्यवहार का प्रयोग कर सकता है। अहंकारी और दंभी व्यक्ति सदा अशिष्ट वाणी और व्यवहार का अभ्यासी होता है। जिसका परिणाम यह होता है कि ऐसे आदमी के व्यवहार से समाज में शांति और सौहार्द का वातावरण नहीं बनता।
जिस प्रकार एक व्यक्ति समाज में रहकर अपने व्यवहार से कर्त्तव्य और अधिकार के प्रति सजग रहता है, उसी तरह देश के प्रति भी उसका व्यवहार कर्त्तव्य और अधिकार की भावना से भावित रहना चाहिए। उसका कर्त्तव्य हो जाता है कि न तो वह स्वयं कोई ऐसा काम करे और न ही दूसरों को करने दे, जिसमें देश के सम्मान, सम्पत्ति और स्वाभिमान को ठेस लगे।
समाज एवं देश में शांति बनाए रखने के लिए धार्मिक सहिष्णुता भी बहुत आवश्यक है। यह वृत्ति तभी आ सकती है जब व्यक्ति संतुलित व्यक्तित्व का हो। वह आंतरिक व बाहरी संघर्ष से परे सामाजिकता की अनुभूति से परिपूर्ण व्यक्तित्व वाला होना चाहिए।
प्रश्न.1: गद्यांश के संदर्भ में अच्छा नागरिक बनने के लिए नियमों का प्रावधान आवश्यक है, क्योंकि यह-
(क) स्वतंत्रता को बढ़ावा देता है जिससे वातावरण को शांति से परिपूर्ण करता है
(ख) व्यक्तित्व को निखारकर जीवन को आमोद-प्रमोद से परिपूर्ण करता है
(ग) व्यक्तित्व को निखारकर जीवन को सुख और मंगलकामना से परिपूर्ण करता है
(घ) व्यक्ति को अहंकार, स्निग्ध वाणी और शिष्ट व्यवहार से परिपूर्ण करता है

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.2: वाणी एवं व्यवहार की मधुरता सभी के लिए सुखदायक होती है। इस कथन के लिए उपयुक्त तर्क है-
(क)
देश के सम्मान, सम्पत्ति और स्वाभिमान को ठेस पहुँचती है
(ख) 
देश व समाज में शान्ति और सौहार्द का वातावरण नहीं बनता
(ग) 
कर्त्तव्य और अधिकार का समुचित निर्वाह बहुत आवश्यक है
(घ) 
समाज में हार्दिक सद्भाव की वृद्धि और सुख की प्रतिष्ठा होती है

सही उत्तर विकल्प है (घ)


प्रश्न.3: अहंकारी और दंभी व्यक्ति सदा अभ्यासी होता है-
(क) अशिष्ट वाणी और व्यवहार का
(ख) मधुर एवं अशिष्ट व्यवहार का
(ग) अशिष्ट वाणी एवं व्यवहार की शुद्धि का
(घ) स्निग्ध वाणी और अशिष्ट व्यवहार का

सही उत्तर विकल्प है (क)


प्रश्न.4: संतुलित व्यक्तित्व से तात्पर्य है-
(क) आंतरिक व बाहरी संघर्ष से सम्पूर्ण सामाजिकता की अनुभूति से परिपूर्ण व्यक्तित्व
(ख) देश में पूर्णतः आदर्श नागरिक का व्यवहार करने वाला सुखदायक व्यक्तित्व
(ग) आंतरिक व बाहरी संघर्ष से रहित सम्पूर्ण सामाजिकता की अनुभूति से परिपूर्ण व्यक्तित्व
(घ) कर्त्तव्य और अधिकार के प्रति सजग रहने वाला भावुक प्रवृत्ति से परिपूर्ण व्यक्तित्व

सही उत्तर विकल्प है (ग)


प्रश्न.5: धार्मिक सहिष्णुता की स्थापना आवश्यक है क्योंकि इससे-
(क) 
अधिकार और कर्त्तव्य पर विजय प्राप्त हो जाएगी
(ख) 
देश की सम्पत्ति को नुकसान नहीं पहुँचाएगा
(ग) 
भारतीय संविधान की प्रतिष्ठा बनी रहेगी
(घ) 
समाज एवं देश में शांति व्यवस्था बनी रहेगी

सही उत्तर विकल्प है (घ)


