एशिया महाद्वीप तथा यूरोप महाद्वीप - भारतीय भूगोल UPSC Notes | EduRev

भूगोल (Geography) for UPSC Prelims in Hindi

Created by: Mn M Wonder Series

UPSC : एशिया महाद्वीप तथा यूरोप महाद्वीप - भारतीय भूगोल UPSC Notes | EduRev

The document एशिया महाद्वीप तथा यूरोप महाद्वीप - भारतीय भूगोल UPSC Notes | EduRev is a part of the UPSC Course भूगोल (Geography) for UPSC Prelims in Hindi.
All you need of UPSC at this link: UPSC

एशिया महाद्वीप

 स्थिति तथा आकार 

  • एशिया पृथ्वी का सबसे बड़ा महाद्वीप है। यह पृथ्वी के कुल स्थलीय भाग के लगभग एक तिहाई भाग पर विस्तृत है। 
  • इसका क्षेत्रपफल 4,43,91,000 वर्ग किलोमीटर है।
  • एशिया ही एकमात्रा मात्रा ऐसा महाद्वीप है जिसकी पूर्वी और पश्चिमी सीमाएं क्रमशः पश्चिमी और पूर्वी देशांतर रेखाओं से स्पर्श करती हैं।
  • विश्व का कोई भी अन्य महाद्वीप ध्रुव प्रदेश से लेकर भूमध्य रेखीय प्रदेश तक विस्तृत सभी कटिंबंधों को समाहित नहीं करता है। 
  • महाद्वीप के मध्य में स्थित बाल्कश झील और जुंगेरिया प्रदेश समुद्र से लगभग 2000 मील दूर है।


प्राकृतिक संरचना 

  • एशिया के विशाल पर्वत दक्षिण पश्चिमी में लाल सागर से प्रारंभ होकर सुदूर उत्तर पूर्व में बेरिंग जलडमरुध्य तक फैले हुए हैं।
  • एक ओर जहां अरब के दक्षिणी समुद्र तल पर 10,000 फुट ऊंचे पर्वत हैं।  वहीं दूसरी ओर एशिया माइनर और सीरिया के मध्य स्थित टारस श्रेणियों 13,000 फुट से भी अधिक ऊंची हैं। जिसमें अकेली अरारात की चोटी स्थित है। 
  • पास ही स्थित काकेशस श्रेणियों से आबद्ध एलबुर्ज पर्वत 18,000 फुट से भी ऊंचे हैं।
  • दक्षिणी प्राचीन भू-भाग में एक ओर जहां भारत के दक्षिणी पठार के पर्वतों, घाटियों और छोटे-छोटे समतलीय क्षेत्रों की विषम संकुलता हैं, वहीं मलय प्रायद्वीप में उत्तर से दक्षिण सिंगापुर तक पर्वत पंक्तियाँ पाई जाती हैं। 
  • इसी प्रकार एशिया के दक्षिण मध्य एवं पूर्व से होते हुए सुदूर साइबेरिया तक पर्वतों का अत्यंत विषम जाल बिछा हुआ है।
  • एक ओर पामीर से पश्चिम में निकलने वाली उत्तर श्रेणियां क्रमशः हिन्दूकुश, एलबुर्ज, काकेशस और पौंटिक तथा दक्षिणी श्रेणियों, सुलेमान किरथर, खुर्दिस्तान, स्कार्प, टारस आदि है और दूसरी ओर पूरब में निकलने वाली अलटाई थियांशान आदि अपेक्षाकृत प्राचीनतर उत्तरी पर्वत श्रेणियों हैं, जो चीन में जाकर लगभग 700 मील चैड़ी हो गई है। 
  • क्युनलुन पर्वत की अगणित श्रेणियों में ही प्रसिद्ध ऊँचा आम्ने शिखर स्थित है। इसके दक्षिण में भारत की उत्तरी सीमा पर हिमकरीट की भांति फैला हुआ विश्व का सर्वोच्च विशाल पर्वत हिमालय है, जिसकी महत्ता अतुलनीय है।
  • हिमालय के उत्तर-पश्चिम में हिमालय की लगभग समकक्ष उफँचाई वाले काराकोरम पर्वत हैं, जिनमें विश्व का द्वितीय सर्वाधिक उच्च पर्वतशिखर के-2 स्थित है।
  • उत्तर में क्युनलुन तथा दक्षिण-पश्चिम मे हिमालय -काराकोरम की श्रेणियों से घिरा तिब्बत (औसत ऊँचाई 12,000 फुट) का विशाल पठार विश्व का सर्वोच्च पठार है, जो लगभग 1,500 मील लंबे और 800 मील चैडे़ क्षेत्र में विस्तृत है।
  • एशिया में एक ओर जहां सर्वसंपन्न मैदानी भाग है वहीं दूसरी ओर विशाल मरुभूमिया भी हैं अधिकांश ईरान, अरब तथा तुर्किस्तान प्रकृत्या मरुभूमिया। गोबी अथवा शामो का 1,000 मील लंबा एवं 600 मील चैड़ा मरुखंड मंगोलिया के अधिकांश भाग में फैला हुआ है। 

