ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप तथा अंटार्कटिका महाद्वीप - भारतीय भूगोल UPSC Notes | EduRev

भूगोल (Geography) for UPSC Prelims in Hindi

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UPSC : ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप तथा अंटार्कटिका महाद्वीप - भारतीय भूगोल UPSC Notes | EduRev

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ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप 

स्थिति तथा विस्तार
• 113° 9' पूर्व अक्षांश से 153°39' पूर्व देशांतर और 10°41' तथा 39°39' दक्षिण अक्षांश के मध्य स्थित है। 
•  इसके पूर्व में प्रशांत महासागर, पश्चिम में हिन्द महासागर और दक्षिण में दक्षिण महासागर है।
•  पूर्व से पश्चिम तक इसकी अधिकतम लंबाई 2400 मील और उत्तर से दक्षिण की चौड़ाई 2,000 मील है। उत्तरी पूर्वी तट के निकट मूंगे की चट्टानें काफी दूर तक फैली हुई हैं जो ‘ग्रेट बैरियर रीफ’ के नाम से प्रसिद्ध हैं। 

प्राकृतिक संरचना
•  ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप की प्राकृतिक संरचना अन्य महाद्वीपों से भिन्न है। यहाँ का अधिकतर भाग प्राचीन रवेदार चट्टानों का बना हुआ है। 

पश्चिमी पठार
•  यह आॅस्टेलिया का लगभग 3/4 भाग घेरे हुए है। 
•  मुख्य रूप से इसमें 153° पूर्व देशांतर के पश्चिम का भाग आता है। 
•  यहां की अधिकांश चट्टानें पुराकल्पिक तथा प्रारंभिक काल की और अत्यधिक कठोर हैं। 
•  अधिक शुष्क होने के कारण इसका अधिकांश भाग मरुस्थल है। तट केे निकट पठार की ढाल अधिक है।

मध्यवर्ती पठार 
•  पश्चिमी पठार के पूर्व में मध्यवर्ती मैदान स्थित है, जो दक्षिण की एंकाउंटर की खाड़ी के उत्तर में काॅर्पेटरिया खाड़ी तक विस्तृत है। इसमें मोडलिंग द्रोणी (बेसिन) या रीवरीना (आयर झील की द्रोणी और कार्पेटरिया के निम्न भू-भाग) सम्मिलित हैं। दक्षिण पश्चिम के भाग सागरतल से भी नीचे हैं। 

पूर्वी उच्च भाग
•  यह तट से सीधे उठकर मध्यवर्ती निम्न भाग की ओर क्रमशः ढ़ाल होता गया है। यहां की श्रेणियां अधिक ऊँची नहीं है।
•  यद्यपि इनको ग्रेट डिवाइडिंग रेंज कहते हैं। तो भी विभिन्न भागों में इनके विभिन्न नाम हैं। 
•  न्यू साउथ वेल्स में ये लगभग 3000-4000 फुट ऊँची और ब्लू माउंटेन के नाम से प्रसिद्ध हैं। 
•  दक्षिण पूर्व में महाद्वीप का सर्वोच्च शिखर कोसिओर को है। जो 7,328 फुट ऊंचा है।

 

ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप: महत्वपूर्ण तथ्य

♦ ऑस्ट्रेलिया की खोज का श्रेय ऐबेल तस्मान और जेम्स कुक को दिया जाता है। तस्मान ने सर्वप्रथम 1642 ई. में ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी भाग का पता लगाया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के संबंध में विस्तृत जानकारी देने का श्रेय ‘कुक’ को है जिसने अपनी पहली यात्रा 1769 ई. में की थी।

♦ ऑस्ट्रेलिया विश्व का सबसे छोटा महाद्वीप है। इसका क्षेत्रफल 76,86,880 वर्ग किलोमीटर है।

♦ ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख नदियों में मरे-डार्लिंग उल्लेखनीय हैं। अन्य नदियों में पिफट्जराय, विक्टोरिया रोपर, केप, मैरी, ब्रिसबेन मेगेस्कोयन, कूपरक्रिक पिलन्डर्स, मुर्सिसन आदि हैं।

♦ ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख पर्वत शृंखला ग्रेट डिवाइडिंग श्रेणी है। इस श्रेणी व इस महाद्वीप का सर्वोच्च शिखर कोसिस्को (2,229 मीटर ऊंचा) है। अन्य पर्वतों में बोगोंग, होथम, लाॅफ्रटी पर्वत, ब्राउन पर्वत तथा सेंट मैरी शिखर आदि हैं।

♦ ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैण्ड और आस-पास के द्वीपों को मिलाकर ओसीनिया कहा जाता है।

♦ ओसीनियां का एक उपभाग जो पिफलीपीन्स द्वीपों के पूर्व में पश्चिमी प्रशांत महासागर में 1° उत्तरी अक्षांश से 20°30’ उत्तरी अक्षांशों तक तथा 131° पूर्वी देशांतर से 172° पूर्वी देशांतर के मध्य द्वीपों के रूप में विस्तृत है। इसे माइक्रोनेशिया कहा जाता है। इसके अंतगर्त मैरियाना, पलाउ, कैरालाइन, माशैल, गिल्बर्ड नामक लघु द्वीप सम्मिलित हैं।