अथवा
बड़ा बनने के लिए हमें विशाल काम करने की ज़रूरत नहीं होती, बल्कि प्रत्येक काम में विशालता के चिन्ह्खो जने पड़ते हैं। अपने अंतर्मन में सदैव जिज्ञासा को जन्म देना होता है। दुनिया में ज्ञान का जो बोलबाला है, उसमें हमारे कौतूहल की केन्द्रीय भूमिका है। अल्बर्ट आइंस्टीन ने एक बार अपने साक्षात्कार में कहा था कि हमारी जिज्ञासा ही हमारे अस्तित्व का आधार है। बिना प्रश्न के हमारे जीवन में न गति आएगी और न कोई रस होगा जब हम चिंतन करते हैं, तब नई बातें सामने आती हैं। सवाल करने का ही परिणाम है कि नई तकनीक ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी चीजें आज दुनिया में आ रही हैं। जब हम कहते हैं क्यों, कैसे, क्या, तब हमारे अंदर की स्नायु प्राण ऊर्जा और संकल्प एक नई गति और उत्साह के साथ नवीनता की यात्रा करने लगते हैं। हमें इस दुनिया की इतनी आदत पड़ चुकी है कि - लीक से हटकर सोचना नहीं चाहते। कोई विभिन्नता नहीं, न ही कोई नवीनता है। यह कैसा जीवन है, जिसमें कोई कौतूहल नहीं कोई आश्चर्य नहीं ? इस जगत में हमारी स्थिति एक कीटाणु या विषाणु की तरह है, जो अपनी सुखमयी व्यवस्था में पड़े रहते हैं। लेकिन जो स्वतंत्र होते हैं, वे हृदय की आवाज़ सुनते हैं। जो बड़ा होना चाहते हैं, इस दुनिया और इसकी प्रत्येक घटना, वस्तु एवं स्थिति पर अपना आश्चर्य प्रकट करते हैं। प्रत्येक घटना और वस्तु से परे हटकर सोचने और उसको देखने की कोशिश जो करते हैं, यही बड़ा बनते हैं। जिज्ञासु मन और बुद्धि ही दर्शन और विज्ञान की दुनिया बनाते हैं।
प्रश्न.1: प्रत्येक काम में विशालता के चिहन खोजने से लेखक का अभिप्राय है-
(क) 
बड़ी सोच व्यक्ति को बड़ा बनने की प्रेरणा देती है
(ख) 
प्रत्येक काम को महत्त्व देकर गहराई से समझें
(ग) 
प्रत्येक काम को करने के लिए सदैव तत्पर रहें
(घ) 
प्रत्येक काम का आयोजन बड़े पैमाने पर करें

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.2: अस्तित्व शब्द का अर्थ है-
(क)
विद्यमानता
(ख) 
जिज्ञासु प्रवृत्ति
(ग) 
गतिमान 
(घ)
नवीनता

सही उत्तर विकल्प है (क)


प्रश्न.3: नवीनता की यात्रा करने से हम परम्परागत प्रणालियों से विमुख हो रहे हैं। नवीनता के पक्षधर के रूप में इसकी आवश्यकता के लिए उपयुक्त तर्क है-
(क) 
हमारी मानसिक स्थिति एक कीटाणु या विषाणु की तरह है
(ख) 
हमारे शारीरिक, मानसिक, चारित्रिक व राष्ट्रीय विकास के लिए है
(ग) 
जो स्वतंत्र मानसिकता वाले होते हैं, वे दूसरों की आवाज़ सुनते हैं
(घ) 
जब हम चिंतन करते हैं, तब नई बातें सामने आती हैं

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.4: लीक से हटकर सोच को विकसित करने के लिए आवश्यक है-
(क) 
सुखमय व्यवस्था 
(ख) 
हृदय की आवाज़ सुनना
(ग) 
अंतर्मन में सदैव जिज्ञासा 
(घ) 
दर्शन और विज्ञान की दुनिया

सही उत्तर विकल्प है (ग)


प्रश्न.5: जिज्ञासा ही हमारे अस्तित्व के आधार की परिचायक है क्योंकि यह-
(क) 
व्यक्ति को नए जमाने का वैज्ञानिक दर्शाती है
(ख)
शारीरिक व मानसिक रूप से क्रियाशील रखती है
(ग) 
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता दर्शाती है
(घ) 
विश्वव्यापी स्तर पर स्थिति निर्धारित करती है

सही उत्तर विकल्प है (ख)