एशिया महाद्वीप: महत्वपूर्ण तथ्य

♦ एसिरियन भाषा के शब्द ‘आसु’ से एशिया शब्द की उत्पत्ति हुई जिसका अर्थ है ‘पूर्व’ संभवतः सर्वप्रथम यूनानियों ने एशिया (जो उनकी भूमि के पूर्व में स्थित है) शब्द का प्रयोग किया होगा।

♦ एशिया महाद्वीप में सबसे शुष्कतम स्थान अदन (यमन) है। यहां वार्षिक वर्षा का औसत मात्रा 4.6 सेमी है।

♦ एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा देश रूस (क्षेत्रपफल 1,70,75,200 वर्ग), तथा सबसे छोटा देश सिंगापुर (648 वर्ग किलोमीटर) है।

♦ एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा द्वीप बोर्नियो (क्षेत्रपफल 7,51,100 वर्ग किलोमीटर) है।

♦ एशिया महाद्वीप में सबसे अधिक तापमान 1942 में इजराइल में, ‘तिरत करमेल’ नामक स्थान पर 54° सेंटीग्रेड आलेखित किया गया।

♦ एशिया महाद्वीप में सबसे न्यूनतम तापमान वर्ष 1993 में ओयमाइआकोन (रूस) में -68 सेंटीग्रेड रिकाॅर्ड किया गया।

♦ एशिया महाद्वीप में सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान ‘माॅसिनराय’ भारत में है। जहां वार्षिक वर्षा का औसत 1,187 सेमी है।

♦ एशिया महाद्वीप जनसंख्या की दृष्टि से भी सर्वाधिक जनसंख्या (विश्व की 60 प्रतिशत) वाला महाद्वीप है।

♦ एशिया महाद्वीप में अति प्राचीन युग के स्थल खण्ड अंगारालैण्ड (रूस) और गोंडवाना लैण्ड (द. भारत) में स्थित हैं।

♦ एशिया महाद्वीप में विश्व का सबसे ऊँचा पठार ‘पामीर’ है जिसकी औसत उफचाई 5,000 मीटर है इसी कारण पामीर को ‘विश्व की छत’ कहते हैं।

♦ एशिया महाद्वीप में विश्व की सबसे बड़ी झील कैल्पियन सागर है, जो 3,71,800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विस्तृत है।

♦ एशिया महाद्वीप में पिफलीपीन्स द्वीपसमूह के पास विश्व का सबसे गहरा सागरीय गर्त प्रशांत महासागर स्थित मेरियाना गर्त (10,916 मीटर गहरा) है।

♦ एशिया महाद्वीप मे विश्व का सबसे लम्बा रेलमार्ग ट्रांस साइबेरियन रेलमार्ग (9,438 किलोमीटर) है, जो माॅस्को से नाखोडका तक जाता है।

♦ एशिया महाद्वीप में विश्व का सबसे लंबा रेलवे प्लेटपफार्म खड़कपुर पं. बंगाल में है जो 833 मीटर लंबा है।

♦ एशिया महाद्वीप में विश्व का सर्वाधिक प्राकृतिक रबड़ उत्पादित करने वाला देश थाइलैण्ड है।

♦ एशिया महाद्वीप में विश्व का सर्वाधिक मछली पकड़ने वाला देश चीन है।

♦ एशिया महाद्वीप में विश्व का सर्वाधिक अभ्रक उत्खनित करने वाला देश भारत है।

♦ एशिया महाद्वीप में विश्व का सर्वाधिक डाकघरों वाला देश भारत है।




नदियाँ
•  विश्व की बारह सर्वाधिक बड़ी नदियों में से सात नदियां एशिया महाद्वीप मेें प्रवाहित होती हैं। 
•  महाद्वीप के अधिकांश भाग में साधारण जलप्रवाह प्रणाली विकसित है पर मध्य के लगभग 50 लाख वर्ग मील क्षेत्र में अंतप्र्रवाह प्रणाली है। 
•  हिंद महासागर में गिरने वाली नदियों मेें मुख्य हैं- दजला, पफरात, सिंध, सतलज, रावी, व्यास, चिनाब, झेलम, नर्मदा, ताप्ती, गंगा, ब्रह्मपुत्रा, महानदी, इरावती, सालविन, सितांग, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी।
•  प्रशांत महासागर में गिरने वाली नदियां है- मीनाय, मीकांग, लालनदी, सीक्यांग, यांगसीक्यांग, ह्नांगहो और आमूर। उत्तरी ध्रुवमहासागर में ओब, यनिसी, लीना इंडिगिरिका और कोलिया आदि नदियां गिरती हैं।