♦ न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया के केप यार्क प्रायद्वीप को टाॅरस जलडमरूमध्य पृथक् करता है।

♦ यहां के प्रमुख मरुस्थल ग्रेट सैंडी मरुस्थल (पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया), ग्रेट विक्टोरिया मरुस्थल (पश्चिमी और दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया) तथा गिब्सन मरुस्थल (पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया) हैं।

♦ ऑस्ट्रेलिया के उत्तर पूर्वी तट अर्थात् क्वीन्सलैण्ड तट के साथ-साथ समुद्र में एक प्रवाल भित्ति (मूंगे की चट्टानों की बहुत बड़ी दीवार) है, जिसे ग्रेट बेरियर रीफ कहते हैं। विश्व प्रसिद्ध इस प्रवाल भित्ति की लंबाई 1900 किलोमीटर है। तट से इसकी निकटतम दूरी 38 किलोमीटर है।

♦ ऑस्ट्रेलिया विश्व में सर्वाधिक बाॅक्साइड उत्खनित करने वाला देश है।

♦ ऑस्ट्रेलिया विश्व में सर्वाधिक सीसा अयस्क उत्खनित करने वाला देश है।

♦ ऑस्ट्रेलिया विश्व में तीसरा सर्वाधिक जस्ता अयस्क उत्खनित करने वाला देश है।

♦ ऑस्ट्रेलिया की विश्वविख्यात सोने की खानें कालगूर्ली और कूलगार्डी हैं।

♦ ऑस्ट्रेलिया विश्व में गेहूं, गन्ना और कपास उत्पादन में उल्लेखनीय है। यहां के न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया राज्य गेहूं उत्पादन में उल्लेखनीय स्थान रखते हैं।

♦ न्यूजीलैण्ड के उत्तर द्वीप में आकलैण्ड, विलिंगटन एवं नेपियर है तथा दक्षिणी द्वीप के क्राइस्टचर्च एवं डुनेडिन स्थित हैं।

♦ उत्तरी एवं दक्षिणी द्वीप को कुक जलडमरूमध्य पृथक करता है।

♦ ऑस्ट्रेलिया में विश्व प्रसिद्ध मैरिनो उफन उत्पादित होती है। यह विश्व में उफन का सबसे बड़ा निर्यातक देश है।

♦ ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण-पूर्व में स्थित न्यूजीलैण्ड दक्षिण का ब्रिटेन कहलाता हैं।


जलवायु 
•  मकर रेखा इस महाद्वीप के लगभग मध्य से होकर जाती है। इस कारण इसके उत्तर का भाग सदा उष्ण रहता है।
•  तट के निकटवर्ती भागों में ‘विली विलीज’ नामक चक्रवात हवाओं का भी प्रवाह पड़ता है। 30° द. अक्षांश के दक्षिण का भाग शीतकाल में पश्चिमी हवाओं के मार्ग में आ जाता है। 
•  ज्ञातव्य है कि दक्षिणी गोलार्धो में स्थित होने के कारण ऑस्ट्रेलिया में जनवरी फरवरी गर्मी के महीने हैं।
    
प्राकृतिक वनस्पति
•  महाद्वीप के भीतरी भागों में वर्षा बड़ी शीघ्रता के साथ कम होती जाती है। इस कारण वनों के बदले वहां घास के मैदान पाए जाते हैं। 
•  दक्षिण मे जलाभाव के कारण गे्रट आॅस्टेलियन वाइट के तटीय प्रदेशों में माली नामक झाड़ियां पाई जाती हैं। 
•  मध्य भाग अधिकांशतः मरुस्थल है और कांटेदार झाड़ियों इत्यादि से भरा है। इस कारण वहां के पशु पक्षी भी अन्य महाद्वीपों से अधिक भिन्न होते हैं। इसमें मुख्यतः कंगारू और वालाबी हैं।

 