2. नीचे दो गद्यांश दिए गए हैं। किसी एक गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर दीजिए-
जानवरों में गधा सबसे बुद्धिहीन समझा जाता है हम जब किसी आदमी को पहले दर्जे का बेवकूफ कहना चाहते हैं तो उसे गधा कहते हैं। गधा सचमुच बेवकूफ है या उसके सीधेपन, उसकी निरापद सहिष्णुता ने उसे यह पदवी दे दी है, इसका निश्चय नहीं किया जा सकता। गायें सींग मारती हैं, ब्याई हुई गाय तो अनायास ही सिंहनी का रूप धारण कर लेती है। कुत्ता भी बहुत गरीब जानवर है, लेकिन कभी-कभी उसे भी क्रोध आ ही जाता है, लेकिन गधे को कभी क्रोध करते नहीं सुना, न देखा। जितना चाहो उसे मारो, चाहे जैसी खराब सड़ी हुई घास सामने डाल दो, उसके चेहरे पर कभी असंतोष की छाया भी न दिखाई देगी। वैशाख में चाहे एकाध बार कुलेल कर लेता हो पर हमने तो उसे कभी खुश होते नहीं देखा। उसके चेहरे पर एक स्थायी विषाद छाया रहता है। सुख-दुख, हानि-लाभ किसी दशा में भी उसे बदलते नहीं देखा। ऋषि-मुनियों के जितने गुण हैं, वह सभी उसमें पराकाष्ठा को पहुँच गए हैं, पर आदमी उसे बेवकूफ कहता है। सद्गुणों का इतना अनादर कहीं नहीं देखा। कदाचित सीधापन संसार के लिए उपयुक्त नहीं है।
प्रश्न.1: लेखक यह निश्चय नहीं कर पाता कि गधा बेवकूफ है या सीधा क्योंकि उसके अनुसार-
(क) 
गधा अपने-पराये की भावना से परे है 
(ख) 
गधा क्रोध व कुलेल नहीं करता है
(ग) 
गधा सीधा व सहिष्णु होता है 
(घ) 
गधे के चेहरे पर हर्ष व विषाद होता है

सही उत्तर विकल्प है (ग)


प्रश्न.2: गधे में ऋषि-मुनियों के कौन-कौन से गुण देखने को मिलते हैं?
(क) 
जप-तप करना 
(ख)
समानता का भाव
(ग) 
असंतोष की भावना 
(घ) 
कुलेल करना

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.3: आशय स्पष्ट कीजिए- ‘उसके चेहरे पर एक स्थायी विषाद छाया रहता है।
(क) 
गधा सदैव चुप रहता है, उसे खुश होते हुए कभी नहीं देखा गया
(ख) 
गधे को बहुत बोझ ढोना पड़ता है, इसी कारण वह थक जाता है
(ग) 
आदमी द्वारा दुर्व्यवहार करने व बेवकूफ कहने के कारण गधा दुखी है
(घ) 
गधे के प्रसन्न मुख पर सदा स्थिर संतोष छाया रहता है

सही उत्तर विकल्प है (क)


प्रश्न.4: गद्यांश में प्रयुक्त शब्दों ‘छाया, निश्चय, अनायास’ के लिए क्रमशः उचित विलोम शब्द हैं-
(क) 
असंतोष, अनिश्चय, छाया 
(ख) 
शीतलता, अनिश्चय, सायास
(ग) 
धूप, अनिश्चय, सायास 
(घ) 
वृक्ष, अनिश्चय, प्रयास

सही उत्तर विकल्प है (ग)


प्रश्न.5: ‘सीधापन संसार के लिए उपयुक्त नहीं है।’ लेखक का यह कथन व्यक्त करता है कि-
(क) 
उनका गधे के प्रति गहरा लगाव है
(ख) 
समाज में गधे को भी स्थान मिलता चाहिए
(ग) 
गधा निरापद सहिष्णु, सीधा-सादा होता है
(घ) 
वे सद्गुणों के अनादर के लिए चिंतित हैं

सही उत्तर विकल्प है (घ)