जलवायु 
•  यहां वर्ष में एक इंच या उसके कम से लेकर 450 इंच तक वर्षा होती है। 
•  सबसे अधिक वर्षा उस स्थानों में होती है, जहां प्रवाहमान हवाओं के रास्ते में पहाड़ और पर्वत आ जाते हैं, जैसे भारत तथा दक्षिण-पूर्व एशिया।
•  शीत प्रदेश के अंतर्गत एशिया में टुंड्रा, टैगा तथा घास के उत्तरी मैदान आते हैं। भारत का थार तथा रबड़ आदि उष्ण मरुस्थल प्रदेश के अंतर्गत आते हैं। 
•  दक्षिण -पश्चिम एशिया अत्यंत उष्ण प्रदेश हैं मध्य अरब में वर्षीय वाष्पीकरण 160 इंच है। यहां की मानसूनी जलवायु मुख्य रूप से उल्लेखनीय है जिसमें 6 माह उत्तरी पूर्वी तथा 6 माह दक्षिण-पश्चिमी एवं दक्षिण-पूर्वी वायु चलती है।

प्राकृतिक वनस्पति 
•  भिन्न जलवायु वाले दो वृहत एवं प्राकृतिक वनस्पतियों से परिपूर्ण भूखंडों में पहला उत्तरी वन खंड टैगा है, जो संपूर्ण साइबेरिया के मध्योत्तरी भाग में फैला हुआ है और विश्व का सबसे बड़ा एक ही प्रकार की प्राकृतिक वनस्पति वाला भूखंड है। 
•   दूसरा प्राकृतिक वनस्पति वाला भू-भाग उष्ण एवं उपोष्ण कटिबंधीय मानसूनी क्षेत्रोें मेें फैला है। किन्तु यहां अपेक्षाकृत अधिक विषमता एवं खुलापन है। 
•  एशिया के इन विभिन्न प्रकार के प्राकृतिक वनस्पति खंडों से संसार को कुछ आर्थिक महत्व के पौधे प्राप्त हुए हैं। जिनमें चाय, धान और गन्ना भारत से, सेब एवं नाशपाती कैस्पियन क्षेत्र से तथा आडू, खुबानी एवं नारंगी चीन से प्राप्त हुए हैं।


यूरोप महाद्वीप 

स्थिति तथा आकार 
•  क्षेत्रपफल की दृष्टि से सात महाद्वीपों में इसका स्थान छठा है। 
•  इसका कुल क्षेत्रफल 10,355,000 वर्ग किलोमीटर है। 
•  यूरोप ही अकेला ऐसा महाद्वीप है जो सघन आबादी होते हुए भी बहुत समृद्ध है। 
•  इसके उत्तर में उत्तरी ध्रुव महासागर, दक्षिण में भूमध्य सागर तथा पश्चिम में अटलांटिंक महासागर इसे एशिया से अलग करते हैं।

भूसंरचना
•  यह महाद्वीप अपने छोटे से आकार में ही भूमि स्वरूपों की  शृंखला संजोए हुए है। समय समय पर पर्वत की  शृेणियां उपर उठीं, ज्यों-ज्यों समय परिवर्तित होता गया उनकी ऊंचाई घटती गई। यहां तक कि उन  शृेणियों का स्वरूप घिसे हुए चपटे ठूंठ (स्टंप्स) की तरह रह गया। 
•  ऐसी ही एक श्रेणी कैलेडोनिऐन पर्वतमाला की है जिसके अवशेष स्कैण्डनेविया और स्काॅटलैण्ड की उच्च भूमि के रूप में पाये जाते हैं।
•  द्वितीय पर्वतमाला के अवशेष ब्रिटैनी के कारपेथिऐंस के पश्चिमी सिरे तक विस्तृत हैं। 
•  यह पर्वतमाला हरसीनियां के नाम से जानी जाती है। 