अंटार्कटिका महाद्वीप 
•  यह उत्तरी ध्रुव के ठीक विपरीत दिशा में अर्थात् पृथ्वी की धुरी के दक्षिणी छोर पर स्थिर है। अंटार्कटिका विश्व का पांचवां सबसे बड़ा महाद्वीप है, जिसका क्षेत्रफल 14 करोड़ वर्ग किलोमीटर है।
•  यह प्रदेश ‘पर्मोकार्बोेनिफेरस’ काल की प्राचीन चट्टानों से बना है। यहां की चट्टानों के समान चट्टानें भारत, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका तथा दक्षिणी अमेरिका मे मिलती हैं। 
•  यहां पर ‘ग्रेनाइट’ तथा ‘नीस’ नामक शैलों की एक 1100 मील लंबी पर्वतश्रेणी है जिसका बलुआ पत्थर तथा चूने के पत्थर से बना है।
•  अंटार्कटिका पर मनुष्य की नजर वर्ष 1800 में पड़ी। वर्ष 1800  में मध्य में अन्वेषकों ने इसके तटवर्ती इलाकों की जलयानां से यात्रा की। 
•  नाॅर्वे के एक अन्वेषक रोनाल्ड अमंडसन को 1911 में दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने में सफलता मिली।
•  अंटार्कटिका महाद्वीप का 98 प्रतिशत भाग बर्फ से ढ़का रहता है। यहां जो थोड़ी बहुत जमीन दिखाई देती है वह ऊँची चोटियों और चट्टानों के रूप में हैं। जमी हुई बर्फ के नीचे पहाड़, निचली जमीन और घाटियां हैं। 
•  अंटार्कटिका की बर्फ की परत विश्व में मीठे पानी का सबसे बड़ा भंडार मानी जाती है। इस बर्फ का कुल आयतन तीन करोड़ घन किलोमीटर है जो कि दुनिया में कुल मीठे पानी के भंडार का 70 प्रतिशत है।
•  इसकी कुछ चोटियों की ऊंचाई 4,300 मीटर से भी अधिक है। इस पर्वतमाला में ही महाद्वीप का बर्फ रहित चट्टानों वाला क्षेत्र भी आता है। जिसे शुष्क घाटी के नाम से भी जाना जाता है।
•  पूर्वी अंटार्कटिका के दूसरी ओर अंटार्कटिका और हिन्द महासागर हैं। करीब आधा अंटार्कटिका इन महासागरों से लगा हुआ है। इस इलाके मे ऐसी चट्टाने पाई जाती हैं, जो 57 करोड़ वर्ष से भी ज्यादा पुरानी हैं। 
•  अंटार्कटिका का प्रायद्वीप वाला क्षेत्र पर्वतीय है। इसकी संरचना अंग्रेजी के  अक्षर की तरह है। प्रायद्वीप का नुकीला हिस्सा दक्षिण अमेरिका की ओर है। 
•  प्रायद्वीप के आसपास अनेक द्वीप हैं। दो बड़ी खाड़ियां अंटार्कटिका के आर-पार से होकर गुजरने वाली पर्वत  शृंखला को विपरीत दिशाओं में काटती हैं। ये रास सागर और वेडेल सागर हैं।
•  गर्मी के मौसम दिसम्बर से फरवरी तक रहता है। जुलाई में यहां स्थलीय इलाकों का तापमान शून्य से 40 डिग्री से लेकर 70 डिग्री सेल्सियस नीचे चला  जाता है। 
•  जबकि प्रायद्वीप के तटवर्ती इलाकोें के यह शून्य से 15 से 30 डिग्री सेल्सियस तक नीचे रहता हैं। 
•  जनवरी का तापमान जमीनी इलाकों में शून्य से 15 से 35 डिग्री सेल्सियस नीचे तथा तटवर्ती इलाकों मे शून्य डिग्री सेल्सियस तक रहता है। 

 

अंटार्कटिका महाद्वीप: महत्वपूर्ण तथ्य

♦ ब्रिटिश नाविक जेम्स कुक ने विश्व भ्रमण के दौरान 1772-75 में अंटार्कटिका महाद्वीप को खोजा था।

♦ अंटार्कटिका की भूमि पर प्रथम कदम रखने वाला नाॅर्वे का ए. जे. बुल था जो दक्षिण ध्रुव के लिए नाॅर्वे के ही एक अन्य अभियान दल राॅल्ड एमंडसन के नेतृत्व में 14 दिसम्बर, 1911 को रवाना हुआ था।

♦ इसे श्वेत महाद्वीप भी कहते हैं।

♦ डाॅ. जी.एस सिरोही प्रथम भारतीय थे- जो अंटार्कटिका पहुंचे थे। महाद्वीप के उस स्थान को सिरोही स्थल कहते हैं।

♦ भूगर्भ वैज्ञानिकों को अंटार्कटिका प्रायद्वीप में तांबे के छोटे भंडारों का पता चला है।

♦ क्रिल यहां पाई जाने वाली झींगा मछली की तरह का ही छोटा सा जीव है।

♦ अंटार्कटिका की पर्वत शृंखला में कोयला पाया गया है।

♦ यह संपूर्ण विश्व के महत्व मे नैसर्गिक शुद्धतावली प्रयोगशाला है। वस्तुतः अंटार्कटिका ग्रह अवस्था का एक वायुदाब मापी है और इसी महाद्वीप में सर्वप्रथम शोधकार्य के उपरांत ओजोन की रिक्तता का पता चला था।

♦ भारत ने अंटार्कटिका में प्रथम स्थायी समुद्री स्टेशन ‘दक्षिणी गंगोत्राी’ तथा दूसरा स्टेशन, ‘मैत्राी’ स्थापित किया था।

♦ अंटार्कटिका महाद्वीप का सबसे बड़ा दुग्धपायी जीव ह्नेल है।

♦ बडे़ आकार के किंग पेंगुइन नामक पक्षी भी यहां मिलते हैं।

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