अथवा
साहित्य की शाश्वता का प्रश्न एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। क्या साहित्य शाश्वत होता है ? यदि हाँ, तो किस मायने में ? क्या कोई साहित्य अपने रचनाकाल के सौ वर्ष बीत जाने पर भी उतना ही प्रासंगिक रहता है, जितना वह अपनी रचना के समय था ? अपने समय या युग का निर्माता साहित्यकार क्या सौ वर्ष बाद की परिस्थितियों का भी युग-निर्माता हो सकता है। समय बदलता रहता है, परिस्थितियाँ और भावबोध बदलते हैं, साहित्य बदलता है और इसी के समानांतर पाठक की मानसिकता और अभिरुचि भी बदलती है। अतः कोई भी कविता अपने सामयिक परिवेश के बदल जाने पर ठीक वही उत्तेजना पैदा नहीं कर सकती, जो उसने अपने रचनाकाल के दौरान की होगी। कहने का तात्पर्य यह है कि एक विशेष प्रकार के साहित्य के श्रेष्ठ अस्तित्व मात्र से वह साहित्य हर युग के लिए उतना ही विशेष आकर्षण रखे, यह आवश्यक नहीं है। यही कारण है कि वर्तमान युग में इंगला, दें पिंगला, सुषुम्ना, अनहद नाद आदि पारिभाषिक शब्दावली मन में विशेष भावोत्तेजन नहीं करती। साहित्य की श्रेष्ठता मात्र ही उसके नित्य आकर्षण का आधार नहीं है। उसकी श्रेष्ठता का युगयुगीन आधार हैं, वे जीवन मूल्य तथा उनकी अत्यंत कलात्मक अभिव्यक्तियाँ जो मनुष्य की स्वतंत्रता तथा उच्चतर मानव-विकास के लिए पथ-प्रदर्शक का काम करती हैं। पुराने साहित्य का केवल वही श्री-सौंदर्य हमारे लिए ग्राह्य होगा, जो नवीन जीवन-मूल्यों के विकास में सक्रिय सहयोग दे अथवा स्थिति रक्षा में सहायक हो। कुछ लोग साहित्य की सामाजिक प्रतिबद्धता को अस्वीकार करते हैं। वे मानते हैं कि साहित्यकार निरपेक्ष होता है और उस पर कोई भी दबाव आरोपित नहीं होना चाहिए। किन्तु वे भूल जाते हैं कि साहित्य के निर्माण की मूल प्रेरणा मानव-जीवन में ही विद्यमान रहती है। जीवन के लिए ही उसकी सृष्टि होती है। तुलसीदास जब स्वांतः सुखाय काव्य-रचना करते हैं, तब अभिप्राय यह नहीं रहता कि मानव-समाज के लिए इस रचना का कोई उपयोग नहीं है, बल्कि उनके अंतःकरण में सम्पूर्ण संसार की सुख भावना एवं हित कामना सन्निहित रहती है। जो साहित्यकार अपने सम्पूर्ण व्यक्तित्व को व्यापक लोक जीवन में सन्निविष्ट कर देता है, उसी के हाथों स्थायी एवं प्रेरणाप्रद साहित्य का सृजन हो सकता है।
प्रश्न.1: साहित्य की श्रेष्ठता का निर्धारण सुनिश्चित करता है कि वह-
(क) व्यक्ति को बहुमुखी प्रतिभा का धनी बनाता है
(ख) लोक व्यवहार की पराकाष्ठा पर प्रतिक्रिया देता है
(ग)
सांस्कृतिक व ऐतिहासिक विरासत को बाधित करता है
(घ) पथ-प्रशस्त कर मूल्यों का समावेशन करके कला भाव जगाता है

सही उत्तर विकल्प है (घ)


प्रश्न.2: नवीन जीवन-मूल्यों के विकास में सक्रिय सहयोग से आशय है-
(क) 
स्वांतः सुखाय की कामना कर आगे बढ़ना 
(ख) 
श्री-सौंदर्य को प्राथमिकता देकर आगे बढ़ना
(ग) 
नवाचार व मूल्यों को आत्मसात कर आगे बढ़ना
(घ) वर्तमान में साहित्य के माध्यम से आगे बढ़ना

सही उत्तर विकल्प है (ग)


प्रश्न.3: ‘कोई साहित्य अपने रचना काल के सौ वर्ष बीत जाने पर भी उतना ही प्रासंगिक रहता है।’ कथन के आधार पर उचित तर्क है-
(क)
साहित्य की श्रेष्ठता मात्र ही उसके नित्य आकर्षण का आधार नहीं है
(ख) 
सम्पूर्ण साहित्य का स्थायी व स्पष्ट आधार नहीं है
(ग) 
लोक कल्याणकारी, स्थायी एवं प्रेरणाप्रद साहित्य होने की दशा में
(घ) 
पारिभाषिक शब्दावली द्वारा स्पष्टीकरण करने की दशा में

सही उत्तर विकल्प है (ग)