पर्वत 
 एलब्रुश पर्वत शिखर

•  इस महाद्वीप का सबसे ऊंचा पर्वत शिखर है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 5,633 मीटर है। यह काकेशस पर्वत श्रेणी में स्थित है। यह रूस में स्थित है।

माउंट ब्लैक
•  यह आल्प्स की सबसे ऊंची चोटी है। यह समुद्र तल से 4,807 मीटर ऊंची है। यह फ़्रांस, इटली की सीमा पर स्थित है।

समुद्रतट 
•  यूरोप का 20,000 मील लंबा समुद्रतट उपसागरों खाडियों और नदियों के मुहानों का तट है। 
•  द्वीपों और प्रायद्वीपों के कारण अटलांटिक महासागर, उत्तरी ध्रुव सागर और भूमध्यसागर में बैरेंट्स, काग, बाॅल्टिक, एड्रियाटिक, उत्तरी सागर टिरीनिऐन, इजिऐन और काला सागर बन गए हैं।

नदियाँ एवं झीलें
यहाँ की प्रमुख नदियां एवं झीलें निम्न प्रकार से हैं: 
•  डेन्यूब: ब्लैक पफाॅरेस्ट पर्वत से निकलकर पूर्व में बहती हुए काले सागर में गिरती है। वियना, बेडग्रेड, बुडापेस्ट इस नदी के किनारे पर स्थित हैं।
•  रोन नदी: जूरा पर्वत से निकलकर दक्षिण में बहती हुए भूमध्यसागर में गिरती है। फ़्रांस का लियोन शहर इन नदी के किनारे पर बसा है।
•  टेम्स नदी: कोट्सवोल्ड पर्वत से निकलकर उत्तरीसागर में गिरती है।
•  टाईबर नदी: इटली में एपेनीज पर्वत से निकलकर पश्चिम में बहती हुई भूमध्य सागर में गिरती है। रोम इस नदी के किनारे पर बसा है।
•  सीन नदी: फ़्रांस के मध्यवर्ती पठारी भाग से निकलकर उत्तर-पश्चिम में बहती हुए इंगलिश चैनल में गिरती है।
•  राईन नदी: स्विट्जरलैण्ड में आल्प्स पर्वत से निकलकर जर्मनी व नीदरलैण्ड में बहती हुए उत्तरी सागर में गिरती है। कोलोन और बोन शहर इस नदी के किनारे पर बसे हैं।
•  एल्बे नदी: चेक गणराज्य के पर्वतीय क्षेत्र से निकलकर जर्मनी में बहती हुई उत्तरी सागर में गिरती है।
•  पो नदी: आल्प्स पर्वत से निकलकर पश्चिम में बहती हुए भूमध्यसागर में गिरती है। रोम इस नदी के किनारे पर बसा है।
  
झीलें 
•  ओनेगा झील (रूस), वैनर्न झील (नाॅर्वे) तथा पीपस झील (पिफनलैण्ड)।

जयवायु 
•  इस महाद्वीप की स्थिति मध्य अक्षांशों के बीच तथा महासागर के पूर्वी किनारे पर है। इसकी समुद्री तटीय रेखा कटी-पफटी है। 
•  उत्तरी अटलांटिक महासागरीय गरम धारा पश्चिमोत्तर यूरोप के किनारों को गरम रखती है तथा जाड़े की ट्टतु में ताप को हिमांक बिंदु तक पहुंचने से दूर रखती है। 
•  आइसलैण्ड, ब्रिटिश द्वीप समूह, पश्चिमी नाॅर्वे और फ़्रांस पछुआ हवाओं के कारण कुछ गरम रहते हैं।
•  यूरोप के अधिकांश क्षेत्र 20-40 इंच के वर्षा के क्षेत्र में पड़ते हैं। कैस्पियन सागर के समीवर्ती रेगिस्तानी प्रदेशों में वार्षिक वर्षा का वितरण 10 इंच से कम ही रहता है।

वनस्पति एवं जीव जंतु 
•  स्पेनी मेसेटा तथा दक्षिणी रूस के क्षेत्रों  में स्टेप्स की घास और मरुस्थलीय वनस्पति पाई जाती है। उत्तरी ध्रुव महासागर के तटीय प्रदेशों और पर्वत के उच्च शिखरों पर ग्रीष्मकालीन ताप की न्यूनता से वनों की उत्पत्ति  असंभव है। 
•  इन स्थानों पर, या तो वनस्पति का पूर्ण अभाव है, या टुंड्रा जैसी वनस्पति पाई जाती है।
•  यहां उत्तरी हिम भागों में रेनडियर पाए जाते हैं तथा शीत प्रदेशीय समूह धारी पशुओं मे लिक्स, मार्टेन, एर्मिन एवं बिज्जू पाए जाते हैं। आल्प्स पर्वत प्रदेश में अजमृग पाया जाता है। इनके अतिरिक्त भालू, बाइजेंट उफदबिलाब, बारहसिंगा, हिममूस, भेड़िया, सीवेट, लोमड़ी, ध्रवीय बिल्ली आदि प्रमुख जंतु हैं। पक्षियों में सारिका, चटक, स्नो बंटिग, गौरेया, जंगली कबूतर, कैनेरी, बाज आदि प्रमुख हैं।