प्रश्न.4: ‘साहित्यकार निरपेक्ष होता है और उस पर कोई भी दबाव आरोपित नहीं होना चाहिए।’’ कथन किस मनोवृत्ति को प्रकट करता है-
(क)
सामाजिक कार्यकर्त्ता की विचारधारा 
(ख) 
साहित्य की शाश्वत क्रियाशील विचारधारा
(ग) 
समाज के प्रति वचनबद्धता का अभाव
(घ) निरपेक्ष व्यक्तियों की सकारात्मकता

सही उत्तर विकल्प है (ग)


प्रश्न.5: गद्यांश में प्रयुक्त मानव जीवन समस्त पद का विग्रह एवं समास भेद होगा-
(क) 
मानव या जीवन-द्वंद्व समास 
(ख) 
मानव का जीवन-तत्पुरुष समास
(ग) मानव रूपी जीवन-द्विगु समास
(घ) मानव जो जीवन जीता है-अव्ययीभाव समास

सही उत्तर विकल्प है (ख)


खंड-ख (व्यावहारिक व्याकरण)

3. निम्नलिखित पाँच भागों में से किन्ही चार प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए-
प्रश्न.1: ‘अब दरवाजा खोला जा सकता है।’ वाक्य में रेखांकित पदबंध है-
(क) 
संज्ञा पदबंध
(ख) विशेषण पदबंध
(ग) क्रियाविशेषण पदबंध
(घ) 
क्रिया पदबंध

सही उत्तर विकल्प है (घ)
यहाँ रेखांकित पद समूह या पदबंध वाक्य में संज्ञा का कार्य कर रहा है। अर्थात यह पद समूह ‘बच्ची’ संज्ञा का ही विस्तार है।


प्रश्न.2: ‘तकदीर का मारा वह यहाँ आ पहुँचा।’ वाक्य में सर्वनाम पदबंध है-
(क) 
तकदीर का मारा वह
(ख) 
वह यहाँ
(ग) 
यहाँ आ पहुँचा
(घ)
तकदीर का मारा

सही उत्तर विकल्प है (क)
यह पद समूह ‘वह’ सर्वनाम का विस्तार है।


प्रश्न.3: वाक्य........................से बनता है।
(क) 
स्वर 
(ख) 
व्यंजन
(ग) 
शब्द 
(घ) पद

सही उत्तर विकल्प है (घ)
वाक्य सार्थक शब्दों के मेल से बनता है और शब्द जब वाक्य में प्रयोग होते हैं तो ‘पद’ कहलाते हैं।


प्रश्न.4: ‘मेरे बचपन का साथी रमेश डॉक्टर है।’ रेखांकित में पदबंध है-
(क) 
संज्ञा पदबंध 
(ख) 
सर्वनाम पदबंध
(ग) 
विशेषण पदबंध 
(घ) 
क्रिया विशेषण पदबंध

सही उत्तर विकल्प है (क)
यह शब्द समूह ‘रमेश’ संज्ञा का विस्तार है या उसके विषय में बता रहा है।


प्रश्न.5: ‘वह लड़की अत्यंत सुशील और संस्कारी है।’ वाक्य में विशेषण पदबंध है-
(क) वह लड़की
(ख) अत्यंत सुशील और संस्कारी
(ग) 
संस्कारी है
(घ) 
और

सही उत्तर विकल्प है (ख)
यह पदबंध ‘लड़की’ संज्ञा की विशेषता बता रहा है।


4. निम्नलिखित पाँच भागों में से किन्ही चार प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए-
प्रश्न.1: ‘बच्चे आए हैं और खेल रहे हैं।’ वाक्य-रचना की दृष्टि से है-
(क) 
मिश्र वाक्य 
(ख) 
सरल वाक्य
(ग) संयुक्त वाक्य 
(घ) सामान्य वाक्य

सही उत्तर विकल्प है (ग)
यहाँ दो स्वतंत्र वाक्य ‘और’ योजक से जुडे़ हैं।


प्रश्न.2: ‘राम घर गया। उसने माँ को देखा।’ का संयुक्त वाक्य बनेगा-
(क) 
राम ने घर जाकर माँ को देखा 
(ख) 
राम घर गया और उसने माँ को देखा
(ग) 
राम घर गया अतः उसने माँ को देखा 
(घ) 
जब राम घर गया तब उसने माँ को देखा

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.3: निम्नलिखित में मिश्र वाक्य है- 
(क) चोर को देखकर सिपाही उसे पकड़ने दौड़ा
(ख) नेताजी भाषण देकर चले गए
(ग) सेठ जानता है कि नौकर ईमानदार है
(घ) 
उसने खाना खाया और सो गया

सही उत्तर विकल्प है (ग)
इसमें एक प्रधान वाक्य सेठ जानता है और एक आश्रित उपवाक्य-कि नौकर ईमानदार है, है अतः यह मिश्र वाक्य है।


प्रश्न.4: ‘बड़े भाई साहब को कई बार मुझे डाँटने का अवसर मिला परंतु वे चुप रहे।’ वाक्य-रचना की दृष्टि से है-
(क) 
मिश्र वाक्य 
(ख) 
विधानवाचक वाक्य
(ग) 
संयुक्त वाक्य 
(घ) 
सरल वाक्य

सही उत्तर विकल्प है (ग)
यहाँ दो स्वतंत्र वाक्य ‘पर’ समुच्चयबोधक (योजक) से जुड़े हैं।


प्रश्न.5: ‘‘कई सालों से बड़े-बड़े बिल्डर समुद्र को पीछे धकेलकर उसकी ज़मीन को हथिया रहे थे’’ का मिश्र वाक्य बनेगा
(क) 
कई सालों से जैसे-जैसे बड़े-बड़े बिल्डर समुद्र को पीछे धकेल रहे थे वैसे-वैसे उसकी ज़मीन को हथिया रहे थे
(ख) 
बड़े-बड़े बिल्डर कई सालों से समंदर को पीछे धकेल रहे थे और उसकी ज़मीन को हथिया रहे थे
(ग) 
कई सालों से, समुद्र को पीछे धकेलकर बड़े-बड़े बिल्डर उसकी ज़मीन को हथिया रहे थे
(घ) 
समंदर को पीछे धकेलकर, कई सालों से, बड़े-बड़े बिल्डर, उसकी ज़मीन को हथिया रहे थे

सही उत्तर विकल्प है (क)
इसमें एक प्रधान वाक्य और एक आश्रित उपवाक्य है अतः यह मिश्र वाक्य है।


5. निम्नलिखित छह भागों में से किन्ही चार प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए-
प्रश्न.1: ‘महावीर’ शब्द में कौन-सा समास है?
(क) 
कर्मधारय 
(ख) 
द्विगु तत्पुरुष
(ग) 
तत्पुरुष 
(घ) 
अव्ययीभाव

सही उत्तर विकल्प है (क)


प्रश्न.2: ‘वनगमन’ शब्द का समास विग्रह होगा-
(क) 
वन का गमन 
(ख) 
वन से गमन
(ग) वन को गमन 
(घ) 
वन और गमन

सही उत्तर विकल्प है (ग)


प्रश्न.3: ‘पीत है जो अम्बर’ का समस्त पद है-
(क) 
पितांबर
(ख) 
पितंबर
(ग) 
पीताम्बर
(घ) 
पीला अम्बर

सही उत्तर विकल्प है (ग)


प्रश्न.4: ‘गुरुदक्षिणा’ शब्द के सही समास-विग्रह का चयन कीजिए-
(क) 
गुरु से दक्षिणा-तत्पुरुष समास
(ख) गुरु का दक्षिणा-तत्पुरुष समास
(ग) 
गुरु की दक्षिणा-तत्पुरुष समास
(घ) गुरु के लिए दक्षिणा-तत्पुरुष समास

सही उत्तर विकल्प है (घ)


प्रश्न.5: ‘दिनचर्या’ समस्त पद का विग्रह है-
(क) 
दिन की चर्या
(ख) 
दिन में आराम
(ग) 
दिन में चलना
(घ) 
दिन में खाना

सही उत्तर विकल्प है (क)


प्रश्न.6: जिस समास का दूसरा पद प्रधान होता है और समस्त पद बनाते समय दोनों पदों के बीच कारक की किसी विभक्ति का लोप हो जाता है उसे कहते हैं -
(क) 
तत्पुरुष समास
(ख) 
अव्ययीभाव समास
(ग) 
बहुब्रीहि समास
(घ) 
द्विगु समास

सही उत्तर विकल्प है (क)


6: निम्नलिखित पाँच भागों में से किन्ही चार प्रश्नों के सही उत्तर निर्देशानुसार दीजिए तथा सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए-
प्रश्न.1: ‘पढ़ाई में मेहनत कर मैं..............हो सकता हूँ’। रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उचित मुहावरा है-
(क) 
अंधों में काना राजा
(ख) 
एक पंथ दो काज
(ग) 
अपना हाथ जगन्नाथ
(घ) 
पैरों पर खड़ा होना