 

यूरोप महाद्वीप: महत्वपूर्ण तथ्य

♦ यूरोप महाद्वीप का क्षेत्रपफल 1,04,98,000 वर्ग किलोमीटर है, इसका स्थल खण्ड एशिया से जुड़ा है। अतः दोनों महाद्वीपों को ‘यूरेशिया’ की संज्ञा दी जाती है।

♦ यूरोप (अधिकांश देश) तीन ओर से सागर से घिरा है, इसलिए इसे ‘प्रायद्वीपों का महाद्वीप’ कहते हैं।

♦ इस महाद्वीप का सर्वोच्च शिखर एलबुर्ज रूस में स्थित है।

♦ एबरडीन (स्काॅटलैण्ड) को ग्रेनाइट सिटी के नाम से जाना जाता है।

♦ नाॅर्वे को, ‘मध्य रात्रि के सूर्य का देश’ कहा जाता है।

♦ राईन नदी का जलमार्ग यूरोप का सर्वाधिक व्यस्त अंतःस्थलीय जलमार्ग है।

♦ यूरोप महाद्वीप में आल्प्स, यूराल और ब्लैक पफाॅरेस्ट, भ्रंशोंत्थ पर्वत हैं।

♦ इटली के नेपल्स राज्य में स्थित बिलुवियस 1,280 मीटर ऊंचा सुषुप्त ज्वालामुखी है।

♦ यूरोप महाद्वीप में इंगलिश चैनल यूनाइटेड किंगडम को यूरोप की मुख्य भूमि से अलग करता है।

♦ नीदरलैण्ड ने उत्तरी सागर के तट के साथ बडे़-बडे़ तटबंध बनाकर समुद्र से भूमि प्राप्त की है। इन तटबंधों को डाईक कहते हैं।

♦ यूरोप महाद्वीप में आल्प्स पर्वत का सर्वाधिक विस्तार स्विट्जरलैण्ड देश में है।

♦ स्विट्जरलैण्ड और इटली के बीच ग्रेट सेंट बरनार्ड दर्रा मार्ग प्रदान करता है।

♦ यूरोप महाद्वीप के नाॅर्वे, स्वीडन, पिफनलैण्ड एवं साइबेरिया क्षेत्र में विश्व के प्रमुख कोणधारी बन क्षेत्र विस्तृत हैं।

♦ यूरोप महाद्वीप के यूक्रेन गणराज्य में विश्व का प्रमुख गेहूं उत्पादक क्षेत्र ‘विश्व का अन्न भण्डार’ या ‘रोटी की डलिया’ कहते हैं।

♦ यूरोप के प्रमुख खनिज तेल उत्पादक देश फ़्रांस, आस्ट्रिया, रूमानिया, पोलैण्ड एवं हंगरी आदि हैं।

♦ फ़्रांस और जर्मनी के मध्य विस्तृत रेखा को, ‘मैगिनेट रेखा’ कहते हैं।

♦ यूरोप महाद्वीप के स्थल रुद्ध देशों में स्विट्जलैण्ड, आस्ट्रिया, चेक गण्राज्य, स्लोवाक, हंगरी आदि मुख्य हैं।

 

Share with a friend

Complete Syllabus of UPSC

Dynamic Test

Content Category

Related Searches

Semester Notes

,

एशिया महाद्वीप तथा यूरोप महाद्वीप - भारतीय भूगोल UPSC Notes | EduRev

,

video lectures

,

ppt

,

Important questions

,

practice quizzes

,

Extra Questions

,

shortcuts and tricks

,

pdf

,

एशिया महाद्वीप तथा यूरोप महाद्वीप - भारतीय भूगोल UPSC Notes | EduRev

,

Objective type Questions

,

एशिया महाद्वीप तथा यूरोप महाद्वीप - भारतीय भूगोल UPSC Notes | EduRev

,

Exam

,

Sample Paper

,

MCQs

,

past year papers

,

Viva Questions

,

Free

,

Summary

,

study material

,

mock tests for examination

,

Previous Year Questions with Solutions

;