सही उत्तर विकल्प है (घ)


प्रश्न.2: ‘विपत्ति में उसकी अक्ल.................... है’। रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उचित मुहावरा है- 1
(क) 
खो जाना
(ख)
ठनक जाना
(ग) 
चकरा जाना
(घ) 
आग-बबूला हो जाना

सही उत्तर विकल्प है (ग)


प्रश्न.3: ‘सच्चे शूरवीर देश की रक्षा में प्राणों की...............हैं’। रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उचित मुहावरा है-
(क) 
बाजी लगा देते हैं
(ख) जान लगा देते हैं
(ग) 
ताकत लगा देते हैं
(घ) 
आहुति लगा देते हैं

सही उत्तर विकल्प है (क)


प्रश्न.4: ‘गरीब माँ-बाप अपना.........बच्चों को पढ़ाते हैं और वे चिंता नहीं करते’। रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उचित मुहावरा है- 1
(क) 
गला काट कर
(ख) पेट काट कर
(ग) खून बहा कर
(घ) 
मन लगा कर

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.5: ‘आस्तीन का साँप होना’ मुहावरे का अर्थ है -
(क) 
धोखेबाज मित्र 
(ख) 
आस्तीन में साँप घुस जाना
(ग) 
साँप से डर जाना 
(घ) 
बहुत क्रोधित होना

सही उत्तर विकल्प है (क)


खंड-ग (पाठ्य-पुस्तक)

7. निम्नलिखित काव्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए
जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाँहि।
सब अँधियारा, मिटि गया, जब दीपक देख्या माँहि।।
सुखिया सब संसार है, खायै अरू सोवै।
दुखिया दास कबीर है, जागै अरू रोवै।।
प्रश्न.1: ‘जब मैं था तब हरि नहीं’, कथन में ‘मैं’ किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
(क) 
कवि के लिए
(ख) 
हरि के लिए
(ग) 
अपने लिए
(घ) 
अहंकार के लिए

सही उत्तर विकल्प है (घ)


प्रश्न.2: सांसारिक सुखों की प्राप्ति किससे होती है?
(क) 
खाने-पीने से 
(ख) 
सोने से
(ग) 
(क) और (ख) दोनों से 
(घ) 
रात-दिन जागने से

सही उत्तर विकल्प है (ग)


प्रश्न.3: कबीर दुखी हैं क्योंकि-
(क) 
वे गरीब हैं 
(ख) 
वे ईश्वर को प्राप्त नहीं कर सके
(ग) 
वे अज्ञानी हैं 
(घ)
उनके पास धन नहीं है

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.4: प्रस्तुत साखी में ‘दीपक’ किसका प्रतीक है?
(क) 
प्रकाश का 
(ख) 
व्यक्ति विशेष का
(ग) 
ज्ञान का प्रतीक 
(घ) 
दीये का

सही उत्तर विकल्प है (क)


8. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर के लिए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए-
जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसमें शक्ति भर उसे धरती में घोंप दिया और ताकत से उसे खींचने लगा। वह पसीने से नहा उठा। सब घबराए हुए थे। वह तलवार को अपनी तरफ खींचते खींचते दूर तक पहुँच गया। वह हाँफ रहा था। अचानक जहाँ तक लकीर खिंच गई थी, वहाँ एक दरार होने लगी। मानो धरती दो टुकड़ों में बँटने लगी हो। एक गड़गड़ाहट-सी गूँजने लगी और लकीर की सीध में धरती फटती ही जा रही थी। द्वीप के अंतिम सिरे तक तताँरा धरती को मानो क्रोध में काटता जा रहा था। सभी भयावुक हो उठे। लोगों ने ऐसे दृश्य की कल्पना न की थी, वे सिहर उठे। उधर वामीरो फटती हुई धरती के किनारे चीखती हुई दौड़ रही थी-तताँरा... तताँरा... तताँरा उसकी करुण चीख मानो गड़गड़ाहट में डूब गई। तताँरा दुर्भाग्यवश दूसरी तरफ था। द्वीप के अंतिम सिरे तक धरती को चाकता वह जैसे ही अंतिम छोर पर पहुँचा, द्वीप दो टुकड़ों में विभक्त हो चुका था।
प्रश्न.1: अपने क्रोध को शांत करने के लिए तताँरा ने क्या किया?
(क) 
गाँव वालों से मारपीट की
(ख) 
वामीरो से विवाह कर लिया
(ग) अपनी तलवार को धरती में घोंप कर पूरी ताकत से खींचने लगा
(घ) 
उपरोक्त में से कोई नहीं

सही उत्तर विकल्प है (ग)


प्रश्न.2: लोग क्या देखकर सिहर उठे?
(क) 
वामीरो को चीखता 
(ख) 
धरती को फटते
(ग) 
तताँरा का क्रोध 
(घ) 
करुण चीख-पुकार

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.3: वामीरो की चीख किसमें डूब गई थी?
(क) 
लोगों के शोरगुल में 
(ख) 
बादलों की गड़गड़ाहट में
(ग)
बिजली की चमक में
(घ) 
धरती के फटने की गड़गड़ाहट में

सही उत्तर विकल्प है (घ)


प्रश्न.4: तताँरा के अंतिम छोर पर पहुँचने पर क्या हुआ?
(क) 
द्वीप दो भागों में बँट गया 
(ख)
समुद्र दो भागों में बँट गया
(ग) 
आकाश दो भागों में बँट गया
(घ) देश दो भागों में बँट गया

सही उत्तर विकल्प है (क)


प्रश्न.5: उपुर्यक्त गद्यांश किस पाठ से लिया गया है? 
(क) बड़े भाई साहब
(ख) तताँरा-वामीरो कथा
(ग) तीसरी कसम
(घ) अंदमान-निकोबार

सही उत्तर विकल्प है (ख)


9. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए-
बाइबिल के सोलोमेन जिन्हें कुरआन में सुलेमान कहा गया है, ईसा से 1025 वर्ष पूर्व एक बादशाह थे। कहा गया है, वह केवल मानव जाति के ही राजा नहीं थे, सारे छोटे-बड़े पशु-पक्षी के भी हाकिम थे। वह इन सबकी भाषा भी जानते थे। एक दफा सुलेमान अपने लश्कर के साथ एक रास्ते से गुज़र रहे थे। रास्ते में कुछ चींटियों ने घोड़ों की टापों की आवाज़ सुनी तो डर कर एक-दूसरे से कहा, ‘आप जल्दी से अपने-अपने बिलों में चलो, फौज आ रही है।’ सुलेमान उनकी बातें सुनकर थोड़ी दूर पर रुक गए और चींटियों से बोले, ‘घबराओ नहीं, सुलेमान को खुदा ने सबका रखवाला बनाया है। मैं किसी के लिए मुसीबत नहीं हूँ, सबके लिए मुहब्बत हूँ।’ चींटियों ने उनके लिए ईश्वर से दुआ की और सुलेमान अपनी मंज़िल की ओर बढ़ गए।
प्रश्न.1: सुलेमान किसके साथ रास्ते से गुजर रहे थे? 
(क) अपने परिवार के साथ
(ख) अपने लश्कर के साथ
(ग) अपने मित्रों के साथ
(घ) अपने घोड़े के साथ

सही उत्तर विकल्प है (ख)


प्रश्न.2: घोड़ों की टापों की आवाज़ सुनकर कौन डर गए? 
(क) चींटियाँ
(ख) पक्षी
(ग) पेड़-पौधे
(घ) धरती

सही उत्तर विकल्प है (क)


प्रश्न.3: सुलेमान किनकी भाषा समझ सकते थे? 
(क) मनुष्यों की
(ख) पक्षियों की
(ग) पशुओं की
(घ) ये सभी।

सही उत्तर विकल्प है (घ)


प्रश्न.4: चींटियों ने घोड़ों की टापों की आवाज़ सुनकर एक-दूसरे से क्या कहा? 

(क) जल्दी से फौज तैयार करो
(ख) जल्दी से अपने-अपने बिलों में चलो
(ग) जल्दी से अपनी-अपनी गुफा में चलो
(घ) जल्दी से कहीं भी छिप जाओ

सही उत्तर विकल्प है ()


प्रश्न.5: सुलेमान ने चींटियों से क्या कहा? 
(क) मैं किसी के लिए मुसीबत नहीं हूँ, सबके लिए मुहब्बत हूँ
(ख) मैं फौज लेकर आक्रमण करने आया हूँ
(ग) खुदा ने मुझे सबका रखवाला बनाया है
(घ) (क) और (ग) दोनों

सही उत्तर विकल्प है (घ)

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